Building Businessसेवाएँ

खंड 20

शब्दकोश

बैंक, अकाउंटेंट और अधिकारी जो शब्द बोलते हैं — आसान भाषा में, छोटे उदाहरण के साथ। हर कानूनी सीमा का सरकारी स्रोत दिया है।

शब्द
199
विषय
8
सरकारी स्रोत के साथ
47

199 शब्द

#

45 दिन का भुगतान नियम45-day payment ruleबिक्री और बाज़ार

ख़रीदार को सूक्ष्म या लघु सप्लायर को तय अवधि में, और माल या सेवा स्वीकार करने के 45 दिन के भीतर, भुगतान करना ही होगा।

MSMED अधिनियम, 2006 की धारा 15 और 16 के तहत देर से भुगतान पर ख़रीदार को RBI बैंक दर के तीन गुने पर मासिक चक्रवृद्धि ब्याज देना होता है। फ़ैक्ट्री 1 जून को किसी सूक्ष्म इकाई से ₹4 लाख की ढलाई स्वीकार करे, तो उसे अधिकतम 16 जुलाई तक भुगतान करना है। सप्लायर MSME समाधान पर मामला दर्ज कर सकता है।

यह भी देखेंMSME समाधानधारा 43B(h) (सूक्ष्म-लघु उद्यम भुगतान नियम)प्राप्य राशि (देनदार)/schemes/msme-samadhaan-delayed-payments →/schemes/section-43bh-msme-payment →स्रोत: MSMED Act, 2006 (India Code), sections 15 and 16

अ

अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फ़ायर NOC)Fire NOCपंजीकरण और कानून

अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र कि भवन अग्नि-सुरक्षा नियमों पर खरा है।

ज़रूरत भवन की ऊँचाई, क्षेत्रफल और उपयोग पर निर्भर है। कोल्ड स्टोर, होटल या ईंधन रखने वाली फ़ैक्ट्री को आम तौर पर चाहिए। जारी करने से पहले अग्निशामक, निकास और अलार्म जाँचे जाते हैं।

यह भी देखेंकारख़ाना लाइसेंसराज्य और ज़िले →

अग्रिम प्राधिकार (एडवांस ऑथराइज़ेशन)Advance Authorisationनिर्यात

DGFT का लाइसेंस जिससे निर्यात होने वाले माल में लगने वाला कच्चा माल बिना शुल्क आयात किया जा सके।

निर्यातक को तय समय में निर्यात दायित्व पूरा करना होता है, वरना बचाया शुल्क ब्याज सहित देना पड़ता है। चमड़ा सामान निर्माता निर्यात ऑर्डर के बदले ₹30 लाख का तैयार चमड़ा बिना शुल्क आयात कर सकता है। यह आयातित कच्चा माल इस्तेमाल करने वाले नियमित निर्यातकों के लिए ठीक है।

यह भी देखेंEPCG (निर्यात संवर्धन पूँजीगत वस्तु योजना)शुल्क वापसी (ड्रॉबैक)/schemes/advance-authorisation →स्रोत: DGFT: Foreign Trade Policy 2023, Chapter 4 (duty exemption and remission, RoDTEP)

अनुबंध निर्माणContract manufacturingसंचालन

अपने उत्पाद को अपनी शर्तों और ब्रांड के साथ किसी दूसरी फ़ैक्ट्री से बनवाना।

अनुबंध निर्माण से ब्रांड अपनी फ़ैक्ट्री के बिना शुरू हो सकता है। नया शैम्पू ब्रांड लाइसेंस वाले निर्माता से 5,000 बोतलें बनवाकर बिक्री पर ध्यान दे सकता है। देखें कि निर्माता के पास ज़रूरी लाइसेंस हों, और अपना फ़ॉर्मूला अनुबंध से सुरक्षित करें।

यह भी देखेंजॉब वर्कट्रेडमार्कबिज़नेस विश्वकोश →

अनुमानित कराधानPresumptive taxationटैक्स और अनुपालन

सरल आयकर विकल्प जिसमें छोटा कारोबार टर्नओवर का तय हिस्सा लाभ मानकर बताता है।

अनुमानित कराधान में विस्तृत खाते रखने की ज़रूरत नहीं, बशर्ते टर्नओवर का कम से कम तय प्रतिशत आय दिखाएँ। सीमा के भीतर टर्नओवर वाला छोटा व्यापारी इससे अकाउंटेंट का खर्च बचा सकता है। सीमाएँ और दरें आयकर कानून में हैं; मौजूदा आँकड़े देख लें।

यह भी देखेंआयकर रिटर्न (ITR)लेखा पुस्तकें (खाता-बही)बैंकिंग और लोन →

आ

आंतरिक प्रतिफल दर (IRR)Internal rate of return (IRR)पैसा

परियोजना की पूरी अवधि में मिलने वाला सालाना प्रतिफल, पैसा कब आता है यह ध्यान में रखकर।

IRR वह ब्याज दर है जिस पर परियोजना की आगे की नकद कमाई आज के निवेश के बराबर होती है। ₹20 लाख के कोल्ड रूम का IRR 18% हो और लोन 11% पर हो, तो परियोजना लोन से ज़्यादा कमाती है। बड़े लोन की DPR में यह अक्सर दिखाया जाता है।

यह भी देखेंनिवेश पर प्रतिफल (ROI)बैंकिंग और लोन →

आयकर रिटर्न (ITR)Income tax return (ITR)टैक्स और अनुपालन

सालाना फ़ॉर्म जिसमें आयकर विभाग को अपनी आय और कर की जानकारी देते हैं।

कारोबारी लोन से पहले बैंक पिछले दो-तीन ITR माँगते हैं। दुकान से ₹6 लाख कमाने वाला प्रोपराइटर कम कर बनने पर भी ITR भरता है, क्योंकि इससे आय का प्रमाण बनता है। सही ITR फ़ॉर्म आपकी आय और कारोबार के प्रकार पर निर्भर है।

यह भी देखेंPAN (स्थायी खाता संख्या)TDS (स्रोत पर कर कटौती)वित्तीय वर्ष और निर्धारण वर्षबैंकिंग और लोन →

आहरण क्षमता (ड्रॉइंग पावर)Drawing powerलोन और बैंकिंग

कैश क्रेडिट सीमा में से असल में निकाली जा सकने वाली रकम, जो मौजूदा माल और प्राप्य राशि से तय होती है।

ड्रॉइंग पावर = (माल + पात्र प्राप्य राशि) घटा बैंक का मार्जिन। ₹6 लाख का माल हो और बैंक 25% मार्जिन रखे, तो ड्रॉइंग पावर ₹4.5 लाख है, चाहे मंज़ूर सीमा ₹5 लाख हो। इसे ताज़ा रखने के लिए हर महीने स्टॉक विवरण देना होता है।

यह भी देखेंकैश क्रेडिट (CC) / ओवरड्राफ़्ट (OD) सीमामाल-भंडार (इन्वेंटरी)बैंकिंग और लोन →

इ

इक्विटी (मालिक की पूँजी)Equity (owner’s capital)पैसा

कारोबार में मालिक का अपना पैसा, और उसमें रखा गया लाभ।

पहला नुक़सान इक्विटी उठाती है और इसकी कोई तय किस्त नहीं होती। दुकान में ₹3 लाख बचत लगाई और ₹1 लाख लाभ उसी में छोड़ा, तो इक्विटी ₹4 लाख है। ज़्यादा इक्विटी से बैंक का भरोसा बढ़ता है।

यह भी देखेंऋण-इक्विटी अनुपातमार्जिन मनी (अपना अंशदान)बैंकिंग और लोन →

इनकोटर्म्सIncotermsनिर्यात

मानक अंतरराष्ट्रीय व्यापार शर्तें जो बताती हैं कि खेप के हर चरण में खर्च और जोखिम किसका है।

आम शर्तें EXW, FOB, CFR, CIF और DAP हैं। भाव पर "FOB मुंद्रा (इनकोटर्म्स 2020)" लिखने से विवाद नहीं होते। पहली बार के निर्यातक के लिए FOB या EXW से शुरू करना सबसे सुरक्षित है।

यह भी देखेंFOB (फ़्री ऑन बोर्ड)CIF (लागत, बीमा और भाड़ा)आयात-निर्यात →

इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)Input tax credit (ITC)टैक्स और अनुपालन

कारोबारी ख़रीद पर दिया GST, जिसे बिक्री पर बनने वाले GST से घटाया जा सकता है।

ITC तभी मिलता है जब आपके सप्लायर ने रिटर्न भरा हो और बिल आपके GST पोर्टल विवरण में दिखे। बिक्री पर ₹30,000 GST बने और ₹22,000 का सही ITC हो, तो नकद ₹8,000 देना है। कंपोज़िशन योजना वाले कारोबार ITC नहीं ले सकते।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)GSTR-3BGST कंपोज़िशन योजनाहमारी सेवाएँ →

ई

ई-इनवॉइसE-invoiceटैक्स और अनुपालन

सरकारी इनवॉइस पोर्टल पर दर्ज GST बिल, जिसे एक विशेष नंबर और QR कोड मिलता है।

तय टर्नओवर सीमा से ऊपर के कारोबारों के लिए ई-इनवॉइस ज़रूरी है, जिसे CBIC तय करता है; छोटे कारोबार सामान्य बिल दे सकते हैं। दर्ज होने के बाद बिल का ब्योरा अपने-आप GST रिटर्न में चला जाता है। टर्नओवर बढ़ने से पहले GST पोर्टल पर मौजूदा सीमा देख लें।

यह भी देखेंटैक्स इनवॉइसई-वे बिलहमारी सेवाएँ →

ई-वे बिलE-way billटैक्स और अनुपालन

एक खेप में ₹50,000 से ज़्यादा का माल ले जाने के लिए ज़रूरी ऑनलाइन दस्तावेज़।

CGST नियमों के नियम 138 के तहत पंजीकृत व्यक्ति को ₹50,000 से ज़्यादा की खेप भेजने से पहले ई-वे बिल बनाना होता है। ₹80,000 के बर्तन ट्रक से अगले ज़िले भेजने वाला व्यापारी इसे ई-वे बिल पोर्टल पर बनाकर नंबर ड्राइवर को देता है। इसके बिना माल रोका और जुर्माना लगाया जा सकता है।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)टैक्स इनवॉइसहमारी सेवाएँ →स्रोत: CBIC: CGST Rules, Rule 138 (e-way bill)

उ

उत्पत्ति प्रमाणपत्रCertificate of originनिर्यात

दस्तावेज़ जो प्रमाणित करता है कि माल किस देश में बना, व्यापार समझौतों में कम शुल्क पाने के लिए ज़रूरी।

मुक्त व्यापार समझौतों के तहत वरीयता प्रमाणपत्र सरकार के साझा डिजिटल मंच से ऑनलाइन जारी होते हैं। निर्यातक सही प्रमाणपत्र दे, तो UAE का ख़रीदार भारतीय माल पर कम आयात शुल्क दे सकता है। माल को समझौते के उत्पत्ति नियम पूरे करने होंगे।

यह भी देखेंमुक्त व्यापार समझौता (FTA)आयात-निर्यात →

उद्यम पंजीकरणUdyam registrationपंजीकरण और कानून

मुफ़्त ऑनलाइन पंजीकरण जिससे कारोबार को MSME पहचान और उद्यम नंबर मिलता है।

उद्यम पंजीकरण मालिक के आधार और कारोबार के PAN व GST आँकड़ों से होता है; कोई शुल्क नहीं, किसी एजेंट की ज़रूरत नहीं। सिलाई की दुकान udyamregistration.gov.in पर कुछ मिनट में पंजीकरण कर प्रमाणपत्र पा लेती है। बैंक, योजनाएँ और TReDS इसे माँगते हैं।

यह भी देखेंMSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)PAN (स्थायी खाता संख्या)हमारी सेवाएँ →

उद्यमीमित्र और जनसमर्थ पोर्टलUdyamimitra and JanSamarth portalsलोन और बैंकिंग

सरकारी ऑनलाइन पोर्टल जहाँ कई बैंकों से MSME और योजना वाले लोन के लिए आवेदन किया जाता है।

उद्यमीमित्र SIDBI चलाता है; जनसमर्थ कई सरकारी ऋण-आधारित योजनाओं को एक साइट पर जोड़ता है। पहली बार का उद्यमी मुद्रा लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करके उसकी स्थिति देख सकता है। किसी दलाल की ज़रूरत नहीं।

यह भी देखेंमुद्रा लोन (PMMY)PMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)योजनाएँ और सब्सिडी →बैंकिंग और लोन →

उधार अवधिCredit periodबिक्री और बाज़ार

वे दिन जो विक्रेता ख़रीदार को भुगतान से पहले देता है।

लंबी उधार अवधि से ऑर्डर मिलते हैं पर नकद फँसता है। हर महीने ₹10 लाख की बिक्री पर 30 दिन उधार का मतलब लगभग ₹10 लाख हमेशा ख़रीदारों के पास। सूक्ष्म और लघु इकाइयों की आपूर्ति पर कानून इसे 45 दिन तक सीमित करता है।

यह भी देखेंप्राप्य राशि (देनदार)45 दिन का भुगतान नियमबैंकिंग और लोन →स्रोत: MSMED Act, 2006 (India Code), sections 15 and 16

ऋ

ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)Debt service coverage ratio (DSCR)लोन और बैंकिंग

कारोबार की सालाना नकद कमाई सालाना किस्त और ब्याज को कितनी बार ढकती है।

DSCR = (शुद्ध लाभ + मूल्यह्रास + ब्याज) ÷ (साल की किस्तें + ब्याज)। इकाई इस तरह ₹3 लाख कमाए और साल में ₹2 लाख चुकाने हों, तो DSCR 1.5 है। बैंक DPR में औसत DSCR आराम से 1 से ऊपर देखना चाहते हैं।

यह भी देखेंसावधि ऋण (टर्म लोन)EMI (समान मासिक किस्त)EBITDA (ब्याज, कर और मूल्यह्रास से पहले कमाई)बैंकिंग और लोन →हमारी सेवाएँ →

ऋण-आधारित सब्सिडीCredit-linked subsidyयोजनाएँ

वह सब्सिडी जो तभी मिलती है जब परियोजना का कुछ हिस्सा बैंक लोन से हो।

PMEGP और PMFME जैसी योजनाएँ सब्सिडी लोन खाते में देती हैं, इसलिए टर्म लोन लेना ज़रूरी है। ₹12 लाख की इकाई पूरी अपनी बचत से लगाई, तो आम तौर पर यह नहीं मिलती। दावा बैंक आपकी ओर से भेजता है।

यह भी देखेंपूँजीगत सब्सिडीबैक-एंडेड सब्सिडीयोजनाएँ और सब्सिडी →

ऋण-इक्विटी अनुपातDebt-equity ratioपैसा

कारोबार में उधार के पैसे की मालिक के पैसे से तुलना।

ऋण-इक्विटी = कुल लोन ÷ मालिक की इक्विटी। ₹12 लाख लोन और ₹4 लाख इक्विटी वाली इकाई का अनुपात 3:1 है। ऊँचा अनुपात यानी ज़्यादा जोखिम; हर बैंक अपनी सीमा तय करता है।

यह भी देखेंइक्विटी (मालिक की पूँजी)ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)बैंकिंग और लोन →

ए

एक व्यक्ति कंपनी (OPC)One Person Company (OPC)पंजीकरण और कानून

एक सदस्य वाली कंपनी, जो अकेले संस्थापक को सीमित देयता देती है।

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 3 के तहत एक व्यक्ति OPC बना सकता है; उसके संगम ज्ञापन में एक नामिती का नाम होना चाहिए जो सदस्य की मृत्यु पर ज़िम्मेदारी ले। अकेला सॉफ़्टवेयर डेवलपर निजी संपत्ति को कारोबारी कर्ज़ से अलग रखने के लिए इसे चुन सकता है। इसमें प्रोपराइटरशिप से ज़्यादा फ़ाइलिंग है।

यह भी देखेंप्राइवेट लिमिटेड कंपनीएकल स्वामित्व (प्रोपराइटरशिप)हमारी सेवाएँ →स्रोत: MCA: Companies Act, 2013 (section 3, formation of company)

एकल स्वामित्व (प्रोपराइटरशिप)Sole proprietorshipपंजीकरण और कानून

एक व्यक्ति के स्वामित्व और संचालन वाला कारोबार, जिसकी मालिक से अलग कानूनी पहचान नहीं।

यह सबसे आसान रूप है: इसका अपना कोई पंजीकरण कानून नहीं, बस ज़रूरत के अनुसार उद्यम, GST और स्थानीय लाइसेंस। मालिक हर कर्ज़ के लिए निजी रूप से ज़िम्मेदार है, इसलिए ₹5 लाख का बकाया सप्लायर बिल निजी बचत से वसूला जा सकता है। ज़्यादातर छोटी दुकानें ऐसे ही शुरू होती हैं।

यह भी देखेंसाझेदारी फ़र्मLLP (सीमित देयता साझेदारी)उद्यम पंजीकरणहमारी सेवाएँ →शुरुआत →

ऑ

ऑनलाइन मार्केटप्लेसOnline marketplaceबिक्री और बाज़ार

वेबसाइट या ऐप जहाँ कई विक्रेता उत्पाद रखते हैं और मंच कमीशन लेकर ख़रीदार लाता है।

मार्केटप्लेस पहुँच देते हैं पर कमीशन, शिपिंग और वापसी का खर्च लेते हैं। ₹500 के कुर्ते पर शुल्क के बाद विक्रेता को सिर्फ़ ₹300 बच सकते हैं। ऑनलाइन बेचने के लिए आम तौर पर GST पंजीकरण चाहिए।

यह भी देखेंONDC (डिजिटल कॉमर्स के लिए खुला नेटवर्क)TCS (स्रोत पर कर संग्रह)तृतीय-पक्ष लॉजिस्टिक्स (3PL)बिज़नेस विश्वकोश →

क

कच्चा मालRaw materialसंचालन

वे बुनियादी चीज़ें जिन्हें इकाई तैयार उत्पाद में बदलती है।

स्थिर क़ीमत पर भरोसेमंद कच्चा माल तय करता है कि इकाई टिकेगी या नहीं। मंडी के पास की टमाटर सॉस इकाई मौसम में सस्ता ख़रीदकर बाकी साल के लिए गूदा रखती है। मुख्य चीज़ों के लिए कम से कम दो सप्लायर रखें।

