
खंड 07
राज्य और ज़िले
28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश, 36 की प्रोफ़ाइल उनके अपने नीति दस्तावेज़ों से — 655 राज्य योजनाएँ और प्रोत्साहन। जहाँ कोई आँकड़ा पक्का नहीं हो सका, वहाँ पेज पर साफ़ लिखा है।
- राज्य और केंद्रशासित प्रदेश
- 36
- ज़िले
- 784
- राज्य योजनाएँ और प्रोत्साहन
- 655
- तुलना किए गए प्रोत्साहन
- 6
एक नज़र में
किस राज्य में कितनी योजनाएँ
- AP10आंध्र प्रदेश
- AR17अरुणाचल प्रदेश
- AS27असम
- BR9बिहार
- CG33छत्तीसगढ़
- GA19गोवा
- GJ19गुजरात
- HR28हरियाणा
- HP15हिमाचल प्रदेश
- JH24झारखंड
- KA16कर्नाटक
- KL39केरल
- MP16मध्य प्रदेश
- MH15महाराष्ट्र
- MN17मणिपुर
- ML19मेघालय
- MZ18मिज़ोरम
- NL17नागालैंड
- OD8ओडिशा
- PB18पंजाब
- RJ19राजस्थान
- SK17सिक्किम
- TN33तमिलनाडु
- TG12तेलंगाना
- TR18त्रिपुरा
- UP38उत्तर प्रदेश
- UK14उत्तराखंड
- WB8पश्चिम बंगाल
- AN7अंडमान और निकोबार
- CH9चंडीगढ़
- DN28दादरा नगर हवेली और दमन दीव
- DL14दिल्ली
- JK21जम्मू और कश्मीर
- LA10लद्दाख
- LD2लक्षद्वीप
- PY21पुदुच्चेरी
अपना राज्य चुनें
हर राज्य का एक पेज
- APआंध्र प्रदेशAndhra Pradesh
- ARअरुणाचल प्रदेशArunachal Pradesh
- ASअसमAssam
- BRबिहारBihar
- CGछत्तीसगढ़Chhattisgarh
- GAगोवाGoa
- GJगुजरातGujarat
- HRहरियाणाHaryana
- HPहिमाचल प्रदेशHimachal Pradesh
- JHझारखंडJharkhand
- KAकर्नाटकKarnataka
- KLकेरलKerala
- MPमध्य प्रदेशMadhya Pradesh
- MHमहाराष्ट्रMaharashtra
- MNमणिपुरManipur
- MLमेघालयMeghalaya
- MZमिज़ोरमMizoram
- NLनागालैंडNagaland
- ODओडिशाOdisha
- PBपंजाबPunjab
- RJराजस्थानRajasthan
- SKसिक्किमSikkim
- TNतमिलनाडुTamil Nadu
- TGतेलंगानाTelangana
- TRत्रिपुराTripura
- UPउत्तर प्रदेशUttar Pradesh
- UKउत्तराखंडUttarakhand
- WBपश्चिम बंगालWest Bengal
- ANअंडमान और निकोबारAndaman & Nicobar Islands
- CHचंडीगढ़Chandigarh
- DNदादरा नगर हवेली और दमन दीवDadra & Nagar Haveli and Daman & Diu
- DLदिल्लीDelhi
- JKजम्मू और कश्मीरJammu & Kashmir
- LAलद्दाखLadakh
- LDलक्षद्वीपLakshadweep
- PYपुदुच्चेरीPuducherry
राज्यों की तुलना
कौन-सा राज्य क्या देता है
हर नीति में छपी दरों का सार। हर खाने की पूरी शर्त और स्रोत राज्य के पेज पर है — दर इकाई के आकार, ज़ोन और श्रेणी के हिसाब से बदलती है।
| राज्य | पूँजी सब्सिडी | ब्याज सब्सिडी | SGST / निवेश सब्सिडी | स्टांप ड्यूटी | बिजली ड्यूटी | रोज़गार |
