
खंड 43
ख़बरें और अपडेट
नियम हर महीने बदलते हैं। यहाँ है कि छोटे बिज़नेस के लिए क्या बदला, कब, किस पर असर पड़ता है और सरकारी सूचना, सबसे नया पहले।
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- 8 अक्टूबर 2026
अक्टूबर 2026
- 8 अक्टूबर 2026GST
GST परिषद: ई-कॉमर्स विक्रेताओं का आसान पंजीकरण, ₹5 करोड़ तक लेट फ़ीस में राहत
परिषद ने नया नियम 14B सुझाया, जिससे छोटे विक्रेता किसी ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के गोदाम को अपना व्यापार स्थल बताकर दूसरे राज्य में पंजीकरण ले सकें; पंजीकरण में ज़्यादातर बदलाव और रद्द करने के आवेदन अपने-आप स्वीकार होंगे। ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाला कारोबार अगर देय महीने के अंत तक GST रिटर्न भर दे तो लेट फ़ीस माफ़ करने की भी सिफ़ारिश हुई। लागू होने के लिए अधिसूचना ज़रूरी है।
किस पर असर: ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर बेचने वाले छोटे विक्रेता और ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबार।
छोटे व्यापार के लिए GST की बुनियादी बातें →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 8 अक्टूबर 2026GST
GST परिषद का प्रस्ताव: गिरफ़्तारी नहीं, कम जुर्माना, ₹10,000 से कम पर नोटिस नहीं
57वीं GST परिषद ने गिरफ़्तारी का अधिकार (धारा 69) हटाने, अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने और अधिकतम सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने की सिफ़ारिश की। जहाँ कर की रक़म ₹10,000 से कम हो, वहाँ कारण बताओ नोटिस नहीं दिया जाएगा। ये अभी सिफ़ारिशें हैं; क़ानून और नियम बदलने के बाद ही लागू होंगी।
किस पर असर: हर GST-पंजीकृत कारोबार, ख़ासकर छोटी रक़म के नोटिस झेलने वाले छोटे व्यापारी।
छोटे व्यापार के लिए GST की बुनियादी बातें →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 8 अक्टूबर 2026GST
GST परिषद: छोटी दुकानों के लिए सालाना रिटर्न, तिमाही भुगतान को सैद्धांतिक मंज़ूरी
परिषद ने वैकल्पिक 'सालाना रिटर्न, तिमाही भुगतान' (ARQP) योजना के अवधारणा पत्र को सैद्धांतिक मंज़ूरी दी। यह उन करदाताओं के लिए है जिनका पिछले साल का टर्नओवर ₹5 करोड़ तक है और जो केवल अपंजीकृत ग्राहकों (B2C) को बेचते हैं। योजना का पूरा ढाँचा और शुरू होने की तारीख अभी अधिसूचित होनी है।
किस पर असर: ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाली दुकानें, रेस्टोरेंट और सीधे ग्राहकों को बेचने वाले दूसरे कारोबार।
छोटे व्यापार के लिए GST की बुनियादी बातें →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 7 अक्टूबर 2026RBI और बैंकिंग
RBI ने रेपो दर 0.25% बढ़ाकर 5.50% की
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत रेपो दर 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दी और अपना रुख़ 'नपी-तुली सख़्ती' कर दिया। RBI ने कहा कि निकट भविष्य में दर घटने की संभावना नहीं है। बैंक यह बढ़ोतरी आगे बढ़ाएँ तो रेपो दर से जुड़े क़र्ज़ महँगे हो सकते हैं।
किस पर असर: बदलती ब्याज दर वाले बैंक क़र्ज़, कार्यशील पूँजी सीमा या नया क़र्ज़ लेने की योजना वाले कारोबार।
बैंकिंग और लोन →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗
सितंबर 2026
- 30 सितंबर 2026निर्यात और आयात
RoDTEP निर्यात छूट 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ी
DGFT अधिसूचना 41/2026-27 ने RoDTEP योजना 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी। 30 सितंबर 2026 को परिशिष्ट 4R और 4RE में जो दरें थीं, वही जारी रहेंगी। निर्यातक अपने उत्पाद के लिए अधिसूचना ज़रूर देखें।
