
खंड 35
आदित्य बिड़ला समूह
शुरुआत: कपास का व्यापार
- स्थापना
- 1857
- संस्थापक
- शिव नारायण बिड़ला
- मुख्यालय
- मुंबई, महाराष्ट्र
- 72
- समूह का कारोबार, वित्त वर्ष 2024-25 (अरब अमेरिकी डॉलर, समूह के अनुसार) — लगभग · 2025
- 2,27,500+
- कर्मचारी · 2026
- 118
- सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाज़ार मूल्य, 1 जून 2026 (अरब अमेरिकी डॉलर) — लगभग · 2026
- 41
- जिन देशों में काम है · 2026
कहानी
समूह अपनी जड़ें 1857 से मानता है, जब शिव नारायण बिड़ला ने कपास का व्यापार शुरू किया। 1919 में जी.डी. बिड़ला व्यापार से आगे बढ़कर उत्पादन में आए और जूट मिल लगाई।
आदित्य विक्रम बिड़ला 1969 से समूह को विदेश ले गए और थाईलैंड तथा अन्य एशियाई देशों में कारख़ाने लगाए। उनके पुत्र कुमार मंगलम बिड़ला, जो 1995 से अध्यक्ष हैं, ने इसे मुख्य रूप से बड़े अधिग्रहणों से बढ़ाया।
समूह के अनुसार उनके नेतृत्व में 60 से अधिक अधिग्रहण, विलय और संयुक्त उद्यम हुए, जिनमें 2007 में नोवेलिस शामिल है। आज समूह की 42% आय भारत के बाहर से आती है।
आज किन क्षेत्रों में
धातु (एल्युमिनियम, तांबा)सीमेंटरेशे और रसायनवित्तीय सेवाएँफ़ैशन और खुदरादूरसंचारपेंटनवीकरणीय ऊर्जा
मुख्य कंपनियाँ
Hindalco (Novelis) · UltraTech Cement · Grasim Industries · Aditya Birla Capital · Aditya Birla Fashion and Retail · Vodafone Idea · Birla Opus
समय-रेखा
- 1857शिव नारायण बिड़ला कपास का व्यापार शुरू करते हैं।
- 1919जी.डी. बिड़ला बिड़ला जूट मिल से उत्पादन में उतरते हैं।
- 1947ग्रासिम की स्थापना होती है।
- 1958हिंडाल्को की स्थापना होती है।
- 1969आदित्य विक्रम बिड़ला थाईलैंड में समूह का पहला विदेशी उद्यम लगाते हैं।
- 2004समूह वह सीमेंट कारोबार ख़रीदता है जो अल्ट्राटेक सीमेंट बनता है।
- 2007हिंडाल्को अमेरिका की नोवेलिस को लगभग 6 अरब डॉलर में ख़रीदती है।
- 2018आइडिया सेल्युलर और वोडाफ़ोन इंडिया का विलय होता है।
- 2024समूह बिड़ला ओपस ब्रांड के साथ पेंट कारोबार में आता है।