|---|---|---|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | MSME: आकार और क्षेत्र के अनुसार स्थायी पूँजी का 10%-25%, अधिकतम ₹4 करोड़ · बड़ी+ इकाइयाँ (IIEPP 2022): ECI (पात्र पूँजी निवेश) का 10%-30% मूल पूँजी सब्सिडी, 10-20 साल में | केवल सूक्ष्म इकाइयाँ: ब्याज का 50% (SC/ST/महिलाओं को 60%), 5 साल में अधिकतम ₹25 लाख | IIEPP विकल्प 2: जमा किए गए शुद्ध SGST का 100% | बुंदेलखंड और पूर्वांचल 100%; मध्यांचल और पश्चिमांचल 75%; GB नगर और गाज़ियाबाद 50% | पढ़े गए IIEPP 2022 या MSME नीति 2022 के पाठ में नहीं मिला | MSME: नियोक्ता के EPF हिस्से का 100%, 5 साल तक |
| बिहार | विकल्प 3: मंज़ूर परियोजना लागत के 30% तक पूँजी सब्सिडी (BIIPP); सूक्ष्म इकाइयों के लिए MMUY में ₹5 लाख तक 50% अनुदान | विकल्प 1: ब्याज छूट अधिकतम ₹40 करोड़ + 100% तक SGST वापसी | विकल्प 2: 14 साल में मंज़ूर परियोजना लागत के 300% तक शुद्ध SGST की वापसी | स्टांप ड्यूटी और भूमि परिवर्तन शुल्क की वापसी बताई गई | सरकारी ब्रोशर में नहीं मिला | कपड़ा: ₹5,000/महीना/कर्मचारी तक + ESI और EPF का 300%; बाक़ी: ₹2,000 + ESI और EPF का 100%; कौशल प्रशिक्षण ₹20,000/कामगार तक |
| उत्तराखंड | MSME: क्षेत्र श्रेणी के अनुसार FCI का 20%-50%, अधिकतम ₹1.50-4 करोड़ | सूक्ष्म 4% / लघु 3% / मध्यम 2%, 3 साल तक, क्षेत्र के अनुसार सालाना सीमा ₹2-7 लाख | MSME नीति 2023 में नहीं | MSME: श्रेणी A/B में 100%, श्रेणी C में 75%, श्रेणी D में 50% (वापसी के रूप में); मेगा: 50%, अधिकतम ₹50 लाख | 500 kW तक लोड वाले नए MSME को 5 साल की छूट | कोई मज़दूरी सब्सिडी नहीं; शर्त: 70% स्थायी नौकरियाँ राज्य के निवासियों को |
| हरियाणा | मुख्य (थ्रस्ट) क्षेत्र के MSME: क्षेत्र के अनुसार 15%/20%/25%/30%, अधिकतम ₹2/2.5/3.5/4 करोड़ | MSE टर्म लोन: 5%/6%/7%, अधिकतम ₹20-25 लाख/साल, 3 साल | MSE: क्षेत्र और B2C हिस्से के अनुसार 7 साल तक शुद्ध SGST का 20%-70% | 5 साल में उत्पादन शुरू हो तो 30%/60%/75%/100% वापसी (Core/Intermediate/Sub-Prime/Prime) | MSME नीति 2026 के OCR पाठ में नहीं मिला | स्थानीय रोज़गार सब्सिडी ₹1-1.20 लाख/कर्मचारी/साल तक, 10 साल; HKRN EPF बूस्टर |
| पंजाब | FCI का 20%, अधिकतम ₹10 करोड़, 10-15 साल में हर साल | कोई सामान्य ब्याज सब्सिडी नहीं; CGTMSE फ़ीस 100%, अधिकतम ₹3 लाख/साल, 7 साल | पात्रता अवधि तक शुद्ध SGST का 75% | नई और विस्तार इकाइयों को ज़मीन/भवन पर 100% | पात्रता अवधि तक 100% छूट | 5 साल तक हर कर्मचारी पर ₹3,000/₹4,000 प्रति महीना (FCI ₹25 करोड़+, 50+ नौकरियाँ) |