यह भी देखेंसामग्री सूची (BOM)माल-भंडार (इन्वेंटरी)बिज़नेस विश्वकोश →

कर ऑडिटTax auditटैक्स और अनुपालन

आयकर कानून के तहत तय टर्नओवर सीमा से ऊपर, चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा कारोबार के खातों की जाँच।

कर ऑडिट रिपोर्ट रिटर्न के साथ जमा होती है और जाँचती है कि खाते और कर के आँकड़े सही हैं। आयकर कानून की सीमा पार करने वाले व्यापारी को यह करवाना होता है। मौजूदा सीमा अपने CA से पूछें; यह इस पर भी निर्भर है कि आपका कितना कारोबार नकद में है।

यह भी देखेंआयकर रिटर्न (ITR)लेखा पुस्तकें (खाता-बही)बैंकिंग और लोन →

कस्टम ब्रोकर (CHA)Customs broker (CHA)निर्यात

लाइसेंस प्राप्त एजेंट जो आयातकों और निर्यातकों के लिए सीमा शुल्क दस्तावेज़ भरता और बंदरगाह व हवाई अड्डे पर माल छुड़ाता है।

ज़्यादातर छोटे निर्यातक ख़ुद दाख़िल करने के बजाय ब्रोकर रखते हैं। हर खेप का शुल्क अलग-अलग होता है, इसलिए भाव की तुलना करें। ब्रोकर को सही HS कोड और मूल्य दें, क्योंकि ग़लती की ज़िम्मेदारी आपकी है।

यह भी देखेंशिपिंग बिलआयात-निर्यात →

कारख़ाना लाइसेंसFactory licenceपंजीकरण और कानून

राज्य के कारख़ाना विभाग का लाइसेंस, उन परिसरों के लिए जहाँ कानूनी सीमा से ज़्यादा कामगार निर्माण करते हैं।

कारख़ाना कानून सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के नियम तय करता है, और भवन के नक्शे की पहले मंज़ूरी लग सकती है। कामगार सीमा पार करने वाली प्लास्टिक मोल्डिंग इकाई को यह लाइसेंस लेना होता है। अपने राज्य की मौजूदा सीमा और प्रक्रिया देखें।

यह भी देखेंप्रदूषण सहमति (CTE और CTO)अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फ़ायर NOC)राज्य और ज़िले →

कारोबार (टर्नओवर)Turnoverपैसा

किसी कारोबार की एक साल की कुल बिक्री, कोई खर्च घटाए बिना।

टर्नओवर से कई कानूनी श्रेणियाँ तय होती हैं: MSME वर्ग, GST पंजीकरण, FSSAI लाइसेंस का प्रकार। साल में ₹45 लाख का माल बेचने वाली दुकान का टर्नओवर ₹45 लाख है, चाहे लाभ सिर्फ़ ₹4 लाख हो।

यह भी देखेंGST पंजीकरण सीमाMSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)बैंकिंग और लोन →

कार्यशील पूँजीWorking capitalपैसा

रोज़ का काम चलाने के लिए ज़रूरी पैसा: माल, ग्राहकों को दिया उधार, मज़दूरी और बिल।

कार्यशील पूँजी = चालू संपत्ति (नकद, माल, आपको मिलने वाला पैसा) घटा चालू देनदारी (सप्लायरों का बकाया)। अचार की इकाई के पास ₹2 लाख का माल हो और दुकानों से ₹3 लाख 30 दिन बाद मिलने हों, तो उसे लगभग ₹5 लाख कार्यशील पूँजी चाहिए, सप्लायर का उधार घटाकर। बैंक यह पैसा अक्सर कैश क्रेडिट सीमा से देते हैं।

यह भी देखेंकैश क्रेडिट (CC) / ओवरड्राफ़्ट (OD) सीमाकार्यशील पूँजी चक्रआहरण क्षमता (ड्रॉइंग पावर)बैंकिंग और लोन →

कार्यशील पूँजी चक्रWorking capital cycleपैसा

कच्चे माल का भुगतान करने से लेकर ख़रीदार से नकद मिलने तक के दिन।

चक्र = भंडार के दिन + देनदार के दिन − लेनदार के दिन। माल 20 दिन रुके, ग्राहक 40 दिन में दें और सप्लायर 15 दिन दे, तो चक्र 45 दिन है। छोटा चक्र यानी कम बैंक पैसा चाहिए।

यह भी देखेंकार्यशील पूँजीदेनदार दिवसबैंकिंग और लोन →

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)Kisan Credit Card (KCC)लोन और बैंकिंग

किसानों के लिए बैंक की उधार सीमा, फ़सल, सहायक काम और खेती से जुड़ी ज़रूरतों के लिए।

KCC की सीमा फ़सल के वित्त मान और खेती के रकबे से तय होती है। सरकार पात्र अल्पकालिक लोन पर 2% ब्याज सहायता और समय पर चुकाने पर 3% प्रोत्साहन देती है। 2 एकड़ में गेहूँ उगाने वाला किसान बीज-खाद का पैसा कार्ड से निकालकर कटाई के बाद लौटाता है।

यह भी देखेंब्याज सहायता (सबवेंशन)नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक)/schemes/kcc →बैंकिंग और लोन →स्रोत: myScheme (Government of India): Kisan Credit Card

कृषि अवसंरचना कोष (AIF)Agriculture Infrastructure Fund (AIF)योजनाएँ

केंद्रीय योजना जो फ़सल के बाद और खेती के ढाँचे के लिए ₹2 करोड़ तक के लोन पर 3% ब्याज सहायता देती है।

गोदाम, कोल्ड स्टोर, छँटाई इकाई जैसी परियोजनाएँ 7 साल तक के लिए पात्र हैं; ₹2 करोड़ तक के लोन पर CGTMSE शुल्क भी सरकार देती है, और प्रवर्तक कम से कम 10% लाता है। ₹1.5 करोड़ का गोदाम बनाने वाला FPO हर साल 3% कम ब्याज देता है। नई मंज़ूरियाँ रुकी हो सकती हैं, इसलिए स्थिति देखें।

यह भी देखेंब्याज सहायता (सबवेंशन)CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक)Agriculture Infrastructure Fund (AIF) →स्रोत: DA&FW: Agriculture Infrastructure Fund, revised scheme guidelines (Sep 2024)

कैश क्रेडिट (CC) / ओवरड्राफ़्ट (OD) सीमाCash credit (CC) / Overdraft (OD) limitलोन और बैंकिंग

चालू बैंक खाता जिसमें तय सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं और ब्याज सिर्फ़ इस्तेमाल किए पैसे पर लगता है।

CC माल और प्राप्य राशि के बदले मिलता है; OD अक्सर जमा, संपत्ति या कारोबार के लेन-देन पर मिलता है। ₹5 लाख की CC सीमा में ₹2 लाख 10 दिन इस्तेमाल करें, तो ब्याज सिर्फ़ ₹2 लाख पर 10 दिन का लगेगा। इसे हर साल नवीनीकृत किया जाता है।

यह भी देखेंकार्यशील पूँजीआहरण क्षमता (ड्रॉइंग पावर)NPA (अनर्जक आस्ति)बैंकिंग और लोन →

क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर)Credit score (CIBIL score)लोन और बैंकिंग

क्रेडिट ब्यूरो का तीन अंकों का नंबर जो बताता है कि व्यक्ति ने लोन कितनी ईमानदारी से चुकाए।

ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफ़ैक्स, एक्सपीरियन और CRIF हाई मार्क क्रेडिट ब्यूरो हैं। कारोबारी लोन से पहले बैंक प्रवर्तक का स्कोर देखते हैं; क्रेडिट कार्ड का देर से भुगतान या चूकी EMI इसे गिराती है। लोन के लिए आवेदन से पहले अपनी रिपोर्ट देख लें।

यह भी देखेंसिबिल MSME रैंक (CMR)NPA (अनर्जक आस्ति)EMI (समान मासिक किस्त)बैंकिंग और लोन →

क्लस्टर (MSE-CDP)Cluster (MSE-CDP)योजनाएँ

एक इलाक़े में मिलती-जुलती इकाइयों का समूह, जिसे सरकार जाँच प्रयोगशाला या साझा मशीनों जैसी सुविधाओं में मदद देती है।

MSE क्लस्टर विकास कार्यक्रम में इकाइयाँ एक विशेष संस्था बनाकर साझा सुविधा केंद्र के लिए अनुदान पाती हैं। एक शहर की पचास पीतल इकाइयाँ महँगा पॉलिश संयंत्र साझा कर सकती हैं। यह उन उत्पादों के लिए ठीक है जिन्हें पास-पास की कई इकाइयाँ पहले से बनाती हैं।

यह भी देखेंSFURTI (पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जनन की योजना)ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)/schemes/mse-cdp →

क्षमता उपयोगCapacity utilisationसंचालन

संयंत्र की पूरी क्षमता का कितना हिस्सा असल में बनता है, प्रतिशत में।

नई इकाइयाँ पहले साल शायद ही पूरी चलती हैं। DPR में पहले साल 60%, दूसरे साल 70% और उसके बाद 80% माना जा सकता है। तेल मिल रोज़ 10 टन पेर सकती है पर 6 टन पेरे, तो उपयोग 60% है।

यह भी देखेंलागत-बराबरी बिंदु (ब्रेक-ईवन)DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)हमारी सेवाएँ →

ख

ख़रीद आदेश (PO)Purchase order (PO)बिक्री और बाज़ार

ख़रीदार का लिखित आदेश जिसमें सामान, मात्रा, क़ीमत, डिलीवरी और भुगतान की शर्तें होती हैं।

विवाद होने पर PO दोनों पक्षों की रक्षा करता है। ₹450 प्रति नग 300 यूनिफ़ॉर्म मँगाने वाला स्कूल डिलीवरी तारीख़ के साथ PO भेजे। कुछ बैंक पक्के PO पर उधार देते हैं।

यह भी देखेंप्रोफ़ॉर्मा इनवॉइसउधार अवधिबिज़नेस विश्वकोश →

ग

गारंटर (ज़मानतदार)Guarantorलोन और बैंकिंग

वह व्यक्ति जो वादा करता है कि आप न चुकाएँ तो वह आपका लोन चुकाएगा।

तीसरे व्यक्ति का गारंटर बनना उसका अपना क्रेडिट दाँव पर लगाता है। चाचा आपके ₹15 लाख लोन के गारंटर हों और आप न चुकाएँ, तो बैंक उनसे वसूल सकता है। CGTMSE वाले लोन में तीसरे व्यक्ति की गारंटी नहीं चाहिए।

यह भी देखेंसंपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल)CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)बैंकिंग और लोन →

गारंटी शुल्कGuarantee feeलोन और बैंकिंग

CGTMSE जैसी ऋण गारंटी के लिए लिया जाने वाला सालाना शुल्क।

CGTMSE का सालाना गारंटी शुल्क सबसे निचली श्रेणी में 0.37% से शुरू होता है और लोन बड़ा होने पर बढ़ता है। ₹10 लाख के लोन पर 0.37% से शुल्क ₹3,700 सालाना होगा। कुछ बैंक यह उधारकर्ता से लेते हैं, इसलिए हस्ताक्षर से पहले पूछें।

यह भी देखेंCGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE) →स्रोत: CGTMSE: Annual Guarantee Fee

गुणवत्ता नियंत्रण (QC)Quality control (QC)संचालन

कच्चे माल, प्रक्रिया और तैयार माल की जाँच ताकि उत्पाद वादे के मानक पर खरे उतरें।

नमूना तौलना, नमी जाँचना या सील परखना जैसे आसान QC कदम माल की वापसी रोकते हैं। हर बैच में टूटे दाने का प्रतिशत जाँचने वाली राइस मिल सही ग्रेड और दाम लगा सकती है। हर जाँच का रिकॉर्ड रखें।

यह भी देखेंISO 9001BIS प्रमाणनबिज़नेस विश्वकोश →

च

चालू अनुपातCurrent ratioपैसा

चालू संपत्ति को चालू देनदारी से भाग देकर बना अनुपात: थोड़े समय की सुरक्षा की जाँच।

1 से ऊपर का अनुपात बताता है कि थोड़े समय की संपत्ति बकाया से ज़्यादा है। ₹8 लाख माल, नकद और प्राप्य राशि तथा ₹5 लाख बकाया वाली दुकान का अनुपात 1.6 है। कैश क्रेडिट सीमा तय करने से पहले बैंक इसे देखते हैं।

यह भी देखेंतुलन पत्र (बैलेंस शीट)कार्यशील पूँजीबैंकिंग और लोन →

ज

जॉब वर्कJob workसंचालन

किसी और के माल पर शुल्क लेकर काम करना और उसे लौटाना।

कई छोटी इकाइयाँ जॉब वर्क से शुरू करती हैं क्योंकि कच्चे माल का पैसा नहीं लगता। कढ़ाई इकाई गारमेंट निर्यातक के दिए कपड़े पर ₹25 प्रति पीस ले सकती है। जॉब वर्कर को माल भेजने और लौटाने पर GST के ख़ास नियम हैं।

यह भी देखेंअनुबंध निर्माणGST (वस्तु एवं सेवा कर)बिज़नेस विश्वकोश →

ट

टेंडर (निविदा)Tenderबिक्री और बाज़ार

ख़रीदार, अक्सर सरकारी संस्था, का औपचारिक आमंत्रण कि सामान या सेवा के लिए बंद क़ीमत प्रस्ताव दें।

बोली से पहले पात्रता, विवरण, डिलीवरी समय और जुर्माने की शर्तें पढ़ें। पंचायत के 500 सोलर लाइट के टेंडर में पिछली आपूर्ति का प्रमाण माँगा जा सकता है। ज़्यादातर केंद्रीय टेंडर अब GeM या ई-ख़रीद पोर्टल पर ऑनलाइन होते हैं।

यह भी देखेंEMD (बयाना राशि)L1 (सबसे कम बोली वाला)GeM (सरकारी ई-मार्केटप्लेस)/schemes/gem-seller-onboarding →

टैक्स इनवॉइसTax invoiceटैक्स और अनुपालन

पंजीकृत विक्रेता का GST बिल, जिसमें लगाया कर दिखता है ताकि ख़रीदार क्रेडिट ले सके।

टैक्स इनवॉइस पर दोनों के GSTIN, बिल नंबर और तारीख़, HSN या SAC, मूल्य, दर और कर की रकम होती है। ₹50,000 की पैकिंग ख़रीदी और सप्लायर ने सिर्फ़ सादी पर्ची दी, तो आपका ITC चला जाएगा। हमेशा सही टैक्स इनवॉइस माँगें।

यह भी देखेंबिल ऑफ़ सप्लाईGSTIN (GST पहचान संख्या)प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइसहमारी सेवाएँ →

ट्रेडमार्कTrademarkपंजीकरण और कानून

पंजीकृत ब्रांड नाम, लोगो या चिह्न जिसे सिर्फ़ आप अपने माल या सेवाओं के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

ट्रेडमार्क रजिस्ट्री (IP India) में माल की सही श्रेणी में आवेदन किया जाता है; पंजीकरण को समय-समय पर नवीनीकृत करना होता है। "नानी की रसोई" नाम से अचार बेचते हैं, तो पंजीकरण से कोई प्रतिद्वंद्वी यह नाम नहीं ले सकता। पैकिंग छपवाने से पहले रजिस्टर में खोज लें।

यह भी देखेंब्रांडपेटेंटहमारी सेवाएँ →

ड

डाक घर निर्यात केंद्रDak Ghar Niryat Kendraनिर्यात

डाकघर के निर्यात केंद्र जो छोटे विक्रेताओं और कारीगरों को आसान काग़ज़ात से पार्सल निर्यात में मदद करते हैं।

डाकघर ऑनलाइन सीमा शुल्क फ़ाइलिंग और बुकिंग में मदद करता है। कनाडा के ख़रीदार को ₹6,000 की स्टोल बेचने वाला बुनकर पास के केंद्र से भेज सकता है। यह छोटे ई-कॉमर्स निर्यात के लिए ठीक है।

यह भी देखेंIEC (आयातक निर्यातक कोड)ऑनलाइन मार्केटप्लेस/schemes/ecommerce-exports-dak-ghar-niryat-kendra →

त

तुलन पत्र (बैलेंस शीट)Balance sheetपैसा

किसी एक तारीख़ पर कारोबार के पास क्या है और उस पर क्या बकाया है, इसका चित्र।

संपत्तियाँ (मशीन, माल, नकद, मिलने वाला पैसा) = देनदारियाँ (लोन, सप्लायर बकाया) + मालिक की पूँजी। इकाई के पास ₹25 लाख की संपत्ति हो और ₹15 लाख बकाया, तो मालिक का हिस्सा ₹10 लाख है। ऋणदाता इसी से मज़बूती आँकते हैं।

यह भी देखेंलाभ-हानि खाताचालू अनुपातबैंकिंग और लोन →

तृतीय-पक्ष लॉजिस्टिक्स (3PL)Third-party logistics (3PL)संचालन

कंपनी जो दूसरे कारोबारों का माल रखती, पैक करती और भेजती है।

3PL से अपना गोदाम और डिलीवरी टीम बनाने की ज़रूरत नहीं रहती। हाथ से बने साबुन का ऑनलाइन विक्रेता माल 3PL के पास रख सकता है जो हर ऑर्डर का शुल्क लेकर भेजती है। प्रति ऑर्डर लागत की तुलना ख़ुद करने से करें।

यह भी देखेंई-वे बिलऑनलाइन मार्केटप्लेसबिज़नेस विश्वकोश →

द

दुकान और प्रतिष्ठान पंजीकरणShop and establishment registrationपंजीकरण और कानून

राज्य के दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत दुकानों, दफ़्तरों और व्यावसायिक जगहों का पंजीकरण।

यह कानून कर्मचारियों के काम के घंटे, छुट्टी और शर्तें तय करता है। नई मोबाइल मरम्मत दुकान राज्य श्रम विभाग में, अक्सर ऑनलाइन, पंजीकरण कराती है। बैंक इसे कारोबार के पते के प्रमाण के रूप में माँग सकते हैं।