| केरल | MSME के लिए 45% तक (नीति 2023: सीमा सूक्ष्म के लिए Rs 40 लाख / लघु के लिए Rs 100 लाख / मध्यम के लिए Rs 200 लाख); ज़मीनी स्तर पर ESS: 15-25% + अतिरिक्त लाभ, अधिकतम Rs 40 लाख | Rs 10 लाख तक के कर्ज़ पर 5 साल तक प्रभावी ब्याज 4% (6% तक ब्याज छूट) (KELS / OFOE) | बड़े और मेगा उद्योग: पूँजी निवेश पर 5 साल तक 100% SGST | सरकारी और अधिसूचित निजी पार्कों में विनिर्माण के लिए ज़मीन/भवन पर 100% तक; महिलाओं, SC/ST, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर उद्यमियों को कहीं भी | MSME: 5 साल तक 100% छूट | बड़े/मेगा उद्योग: हर नई नौकरी पर मासिक वेतन का 25% (अधिकतम Rs 5,000/माह, 1 साल) अगर >50% स्थानीय या >50% महिलाएँ हों; हर ट्रांसजेंडर कर्मचारी पर Rs 7,500/माह |
| छत्तीसगढ़ | MSME FCI सब्सिडी ब्लॉक समूह के हिसाब से 30-40% (सामान्य) / 35-45% (थ्रस्ट यानी प्राथमिक क्षेत्र); सूक्ष्म की सीमा Rs 30-45 लाख, मध्यम की Rs 8 करोड़ तक | MSME को ब्याज का 40-55%, 5-8 साल तक; सालाना सीमा Rs 15-50 लाख | Net SGST (सिर्फ़ राज्य के अंदर बिक्री पर): MSME सामान्य को FCI के 75% तक, 5/7/9 साल; थ्रस्ट को 100% तक, 6/8/10 साल | ज़मीन/शेड/इमारत के दस्तावेज़ों पर 100%; MSME को 3 साल तक क़र्ज़ दस्तावेज़ों पर भी | नई इकाइयों को 100% छूट: MSME 5-10 साल, बड़ी इकाई 6-12 साल, दवा उद्योग 12 साल | EPF 75%, 5 साल (बड़ी इकाई, हर साल अधिकतम Rs 1 करोड़); दिव्यांग/अग्निवीर/आत्मसमर्पित नक्सली को नौकरी देने पर वेतन का 40% |
| झारखंड | MSME CPIS (पूँजी निवेश सब्सिडी): FCI का 40% सूक्ष्म / 35% लघु / 30% मध्यम, अधिकतम Rs 15 करोड़ (SC/ST/महिला/दिव्यांग को +5%) | 5 साल तक हर साल 5%; सीमा सूक्ष्म Rs 25 लाख, लघु Rs 1 करोड़, मध्यम Rs 2 करोड़ | JIIPP 2021: MSME को 5 साल 100% Net SGST; बड़ी इकाई 7; मेगा 9; अल्ट्रा-मेगा 12 साल 75% (सीमा FCI का 100%) | रैयतों से ज़मीन की पहली ख़रीद पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन की 100% वापसी | MSME को 5 साल 100% वापसी; EOU/SEZ की IT-बायोटेक इकाइयों को 10 साल | कपड़ा (JIIPP 2021): 7 साल तक हर कामगार पर हर महीने Rs 5,000 (SC/ST/महिला Rs 6,000); EPF/ESI हर व्यक्ति हर महीने Rs 1,000, 5 साल |
| जम्मू और कश्मीर | J&K IDS 2021 (केंद्रीय): Zone A में 30% (अधिकतम Rs 5 करोड़), Zone B में 50% (अधिकतम Rs 7.5 करोड़) | J&K IDS 2021: पूँजी कर्ज़ पर ब्याज छूट 6%, 7 साल तक (Rs 500 करोड़ तक के कर्ज़); कार्यशील पूँजी पर 5%, 5 साल तक, अधिकतम Rs 1 करोड़ | मौजूदा इकाइयाँ (31.03.2021 तक GST): 01.04.2021 से 10 साल तक 100% नेट SGST वापस; नई IDS इकाइयाँ: 10 साल तक 100% ग्रॉस GST, निवेश के 300% की सीमा | सरकारी औद्योगिक एस्टेट में ज़मीन के लेन-देन पर 100% स्टांप ड्यूटी और कोर्ट फीस की छूट | पढ़े गए दस्तावेज़ों में नहीं मिला | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| लद्दाख | लद्दाख नीति में कोई सामान्य पूंजी निवेश सब्सिडी नहीं; केवल खास उपकरणों पर सब्सिडी (हरित ऊर्जा 50%, Rs 25 लाख तक; PCD यानी प्रदूषण नियंत्रण उपकरण 50%, Rs 20 लाख तक) | नीति में कुछ नहीं | नीति में कुछ नहीं | औद्योगिक क्षेत्रों में ज़मीन पाने वाली नई इकाइयों को 100% स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फ़ीस वापस | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| हिमाचल प्रदेश | IIP 2019 में कोई सामान्य पूँजी सब्सिडी नहीं; पूँजी ढाँचा सब्सिडी केवल निजी औद्योगिक पार्कों के लिए (25-50%) | टर्म लोन पर 3 साल तक 3% ब्याज सहायता, श्रेणी के अनुसार हर साल अधिकतम Rs 2/4/6 lakh (MSME) और Rs 10/15/20 lakh (बड़े) | MSME को 7 साल तक शुद्ध SGST का 60% (A) / 90% (B, C), सीमा FCI का 100%; बड़े उद्योग 60/80/80%; Anchor को 10 साल तक 100%, सीमा FCI का 250% | MSME सामान्य स्टांप ड्यूटी का 50% / 30% / 10% देते हैं (Cat A / B / C में); बड़े और anchor 50 / 30 / 20% | 5 साल तक रियायती बिजली शुल्क (ED): छोटे 1%, मध्यम 3%, बड़े 5%, EHT 7%; 300 से अधिक हिमाचलियों को रोज़गार देने वाली इकाइयों के लिए 1% | 80% से अधिक हिमाचली कर्मचारियों वाली इकाइयों को 50 से ऊपर हर अतिरिक्त हिमाचली कर्मचारी पर 10 साल तक Rs 1,000 प्रति माह |
| गोवा | Umbrella 2017: पूँजी लागत का 30%, सूक्ष्म (micro) इकाई के लिए अधिकतम Rs 10 लाख, लघु (small) के लिए अधिकतम Rs 20 लाख (वैधता 30 Sep 2022 तक छपी है); लॉजिस्टिक्स में स्थायी पूँजी का 10-15% | टर्म लोन के ब्याज का 30%; कार्यशील पूँजी पर टर्नओवर का 1.5% या ब्याज का 30%, जो कम हो; 7 साल तक अधिकतम Rs 25 लाख/साल | कुछ नहीं मिला | स्टांप ड्यूटी में कोई आम छूट नहीं मिली; लॉजिस्टिक्स नीति: ICD/ILP को मामले के हिसाब से सब्सिडी; IT नीति 2018 में IT इकाइयों की स्टांप ड्यूटी लौटाई जाती थी | छत पर सोलर के साथ नवीकरणीय बिजली लगाने वाली इकाइयों को बिजली शुल्क में 100% छूट (IGIPP 2022 - 'दी जा सकती है' वाला प्रावधान) | गोवा के कर्मचारियों के वेतन का 50% तक (MSME) / 25% तक (बड़ी इकाई), हर कर्मचारी पर हर महीने अधिकतम Rs 7,000; काजू ODOP में 50%, Rs 10 लाख/साल तक |
| असम | IIPA 2019 में राज्य की कोई सामान्य पूँजी सब्सिडी नहीं; पूँजी निवेश / उत्पादन से जुड़ी सब्सिडी केवल ₹100 करोड़+ निवेश के विशेष पैकेज में (संशोधन 2023) | बकाया कार्यशील पूँजी कर्ज़ पर 2%, 5 साल तक, अधिकतम ₹50 लाख | नकद चुकाए गए SGST का 100%, 15 साल तक, स्थायी पूँजी निवेश (FCI) के % तक सीमित | 100% स्टांप शुल्क वापस, अधिकतम ₹25 लाख | IIPA 2019 में नहीं मिला | हर स्थानीय युवा को नौकरी देने पर नियोक्ता को एक बार ₹10,000 |
| अरुणाचल प्रदेश | ₹5-50 लाख के निवेश पर P&M (मशीनरी, विनिर्माण) या भवन/टिकाऊ संपत्ति (सेवा) का 50%; अधिकतम ₹15 लाख (₹5-25 लाख) या ₹30 लाख (₹25-50 लाख) | पूँजी पर ब्याज सहायता 6% (₹5-25 लाख की इकाइयाँ, अधिकतम ₹10 लाख) या 5% (₹25 लाख से ऊपर, अधिकतम ₹20 लाख), 5 साल तक; प्राथमिकता क्षेत्र 8% (अधिकतम ₹15 लाख) / 6% (अधिकतम ₹25 लाख) | 7 साल तक 100% शुद्ध SGST; सीमा - सूक्ष्म 250%, लघु 200%, मध्यम और बड़ी 180% पात्र निवेश का | बिक्री/पट्टा विलेख पर 100% स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क वापस | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| मेघालय | P&M (विनिर्माण) या भवन और टिकाऊ संपत्ति (सेवाएँ) का 30%; MSME सीमा ₹10 करोड़ प्राथमिकता / ₹8 करोड़ अन्य; बड़ी इकाई ₹15 करोड़ / ₹12 करोड़ | ₹250 करोड़ तक के टर्म लोन पर 7 साल तक हर साल 5% (प्राथमिकता) या 4% (गैर-प्राथमिकता) | 100% शुद्ध SGST: प्राथमिकता क्षेत्र 15 साल, निवेश के 150% तक; गैर-प्राथमिकता 10 साल, 100% तक | MIIPP 2024 में नहीं मिला | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | मेघालय के मूल निवासी कर्मचारियों के लिए नियोक्ता के EPF अंशदान का 100%, 3 साल तक (महिलाओं के लिए +1 साल) |
| नागालैंड | State Capital Investment Incentive (राज्य पूँजी निवेश प्रोत्साहन): P&M / भवन और टिकाऊ संपत्ति का 30%, अधिकतम ₹10 करोड़ (लघु और मध्यम); केवल UNNATI के ऊपर की भरपाई | ₹1 करोड़ तक के कर्ज़ (मुख्य क्षेत्र) पर 5 साल तक 5% ब्याज छूट; राज्य कोष से 6% पर सस्ता कर्ज़ (soft loan) | कम से कम ₹50 लाख निवेश वाली नई इकाइयों को 5 साल तक 100% शुद्ध SGST वापस | कर्ज़ के दस्तावेज़ों/गिरवी पर 5 साल तक 50% स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की छूट | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| मणिपुर | प्लांट और मशीनरी (P&M) निवेश का 30%, अधिकतम ₹50 लाख; SC/ST/महिला/दिव्यांग मालिकों को +2.5% (अधिकतम ₹20/30/40 लाख) | कार्यशील पूंजी कर्ज़ पर 10 साल तक 3% ब्याज सब्सिडी | IIPPM 2022 में SGST वापसी नहीं मिली | कर्ज़ पर स्टांप ड्यूटी/रजिस्ट्रेशन फ़ीस की वापसी ₹30,000/₹40,000/₹50,000 तक (सूक्ष्म/लघु/मध्यम) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | 5 साल बाद: 20+ कामगारों वाले MSME को नियोक्ता के EPF/ESI का 50%, और मज़दूरी का 20% वेतन सब्सिडी (₹2.5 लाख/साल तक), अगले 5 साल |