यह भी देखेंव्यापार लाइसेंसएकल स्वामित्व (प्रोपराइटरशिप)राज्य और ज़िले →शुरुआत →

दृष्टिबंधक (हाइपोथिकेशन)Hypothecationलोन और बैंकिंग

माल या वाहन जैसी चल संपत्ति पर बैंक का अधिकार, जबकि संपत्ति आपके पास ही रहती है।

दृष्टिबंधक संपत्ति आप इस्तेमाल करते रहते हैं, पर लोन चुकने तक उसे खुलकर बेच नहीं सकते। लोन पर ख़रीदे टेम्पो के पंजीकरण में बैंक का नाम लिखा रहता है। आख़िरी किस्त के बाद बैंक यह हटवा देता है।

यह भी देखेंप्राथमिक प्रतिभूतिबंधक (मॉर्गेज)बैंकिंग और लोन →

देनदार दिवसDebtor daysपैसा

ख़रीदार औसतन कितने दिन में भुगतान करते हैं।

देनदार दिवस = प्राप्य राशि ÷ सालाना उधार बिक्री × 365। ₹6 लाख बकाया और ₹36 लाख सालाना उधार बिक्री वाली इकाई के लगभग 61 देनदार दिवस हैं। यह आँकड़ा हर महीने देखें।

यह भी देखेंप्राप्य राशि (देनदार)कार्यशील पूँजी चक्रबैंकिंग और लोन →

देय राशि (लेनदार)Payables (creditors)पैसा

माल या सेवा ले चुकने के बाद सप्लायरों को देना बाकी पैसा।

सप्लायर का उधार कार्यशील पूँजी का सस्ता स्रोत है। धागा सप्लायर ₹2 लाख के धागे पर 30 दिन दे, तो ₹2 लाख देय राशि है। सूक्ष्म और लघु सप्लायरों को देर से भुगतान करने पर ब्याज और कर-कटौती का नुक़सान हो सकता है।

यह भी देखेंप्राप्य राशि (देनदार)कार्यशील पूँजीबैंकिंग और लोन →

ध

धारा 43B(h) (सूक्ष्म-लघु उद्यम भुगतान नियम)Section 43B(h) (MSE payment rule)टैक्स और अनुपालन

आयकर नियम जिसके तहत ख़रीदार सूक्ष्म या लघु सप्लायर को किया भुगतान तभी घटा सकता है जब वह कानूनी समय सीमा में दिया जाए।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 43B(h) ख़रीदार की कर कटौती को सूक्ष्म और लघु उद्यमों को MSMED अधिनियम की सीमा (तय अवधि, अधिकतम 45 दिन) में भुगतान से जोड़ती है। साल के अंत में ख़रीदार पर छोटे सप्लायर के ₹3 लाख इस सीमा से ज़्यादा समय से बकाया हों, तो वह यह खर्च उसी साल घटा सकेगा जिसमें असल भुगतान करेगा। 1 अप्रैल 2026 से लागू आयकर अधिनियम, 2025 में मिलती-जुलती धारा देख लें।

यह भी देखें45 दिन का भुगतान नियमMSME समाधानदेय राशि (लेनदार)/schemes/section-43bh-msme-payment →स्रोत: Income Tax Department: Section 43B

न

नकदी प्रवाहCash flowपैसा

किसी अवधि में कारोबार में असल में आया और गया पैसा।

लाभ और नकद एक नहीं हैं: 60 दिन उधार की बिक्री आज लाभ है पर नकद बाद में आएगा। व्यापारी ₹2 लाख लाभ दिखाए पर ₹3 लाख ग्राहकों के पास अटके हों, तो किराया भी मुश्किल हो सकता है। नकद का हिसाब हर हफ़्ते रखें।

यह भी देखेंकार्यशील पूँजीलाभ-हानि खाताबैंकिंग और लोन →

नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक)NABARDलोन और बैंकिंग

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, जो खेती और ग्रामीण ऋण के लिए बैंकों को पुनर्वित्त देता है।

नाबार्ड आम तौर पर अकेले किसान को लोन नहीं देता; यह उन बैंकों, RRB और सहकारी संस्थाओं को पैसा देता है जो देते हैं। यह AgriSURE जैसी निधियों से FPO और ग्रामीण उद्यमों का साथ देता है। डेयरी या कृषि इकाइयों की कुछ पूँजीगत सब्सिडी नाबार्ड से होकर आपके बैंक तक आती है।

यह भी देखेंकिसान क्रेडिट कार्ड (KCC)बैंकिंग और लोन →

नामित साझेदारDesignated partnerपंजीकरण और कानून

LLP का वह साझेदार जो उसकी कानूनी फ़ाइलिंग और अनुपालन के लिए ज़िम्मेदार है।

हर LLP में कम से कम दो नामित साझेदार चाहिए जो व्यक्ति हों, एक भारत का निवासी। उन्हें DIN चाहिए और वे LLP की फ़ाइलिंग पर हस्ताक्षर करते हैं। फ़ाइलिंग चूकने पर जुर्माना उन पर लगता है।

यह भी देखेंLLP (सीमित देयता साझेदारी)DIN (निदेशक पहचान संख्या)हमारी सेवाएँ →स्रोत: LLP Act, 2008 (India Code), sections 6 and 7

निर्यात संवर्धन परिषद (EPC)Export promotion council (EPC)निर्यात

सरकार-समर्थित उद्योग संस्था जो किसी उत्पाद समूह के निर्यातकों को RCMC, मेले और बाज़ार जानकारी में मदद करती है।

इंजीनियरिंग सामान, कपड़ा, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प और अन्य के लिए परिषदें हैं। छोटा पीतल निर्यातक अंतरराष्ट्रीय मेलों में उत्पाद दिखाने के लिए EPCH से जुड़ता है। सदस्यता शुल्क निर्यात के आकार पर निर्भर है।

यह भी देखेंRCMC (पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र)APEDA (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण)आयात-निर्यात →

निवेश पर प्रतिफल (ROI)Return on investment (ROI)पैसा

लगाए गए पैसे पर सालाना लाभ, प्रतिशत में।

ROI = सालाना शुद्ध लाभ ÷ निवेश × 100। मुर्गी फ़ार्म में ₹10 लाख लगाकर साल में ₹2.5 लाख कमाएँ, तो ROI 25% है। इसकी तुलना उसी पैसे पर बैंक जमा की कमाई से करें।

यह भी देखेंवापसी अवधिआंतरिक प्रतिफल दर (IRR)बैंकिंग और लोन →

प

परिचालन व्यय (ओपेक्स)Operating expenditure (opex)पैसा

कारोबार चलाने का नियमित खर्च, जैसे किराया, मज़दूरी, बिजली और कच्चा माल।

ओपेक्स उसी साल पूरा खर्च में जाता है। महीने का ₹12,000 बिजली बिल और ₹40,000 मज़दूरी ओपेक्स है। ओपेक्स घटाने से लाभ सीधे बढ़ता है।

यह भी देखेंपूँजीगत व्यय (कैपेक्स)स्थायी खर्चबैंकिंग और लोन →

परियोजना लागतProject costपैसा

परियोजना शुरू करने के लिए कुल ज़रूरी पैसा: भवन, मशीनें, अन्य संपत्ति और शुरुआती कार्यशील पूँजी।

बैंक और सब्सिडी योजनाएँ इसी रकम पर हिसाब लगाती हैं। सिलाई इकाई में ₹3 लाख की मशीनें, ₹1 लाख की साज-सज्जा और ₹1 लाख कार्यशील पूँजी हो, तो परियोजना लागत ₹5 लाख है। कई योजनाएँ ज़मीन को नहीं गिनतीं या कार्यशील पूँजी पर सीमा रखती हैं, इसलिए योजना का नियम पढ़ें।

यह भी देखेंवित्त के स्रोतDPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)मार्जिन मनी (अपना अंशदान)बैंकिंग और लोन →हमारी सेवाएँ →

परिवर्तनशील खर्चVariable costपैसा

वह खर्च जो उत्पादन या बिक्री के साथ घटता-बढ़ता है, जैसे कच्चा माल।

परिवर्तनशील खर्च हर इकाई पर लगता है। नमकीन के हर पैकेट में ₹22 का बेसन, तेल और पैकिंग लगे, तो 1,000 पैकेट का परिवर्तनशील खर्च ₹22,000 होगा। थोक में खरीदने से यह घट सकता है।

यह भी देखेंस्थायी खर्चयोगदान मार्जिनबैंकिंग और लोन →

पीएम विश्वकर्माPM Vishwakarmaयोजनाएँ

पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए केंद्रीय योजना, जिसमें प्रशिक्षण, औज़ार सहायता और सस्ते लोन हैं।

बढ़ई, कुम्हार, दर्ज़ी, लोहार और दूसरे सूचीबद्ध व्यवसाय कॉमन सर्विस सेंटर से पंजीकरण कर सकते हैं। कुम्हार को कौशल प्रशिक्षण, औज़ार प्रोत्साहन और दो किस्तों में बिना कोलैटरल लोन मिल सकता है। मौजूदा रकम योजना पेज पर देखें।

यह भी देखेंबिना कोलैटरल का लोनEDP (उद्यमिता विकास प्रशिक्षण)/schemes/pm-vishwakarma →

पीएम स्वनिधिPM SVANidhiलोन और बैंकिंग

रेहड़ी-पटरी वालों के लिए छोटे कार्यशील पूँजी लोन, जो समय पर चुकाने पर चरणों में बढ़ते हैं।

पहला लोन ₹15,000 तक, दूसरा ₹25,000 तक और तीसरा ₹50,000 तक है, साथ में 7% सालाना ब्याज सब्सिडी। नगर निकाय से वेंडिंग प्रमाणपत्र वाला सब्ज़ी विक्रेता आवेदन कर सकता है। समय पर चुकाने से अगला लोन मिलता है।

यह भी देखेंसूक्ष्म वित्त (MFI)कार्यशील पूँजी/schemes/pm-svanidhi →स्रोत: myScheme (Government of India): PM SVANidhi

पूँजीगत व्यय (कैपेक्स)Capital expenditure (capex)पैसा

मशीन, भवन या वाहन जैसी लंबी चलने वाली संपत्तियों पर खर्च।

कैपेक्स संपत्ति के रूप में दर्ज होता है और मूल्यह्रास से धीरे-धीरे खर्च में जाता है। ₹4 लाख की पैकिंग मशीन ख़रीदना कैपेक्स है; उसकी बिजली ओपेक्स है। पूँजीगत सब्सिडी अक्सर पात्र कैपेक्स पर गिनी जाती है।

यह भी देखेंपरिचालन व्यय (ओपेक्स)स्थायी पूँजीबैंकिंग और लोन →

पूँजीगत सब्सिडीCapital subsidyयोजनाएँ

मशीन, भवन या दूसरी स्थायी संपत्ति पर किए खर्च के एक हिस्से के बराबर अनुदान।

₹10 लाख की पात्र संपत्ति पर 35% पूँजीगत सब्सिडी ₹3.5 लाख होगी, योजना की अधिकतम सीमा के भीतर। ज़मीन अक्सर नहीं गिनी जाती। कौन-सी लागत गिनी जाएगी, यह योजना के नियम तय करते हैं।

यह भी देखेंसब्सिडीबैक-एंडेड सब्सिडीऋण-आधारित सब्सिडीयोजनाएँ और सब्सिडी →

पेटेंटPatentपंजीकरण और कानून

कानूनी अधिकार जो तय सालों तक दूसरों को आपके नए आविष्कार बनाने या बेचने से रोकता है।

पेटेंट के लिए आविष्कार नया, रचनात्मक और उपयोगी होना चाहिए। कम लागत की नई बीज-ड्रिल बनाने वाला किसान उसे सबको दिखाने से पहले पेटेंट दाख़िल कर सकता है। स्टार्टअप और MSME कम सरकारी शुल्क देते हैं।

यह भी देखेंट्रेडमार्कहमारी सेवाएँ →

पैकिंग क्रेडिट (लदान-पूर्व वित्त)Packing credit (pre-shipment finance)निर्यात

पक्के निर्यात ऑर्डर के लिए माल ख़रीदने और बनाने का बैंक का अल्पकालिक लोन।

यह निर्यात से मिले पैसे से चुकता है या लदान-बाद ऋण में बदल जाता है। ₹40 लाख के ऑर्डर वाला चावल निर्यातक धान ख़रीदने के लिए पैकिंग क्रेडिट ले सकता है। निर्यातकों के लिए सरकारी ब्याज सहायता लागू हो सकती है, अपने बैंक से पूछें।

यह भी देखेंसाख पत्र (LC)ब्याज सहायता (सबवेंशन)आयात-निर्यात →बैंकिंग और लोन →

प्रवर्तक (प्रमोटर)Promoterपैसा

वह व्यक्ति या लोग जो कारोबार शुरू करते हैं और मालिक का पैसा लाते हैं।

बैंक और योजनाएँ संस्थापक को प्रवर्तक कहती हैं और उसका क्रेडिट स्कोर, अनुभव और अपना हिस्सा जाँचती हैं। पति-पत्नी मिलकर दाल मिल शुरू करें तो दोनों प्रवर्तक हैं। प्रवर्तक अक्सर निजी गारंटी पर हस्ताक्षर करते हैं।

यह भी देखेंमार्जिन मनी (अपना अंशदान)इक्विटी (मालिक की पूँजी)शुरुआत →

प्राइवेट लिमिटेड कंपनीPrivate limited companyपंजीकरण और कानून

MCA में पंजीकृत कंपनी, जिसके मालिक शेयरधारक हैं और जिनकी देयता उनके शेयरों तक सीमित है।

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 3 के तहत दो या ज़्यादा व्यक्ति प्राइवेट कंपनी बना सकते हैं। यह निवेशकों से इक्विटी जुटा सकती है, इसलिए फ़ंडिंग चाहने वाले स्टार्टअप का यही आम रूप है। शेयरों में ₹10 लाख लगाने वाला संस्थापक कंपनी डूबने पर सिर्फ़ वही ₹10 लाख गँवाता है, जब तक उसने निजी गारंटी न दी हो।

यह भी देखेंएक व्यक्ति कंपनी (OPC)MOA (संगम ज्ञापन)AOA (संगम अनुच्छेद)DIN (निदेशक पहचान संख्या)हमारी सेवाएँ →स्रोत: MCA: Companies Act, 2013 (section 3, formation of company)

प्राथमिक प्रतिभूतिPrimary securityलोन और बैंकिंग

लोन से ख़रीदी या बनाई गई संपत्ति, जिसे बैंक ज़मानत के रूप में रखता है।

मशीन के लोन में मशीन प्राथमिक प्रतिभूति है; कैश क्रेडिट में माल और प्राप्य राशि। आटा चक्की के ₹4 लाख के लोन की पहली ज़मानत चक्की ही है।

यह भी देखेंसंपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल)दृष्टिबंधक (हाइपोथिकेशन)बैंकिंग और लोन →

प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL)Priority sector lending (PSL)लोन और बैंकिंग

RBI के नियम जिनके तहत बैंकों को अपने ऋण का तय हिस्सा खेती, MSME और दूसरे प्राथमिक वर्गों को देना होता है।

PSL लक्ष्यों के कारण बैंक MSME और खेती वाले उधारकर्ताओं को ढूँढते हैं। सूक्ष्म उद्यम को दिया लोन बैंक के सूक्ष्म उद्यम उप-लक्ष्य में गिना जाता है। इसीलिए उद्यम पंजीकरण से आपकी लोन फ़ाइल मज़बूत होती है।

यह भी देखेंMSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)/schemes/rbi-psl-micro-enterprises →बैंकिंग और लोन →स्रोत: RBI Master Directions: Priority Sector Lending, 2025

प्राप्य राशि (देनदार)Receivables (debtors)पैसा

माल या सेवा दे चुकने के बाद ख़रीदारों से मिलने वाला पैसा।

यह वह बिक्री है जिसका पैसा अभी नहीं आया। फ़ैक्ट्री को ₹5 लाख के डिब्बे 45 दिन उधार पर दिए, तो भुगतान तक ₹5 लाख प्राप्य राशि है। ज़्यादा प्राप्य राशि कार्यशील पूँजी को दबाती है; TReDS और 45 दिन का नियम सूक्ष्म-लघु इकाइयों की मदद करते हैं।

यह भी देखेंदेनदार दिवसTReDS (व्यापार प्राप्य राशि भुनाई प्रणाली)45 दिन का भुगतान नियमबैंकिंग और लोन →

प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइसProforma invoiceबिक्री और बाज़ार

आपूर्ति से पहले भेजा जाने वाला प्रारंभिक बिल, जिसमें क़ीमत और शर्तें होती हैं; अक्सर अग्रिम लेने या LC खुलवाने में काम आता है।

प्रोफ़ॉर्मा टैक्स इनवॉइस नहीं है और इससे GST देनदारी नहीं बनती। निर्यातक ₹15 लाख के कालीन का प्रोफ़ॉर्मा भेजता है ताकि ख़रीदार भुगतान का इंतज़ाम करे। अंतिम टैक्स इनवॉइस माल भेजते समय बनता है।

यह भी देखेंटैक्स इनवॉइसख़रीद आदेश (PO)आयात-निर्यात →

प्रोसेसिंग शुल्कProcessing feeलोन और बैंकिंग

लोन आवेदन पर काम करने के लिए ऋणदाता का एक बार का शुल्क।

प्रोसेसिंग शुल्क लोन की असली लागत बढ़ाता है। ₹10 लाख पर 1% शुल्क यानी ₹10,000, ऊपर से GST। सारे शुल्क लिखित में माँगें और ऋणदाताओं की तुलना करें।

यह भी देखेंमंज़ूरी पत्रबैंकिंग और लोन →

ब

बंधक (मॉर्गेज)Mortgageलोन और बैंकिंग

लोन की ज़मानत के रूप में ज़मीन या भवन पर ऋणदाता को दिया गया अधिकार।

समतुल्य बंधक में संपत्ति के मालिकाना काग़ज़ बैंक में जमा किए जाते हैं। दुकान बंधक रखकर ₹30 लाख लोन लिया और लोन डूबा, तो बैंक वह दुकान बेच सकता है। पूरा लोन चुकाने पर काग़ज़ वापस मिलते हैं।

यह भी देखेंसंपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल)दृष्टिबंधक (हाइपोथिकेशन)बैंकिंग और लोन →

बिजली दर सब्सिडीPower tariff subsidyयोजनाएँ

राज्य का प्रोत्साहन जो पात्र इकाइयों की बिजली दर घटाता या बिजली शुल्क माफ़ करता है।