| मिज़ोरम | कोई सामान्य पूँजी सब्सिडी नहीं; अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में ज़मीन विकास पर 25% (≤₹10 लाख) और फ़ैक्टरी भवन पर 25% (≤₹15 लाख) | टर्म लोन पर 5% सालाना, ≤₹10 लाख/साल, 5 साल (दिशानिर्देश: सूक्ष्म और लघु) | विनिर्माण MSME को 5 साल तक शुद्ध SGST वापस (नीति में); 2026 दिशानिर्देशों में नहीं | IIP 2025 में स्टांप शुल्क की कोई छूट नहीं मिली | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | कौशल प्रशिक्षण/दोबारा प्रशिक्षण पर खर्च का 50%, ≤₹2 लाख प्रति प्रशिक्षण प्रति साल (पहले मंज़ूरी ज़रूरी) |
| त्रिपुरा | स्थायी पूँजी निवेश (FCI) का 30%, ₹100 लाख तक (प्राथमिक क्षेत्र 40%, ₹125 लाख तक); SC/ST/दिव्यांग/महिला को +5%; बड़ी इकाइयों को ज़मीन और भवन पर 30/40%, ₹200 लाख तक | टर्म लोन ब्याज का 4%, ₹5 लाख/साल तक (प्राथमिक क्षेत्र 5%, ₹12 लाख/साल), 5 साल | 5 साल तक 100% शुद्ध SGST, ₹80 लाख/साल (प्राथमिक क्षेत्र ₹125 लाख/साल), कुल ≤ मशीनरी का 150%; फिर 5 साल और 25% | TIIPIS 2022 में स्टांप शुल्क की कोई छूट नहीं; TIIP 2024 केवल इस पर विचार के लिए समिति का प्रस्ताव देती है | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | प्राथमिक क्षेत्र MSME को 5 साल तक 100% EPF/ESI (20+ स्थानीय कर्मचारी); सभी MSME को 5 साल बाद 50% |
| सिक्किम | राज्य की कोई पूंजी सब्सिडी नहीं; केंद्र के पूर्वोत्तर प्रोत्साहनों पर निर्भर | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | 10 साल तक SGST का 75% तक; सीमा FCI का 250%/200%/150% (सूक्ष्म/लघु/मध्यम-बड़ी) | 50%, ₹25 लाख तक; महिलाओं को 100%, ₹50 लाख तक | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| तमिलनाडु | सूक्ष्म को P&M का 25% (अधिकतम ₹25 लाख) कहीं भी; लघु/मध्यम को 25% (अधिकतम ₹150 लाख) पिछड़े ब्लॉकों, औद्योगिक क्षेत्रों, कृषि या प्राथमिकता क्षेत्रों में | 5% ब्याज सब्सिडी, बाद में भुगतान | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | गिरवी दस्तावेज़ों पर 100% (सूक्ष्म); औद्योगिक क्षेत्रों और पिछड़े ब्लॉकों में 50% स्टांप ड्यूटी + पंजीकरण | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | वेतन (पेरोल) सब्सिडी |
| कर्नाटक | ज़ोन, आकार और वर्ग के हिसाब से VFA का 10-35% | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | Zones 1-2 में 100%; Zone 3 में सिर्फ़ विशेष वर्ग को 75%; पंजीकरण हर ₹1,000 पर ₹1 | 6-8 साल 100% बिजली कर छूट (Zones 1-2); Zone 3 विशेष वर्ग 4 साल | MSME के लिए रोज़गार एक शर्त है, नकद प्रोत्साहन नहीं |