कोल्ड स्टोर, राइस मिल और ढलाई इकाइयों में बिजली बड़ा खर्च है। महीने में ₹1.5 लाख बिजली खर्च करने वाला कोल्ड स्टोर प्रति यूनिट छूट से अच्छी बचत कर सकता है। दर और साल अपने राज्य की नीति में देखें।

यह भी देखेंसब्सिडीराज्य और ज़िले →

बिना कोलैटरल का लोनCollateral-free loanलोन और बैंकिंग

ज़मीन, मकान या दूसरी अतिरिक्त ज़मानत माँगे बिना दिया गया लोन।

RBI के MSME मास्टर निर्देश के अनुसार सूक्ष्म और लघु उद्यमों को ₹20 लाख तक के लोन पर बैंक कोलैटरल नहीं ले सकते, और अच्छे ग्राहकों के लिए अपनी नीति से ₹25 लाख तक जा सकते हैं। भट्ठी के लिए ₹6 लाख माँगने वाले कुम्हार से ज़मीन के काग़ज़ नहीं माँगे जाने चाहिए।

यह भी देखेंसंपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल)CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)मुद्रा लोन (PMMY)/schemes/rbi-collateral-free-mse-loans →बैंकिंग और लोन →स्रोत: RBI Master Direction: Lending to MSME Sector (updated 9 Feb 2026)

बिल ऑफ़ लैडिंग (B/L)Bill of lading (B/L)निर्यात

जहाज़ पर लदे माल की शिपिंग लाइन की रसीद, जो माल के स्वामित्व का दस्तावेज़ भी है।

LC या दस्तावेज़ी वसूली में ख़रीदार मूल B/L दिखाकर ही माल ले सकता है। हवाई खेप में इसकी जगह एयरवे बिल होता है। जारी होने से पहले नाम, बंदरगाह और विवरण ध्यान से जाँचें।

यह भी देखेंशिपिंग बिलसाख पत्र (LC)आयात-निर्यात →

बिल ऑफ़ सप्लाईBill of supplyटैक्स और अनुपालन

टैक्स इनवॉइस की जगह दिया जाने वाला बिल जब GST नहीं लगाया जाता, जैसे कंपोज़िशन वाले व्यापारी।

कंपोज़िशन व्यापारी और छूट वाली वस्तुएँ बेचने वाले बिना कर का बिल ऑफ़ सप्लाई देते हैं। ₹2,000 का सामान बेचने वाली कंपोज़िशन किराना दुकान यही देगी। ख़रीदार इस पर ITC नहीं ले सकता।

यह भी देखेंटैक्स इनवॉइसGST कंपोज़िशन योजनाहमारी सेवाएँ →

बिल भुनाई (इनवॉइस डिस्काउंटिंग)Invoice discountingलोन और बैंकिंग

बिना चुके बिल को फ़ाइनेंसर को थोड़ी छूट पर बेचकर आज ही नकद पाना।

ख़रीदार को 60 दिन बाद ₹5 लाख देने हों, तो फ़ाइनेंसर अभी लगभग ₹4.9 लाख देकर बाद में पूरी रकम वसूल सकता है। यह छूट ही लागत है। TReDS सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए यह काम नियमित मंच पर करता है।

यह भी देखेंTReDS (व्यापार प्राप्य राशि भुनाई प्रणाली)प्राप्य राशि (देनदार)बैंकिंग और लोन →/schemes/treds →

बैंक गारंटीBank guaranteeलोन और बैंकिंग

बैंक का वादा कि आप भुगतान या अनुबंध पूरा न करें तो वह तीसरे पक्ष को पैसा देगा।

ख़रीदार और सरकारी विभाग टेंडर, अग्रिम या काम की गारंटी के लिए बैंक गारंटी माँगते हैं। ठेकेदार सड़क के काम के लिए ₹2 लाख की परफ़ॉर्मेंस गारंटी दे सकता है। बैंक आम तौर पर इसके बदले मार्जिन जमा रखवाता है।

यह भी देखेंसाख पत्र (LC)EMD (बयाना राशि)बैंकिंग और लोन →

बैक-एंडेड सब्सिडीBack-ended subsidyयोजनाएँ

सब्सिडी जो बैंक जमा में रखी जाती है और तय अवधि के बाद ही लोन में समायोजित होती है।

बैक-एंडेड सब्सिडी में समायोजन तक पूरे लोन पर ब्याज देना पड़ता है। PMEGP में मार्जिन मनी सब्सिडी तय अवधि तक रखी जाती है और इकाई चलती रहे तो लोन में जमा होती है। तब तक पूरी EMI के हिसाब से नकदी की योजना बनाएँ।

यह भी देखेंऋण-आधारित सब्सिडीPMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)Prime Minister's Employment Generation Programme (PMEGP) →

ब्याज सहायता (सबवेंशन)Interest subventionयोजनाएँ

सरकार आपके लोन के ब्याज का कुछ हिस्सा देती है, जिससे असली दर घट जाती है।

9% के लोन पर 3% सहायता मिले, तो आप असल में 6% देते हैं। लोन की सीमा और साल योजना के नियम तय करते हैं। जैसे AIF में ₹2 करोड़ तक के लोन पर 7 साल तक 3% सालाना मिलता है।

यह भी देखेंकृषि अवसंरचना कोष (AIF)किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)सब्सिडीयोजनाएँ और सब्सिडी →Agriculture Infrastructure Fund (AIF) →स्रोत: DA&FW: Agriculture Infrastructure Fund, revised scheme guidelines (Sep 2024)

ब्रांडBrandबिक्री और बाज़ार

नाम, रूप और वादा जिससे ख़रीदार आपके उत्पाद को पहचानते और भरोसा करते हैं।

ब्रांड से बिना ब्रांड के माल से ज़्यादा क़ीमत मिलती है। खुली हल्दी ₹180 किलो बिके, तो भरोसेमंद पैक ब्रांड ₹260 पा सकता है। ट्रेडमार्क जल्दी पंजीकृत कराएँ।

यह भी देखेंट्रेडमार्कMRP (अधिकतम खुदरा मूल्य)बिज़नेस विश्वकोश →

म

मंज़ूरी पत्रSanction letterलोन और बैंकिंग

बैंक का पत्र जो आपका लोन मंज़ूर करता है और उसकी रकम, दर, ज़मानत और शर्तें बताता है।

हस्ताक्षर से पहले हर शर्त पढ़ें; यह आप पर लागू होती है। ₹12 लाख के मंज़ूरी पत्र में मशीन का बीमा और हर महीने स्टॉक विवरण की शर्त हो सकती है। सब्सिडी योजनाओं को अक्सर इसकी प्रति चाहिए।

यह भी देखेंवितरण (लोन की रकम जारी होना)प्रोसेसिंग शुल्कबैंकिंग और लोन →हमारी सेवाएँ →

मध्यम उद्यमMedium enterpriseपंजीकरण और कानून

लघु सीमा से ऊपर, ₹125 करोड़ तक निवेश और ₹500 करोड़ तक टर्नओवर वाला MSME।

मध्यम उद्यमों को कुछ MSME लाभ मिलते हैं, पर 45 दिन की भुगतान सुरक्षा और सरकारी ख़रीद का आरक्षित हिस्सा सिर्फ़ सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए है। ₹60 करोड़ के संयंत्र वाला खाद्य प्रसंस्करणकर्ता मध्यम है।

यह भी देखेंMSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)हमारी सेवाएँ →स्रोत: Ministry of MSME circular, 24 Oct 2025: revised MSME limits under S.O. 1364(E) of 21 Mar 2025 in force from 1 Apr 2025

मार्जिन मनी (अपना अंशदान)Margin money (own contribution)लोन और बैंकिंग

परियोजना लागत का वह हिस्सा जो उधार लेने वाला अपने पैसे से देता है; बाकी बैंक देता है।

बैंक ₹8 लाख की परियोजना पर 10% मार्जिन माँगे, तो आप ₹80,000 लाएँगे और बैंक ₹7.2 लाख देगा। PMEGP में सब्सिडी को भी मार्जिन मनी सब्सिडी कहा जाता है, पर वह आपके अपने अंशदान से अलग है।

यह भी देखेंप्रवर्तक (प्रमोटर)वित्त के स्रोतPMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)बैंकिंग और लोन →Prime Minister's Employment Generation Programme (PMEGP) →

माल-भंडार (इन्वेंटरी)Inventory (stock)पैसा

कारोबार के पास रखा कच्चा माल, अधबना माल और तैयार माल।

माल बिकने तक नकद उसमें फँसा रहता है। ₹4 लाख का कपड़ा और ₹2 लाख की तैयार कमीज़ें रखने वाली इकाई का ₹6 लाख भंडार में बंद है। बैंक ड्रॉइंग पावर के ज़रिए माल पर उधार देते हैं।

यह भी देखेंकार्यशील पूँजीFIFO (पहले आया, पहले गया)बैंकिंग और लोन →

मुक्त व्यापार समझौता (FTA)Free trade agreement (FTA)निर्यात

देशों के बीच संधि जो एक-दूसरे के माल पर आयात शुल्क घटाती या हटाती है।

भारत के UAE, ऑस्ट्रेलिया, आसियान, जापान, कोरिया, EFTA देशों, ब्रिटेन और अन्य के साथ समझौते हैं। शुल्क कटौती उत्पाद के HS कोड पर निर्भर है। निर्यात की क़ीमत तय करने से पहले समझौते की अनुसूची देखें।

यह भी देखेंउत्पत्ति प्रमाणपत्रHSN कोडआयात-निर्यात →

मुद्रा लोन (PMMY)MUDRA loan (PMMY)लोन और बैंकिंग

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे गैर-कृषि कारोबारों के लिए ₹20 लाख तक के लोन।

मुद्रा खुद लोन नहीं देता; बैंक, ग्रामीण बैंक, स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक, NBFC और MFI लोन देते हैं। सैलून मालिक कुर्सियों और सामान के लिए ₹3 लाख का किशोर लोन ले सकता है। ब्याज हर ऋणदाता खुद तय करता है।

यह भी देखेंमुद्रा श्रेणियाँ: शिशु, किशोर, तरुण, तरुण प्लसबिना कोलैटरल का लोनPradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY) – Shishu, Kishor, Tarun, Tarun Plus →बैंकिंग और लोन →स्रोत: PIB backgrounder, 29 Oct 2024: PMMY limit raised to Rs 20 lakh (Tarun Plus)

मुद्रा श्रेणियाँ: शिशु, किशोर, तरुण, तरुण प्लसMUDRA tiers: Shishu, Kishor, Tarun, Tarun Plusलोन और बैंकिंग

मुद्रा लोन के चार आकार, ₹50,000 तक से ₹20 लाख तक।

शिशु ₹50,000 तक; किशोर ₹50,000 से ऊपर ₹5 लाख तक; तरुण ₹5 लाख से ऊपर ₹10 लाख तक; तरुण प्लस ₹10 लाख से ऊपर ₹20 लाख तक, उनके लिए जिन्होंने पिछला तरुण लोन चुका दिया है। ₹40,000 चाहने वाली चाय की दुकान शिशु में आती है।

यह भी देखेंमुद्रा लोन (PMMY)Pradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY) – Shishu, Kishor, Tarun, Tarun Plus →स्रोत: PIB backgrounder, 29 Oct 2024: PMMY limit raised to Rs 20 lakh (Tarun Plus)

मूल्यह्रासDepreciationपैसा

मशीन या भवन की कीमत में हर साल आने वाली कमी, जिसे खाते में खर्च माना जाता है।

मूल्यह्रास संपत्ति की लागत को उसके काम के सालों में बाँटता है। ₹5 लाख की मशीन 10 साल चले, तो सीधी विधि में हर साल ₹50,000 खर्च माना जा सकता है। इससे खाते का लाभ घटता है पर नकद बाहर नहीं जाता; कर कानून अपनी दरें तय करता है।

यह भी देखेंस्थायी पूँजीलाभ-हानि खाताबैंकिंग और लोन →

य

योगदान मार्जिनContribution marginपैसा

हर बिक्री में परिवर्तनशील खर्च के बाद बचा पैसा, जो पहले स्थायी खर्च और फिर लाभ में जाता है।

योगदान = बिक्री मूल्य − परिवर्तनशील खर्च। ₹50 के पैकेट पर ₹30 परिवर्तनशील खर्च हो, तो योगदान ₹20 है। इससे पता चलता है कि किराया और मज़दूरी निकालने के लिए कितनी इकाइयाँ बेचनी होंगी।

यह भी देखेंलागत-बराबरी बिंदु (ब्रेक-ईवन)परिवर्तनशील खर्चबैंकिंग और लोन →

र

रिवर्स चार्ज (RCM)Reverse charge (RCM)टैक्स और अनुपालन

GST का नियम जिसमें कुछ आपूर्तियों पर कर विक्रेता नहीं, ख़रीदार चुकाता है।

कुछ सेवाएँ, जैसे कई मामलों में ट्रांसपोर्ट एजेंसी से माल ढुलाई, रिवर्स चार्ज में आती हैं। एजेंसी से ट्रक लिया, तो उस भाड़े पर GST आपको ख़ुद देना पड़ सकता है और फिर ITC लेना होगा। अधिसूचित सूची देखें।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)हमारी सेवाएँ →

ल

लघु उद्यमSmall enterpriseपंजीकरण और कानून

सूक्ष्म सीमा से ऊपर, ₹25 करोड़ तक निवेश और ₹100 करोड़ तक टर्नओवर वाला MSME।

निवेश या टर्नओवर में से कोई भी सूक्ष्म सीमा पार करे, तो इकाई लघु श्रेणी में जाती है। ₹4 करोड़ मशीन और ₹30 करोड़ टर्नओवर वाली प्लास्टिक इकाई लघु है। लघु इकाइयों को भी MSMED अधिनियम की देर-भुगतान सुरक्षा मिलती है।

यह भी देखेंMSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)मध्यम उद्यमहमारी सेवाएँ →स्रोत: Ministry of MSME circular, 24 Oct 2025: revised MSME limits under S.O. 1364(E) of 21 Mar 2025 in force from 1 Apr 2025

लागत-बराबरी बिंदु (ब्रेक-ईवन)Break-even pointपैसा

बिक्री का वह स्तर जहाँ कमाई ठीक-ठीक सारे खर्च पूरे करती है, न लाभ न घाटा।

ब्रेक-ईवन बिक्री = स्थायी खर्च ÷ प्रति इकाई योगदान। मोमबत्ती इकाई का महीने का स्थायी खर्च ₹30,000 हो और हर मोमबत्ती पर कच्चे माल के बाद ₹6 बचें, तो उसे महीने में 5,000 मोमबत्तियाँ बेचनी होंगी। इसके बाद हर मोमबत्ती लाभ जोड़ती है।

यह भी देखेंस्थायी खर्चपरिवर्तनशील खर्चयोगदान मार्जिनबैंकिंग और लोन →कैलकुलेटर →

लाभ-हानि खाताProfit and loss accountपैसा

वह विवरण जो साल की आय, खर्च और उससे बना लाभ या घाटा दिखाता है।

लाभ-हानि खाता बिक्री से शुरू होता है, फिर माल, मज़दूरी, किराया, ब्याज, मूल्यह्रास और कर घटाकर शुद्ध लाभ पर ख़त्म होता है। ₹40 लाख बिक्री और ₹37 लाख कुल खर्च वाली इकाई ₹3 लाख लाभ दिखाएगी। बैंक पिछले दो-तीन साल का खाता माँगते हैं।

यह भी देखेंतुलन पत्र (बैलेंस शीट)शुद्ध मार्जिनबैंकिंग और लोन →

लेखा पुस्तकें (खाता-बही)Books of accountsटैक्स और अनुपालन

कारोबार की सारी बिक्री, ख़रीद, नकद, बैंक और खर्च का रिकॉर्ड।

खाता-बही में कैश बुक, बैंक बुक, बिक्री और ख़रीद रजिस्टर, खाता और स्टॉक रजिस्टर आते हैं। छोटी इकाई इन्हें आसान अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर में रख सकती है। साफ़ खाते से लोन, GST और कर भरना बहुत आसान होता है।

यह भी देखेंकर ऑडिटलाभ-हानि खाताबैंकिंग और लोन →

व

वापसी अवधिPayback periodपैसा

परियोजना की कमाई से लगाया हुआ पैसा वापस आने में लगने वाला समय।

वापसी अवधि = निवेश ÷ सालाना नकद कमाई। ₹6 लाख के ई-रिक्शा जो साल में ₹2 लाख नकद लाएँ, 3 साल में पैसा लौटा देंगे। कम अवधि यानी कम जोखिम।

यह भी देखेंनिवेश पर प्रतिफल (ROI)आंतरिक प्रतिफल दर (IRR)बैंकिंग और लोन →

वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर)Distributorबिक्री और बाज़ार

कारोबार जो निर्माता से थोक में ख़रीदकर किसी क्षेत्र के खुदरा दुकानदारों को माल देता है।

वितरक पहुँच देते हैं और दुकानों से वसूली करते हैं, बदले में मार्जिन लेते हैं। बिस्कुट ब्रांड किसी ज़िले की 200 दुकानें कवर करने के लिए वितरक को 8% दे सकता है। उधार, वापसी और क्षेत्र लिखित में तय करें।

यह भी देखेंB2B और B2CMRP (अधिकतम खुदरा मूल्य)बिज़नेस विश्वकोश →

वितरण (लोन की रकम जारी होना)Disbursementलोन और बैंकिंग

मंज़ूर लोन का पैसा असल में जारी होना, अक्सर सीधे सप्लायर को।

मंज़ूरी स्वीकृति है; वितरण पैसे का जाना है। ₹7 लाख के मशीन लोन में बैंक बिल के बदले सीधे मशीन निर्माता को भुगतान कर सकता है। सब्सिडी का दावा आम तौर पर वितरण के बाद ही शुरू होता है।

यह भी देखेंमंज़ूरी पत्रबैंकिंग और लोन →

वित्त के स्रोतMeans of financeपैसा

वह तालिका जो बताती है कि परियोजना लागत का हर रुपया कहाँ से आएगा।

इसमें आपका अपना हिस्सा, बैंक लोन, सब्सिडी और दूसरा पैसा लिखा जाता है, और जोड़ परियोजना लागत के बराबर होना चाहिए। ₹10 लाख की परियोजना: अपना पैसा ₹1 लाख, टर्म लोन ₹6 लाख, कैश क्रेडिट ₹3 लाख। मंज़ूरी से पहले बैंक यह मिलान जाँचता है।

यह भी देखेंपरियोजना लागतमार्जिन मनी (अपना अंशदान)सावधि ऋण (टर्म लोन)बैंकिंग और लोन →

वित्तीय वर्ष और निर्धारण वर्षFinancial year and assessment yearटैक्स और अनुपालन

वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है; आयकर में उसके अगले साल को निर्धारण वर्ष कहा जाता था।

खाते, GST और लोन के काग़ज़ अप्रैल-मार्च वर्ष पर चलते हैं। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की कमाई वित्तीय वर्ष 2025-26 की है। 1 अप्रैल 2026 से लागू आयकर अधिनियम, 2025 "कर वर्ष" शब्द इस्तेमाल करता है, इसलिए देखें कि फ़ॉर्म किस शब्द का प्रयोग करता है।

यह भी देखेंआयकर रिटर्न (ITR)बैंकिंग और लोन →

विदेश व्यापार नीति (FTP)Foreign Trade Policy (FTP)निर्यात

सरकार की नीति जो निर्यात और आयात के नियम और प्रोत्साहन योजनाएँ तय करती है।

FTP 2023 की कोई तय समाप्ति तारीख़ नहीं है और इसे DGFT अधिसूचनाओं से अपडेट किया जाता है। इसमें RoDTEP, अग्रिम प्राधिकार और EPCG जैसी योजनाएँ हैं। निर्यात लाभ की योजना से पहले नवीनतम अधिसूचना देखें।

यह भी देखेंDGFT (विदेश व्यापार महानिदेशालय)RoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट)EPCG (निर्यात संवर्धन पूँजीगत वस्तु योजना)/schemes/foreign-trade-policy-2023 →आयात-निर्यात →

व्यापार लाइसेंसTrade licenceपंजीकरण और कानून

नगर निकाय या पंचायत से किसी जगह पर ख़ास व्यापार चलाने की अनुमति।

नियम और शुल्क शहर के हिसाब से अलग हैं। क़स्बे में रेस्टोरेंट या हार्डवेयर दुकान को आम तौर पर स्थानीय निकाय से यह लेकर हर साल नवीनीकृत कराना होता है। ख़तरे वाले कुछ व्यापारों को अतिरिक्त अनुमति चाहिए।

यह भी देखेंदुकान और प्रतिष्ठान पंजीकरणराज्य और ज़िले →

श

शिपिंग बिलShipping billनिर्यात

मुख्य सीमा शुल्क दस्तावेज़ जिसे निर्यातक माल को निर्यात के लिए मंज़ूर कराने हेतु दाख़िल करता है।

यह सीमा शुल्क प्रणाली पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से, आम तौर पर कस्टम ब्रोकर के ज़रिए, बिल, पैकिंग सूची और HS कोड के साथ दाख़िल होता है। ड्रॉबैक और RoDTEP जैसे लाभ इसी से माँगे जाते हैं। ग़लत ब्योरा इन लाभों को रोक सकता है।

यह भी देखेंबिल ऑफ़ लैडिंग (B/L)कस्टम ब्रोकर (CHA)शुल्क वापसी (ड्रॉबैक)आयात-निर्यात →

शुद्ध मार्जिनNet marginपैसा

हर खर्च, ब्याज और कर के बाद बचा लाभ, बिक्री के प्रतिशत में।

शुद्ध मार्जिन = शुद्ध लाभ ÷ बिक्री। बेकरी साल में ₹20 लाख बेचे और सारे खर्च व कर के बाद ₹1.6 लाख बचें, तो शुद्ध मार्जिन 8% है। इसकी तुलना मिलते-जुलते कारोबारों से करें, सकल मार्जिन से नहीं।

यह भी देखेंसकल मार्जिनलाभ-हानि खाताबैंकिंग और लोन →

शुल्क वापसी (ड्रॉबैक)Duty drawbackनिर्यात

निर्यात माल में लगे आयातित या देसी कच्चे माल पर चुकाए सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क की वापसी।

ज़्यादातर निर्यातक वित्त मंत्रालय द्वारा अधिसूचित सर्व-उद्योग दर लेते हैं, जो शिपिंग बिल से माँगी जाती है। आयातित बटन और ज़िप इस्तेमाल करने वाला गारमेंट निर्यातक उस शुल्क का कुछ हिस्सा वापस पाता है। दरें हर टैरिफ़ मद के लिए तय हैं।

यह भी देखेंRoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट)शिपिंग बिलआयात-निर्यात →

स

संपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल)Collateral securityलोन और बैंकिंग

लोन से ख़रीदी संपत्ति के अलावा बैंक को दी गई अतिरिक्त ज़मानत, जैसे ज़मीन, मकान या जमा।

लोन न चुकने पर बैंक कोलैटरल बेच सकता है। RBI ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों के ₹20 लाख तक के लोन पर कोलैटरल लेने से बैंकों को रोका है। ₹35 लाख के लोन पर बैंक मकान के काग़ज़ माँग सकता है या उसकी जगह CGTMSE गारंटी ले सकता है।

यह भी देखेंप्राथमिक प्रतिभूतिCGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)बिना कोलैटरल का लोनबैंकिंग और लोन →/schemes/rbi-collateral-free-mse-loans →स्रोत: RBI Master Direction: Lending to MSME Sector (updated 9 Feb 2026)

सकल मार्जिनGross marginपैसा

बिक्री में से बेचे गए माल की सीधी लागत घटाकर बचा हिस्सा, बिक्री के प्रतिशत में।

सकल मार्जिन बताता है कि किराया, वेतन और ब्याज से पहले उत्पाद खुद कितना कमाता है। डेयरी ₹1 लाख का पनीर बेचे और दूध व मज़दूरी पर ₹70,000 लगें, तो सकल लाभ ₹30,000 यानी 30% सकल मार्जिन है।

यह भी देखेंशुद्ध मार्जिनकारोबार (टर्नओवर)बैंकिंग और लोन →

सब्सिडीSubsidyयोजनाएँ

कारोबार शुरू करने या चलाने की लागत घटाने के लिए सरकार की दी गई रकम या छूट।

सब्सिडी संपत्ति पर पूँजीगत सब्सिडी, लोन पर ब्याज सहायता, SGST वापसी जैसी कर वापसी, या सस्ती बिजली और ज़मीन के रूप में मिलती है। ज़्यादातर निवेश के बाद, बैंक या राज्य विभाग के ज़रिए मिलती है। सब्सिडी की "गारंटी" के लिए किसी एजेंट को पैसा न दें।

यह भी देखेंपूँजीगत सब्सिडीब्याज सहायता (सबवेंशन)SGST प्रतिपूर्तियोजनाएँ और सब्सिडी →/schemes/check →

साख पत्र (LC)Letter of credit (LC)निर्यात

बैंक का वादा कि विक्रेता तय शर्तों वाले दस्तावेज़ दे तो वह विक्रेता को भुगतान करेगा।

साख पत्र में भुगतान के पीछे सिर्फ़ ख़रीदार नहीं, उसका बैंक खड़ा होता है। दुबई को ₹20 लाख का चावल LC पर भेजने वाले निर्यातक को तब भुगतान मिलता है जब बिल ऑफ़ लैडिंग और बिल LC से हूबहू मिलें। दस्तावेज़ों में छोटी ग़लती भी भुगतान रोक सकती है।

यह भी देखेंबैंक गारंटीECGC निर्यात ऋण बीमाFOB (फ़्री ऑन बोर्ड)आयात-निर्यात →

साझेदारी फ़र्मPartnership firmपंजीकरण और कानून

भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 के तहत दो या ज़्यादा साझेदारों के स्वामित्व वाला कारोबार।

साझेदार विलेख के अनुसार लाभ बाँटते हैं और फ़र्म के हर कर्ज़ के लिए निजी रूप से ज़िम्मेदार होते हैं। हार्डवेयर दुकान चलाने वाले दो भाई सादे विलेख से साझेदारी बना सकते हैं। राज्य के फ़र्म रजिस्ट्रार में पंजीकरण वैकल्पिक है पर अदालती मामलों में मदद करता है।

यह भी देखेंसाझेदारी विलेखLLP (सीमित देयता साझेदारी)हमारी सेवाएँ →

साझेदारी विलेखPartnership deedपंजीकरण और कानून

साझेदारों के बीच पूँजी, लाभ हिस्सा, ज़िम्मेदारी और अलग होने पर लिखित समझौता।

साफ़ विलेख बाद के झगड़ों से बचाता है। एक साझेदार ₹6 लाख और दूसरा ₹4 लाख लाए, तो विलेख में लाभ 60:40 और किसी के अलग होने पर क्या होगा, लिखा जा सकता है। यह राज्य स्टांप कानून के अनुसार स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर होता है।

यह भी देखेंसाझेदारी फ़र्महमारी सेवाएँ →

सामग्री सूची (BOM)Bill of materials (BOM)संचालन

उत्पाद की एक इकाई बनाने में लगने वाली सारी सामग्री और मात्रा की पूरी सूची।

BOM आपकी लागत गणना का आधार है। एक स्कूल बैग में 0.8 मीटर कपड़ा, दो ज़िप, फ़ोम, धागा और लेबल, कुल ₹140। सप्लायर के दाम बदलने पर इसे अपडेट करें।

यह भी देखेंपरिवर्तनशील खर्चकच्चा मालबैंकिंग और लोन →

सावधि ऋण (टर्म लोन)Term loanलोन और बैंकिंग

लंबी चलने वाली संपत्ति ख़रीदने का लोन, जो कई सालों में तय किस्तों में चुकाया जाता है।

टर्म लोन से मशीन, भवन और वाहन ख़रीदे जाते हैं। कोल्ड रूम के लिए ₹10 लाख का टर्म लोन 6 महीने की छूट के बाद 6 साल में चुकाया जा सकता है। ख़रीदी गई संपत्ति ही आम तौर पर प्राथमिक प्रतिभूति होती है।

यह भी देखेंEMI (समान मासिक किस्त)स्थगन अवधि (मोरेटोरियम)स्थायी पूँजीबैंकिंग और लोन →

सिंगल विंडो प्रणालीSingle-window systemयोजनाएँ

ऑनलाइन पोर्टल जहाँ कारोबार कई राज्य या केंद्रीय मंज़ूरियों के लिए एक ही जगह आवेदन करता है।

हर राज्य का अपना सिंगल विंडो पोर्टल है, और राष्ट्रीय सिंगल विंडो प्रणाली केंद्रीय मंज़ूरियाँ जोड़ती है। नई खाद्य इकाई एक पोर्टल पर प्रदूषण सहमति, कारख़ाना लाइसेंस और प्रोत्साहन के लिए आवेदन कर स्थिति देख सकती है। इससे कई दफ़्तरों के चक्कर बचते हैं।

यह भी देखेंप्रदूषण सहमति (CTE और CTO)DIC (ज़िला उद्योग केंद्र)राज्य और ज़िले →/schemes/national-single-window-system →

सिबिल MSME रैंक (CMR)CIBIL MSME Rank (CMR)लोन और बैंकिंग

लोन इतिहास वाले कारोबारों को ट्रांसयूनियन सिबिल द्वारा दिया गया 1 से 10 तक का जोखिम रैंक।

CMR-1 से 3 कम जोखिम, CMR-4 से 6 मध्यम और CMR-7 से 10 ऊँचा जोखिम है। बिना लोन वाली नई फ़र्म का CMR नहीं होता, तब बैंक प्रवर्तक का निजी स्कोर देखता है। कैश क्रेडिट का ब्याज समय पर देने से यह सुधरता है।

यह भी देखेंक्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर)बैंकिंग और लोन →स्रोत: SIDBI-TransUnion CIBIL MSME Pulse, Aug 2022 (CMR bands)

सूक्ष्म उद्यमMicro enterpriseपंजीकरण और कानून

MSME की सबसे छोटी श्रेणी: निवेश ₹2.5 करोड़ तक और टर्नओवर ₹10 करोड़ तक।

ज़्यादातर पहली बार की इकाइयाँ सूक्ष्म होती हैं। ₹15 लाख की मसाला पिसाई इकाई जो साल में ₹40 लाख बेचे, सूक्ष्म उद्यम है। सूक्ष्म इकाइयों को सबसे ज़्यादा लाभ मिलते हैं, जैसे बिना कोलैटरल लोन और प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा।

यह भी देखेंMSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)लघु उद्यमहमारी सेवाएँ →स्रोत: Ministry of MSME circular, 24 Oct 2025: revised MSME limits under S.O. 1364(E) of 21 Mar 2025 in force from 1 Apr 2025

सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकारी ख़रीद नीतिPublic Procurement Policy for MSEsबिक्री और बाज़ार

नियम कि केंद्रीय मंत्रालय और सार्वजनिक उपक्रम अपनी सालाना ख़रीद का कम से कम 25% सूक्ष्म और लघु उद्यमों से लेने का लक्ष्य रखें।

25% के लक्ष्य में 4% अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों की इकाइयों के लिए है। सूक्ष्म-लघु इकाइयों को मुफ़्त टेंडर दस्तावेज़ और EMD से छूट भी मिलती है। छोटा केबल निर्माता सबसे कम क़ीमत से मेल खाकर PSU ऑर्डर का हिस्सा जीत सकता है।

यह भी देखेंGeM (सरकारी ई-मार्केटप्लेस)EMD (बयाना राशि)/schemes/public-procurement-policy-mse →स्रोत: MSME Sambandh: Public Procurement Policy for MSEs

सूक्ष्म वित्त (MFI)Microfinance (MFI)लोन और बैंकिंग

कम आय वाले परिवारों को, अक्सर समूह में महिलाओं को, बिना कोलैटरल के छोटे लोन।

सूक्ष्म वित्त के लोन छोटे होते हैं, हफ़्ते या महीने में चुकते हैं, और समूह के सदस्य एक-दूसरे का साथ देते हैं। कोई महिला सिलाई मशीन के लिए ₹40,000 लेकर हफ़्तेवार किस्त में चुका सकती है। ब्याज बैंक से ज़्यादा होता है।

यह भी देखेंNBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी)स्वयं सहायता समूह (SHG)बैंकिंग और लोन →

स्टांप शुल्क छूटStamp duty exemptionयोजनाएँ

राज्य का प्रोत्साहन जो नई इकाई के लिए ज़मीन ख़रीदने या पट्टे पर स्टांप शुल्क माफ़ या वापस करता है।

₹50 लाख के प्लॉट पर स्टांप शुल्क कई लाख हो सकता है, इसलिए छूट मायने रखती है। राज्य नीतियाँ पिछड़े इलाक़ों में पूरी और बाकी जगह आंशिक छूट देती हैं। नीति के अनुसार ज़रूरी हो तो विलेख पंजीकरण से पहले आवेदन करें।

यह भी देखेंसब्सिडीSGST प्रतिपूर्तिराज्य और ज़िले →

स्टैंड-अप इंडियाStand-Up Indiaलोन और बैंकिंग

नई इकाई शुरू करने वाले अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक के बैंक लोन; योजना में बदलाव हो रहा है।

यह संयुक्त लोन (टर्म लोन + कार्यशील पूँजी) है जो अधिकतम 18 महीने की छूट के साथ 7 साल तक में चुकता है। मूल योजना 31 मार्च 2025 को ख़त्म हो गई और नया रूप आने की उम्मीद है, इसलिए आवेदन से पहले जाँच लें। इसमें ₹40 लाख की बेकरी शुरू करने वाली महिला को परियोजना लागत का कम से कम 10% ख़ुद लाना होता था।

यह भी देखेंसावधि ऋण (टर्म लोन)मार्जिन मनी (अपना अंशदान)Stand-Up India →स्रोत: Stand-Up Mitra (SIDBI): Stand-Up India scheme features

स्थगन अवधि (मोरेटोरियम)Moratoriumलोन और बैंकिंग

शुरुआती अवधि जिसमें लोन का मूलधन चुकाना ज़रूरी नहीं होता।

स्थगन अवधि से इकाई को कमाई शुरू करने का समय मिलता है। ₹9 लाख के लोन पर 6 महीने की छूट मिले, तो डेयरी सातवें महीने से किस्त शुरू करेगी; इस दौरान ब्याज लग सकता है या जुड़ सकता है। DPR में यह अवधि काम शुरू होने के समय से मेल खानी चाहिए।

यह भी देखेंसावधि ऋण (टर्म लोन)EMI (समान मासिक किस्त)बैंकिंग और लोन →

स्थायी खर्चFixed costपैसा

वह खर्च जो बिक्री कम हो या ज़्यादा, एक-सा रहता है, जैसे किराया या वेतन।

मंदे महीने में भी स्थायी खर्च देना पड़ता है। ₹15,000 किराया और ₹20,000 वेतन देने वाली दुकान का हर महीने ₹35,000 स्थायी खर्च है। स्थायी खर्च कम रखने से ब्रेक-ईवन बिंदु नीचे आता है।

यह भी देखेंपरिवर्तनशील खर्चलागत-बराबरी बिंदु (ब्रेक-ईवन)बैंकिंग और लोन →

स्थायी पूँजीFixed capitalपैसा

लंबे समय तक चलने वाली चीज़ों पर लगा पैसा, जैसे ज़मीन, भवन और मशीनें।

स्थायी पूँजी से वे चीज़ें खरीदी जाती हैं जो सालों काम आती हैं, बेचने वाला माल नहीं। आटा चक्की वाला शेड पर ₹12 लाख और चक्की पर ₹8 लाख लगाए, तो उसकी स्थायी पूँजी ₹20 लाख है। इसे आम तौर पर अपने पैसे और टर्म लोन से जुटाया जाता है।

यह भी देखेंपूँजीगत व्यय (कैपेक्स)सावधि ऋण (टर्म लोन)परियोजना लागतबैंकिंग और लोन →

स्मॉल फ़ाइनेंस बैंकSmall finance bankलोन और बैंकिंग

RBI से लाइसेंस प्राप्त बैंक जो मुख्य रूप से छोटे कारोबारों, किसानों और कम आय वालों की सेवा करता है।

स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक दूसरे बैंकों की तरह जमा लेते और लोन देते हैं, पर छोटे उधारकर्ताओं पर ध्यान रखते हैं। किराना मालिक ऐसे बैंक से ₹2 लाख का मुद्रा लोन ले सकता है। इनकी जमा पर भी दूसरे बैंकों जैसा जमा बीमा मिलता है।

यह भी देखेंNBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी)मुद्रा लोन (PMMY)बैंकिंग और लोन →