| तेलंगाना | FCI का 25%, ₹30 लाख तक (महिलाओं को +20%, ₹20 लाख तक); SC/ST/दिव्यांग 50%, ₹100 लाख तक | Pavala Vaddi (पावला वड्डी): 5 साल तक 3% से ऊपर का ब्याज वापस, 9% सालाना तक | 100% शुद्ध SGST 5 साल (सूक्ष्म/लघु); 75% 7 साल (मध्यम); FCI के 100% तक सीमित | ज़मीन, लीज़, गिरवी, हाइपोथिकेशन पर स्टांप और ट्रांसफ़र ड्यूटी की 100% वापसी | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | कौशल उन्नयन: प्रशिक्षण खर्च का 50%, हर स्थानीय कामगार अधिकतम ₹2,000 |
| आंध्र प्रदेश | FCI का 25% (विशेष वर्ग 45% तक) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | 5 साल तक या FCI के 100% तक 100% शुद्ध SGST, टर्नओवर के 5% तक सीमित | स्टांप और ट्रांसफ़र ड्यूटी की 100% भरपाई | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| ओडिशा | P&M का 25%, ₹2 Cr तक (विशेष वर्ग 30%, ₹2.5 Cr तक) + 5% अतिरिक्त | 5 साल तक टर्म लोन ब्याज का 50%, अधिकतम ₹1 crore | 3 साल 75% शुद्ध SGST (सीमा P&M का 100%); अग्रणी इकाई 5 साल 100% (सीमा 200%) | 100% (P&M ₹10 Cr तक) / 75% (₹10-50 Cr) | '750 WA' छपी कॉन्ट्रैक्ट डिमांड तक 5 साल छूट | 5 साल तक नियोक्ता के ESI+EPF का 100% (फ़ोकस सेक्टर 7 साल) |
| पश्चिम बंगाल | सिर्फ़ WBIS 2026 के तहत मंज़ूर विस्तार के लिए (दरें खबरों में नहीं); Banglashree पूँजी सब्सिडी बंद | WBIS 2026: सूक्ष्म और लघु को 5 साल तक सालाना ब्याज का 25% (Zone A) / 35% (Zones B-C) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | WBIS 2026: 5 साल तक 50% / 75% छूट; महिला/SC/ST सूक्ष्म-लघु को 100% (अधिकतम ₹10 लाख/साल) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| चंडीगढ़ | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | टर्म / वर्किंग कैपिटल कर्ज़ पर 3% ब्याज सहायता (सालाना सीमा: RAMP दिशानिर्देश देखें) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| पुदुच्चेरी | सूक्ष्म और लघु 40% (अधिकतम ₹40 लाख); मध्यम और बड़ी 35% (अधिकतम ₹35 लाख); महिला/SC/ST 45% (अधिकतम ₹75 लाख) | सालाना चुकाए ब्याज का 25%, साल में अधिकतम ₹5 लाख; 5 साल (पुदुचेरी, कराईकल) / 7 साल (माहे, यानम) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नए उद्योगों के लिए ज़मीन और/या भवन की खरीद/लीज़/गिरवी पर स्टांप ड्यूटी की 100% वापसी | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | PF वाले कामगारों के वेतन/तनख्वाह का 20%, साल में अधिकतम ₹5 लाख; 5 साल (माहे, यानम में 7) |
| दादरा नगर हवेली और दमन दीव | MSME: GFCI का 15%, अधिकतम ₹15 लाख (सूक्ष्म) / ₹30 लाख (लघु) / ₹35 लाख (मध्यम); GFCI ₹10 crore से ज़्यादा हो तो +₹10 लाख; पहली पीढ़ी की महिला और दिव्यांग के लिए +10% (अधिकतम ₹15 लाख) | MSME: ब्याज का 50%, 5 साल तक साल में अधिकतम ₹30 लाख; महिला, दिव्यांग, स्टार्टअप के लिए +10%; 35 से कम उम्र के लिए +10% | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | ज़मीन पर भरपाई: MSME 50%, गैर-MSME 25%, औद्योगिक परिसर 100% सिर्फ़ प्राथमिकता क्षेत्र की इकाइयों के लिए; औद्योगिक पार्कों के प्लॉट पर 50% | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | हर 20 स्थानीय (अधिवासी) लोगों को काम देने पर ₹3 लाख, हर इकाई अधिकतम ₹15 लाख, एक बार |
| लक्षद्वीप | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| अंडमान और निकोबार | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |
| महाराष्ट्र | केवल EOU (50% निर्यात), सर्कुलर-इकॉनमी, और महिला/SC/ST/दिव्यांग-स्वामित्व वाली इकाइयों के लिए | 5% प्रति वर्ष तक | IPS = राज्य के अंदर पहली बिक्री पर सकल SGST का 100% (MSME) | समूह C/D/D+ और उससे नीचे 100%; A/B में 50% | C/D/D+ में प्रोत्साहन अवधि तक छूट | 5 साल तक EPF की 50% प्रतिपूर्ति, अधिकतम ₹5 करोड़ |
| गुजरात | श्रेणी A में eFCI (पात्र स्थायी पूंजी निवेश) का 35% / श्रेणी B में 25% | 5 साल तक टर्म लोन पर 7%, eFCI के 10% तक | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण की 100% प्रतिपूर्ति केवल चुने हुए प्राथमिक (थ्रस्ट) MSME (और अल्ट्रा-मेगा इकाइयों) को | गुजरात विद्युत शुल्क अधिनियम 1958 के अनुसार 100% छूट | 5 साल तक नियोक्ता के EPF अंशदान का 100% (MSME) |
| राजस्थान | केवल विशेष: प्लास्टिक के विकल्प 50%, ₹40 लाख तक; कृषि और खाद्य प्रसंस्करण 50%, ₹1.5 करोड़ तक | लोन की श्रेणी के अनुसार 7 साल तक 6% / 4% / 3% (MSME नीति 2024 में प्राथमिक समूहों को +2/+1/+0.5%) | MSME निवेश सब्सिडी: 10 साल तक देय और जमा किए गए राज्य कर का 75% | 75% छूट + 25% प्रतिपूर्ति | 7 साल तक 100% छूट | 7 साल तक नियोक्ता के EPF+ESI का 50% |
| मध्य प्रदेश | प्लांट और मशीनरी + भवन का 40% औद्योगिक विकास सब्सिडी (IDS) के रूप में (प्लांट और मशीनरी ₹10 करोड़ तक), 4 सालाना किस्तों में | क्षेत्र के अनुसार: 5% (फार्मा, परिधान, जूते-चप्पल/फ़र्नीचर/खिलौने), कपड़ा 2–7% | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | परिधान: औद्योगिक क्षेत्र के पट्टे पर पूरी वापसी; जूते-चप्पल/फ़र्नीचर/खिलौने 50%; वाहन स्क्रैपिंग 100%, ₹25 लाख तक | छूट 7 साल (परिधान), 5 साल (फ़र्नीचर/खिलौने) | 5 साल तक हर नए कर्मचारी पर ₹5,000 प्रति महीना (परिधान ₹5 करोड़ से ऊपर; जूते-चप्पल/फ़र्नीचर/खिलौने अधिकतम 200) |
| दिल्ली | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | केवल प्रस्तावित: 5 साल तक 100% SGST (मसौदा) | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं | नीति में नहीं / अभी पढ़ा नहीं |