स्वयं सहायता समूह (SHG)Self-help group (SHG)लोन और बैंकिंग

छोटा समूह, आम तौर पर महिलाओं का, जो साथ बचत करता है और समूह के रूप में बैंक से उधार लेता है।

SHG बचत और चुकौती का रिकॉर्ड बनाते हैं जिस पर बैंक उधार देते हैं, अक्सर ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत। गाँव का SHG मिलकर पापड़ इकाई के लिए बैंक लोन ले सकता है। PMFME जैसी कई योजनाएँ SHG को आवेदक मानती हैं।

यह भी देखेंसूक्ष्म वित्त (MFI)FPO (किसान उत्पादक संगठन)बैंकिंग और लोन →

A

AOA (संगम अनुच्छेद)AOA (articles of association)पंजीकरण और कानून

शेयर, निदेशक, बैठक और फ़ैसलों पर कंपनी की नियम पुस्तिका।

AOA में शेयर हस्तांतरण, निदेशकों की नियुक्ति और मतदान के नियम होते हैं। 50:50 हिस्से वाले दो संस्थापक यहाँ गतिरोध तोड़ने का नियम लिख सकते हैं। इसे बाद में विशेष प्रस्ताव से बदला जा सकता है।

यह भी देखेंMOA (संगम ज्ञापन)प्राइवेट लिमिटेड कंपनीहमारी सेवाएँ →

APEDA (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण)APEDAनिर्यात

सरकारी प्राधिकरण जो कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देता है।

फल, सब्ज़ी, बासमती, प्रसंस्कृत खाद्य आदि के निर्यातक APEDA में पंजीकरण कर RCMC पाते हैं। यह ढाँचे, गुणवत्ता और बाज़ार विकास के लिए पैसा भी देता है। आम उगाने वाला समूह APEDA-पंजीकृत पैकहाउस से खाड़ी देशों को भेज सकता है।

यह भी देखेंRCMC (पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र)निर्यात संवर्धन परिषद (EPC)आयात-निर्यात →/schemes/apeda-financial-assistance-scheme →

B

B2B और B2CB2B and B2Cबिक्री और बाज़ार

B2B यानी दूसरे कारोबारों को बेचना; B2C यानी सीधे उपभोक्ताओं को बेचना।

B2B ऑर्डर बड़े होते हैं पर उधार अवधि के साथ; B2C बिक्री छोटी पर तुरंत भुगतान वाली। होटलों को 500 किलो मसाला देना B2B है; दुकान में 100 ग्राम के पैकेट बेचना B2C। कई इकाइयाँ दोनों करती हैं।

यह भी देखेंवितरक (डिस्ट्रीब्यूटर)ऑनलाइन मार्केटप्लेसबिज़नेस विश्वकोश →

BIS प्रमाणनBIS certificationपंजीकरण और कानून

भारतीय मानक ब्यूरो का प्रमाणन कि उत्पाद भारतीय मानक पर खरा है, जिसे ISI चिह्न दिखाता है।

कई उत्पादों के लिए BIS स्वैच्छिक है, पर जहाँ गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू है वहाँ अनिवार्य। बिजली की इस्त्री बनाने वाले को बेचने से पहले BIS लाइसेंस चाहिए। लाइसेंस से पहले फ़ैक्ट्री की जाँच सुविधा देखी जाती है।

यह भी देखेंQCO (गुणवत्ता नियंत्रण आदेश)ISO 9001उद्योग →

C

CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)CGTMSEलोन और बैंकिंग

सरकार-समर्थित ट्रस्ट जो सूक्ष्म और लघु उद्यमों के बैंक लोन की गारंटी देता है, ताकि कोलैटरल न देना पड़े।

सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट हर उधारकर्ता के ₹10 करोड़ तक के लोन को कवर करता है, आम तौर पर डूबी रकम का 75% से 90%। आवेदन सिर्फ़ बैंक करता है। ₹40 लाख का कवर वाला लोन डूबे, तो CGTMSE बैंक के नुक़सान का बड़ा हिस्सा भरता है।

यह भी देखेंबिना कोलैटरल का लोनगारंटी शुल्कसंपार्श्विक प्रतिभूति (कोलैटरल)Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE) →बैंकिंग और लोन →स्रोत: CGTMSE: extent of guarantee cover

CIF (लागत, बीमा और भाड़ा)CIF (Cost, Insurance and Freight)निर्यात

क़ीमत की शर्त जिसमें विक्रेता माल, समुद्री भाड़ा और ख़रीदार के बंदरगाह तक बीमा का खर्च देता है।

CIF में भाड़ा विक्रेता देता है, फिर भी माल लदते ही जोखिम ख़रीदार पर चला जाता है। ₹50 लाख FOB वाली खेप का भाव ₹53 लाख CIF जेबेल अली हो सकता है। अच्छे भाड़े मिलें तभी CIF बताएँ।

यह भी देखेंFOB (फ़्री ऑन बोर्ड)इनकोटर्म्सआयात-निर्यात →

CMA डेटाCMA dataलोन और बैंकिंग

पिछले और अनुमानित वित्तीय आँकड़ों की तालिकाएँ जो बैंक लोन से पहले माँगते हैं।

CMA डेटा में बिक्री, लाभ, माल, देनदार और लोन के पिछले और अगले कुछ सालों के आँकड़े बैंक के तय प्रारूप में होते हैं। ₹40 लाख कैश क्रेडिट माँगने वाली इकाई इसे पिछले ऑडिट खातों के साथ देती है। बैंक इससे कार्यशील पूँजी का आकार तय करते हैं।

यह भी देखेंDPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)कैश क्रेडिट (CC) / ओवरड्राफ़्ट (OD) सीमाबैंकिंग और लोन →हमारी सेवाएँ →

D

DGFT (विदेश व्यापार महानिदेशालय)DGFTनिर्यात

विदेश व्यापार महानिदेशालय, जो भारत की विदेश व्यापार नीति चलाता है और IEC व निर्यात योजना लाभ देता है।

DGFT वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करता है और कई शहरों में इसके क्षेत्रीय कार्यालय हैं। निर्यातक इसके पोर्टल पर IEC, प्राधिकार और प्रमाणपत्र लेते हैं। इसका निर्यात बंधु कार्यक्रम नए निर्यातकों को मुफ़्त मार्गदर्शन देता है।

यह भी देखेंIEC (आयातक निर्यातक कोड)RoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट)विदेश व्यापार नीति (FTP)आयात-निर्यात →

DIC (ज़िला उद्योग केंद्र)DIC (District Industries Centre)योजनाएँ

राज्य उद्योग विभाग का ज़िला कार्यालय जो नई इकाइयों को योजनाओं, मंज़ूरियों और मार्गदर्शन में मदद करता है।

DIC महाप्रबंधक का कार्यालय PMEGP और राज्य योजनाओं के आवेदन बैंकों को भेजता है और कुछ राज्य प्रोत्साहन मंज़ूर करता है। पहली बार का उद्यमी अपनी परियोजना का विचार लेकर जाकर पूछ सकता है कि कौन-सी योजना सही है। सेवाएँ मुफ़्त हैं।

यह भी देखेंPMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)उद्यम पंजीकरण/districts →राज्य और ज़िले →

DIN (निदेशक पहचान संख्या)DIN (Director Identification Number)पंजीकरण और कानून

MCA द्वारा हर कंपनी निदेशक और LLP नामित साझेदार को दी जाने वाली विशेष संख्या।

DIN व्यक्ति के साथ जीवन भर रहता है, सभी कंपनियों में। पहली बार के निदेशक इसे आम तौर पर कंपनी निगमन फ़ॉर्म के साथ ही पाते हैं। इसे चालू रखने के लिए निदेशक हर साल KYC की पुष्टि करता है।

यह भी देखेंDSC (डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र)प्राइवेट लिमिटेड कंपनीनामित साझेदारहमारी सेवाएँ →

DPIIT स्टार्टअप मान्यताDPIIT startup recognitionपंजीकरण और कानून

स्टार्टअप इंडिया के तहत स्टार्टअप के रूप में सरकारी मान्यता, जिससे कर और सरकारी ख़रीद के लाभ मिलते हैं।

फ़रवरी 2026 में बदले ढाँचे के अनुसार निगमन के 10 साल के भीतर (डीप टेक के लिए 20 साल), किसी भी साल ₹200 करोड़ से ज़्यादा टर्नओवर न होने पर (डीप टेक के लिए ₹300 करोड़), और नवाचार पर काम करने पर इकाई पात्र है। पात्र रूपों में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पंजीकृत साझेदारी, LLP और कुछ सहकारी समितियाँ हैं। ₹3 करोड़ टर्नओवर वाली दो साल पुरानी कृषि-तकनीक LLP ऑनलाइन मुफ़्त आवेदन कर सकती है।

यह भी देखेंप्राइवेट लिमिटेड कंपनीLLP (सीमित देयता साझेदारी)/schemes/startup-india-dpiit-recognition →स्रोत: PIB, 5 Feb 2026: Government revises startup recognition framework

DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)DPR (detailed project report)योजनाएँ

परियोजना की पूरी लिखित योजना जिसमें लागत, वित्त, बिक्री, लाभ और लोन चुकौती होती है, बैंक और योजनाएँ इसे इस्तेमाल करते हैं।

अच्छी DPR में परियोजना लागत, वित्त के स्रोत, क्षमता, बिक्री और क़ीमत की मान्यताएँ, 5 से 7 साल का लाभ-हानि, नकदी प्रवाह, DSCR और ब्रेक-ईवन होते हैं। ₹25 लाख की आटा मिल को बैंक और PMEGP के लिए यह चाहिए। आँकड़े यथार्थ होने चाहिए, क्योंकि बैंक इन्हें जाँचेगा।

यह भी देखेंपरियोजना लागतवित्त के स्रोतऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)लागत-बराबरी बिंदु (ब्रेक-ईवन)हमारी सेवाएँ →बैंकिंग और लोन →

DSC (डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र)DSC (digital signature certificate)पंजीकरण और कानून

इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, अक्सर USB टोकन पर, जिससे ऑनलाइन सरकारी फ़ाइलिंग पर हस्ताक्षर होते हैं।

MCA फ़ॉर्म, कुछ GST और आयकर फ़ाइलिंग और ई-टेंडर के लिए DSC चाहिए। इसे लाइसेंस प्राप्त प्रमाणन प्राधिकरण देते हैं और यह एक से तीन साल चलता है। टोकन संभालकर रखें; यह आपका कानूनी हस्ताक्षर है।

यह भी देखेंDIN (निदेशक पहचान संख्या)ROC (कंपनी रजिस्ट्रार)हमारी सेवाएँ →

E

EBITDA (ब्याज, कर और मूल्यह्रास से पहले कमाई)EBITDAपैसा

ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई: कामकाज से बना नकद लाभ।

EBITDA बताता है कि लोन और कर से पहले कारोबार खुद कितना कमाता है। ₹6 लाख शुद्ध लाभ, ₹2 लाख ब्याज, ₹1 लाख कर और ₹1.5 लाख मूल्यह्रास वाली इकाई का EBITDA ₹10.5 लाख है। ऋणदाता इससे चुकाने की क्षमता आँकते हैं।

यह भी देखेंऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)शुद्ध मार्जिनबैंकिंग और लोन →

ECGC निर्यात ऋण बीमाECGC export credit insuranceनिर्यात

ECGC लिमिटेड का बीमा जो विदेशी ख़रीदार के भुगतान न करने पर निर्यातक की रक्षा करता है।

ECGC ख़रीदार की चूक और युद्ध या मुद्रा रोक जैसे राजनीतिक जोखिम कवर करता है। इसकी लघु निर्यातक पॉलिसी उन निर्यातकों के लिए है जिनका अनुमानित सालाना निर्यात ₹5 करोड़ (₹500 लाख) तक है। यूरोप का ख़रीदार ₹10 लाख की खेप पर चूक जाए, तो बीमित निर्यातक नुक़सान का बड़ा हिस्सा माँग सकता है।

यह भी देखेंसाख पत्र (LC)FOB (फ़्री ऑन बोर्ड)आयात-निर्यात →स्रोत: ECGC: Small Exporters Policy

EDP (उद्यमिता विकास प्रशिक्षण)EDP (entrepreneurship development training)योजनाएँ

कारोबार चलाने पर छोटा प्रशिक्षण कोर्स, जो कुछ योजनाओं में लोन जारी होने से पहले ज़रूरी है।

PMEGP लाभार्थियों को EDP प्रशिक्षण पूरा करना होता है, जो ऑनलाइन या प्रशिक्षण केंद्रों पर मिलता है। इसमें लागत, खाते, मार्केटिंग और बैंक के नियम सिखाए जाते हैं। इसे जल्दी पूरा करने से लोन की पहली किस्त में देरी नहीं होती।

यह भी देखेंPMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)Prime Minister's Employment Generation Programme (PMEGP) →बिज़नेस की बुनियाद →

EMD (बयाना राशि)EMD (earnest money deposit)बिक्री और बाज़ार

टेंडर के साथ गंभीरता दिखाने के लिए दी जाने वाली जमा; हारने पर लौट आती है।

जीतकर पीछे हटने पर EMD ज़ब्त हो सकती है। ₹20 लाख के टेंडर में ₹40,000 EMD माँगी जा सकती है। पंजीकृत सूक्ष्म-लघु इकाइयों और मान्य स्टार्टअप को अक्सर छूट मिलती है।

यह भी देखेंबैंक गारंटीGeM (सरकारी ई-मार्केटप्लेस)टेंडर (निविदा)/schemes/public-procurement-policy-mse →

EMI (समान मासिक किस्त)EMI (equated monthly instalment)लोन और बैंकिंग

तय मासिक भुगतान जिससे ब्याज सहित लोन चुकता है।

हर EMI में ब्याज और मूलधन दोनों होते हैं; शुरू की किस्तों में ज़्यादातर ब्याज होता है। ₹5 लाख का लोन 10% सालाना पर 5 साल के लिए हो, तो EMI लगभग ₹10,600 होगी। किस्त चूकने से क्रेडिट स्कोर गिरता है।

यह भी देखेंसावधि ऋण (टर्म लोन)ऋण सेवा कवरेज अनुपात (DSCR)NPA (अनर्जक आस्ति)बैंकिंग और लोन →कैलकुलेटर →

EPCG (निर्यात संवर्धन पूँजीगत वस्तु योजना)EPCG (Export Promotion Capital Goods)निर्यात

योजना जिससे निर्यातक निर्यात दायित्व के बदले शून्य सीमा शुल्क पर मशीनें आयात कर सकते हैं।

FTP 2023 के तहत निर्यातक को छह साल में बचाए शुल्क के छह गुने मूल्य का निर्यात करना होता है। बुनाई मशीन पर ₹10 लाख शुल्क बचा, तो ₹60 लाख का निर्यात करना होगा। दायित्व पूरा न हो, तो शुल्क ब्याज सहित देना पड़ता है।

यह भी देखेंअग्रिम प्राधिकार (एडवांस ऑथराइज़ेशन)पूँजीगत व्यय (कैपेक्स)/schemes/epcg →स्रोत: DGFT: Foreign Trade Policy 2023, Chapter 5 (EPCG)

EPF (कर्मचारी भविष्य निधि)EPF (Employees’ Provident Fund)टैक्स और अनुपालन

EPFO द्वारा चलाई जाने वाली सेवानिवृत्ति बचत योजना, जिसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों हर महीने योगदान देते हैं।

EPF कानून में तय कर्मचारी संख्या तक पहुँचते ही प्रतिष्ठान के लिए EPF पंजीकरण ज़रूरी हो जाता है। उस आकार तक बढ़ी वर्कशॉप को पंजीकरण कर हर महीने योगदान जमा करना होता है। मौजूदा नियम EPFO की साइट पर देखें।

यह भी देखेंESI (कर्मचारी राज्य बीमा)शुरुआत →

ESI (कर्मचारी राज्य बीमा)ESI (Employees’ State Insurance)टैक्स और अनुपालन

ESIC द्वारा कामगारों के लिए चलाई जाने वाली स्वास्थ्य और सामाजिक बीमा योजना, जिसमें नियोक्ता और कर्मचारी योगदान देते हैं।

ESI से अधिसूचित क्षेत्रों में तय वेतन सीमा से कम वाले कामगारों को इलाज, बीमारी भत्ता और मातृत्व लाभ मिलता है। अधिसूचित क्षेत्र में तय कर्मचारी संख्या तक पहुँची कपड़ा इकाई को पंजीकरण कराना होता है। फिर कामगारों का इलाज ESI अस्पतालों में होता है।

यह भी देखेंEPF (कर्मचारी भविष्य निधि)शुरुआत →

F

FIFO (पहले आया, पहले गया)FIFO (first in, first out)संचालन

सबसे पुराना माल पहले इस्तेमाल करना या बेचना।

FIFO से खाने, दवा और समय सीमा वाली हर चीज़ में बर्बादी घटती है। डेयरी दुकान नया दही पुराने के पीछे रखती है। यह खाते में माल का मूल्य लगाने की एक विधि भी है।

यह भी देखेंमाल-भंडार (इन्वेंटरी)बिज़नेस विश्वकोश →

FOB (फ़्री ऑन बोर्ड)FOB (Free On Board)निर्यात

क़ीमत की शर्त जिसमें जहाज़ पर माल लदने तक का सारा खर्च विक्रेता देता है; उसके बाद भाड़ा और बीमा ख़रीदार देता है।

RoDTEP जैसे निर्यात लाभ FOB मूल्य पर गिने जाते हैं। चावल का भाव ₹50 लाख FOB कांडला बताया, तो उसमें माल, पैकिंग, देश के भीतर ढुलाई और बंदरगाह पर लदाई शामिल है। दुबई तक भाड़ा ख़रीदार देगा।

यह भी देखेंCIF (लागत, बीमा और भाड़ा)इनकोटर्म्सRoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट)आयात-निर्यात →

FPO (किसान उत्पादक संगठन)FPO (farmer producer organisation)योजनाएँ

किसानों के स्वामित्व वाली पंजीकृत कंपनी या सहकारी समिति जो साथ मिलकर सामान ख़रीदती और उपज बेचती है।

FPO छोटे किसानों को मोल-भाव की ताक़त और योजनाओं व ऋण तक पहुँच देते हैं। तीन सौ प्याज़ किसान FPO बनाकर AIF से भंडार बना सकते हैं और थोक में बेच सकते हैं। कई योजनाएँ FPO को पात्र आवेदक मानती हैं।

यह भी देखेंनाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक)कृषि अवसंरचना कोष (AIF)स्वयं सहायता समूह (SHG)योजनाएँ और सब्सिडी →बैंकिंग और लोन →

FSSAI पंजीकरणFSSAI registrationपंजीकरण और कानून

₹1.5 करोड़ तक सालाना टर्नओवर वाले खाद्य कारोबारों का बुनियादी खाद्य-सुरक्षा पंजीकरण।

1 अप्रैल 2026 से FSSAI ने पंजीकरण की सीमा ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर कर दी (पहले ₹12 लाख थी)। साल में ₹30 लाख बेचने वाली घरेलू बेकरी या टिफ़िन सेवा को सिर्फ़ पंजीकरण चाहिए, जो FoSCoS पर ऑनलाइन होता है। कुछ तरह के खाद्य कारोबारों को टर्नओवर चाहे जो हो, लाइसेंस चाहिए, इसलिए पात्रता सूची देखें।

यह भी देखेंFSSAI राज्य और केंद्रीय लाइसेंसHACCP (ख़तरा विश्लेषण और महत्वपूर्ण नियंत्रण बिंदु)हमारी सेवाएँ →स्रोत: FSSAI order of 13 Mar 2026: revised turnover thresholds for registration and licences from 1 Apr 2026

FSSAI राज्य और केंद्रीय लाइसेंसFSSAI state and central licenceपंजीकरण और कानून

₹1.5 करोड़ से ज़्यादा टर्नओवर पर ज़रूरी खाद्य-सुरक्षा लाइसेंस: ₹50 करोड़ तक राज्य लाइसेंस, उससे ऊपर केंद्रीय।

1 अप्रैल 2026 से लागू FSSAI आदेश के अनुसार ₹1.5 करोड़ से ऊपर ₹50 करोड़ तक टर्नओवर पर राज्य लाइसेंस और ₹50 करोड़ से ऊपर केंद्रीय लाइसेंस चाहिए। आयातक और कुछ दूसरे कारोबारों को आकार चाहे जो हो, केंद्रीय लाइसेंस चाहिए। साल में ₹3 करोड़ बेचने वाले नमकीन निर्माता को राज्य लाइसेंस चाहिए।

यह भी देखेंFSSAI पंजीकरणहमारी सेवाएँ →स्रोत: FSSAI order of 13 Mar 2026: revised turnover thresholds for registration and licences from 1 Apr 2026

G

GeM (सरकारी ई-मार्केटप्लेस)GeM (Government e-Marketplace)बिक्री और बाज़ार

सरकार का ऑनलाइन बाज़ार जहाँ मंत्रालय, विभाग और सार्वजनिक उपक्रम सामान और सेवाएँ ख़रीदते हैं।

विक्रेता PAN से पंजीकरण कर उत्पाद सूचीबद्ध करता है और ऑर्डर पाता या बोली में भाग लेता है। छोटा फ़र्नीचर निर्माता GeM से ज़िला अस्पताल को दफ़्तर की कुर्सियाँ बेच सकता है। उद्यम-पंजीकृत सूक्ष्म-लघु इकाइयों और DPIIT स्टार्टअप को कई बोलियों में छूट मिलती है।

यह भी देखेंसूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकारी ख़रीद नीतिEMD (बयाना राशि)L1 (सबसे कम बोली वाला)/schemes/gem-seller-onboarding →स्रोत: GeM: Seller FAQs

GST (वस्तु एवं सेवा कर)GST (Goods and Services Tax)टैक्स और अनुपालन

भारत में ज़्यादातर वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री पर लगने वाला एक अप्रत्यक्ष कर।

GST बिक्री के हर चरण पर वसूला जाता है, और हर कारोबार ख़रीद पर दिया GST घटा लेता है। फ़र्नीचर निर्माता बिक्री पर ₹18,000 GST ले और लकड़ी-हार्डवेयर पर ₹10,000 GST दे चुका हो, तो उसे सिर्फ़ ₹8,000 जमा करना है। दर वस्तु के HSN या SAC कोड से तय होती है।

यह भी देखेंGSTIN (GST पहचान संख्या)इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)GST पंजीकरण सीमाहमारी सेवाएँ →

GST कंपोज़िशन योजनाGST composition schemeटैक्स और अनुपालन

छोटे कारोबारों के लिए आसान GST विकल्प जिसमें टर्नओवर पर कम सीधी दर और कम रिटर्न होते हैं।

पिछले साल ₹1.5 करोड़ तक टर्नओवर वाले वस्तु सप्लायर इसे चुन सकते हैं; ₹50 लाख तक के सेवा देने वालों के लिए 6% का अलग विकल्प है (1 अप्रैल 2019 से)। इसमें आप ख़रीदार से GST नहीं ले सकते, ITC नहीं ले सकते और दूसरे राज्य में नहीं बेच सकते। ₹60 लाख बिक्री वाली छोटी किराना दुकान के लिए यह आसान हो सकता है।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)बिल ऑफ़ सप्लाईहमारी सेवाएँ →स्रोत: PIB / GST Council, 10 Jan 2019: decisions of the 32nd GST Council meeting (thresholds and composition, from 1 Apr 2019)

GST पंजीकरण सीमाGST registration thresholdटैक्स और अनुपालन

वह सालाना टर्नओवर जिसके ऊपर कारोबार को GST में पंजीकरण कराना ज़रूरी है।

1 अप्रैल 2019 से GST परिषद ने वस्तु सप्लायरों के लिए दो सीमाएँ रखीं, ₹40 लाख या ₹20 लाख, जिनमें से हर राज्य एक चुनता है; सेवा देने वालों के लिए सीमा ₹20 लाख है (विशेष श्रेणी राज्यों में ₹10 लाख)। दूसरे राज्य में सामान बेचने वाले और कुछ अन्य को टर्नओवर कुछ भी हो, पंजीकरण कराना होता है; 1 अक्टूबर 2023 से अपने ही राज्य में ऑनलाइन बेचने वाला छोटा विक्रेता इसकी जगह PAN पर GST नामांकन संख्या ले सकता है। ₹15 लाख की बिक्री वाले लखनऊ के दर्ज़ी को पंजीकरण की ज़रूरत नहीं, जब तक इनमें से कोई नियम लागू न हो।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)GST कंपोज़िशन योजनाहमारी सेवाएँ →स्रोत: PIB / GST Council, 10 Jan 2019: decisions of the 32nd GST Council meeting (thresholds and composition, from 1 Apr 2019)

GSTIN (GST पहचान संख्या)GSTINटैक्स और अनुपालन

हर पंजीकृत कारोबार को हर राज्य में मिलने वाली 15 अक्षरों की GST पंजीकरण संख्या।

GSTIN दो अंकों के राज्य कोड से शुरू होता है, फिर कारोबार का PAN आता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में इकाई वाली फ़र्म के दो GSTIN होंगे। आपके हर टैक्स इनवॉइस पर यह लिखा होना चाहिए।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)PAN (स्थायी खाता संख्या)हमारी सेवाएँ →

GSTR-1GSTR-1टैक्स और अनुपालन

GST रिटर्न जिसमें पंजीकृत कारोबार अपनी बिक्री के बिलों की जानकारी देता है।

GSTR-1 में भरी जानकारी आपके ख़रीदारों के विवरण में दिखती है और उन्हें ITC मिलता है। महीने में दुकानों को ₹6 लाख बेचने वाला थोक व्यापारी ये बिल यहाँ डालता है। देर से या न भरने पर ख़रीदार नाराज़ होते हैं।

यह भी देखेंGSTR-3Bइनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)हमारी सेवाएँ →

GSTR-3BGSTR-3Bटैक्स और अनुपालन

सारांश GST रिटर्न जिसमें देय कर बताते हैं, ITC लेते हैं और बाकी कर चुकाते हैं।

GSTR-3B से कर असल में जमा होता है। बिक्री पर ₹40,000 कर बने और ITC ₹31,000 हो, तो इस रिटर्न के साथ ₹9,000 चुकाते हैं। देर से भरने पर विलंब शुल्क और ब्याज लगता है।

यह भी देखेंGSTR-1इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)हमारी सेवाएँ →

H

HACCP (ख़तरा विश्लेषण और महत्वपूर्ण नियंत्रण बिंदु)HACCPसंचालन

खाद्य-सुरक्षा प्रणाली जो प्रक्रिया में उन बिंदुओं को पहचानती है जहाँ ख़तरों को रोका जा सकता है।

HACCP पकाने के तापमान या धातु पहचान जैसे चरणों को देखता है। सुपरमार्केट या विदेश को बेचने वाली जूस इकाई से अक्सर HACCP प्रमाणन माँगा जाता है। यह बुनियादी साफ़-सफ़ाई के तरीकों पर टिका है।

यह भी देखेंFSSAI राज्य और केंद्रीय लाइसेंसगुणवत्ता नियंत्रण (QC)हमारी सेवाएँ →

HSN कोडHSN codeटैक्स और अनुपालन

वस्तु के प्रकार की पहचान करने वाला अंतरराष्ट्रीय नंबर, जिससे GST दर और सीमा शुल्क तय होते हैं।

HSN का अर्थ है हार्मोनाइज़्ड सिस्टम ऑफ़ नोमेनक्लेचर। हर उत्पाद का कोड होता है, जैसे चाय का एक अध्याय और प्लास्टिक सामान का दूसरा, और यही कोड GST दर और निर्यात लाभ तय करता है। ग़लत कोड से ग़लत कर लग सकता है।

यह भी देखेंSAC कोडGST (वस्तु एवं सेवा कर)हमारी सेवाएँ →आयात-निर्यात →

I

IEC (आयातक निर्यातक कोड)IEC (Importer Exporter Code)निर्यात

DGFT का 10 अंकों का कोड जो हर आयात-निर्यात करने वाले कारोबार को चाहिए, PAN से जुड़ा।

DGFT पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने पर IEC जल्दी मिल जाता है; कुछ न बदले तब भी इसे हर साल अपडेट करना होता है। ब्रिटेन को ₹2 लाख का सामान भेजने वाले कारीगर को सीमा शुल्क मंज़ूरी से पहले यह चाहिए। कूरियर या डाक से छोटे निर्यात के नियम सरल हैं।

यह भी देखेंRCMC (पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र)DGFT (विदेश व्यापार महानिदेशालय)LUT (वचन पत्र)हमारी सेवाएँ →आयात-निर्यात →स्रोत: DGFT: Handbook of Procedures 2023, Chapter 2 (IEC, RCMC)

IGST, CGST और SGSTIGST, CGST and SGSTटैक्स और अनुपालन

GST के तीन हिस्से: राज्य के भीतर बिक्री पर केंद्रीय और राज्य GST, राज्यों के बीच बिक्री पर एकीकृत GST।

राजस्थान के भीतर 18% पर ₹10,000 की बिक्री के बिल में ₹900 CGST और ₹900 SGST दिखेगा। यही बिक्री गुजरात को हो तो ₹1,800 IGST दिखेगा। राज्य प्रोत्साहन नीतियाँ अक्सर आपके दिए SGST का कुछ हिस्सा लौटाती हैं।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)SGST प्रतिपूर्तिहमारी सेवाएँ →

ISO 9001ISO 9001संचालन

गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का अंतरराष्ट्रीय मानक, जिसका प्रमाणन निजी प्रमाणन संस्थाएँ करती हैं।

ISO 9001 दिखाता है कि इकाई लिखित प्रक्रियाओं पर चलती है और समस्याएँ व्यवस्थित ढंग से सुलझाती है। बड़े ख़रीदार और कुछ टेंडर इसे माँगते हैं। मान्यता प्राप्त प्रमाणन संस्था चुनें और हर साल ऑडिट की उम्मीद रखें।

यह भी देखेंगुणवत्ता नियंत्रण (QC)ZED प्रमाणन (शून्य दोष, शून्य प्रभाव)बिज़नेस विश्वकोश →

K

KVIC और KVIB (खादी और ग्रामोद्योग आयोग/बोर्ड)KVIC and KVIBयोजनाएँ

खादी और ग्रामोद्योग आयोग तथा राज्य बोर्ड जो DIC के साथ PMEGP चलाते हैं।

KVIC PMEGP की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है; राज्य KVIB अपने क्षेत्र के आवेदन संभालते हैं। ग्रामीण आवेदक PMEGP पोर्टल पर KVIC, KVIB या DIC को एजेंसी चुन सकता है। KVIC खादी और ग्रामोद्योग की भी मदद करता है।

यह भी देखेंPMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)DIC (ज़िला उद्योग केंद्र)Prime Minister's Employment Generation Programme (PMEGP) →मंत्रालय →

L

L1 (सबसे कम बोली वाला)L1 (lowest bidder)बिक्री और बाज़ार

तकनीकी रूप से योग्य बोलियों में सबसे कम क़ीमत बताने वाला।

सरकारी टेंडर आम तौर पर L1 को मिलते हैं। सूक्ष्म-लघु उद्यम ख़रीद नीति में L1 से तय अंतर के भीतर वाली इकाई L1 क़ीमत पर आए, तो उसे ऑर्डर का हिस्सा मिल सकता है। उतनी ही क़ीमत पर बोली लगाएँ जिसमें लाभ बचे।

यह भी देखेंटेंडर (निविदा)सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकारी ख़रीद नीति/schemes/public-procurement-policy-mse →

LLP (सीमित देयता साझेदारी)LLP (limited liability partnership)पंजीकरण और कानून

MCA में पंजीकृत साझेदारी जिसमें हर साझेदार की देयता तय योगदान तक सीमित रहती है।

LLP में कम से कम दो साझेदार और कम से कम दो नामित साझेदार चाहिए जो व्यक्ति हों, उनमें से एक भारत का निवासी (LLP अधिनियम, 2008, धारा 6 और 7)। LLP पर ₹20 लाख बकाया हो, तो धोखाधड़ी को छोड़कर साझेदारों की निजी संपत्ति योगदान से आगे नहीं जाती। यह हर साल रजिस्ट्रार के पास रिटर्न भरती है।

यह भी देखेंसाझेदारी फ़र्मनामित साझेदारROC (कंपनी रजिस्ट्रार)हमारी सेवाएँ →स्रोत: LLP Act, 2008 (India Code), sections 6 and 7

LUT (वचन पत्र)LUT (letter of undertaking)निर्यात

GST पोर्टल पर हर साल भरा जाने वाला वचन पत्र, जिससे निर्यातक बिना IGST चुकाए निर्यात कर सके।

LUT न हो तो निर्यात पर IGST देकर बाद में वापसी लेनी पड़ती है, जिससे पैसा फँसता है। हर महीने ₹10 लाख का हस्तशिल्प भेजने वाला निर्यातक साल की शुरुआत में LUT भरकर यह पैसा बचाता है। यह मुफ़्त है और ऑनलाइन भरा जाता है।

यह भी देखेंGST (वस्तु एवं सेवा कर)IEC (आयातक निर्यातक कोड)आयात-निर्यात →हमारी सेवाएँ →

M

MOA (संगम ज्ञापन)MOA (memorandum of association)पंजीकरण और कानून

कंपनी का मूल दस्तावेज़ जो उसका नाम, पंजीकृत राज्य, उद्देश्य और पूँजी बताता है।

MOA तय करता है कि कंपनी क्या-क्या कर सकती है। बेकरी उत्पाद बनाने के लिए बनी कंपनी को अपने उद्देश्यों में यह और उससे जुड़ा व्यापार लिखना चाहिए। यह निगमन फ़ॉर्म के साथ जमा होता है।

यह भी देखेंAOA (संगम अनुच्छेद)प्राइवेट लिमिटेड कंपनीहमारी सेवाएँ →

MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य)MRP (maximum retail price)बिक्री और बाज़ार

वह सबसे ऊँची क़ीमत, सभी करों सहित, जिस पर पैकबंद उत्पाद उपभोक्ता को बेचा जा सकता है।

पहले से पैक सामान पर MRP छापना ज़रूरी है। इसे खुदरा और वितरक मार्जिन की गुंजाइश रखकर तय करें: लागत ₹60 हो, तो ₹100 MRP में दुकान को ₹15 और वितरक को ₹8 मिल सकते हैं। MRP से ऊपर बेचना अपराध है।

यह भी देखेंविधिक माप विज्ञान (पैकबंद सामान)वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर)बिज़नेस विश्वकोश →

MSEFC (सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषद)MSEFC (Facilitation Council)बिक्री और बाज़ार

राज्य परिषद जो ख़रीदारों और सूक्ष्म या लघु सप्लायरों के बीच देर-भुगतान विवाद सुलझाती है।

MSMED अधिनियम के तहत हर राज्य में कम से कम एक MSEFC है। यह ख़रीदार को बकाया और अधिनियम में तय ब्याज चुकाने का आदेश दे सकती है। अदालत में इसके फ़ैसले को चुनौती देने वाले ख़रीदार को पहले रकम का 75% जमा करना होता है।

यह भी देखेंMSME समाधान45 दिन का भुगतान नियम/schemes/msme-samadhaan-delayed-payments →स्रोत: MSMED Act, 2006 (India Code), sections 15 and 16

MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)MSME (micro, small and medium enterprise)पंजीकरण और कानून

संयंत्र-मशीनरी में निवेश और टर्नओवर के आधार पर सूक्ष्म, लघु या मध्यम श्रेणी का कारोबार।

1 अप्रैल 2025 से (अधिसूचना S.O. 1364(E), 21 मार्च 2025): सूक्ष्म = निवेश ₹2.5 करोड़ तक और टर्नओवर ₹10 करोड़ तक; लघु = ₹25 करोड़ और ₹100 करोड़ तक; मध्यम = ₹125 करोड़ और ₹500 करोड़ तक। दोनों सीमाएँ पूरी होनी चाहिए। ₹1 करोड़ की मशीनें और ₹8 करोड़ टर्नओवर वाली इकाई सूक्ष्म है।

यह भी देखेंसूक्ष्म उद्यमउद्यम पंजीकरणकारोबार (टर्नओवर)हमारी सेवाएँ →योजनाएँ और सब्सिडी →स्रोत: Ministry of MSME circular, 24 Oct 2025: revised MSME limits under S.O. 1364(E) of 21 Mar 2025 in force from 1 Apr 2025

MSME समाधानMSME Samadhaanबिक्री और बाज़ार

MSME मंत्रालय का पोर्टल जहाँ सूक्ष्म और लघु सप्लायर देर से भुगतान की शिकायत दर्ज करते हैं।

समाधान पर दर्ज मामला राज्य की सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषद को जाता है, जो पहले सुलह और फिर मध्यस्थता करती है। 5 महीने से ₹6 लाख बकाया वाली इकाई बिलों और उद्यम प्रमाणपत्र के साथ ऑनलाइन मामला दर्ज कर सकती है। दर्ज करने का कोई शुल्क नहीं।

यह भी देखें45 दिन का भुगतान नियमMSEFC (सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषद)/schemes/msme-samadhaan-delayed-payments →स्रोत: MSME Samadhaan portal, Ministry of MSME

N

NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी)NBFC (non-banking financial company)लोन और बैंकिंग

RBI में पंजीकृत कंपनी जो लोन देती है पर बैंक नहीं है।

NBFC अक्सर बैंक से जल्दी और कम काग़ज़ों में लोन देती हैं, आम तौर पर ज़्यादा ब्याज पर। ट्रांसपोर्टर ₹12 लाख के NBFC लोन से पुराना ट्रक ख़रीद सकता है। कोई शुल्क देने से पहले देखें कि ऋणदाता RBI की सूची में है।

यह भी देखेंसूक्ष्म वित्त (MFI)मुद्रा लोन (PMMY)बैंकिंग और लोन →

NHB सब्सिडी (राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड)NHB subsidyयोजनाएँ

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की व्यावसायिक बागवानी और कोल्ड चेन के लिए ऋण-आधारित, बैक-एंडेड सब्सिडी।

NHB खुले खेत और संरक्षित खेती, मशरूम इकाई, फ़सल के बाद के काम और कोल्ड स्टोरेज परियोजनाओं की टर्म लोन के ज़रिए मदद करता है। अगस्त 2026 में दरें और सीमाएँ बदलीं, इसलिए मौजूदा योजना पेज पढ़ें। पॉलीहाउस लगाने वाला किसान लोन देने वाले बैंक के ज़रिए आवेदन करता है।

यह भी देखेंबैक-एंडेड सब्सिडीऋण-आधारित सब्सिडीNHB Capital Investment Subsidy – Commercial Horticulture & Cold Storage (Scheme 1 and Cold Storage Scheme) →स्रोत: NHB Operational Guidelines, January 2025

NPA (अनर्जक आस्ति)NPA (non-performing asset)लोन और बैंकिंग

वह लोन जिस पर ब्याज या किस्त 90 दिन से ज़्यादा समय से नहीं चुकी।

RBI के नियमों के अनुसार टर्म लोन तब NPA बनता है जब ब्याज या किस्त 90 दिन से ज़्यादा बकाया रहे; कैश क्रेडिट खाता तब, जब वह 90 दिन तक नियम से बाहर रहे। ₹6 लाख का लोन NPA बनते ही आपके क्रेडिट रिकॉर्ड में दिखता है और नया लोन बहुत मुश्किल हो जाता है।

यह भी देखेंSMA (विशेष उल्लेख खाता)EMI (समान मासिक किस्त)क्रेडिट स्कोर (सिबिल स्कोर)बैंकिंग और लोन →स्रोत: RBI Master Circular: Prudential norms on Income Recognition, Asset Classification and Provisioning (1 Apr 2022)

O

ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)ODOP (One District One Product)योजनाएँ

सरकारी कार्यक्रम जो हर ज़िले का एक ख़ास उत्पाद चुनकर उसे ब्रांडिंग, वित्त और बाज़ार से जोड़ता है।

DPIIT का ODOP 773 ज़िलों के 1,244 उत्पादों को कवर करता है, और कुछ राज्य अतिरिक्त सब्सिडी के साथ अपनी ODOP योजना चलाते हैं। आपके ज़िले का उत्पाद मूँग दाल या पीतल के बर्तन हों, तो उसे बनाने वाली इकाइयों को PMFME जैसी योजनाओं में प्राथमिकता मिल सकती है। ODOP सूची में अपने ज़िले का उत्पाद देखें।

यह भी देखेंPMFME (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना)DIC (ज़िला उद्योग केंद्र)/schemes/odop-dpiit →/districts →स्रोत: PIB, Jul 2026: DPIIT's ODOP initiative covers 1,244 products across 773 districts

ONDC (डिजिटल कॉमर्स के लिए खुला नेटवर्क)ONDC (Open Network for Digital Commerce)बिक्री और बाज़ार

सरकार-समर्थित खुला नेटवर्क जिससे छोटे विक्रेता एक साथ कई शॉपिंग ऐप पर ख़रीदारों को मिलते हैं।

विक्रेता एक सेलर ऐप से जुड़ता है और उसके उत्पाद कई ख़रीदार ऐप पर दिख सकते हैं। स्थानीय मिठाई दुकान हर ऐप पर अलग सूची बनाए बिना कई ऐप से ऑर्डर ले सकती है। कमीशन और शर्तें आपके चुने सेलर ऐप तय करते हैं।

यह भी देखेंऑनलाइन मार्केटप्लेसB2B और B2Cबिज़नेस विश्वकोश →

P

PAN (स्थायी खाता संख्या)PAN (Permanent Account Number)टैक्स और अनुपालन

किसी व्यक्ति, फ़र्म या कंपनी की 10 अक्षरों वाली आयकर संख्या।

बैंक खाता खोलने, GST पंजीकरण, लोन लेने और कर रिटर्न भरने के लिए PAN चाहिए। प्रोपराइटर अपना निजी PAN इस्तेमाल करता है; साझेदारी फ़र्म, LLP या कंपनी का अपना PAN होता है। GSTIN PAN से ही बनता है।

यह भी देखेंTAN (कर कटौती खाता संख्या)GSTIN (GST पहचान संख्या)आयकर रिटर्न (ITR)शुरुआत →

PMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)PMEGPयोजनाएँ

प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम: नई सूक्ष्म इकाइयों के बैंक लोन पर 15% से 35% सब्सिडी।

विनिर्माण में ₹50 लाख और सेवा में ₹20 लाख तक की परियोजनाएँ पात्र हैं। सामान्य वर्ग को 15% (शहरी) या 25% (ग्रामीण), विशेष वर्ग को 25% या 35% मिलता है; अपना अंशदान 10% (सामान्य) या 5% (विशेष)। ₹10 लाख की दाल मिल लगाने वाली ग्रामीण महिला को ₹3.5 लाख सब्सिडी मिल सकती है।

यह भी देखेंमार्जिन मनी (अपना अंशदान)बैक-एंडेड सब्सिडीKVIC और KVIB (खादी और ग्रामोद्योग आयोग/बोर्ड)EDP (उद्यमिता विकास प्रशिक्षण)Prime Minister's Employment Generation Programme (PMEGP) →स्रोत: PIB, 30 May 2022: PMEGP continued 2021-22 to 2025-26 (project caps, subsidy rates)

PMFME (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना)PMFMEयोजनाएँ

सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की योजना: 35% ऋण-आधारित पूँजीगत सब्सिडी, प्रति इकाई ₹10 लाख तक।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के दिशानिर्देशों में मालिक कम से कम 10% लाता है और बाकी बैंक लोन होता है। ₹20 लाख पात्र लागत वाली पापड़ इकाई को ₹7 लाख मिल सकते हैं। योजना की मौजूदा अवधि ख़त्म हो चुकी हो सकती है, इसलिए आवेदन से पहले स्थिति देखें।

यह भी देखेंऋण-आधारित सब्सिडीODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)FSSAI पंजीकरणPM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises (PM FME) →स्रोत: MoFPI: PM FME Scheme Guidelines

Q

QCO (गुणवत्ता नियंत्रण आदेश)QCO (Quality Control Order)पंजीकरण और कानून

सरकारी आदेश जो किसी उत्पाद के लिए BIS मानक को अनिवार्य बनाता है, देसी निर्माता और आयातक दोनों के लिए।

QCO लागू होते ही उत्पाद BIS चिह्न के बिना न बन सकता है, न बिक सकता है, न आयात हो सकता है। खिलौने, हेलमेट और कई इस्पात व रसायन वस्तुएँ इसमें हैं। किसी उत्पाद में निवेश से पहले सूची देख लें।

यह भी देखेंBIS प्रमाणनउद्योग →

R

RCMC (पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र)RCMC (Registration-cum-Membership Certificate)निर्यात

निर्यात संवर्धन परिषद या कमोडिटी बोर्ड का प्रमाणपत्र, जो कई निर्यात लाभ लेने के लिए ज़रूरी है।

RCMC अपने मुख्य उत्पाद की परिषद से मिलता है, जैसे प्रसंस्कृत खाद्य के लिए APEDA या हस्तशिल्प के लिए EPCH। मसाला निर्यातक स्पाइसेज़ बोर्ड में आवेदन करता है। इससे व्यापार मेलों और ख़रीदारों तक पहुँच भी मिलती है।

यह भी देखेंनिर्यात संवर्धन परिषद (EPC)IEC (आयातक निर्यातक कोड)आयात-निर्यात →स्रोत: DGFT: Handbook of Procedures 2023, Chapter 2 (IEC, RCMC)

ROC (कंपनी रजिस्ट्रार)ROC (Registrar of Companies)पंजीकरण और कानून

MCA का कार्यालय जो कंपनियों और LLP का पंजीकरण करता है और उनकी सालाना फ़ाइलिंग लेता है।

हर राज्य में ROC है। कंपनियाँ हर साल खाते और रिटर्न इसमें जमा करती हैं; देर होने पर हर दिन का शुल्क लगता है। फ़ाइलिंग बंद करने वाली कंपनी का नाम हटाया जा सकता है।

यह भी देखेंप्राइवेट लिमिटेड कंपनीLLP (सीमित देयता साझेदारी)हमारी सेवाएँ →

RoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट)RoDTEPनिर्यात

योजना जो निर्यात माल में छिपे केंद्रीय, राज्य और स्थानीय करों को FOB मूल्य के प्रतिशत के रूप में लौटाती है।

निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट हर 8 अंकों वाले HS कोड के लिए अधिसूचित दर पर, बुनियादी सीमा शुल्क में काम आने वाली हस्तांतरणीय ई-स्क्रिप के रूप में मिलती है। ₹20 लाख FOB पर 1% दर से निर्यातक को ₹20,000 की स्क्रिप मिलेगी। निर्यात का पैसा समय पर न आए, तो लाभ वापस लिया जाता है।

यह भी देखेंशुल्क वापसी (ड्रॉबैक)FOB (फ़्री ऑन बोर्ड)HSN कोड/schemes/rodtep →आयात-निर्यात →स्रोत: DGFT: Foreign Trade Policy 2023, Chapter 4 (duty exemption and remission, RoDTEP)

S

SAC कोडSAC codeटैक्स और अनुपालन

GST में किसी सेवा के प्रकार की पहचान करने वाला कोड।

SAC (सेवा लेखा कोड) सेवाओं के लिए वही करता है जो वस्तुओं के लिए HSN। मरम्मत की दुकान, सलाहकार और ट्रांसपोर्टर अपने बिलों पर अलग-अलग SAC लिखते हैं। इसी से GST दर तय होती है।

यह भी देखेंHSN कोडहमारी सेवाएँ →

SFURTI (पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जनन की योजना)SFURTIयोजनाएँ

MSME मंत्रालय की योजना जो पारंपरिक कारीगरों के क्लस्टरों को साझा सुविधा और मार्केटिंग के लिए पैसा देती है।

SFURTI (पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जनन के लिए निधि योजना) कारीगरों के क्लस्टर के लिए एक कार्यान्वयन एजेंसी के ज़रिए चलती है। गाँव के बुनकरों को साझा रंगाई इकाई और डिज़ाइन सहायता मिल सकती है। अकेला व्यक्ति आवेदन नहीं करता।

यह भी देखेंक्लस्टर (MSE-CDP)KVIC और KVIB (खादी और ग्रामोद्योग आयोग/बोर्ड)/schemes/sfurti →

SGST प्रतिपूर्तिSGST reimbursementयोजनाएँ

राज्य का प्रोत्साहन जो नई इकाई के चुकाए राज्य GST का कुछ हिस्सा तय सालों तक लौटाता है।

कई राज्य औद्योगिक नीतियाँ नकद चुकाए शुद्ध SGST का कुछ हिस्सा लौटाती हैं, अक्सर निवेश के एक हिस्से तक सीमित। साल में ₹5 लाख SGST देने वाली इकाई को 75% वापसी के नियम में ₹3.75 लाख वापस मिल सकते हैं। दर, सीमा और साल हर राज्य ख़ुद तय करता है।

यह भी देखेंIGST, CGST और SGSTसब्सिडीराज्य और ज़िले →योजनाएँ और सब्सिडी →

SIDBI (भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक)SIDBIलोन और बैंकिंग

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, MSME के लिए मुख्य राष्ट्रीय ऋणदाता और पुनर्वित्त संस्था।

SIDBI ज़्यादातर बैंकों, NBFC और MFI को पुनर्वित्त देता है, और कुछ MSME को सीधे भी लोन देता है। इसी ने CGTMSE और मुद्रा बनाए और उद्यमीमित्र पोर्टल चलाता है। कोई इकाई SIDBI के सीधे लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती है।

यह भी देखेंमुद्रा लोन (PMMY)CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट)उद्यमीमित्र और जनसमर्थ पोर्टलबैंकिंग और लोन →

SMA (विशेष उल्लेख खाता)SMA (special mention account)लोन और बैंकिंग

बैंक द्वारा उस लोन पर लगाया गया चेतावनी चिह्न जिसका भुगतान बकाया है पर अभी NPA नहीं बना।

बैंक बकाया लोन को देरी के दिनों के हिसाब से SMA-0, SMA-1 और SMA-2 में रखते हैं, 90 दिन की NPA सीमा से पहले। EMI 45 दिन देर हो, तो खाता SMA-1 माना जाता है। बकाया जल्दी चुकाने से रिकॉर्ड साफ़ रहता है।

यह भी देखेंNPA (अनर्जक आस्ति)बैंकिंग और लोन →स्रोत: RBI Master Circular: Prudential norms on Income Recognition, Asset Classification and Provisioning (1 Apr 2022)

T

TAN (कर कटौती खाता संख्या)TAN (Tax Deduction Account Number)टैक्स और अनुपालन

स्रोत पर कर काटने या वसूलने से पहले कारोबार को चाहिए 10 अक्षरों की संख्या।

जिन भुगतानों पर TDS लागू होता है, जैसे किराया, ठेकेदार या वेतन, उनमें सीमा से ऊपर भुगतान करने पर TAN लेना और TDS रिटर्न में लिखना ज़रूरी है। ₹40,000 महीना दफ़्तर किराया देने वाली फ़र्म को इसकी ज़रूरत पड़ सकती है। PAN और TAN अलग संख्याएँ हैं।

यह भी देखेंTDS (स्रोत पर कर कटौती)PAN (स्थायी खाता संख्या)शुरुआत →

TCS (स्रोत पर कर संग्रह)TCS (tax collected at source)टैक्स और अनुपालन

कुछ बिक्री पर विक्रेता द्वारा ख़रीदार से वसूला और सरकार में जमा किया गया कर।

TCS अधिसूचित वस्तुओं पर और GST में ई-कॉमर्स संचालकों पर लागू है, जो अपने ज़रिए हुई बिक्री पर थोड़ा हिस्सा वसूलते हैं। ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर ₹2 लाख का माल बेचा, तो संचालक TCS काटेगा और आप उसे अपने रिटर्न में ले सकते हैं।

यह भी देखेंTDS (स्रोत पर कर कटौती)बैंकिंग और लोन →

TDS (स्रोत पर कर कटौती)TDS (tax deducted at source)टैक्स और अनुपालन

आयकर जो भुगतान करने वाला कुछ भुगतानों में से काटकर पाने वाले की ओर से सरकार में जमा करता है।

TDS वेतन, किराया, ठेका और पेशेवर फ़ीस जैसे भुगतानों पर तय सीमा से ऊपर, आयकर कानून की दरों पर लगता है। कोई कंपनी आपको काम के ₹1 लाख दे और TDS काटे, तो अभी कम पैसा मिलेगा, पर वह कर आपके फ़ॉर्म 26AS में दिखेगा और आपके कर में गिना जाएगा। हर भुगतान की मौजूदा दर और सीमा देख लें।

यह भी देखेंTAN (कर कटौती खाता संख्या)TCS (स्रोत पर कर संग्रह)आयकर रिटर्न (ITR)बैंकिंग और लोन →

TReDS (व्यापार प्राप्य राशि भुनाई प्रणाली)TReDSलोन और बैंकिंग

RBI-नियंत्रित ऑनलाइन मंच जहाँ MSME बड़े ख़रीदारों के बिल फ़ाइनेंसरों को बेचकर जल्दी भुगतान पाते हैं।

व्यापार प्राप्य राशि भुनाई प्रणाली में कई फ़ाइनेंसर आपके स्वीकृत बिल पर बोली लगाते हैं, और ख़रीदार न चुकाए तो बोझ आप पर नहीं आता। केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को MSME के बिल TReDS से निपटाने होते हैं। किसी PSU से ₹8 लाख पाने वाला सप्लायर महीनों की जगह कुछ दिनों में पैसा पा सकता है।

यह भी देखेंबिल भुनाई (इनवॉइस डिस्काउंटिंग)45 दिन का भुगतान नियमप्राप्य राशि (देनदार)/schemes/treds →बैंकिंग और लोन →स्रोत: PIB, 10 Jul 2026: TReDS mandated for settlement of MSME invoices by CPSEs

Z

ZED प्रमाणन (शून्य दोष, शून्य प्रभाव)ZED certificationयोजनाएँ

गुणवत्ता और पर्यावरण तरीकों के लिए MSME मंत्रालय का प्रमाणन: शून्य दोष, शून्य प्रभाव।

ZED के कांस्य, रजत और स्वर्ण स्तर हैं, और मंत्रालय MSME के लिए लागत पर सहायता देता है। छोटा ऑटो पार्ट्स निर्माता कांस्य से शुरू करके ख़रीदारों को बुनियादी गुणवत्ता तंत्र दिखा सकता है। कुछ लोन और गारंटी लाभ ZED प्रमाणित इकाइयों के लिए बेहतर हैं।

यह भी देखेंISO 9001MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)/schemes/msme-champions-zed →