किस पर असर: शिपिंग बिल पर RoDTEP लेने वाले माल निर्यातक।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: TaxGuru (reproduction of DGFT notification) ↗ - 28 सितंबर 2026आयकर
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर 2026, ऑडिट वाले ITR की 21 नवंबर
CBDT परिपत्र 07/2026 ने निर्धारण वर्ष 2026-27 की टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी। जिन कारोबारों का ऑडिट ज़रूरी है, उनके आयकर रिटर्न की तारीख 31 अक्टूबर से बढ़कर 21 नवंबर 2026 हो गई।
किस पर असर: वे कारोबार और पेशेवर जिनके वित्त वर्ष 2025-26 के खातों का ऑडिट ज़रूरी है।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: Central Board of Direct Taxes, Income Tax Department ↗ - 22 सितंबर 2026RBI और बैंकिंग
1 अक्टूबर 2026 से निर्यात का पैसा 15 नहीं, 9 महीने में देश लाना होगा
RBI ने नए निर्यात-आयात नियमों में बदलाव किया: अब निर्यात की रक़म शिपमेंट या इनवॉइस की तारीख से नौ महीने में भारत लानी होगी, पहले यह सीमा पंद्रह महीने थी। भारतीय रुपये में इनवॉइस या भुगतान वाले निर्यात के लिए सीमा अठारह से घटकर बारह महीने हुई। ये नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हैं।
किस पर असर: माल और सेवाओं के सभी निर्यातक, उधार पर बेचने वाले छोटे निर्यातक भी।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗ - 21 सितंबर 2026निर्यात और आयात
भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। उनके अनुसार इससे भारत के 100% निर्यात को न्यूज़ीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुँच मिलती है। कम शुल्क पाने के लिए निर्यातक को तरजीही उत्पत्ति प्रमाणपत्र चाहिए।
किस पर असर: न्यूज़ीलैंड को माल बेचने वाले या बेचने की योजना बनाने वाले निर्यातक।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: News On AIR (Prasar Bharati) ↗ - 21 सितंबर 2026नई योजना
छत्तीसगढ़ ने निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 अधिसूचित की
छत्तीसगढ़ ने 21 सितंबर 2026 को अपनी निर्यात प्रोत्साहन नीति अधिसूचित की, जो 31 मार्च 2030 तक लागू है। इसमें पहली बार निर्यात करने वालों को RCMC और पंजीकरण खर्च का 75% (अधिकतम ₹20,000) मिलता है, और ECGC प्रीमियम व ई-कॉमर्स पर जुड़ने के खर्च का एक हिस्सा भी। परिचालन दिशानिर्देश अभी जारी होने हैं।
किस पर असर: छत्तीसगढ़ में स्थित MSME और पहली बार निर्यात करने वाले।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Commerce & Industry Department, Government of Chhattisgarh ↗
अगस्त 2026
- 12 अगस्त 2026नई योजना
मिज़ोरम ने औद्योगिक नीति 2025 की सब्सिडी पाने के दिशानिर्देश जारी किए
मिज़ोरम ने 12 अगस्त 2026 को अपनी औद्योगिक और निवेश नीति 2025 के क्रियान्वयन दिशानिर्देश अधिसूचित किए, जो पाँच साल के लिए हैं। अब इकाइयाँ टर्म लोन पर 5% ब्याज सब्सिडी (5 साल तक हर साल अधिकतम ₹10 लाख), ज़मीन और फ़ैक्टरी भवन सब्सिडी, तथा बिजली और पानी सब्सिडी के लिए दावा कर सकती हैं।
किस पर असर: मिज़ोरम में MSME और नई औद्योगिक इकाइयाँ।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Commerce & Industries Department, Government of Mizoram ↗ - 11 अगस्त 2026MSME
संसद से MSMED संशोधन पारित: भुगतान विवाद जल्दी, TReDS, स्वैच्छिक पंजीकरण
MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 अगस्त 2026 में संसद से पारित हुआ। इसमें MSME का वर्गीकरण निवेश और टर्नओवर दोनों से होगा, पंजीकरण राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म पर मुफ़्त और स्वैच्छिक होगा, मध्यस्थता और पंचाट फ़ैसले के लिए 90-90 दिन की सीमा तय है, बकाया फ़ैसले की रक़म भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूली जा सकेगी, और सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को MSME के बिल TReDS से चुकाने होंगे। हर हिस्सा किस तारीख से लागू होगा, यह सरकार अधिसूचित करेगी।
किस पर असर: सभी MSME, ख़ासकर देर से भुगतान का इंतज़ार करने वाले सप्लायर, और उनके ख़रीदार।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗
जुलाई 2026
- 29 जुलाई 2026नई योजना
हरियाणा की प्रगतिशील MSME और निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026 लागू
हरियाणा ने 29 जुलाई 2026 को पाँच साल के लिए प्रगतिशील MSME और निर्यात प्रोत्साहन नीति अधिसूचित की। इसमें 15–30% पूँजी सब्सिडी (अधिकतम ₹2–4 करोड़), टर्म लोन पर 5–7% ब्याज सब्सिडी, 7 साल तक शुद्ध SGST की वापसी और पहली बार निर्यात करने वालों को मदद मिलती है। योजनाओं के दिशानिर्देश बाद में आएँगे।
किस पर असर: हरियाणा में इकाई लगाने या बढ़ाने वाले MSME और निर्यातक।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Department of Industries & Commerce, Government of Haryana ↗ - 15 जुलाई 2026नई योजना
मंत्रिमंडल ने ₹1,27,500 करोड़ की Semicon 2.0 को मंज़ूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चिप डिज़ाइन और निर्माण के लिए ₹1,27,500 करोड़ की Semicon 2.0 को मंज़ूरी दी। इसमें सेमीकंडक्टर मशीनें, सामग्री, रसायन और गैसें बनाने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन देने की योजना है। योजना के दिशानिर्देश और आवेदन की अवधि अभी जारी होनी है।
किस पर असर: चिप डिज़ाइन स्टार्टअप और सामग्री, रसायन, गैस व उपकरण के सप्लायर।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 15 जुलाई 2026निर्यात और आयात
भारत–ब्रिटेन व्यापार समझौता (CETA) लागू
भारत–ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता लागू हो गया है। ब्रिटेन भारत के लगभग 99% निर्यात को शून्य शुल्क पर प्रवेश देता है, जिनमें कपड़ा, चमड़ा, जूते, आभूषण और खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इसका लाभ लेने के लिए निर्यातक को तरजीही उत्पत्ति प्रमाणपत्र चाहिए।
किस पर असर: ब्रिटेन को बेचने वाले निर्यातक, ख़ासकर श्रम-प्रधान MSME क्षेत्र।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗
जून 2026
- 30 जून 2026MSME
सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को MSME बिल TReDS से चुकाने होंगे
MSME मंत्रालय ने 30 जून 2026 को अधिसूचित किया कि सभी चालू केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम MSME से ख़रीदे माल और सेवाओं के बिल RBI से अधिकृत TReDS प्लेटफ़ॉर्म से ही चुकाएँगे। उपक्रमों को इन बिलों का ब्योरा देना होगा और ऑडिटर का प्रमाणपत्र लेना होगा। इससे MSME सप्लायर मंज़ूर बिल को बिना गिरवी के भुनाकर जल्दी पैसा पा सकते हैं।
किस पर असर: केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को माल या सेवा देने वाले MSME।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 23 जून 2026RBI और बैंकिंग
RBI ने TReDS के नए निर्देश, 2026 जारी किए
RBI ने व्यापार प्राप्य बट्टा प्रणाली (TReDS) निर्देश, 2026 जारी किए, जो तुरंत लागू हैं। ये पुराने TReDS दिशानिर्देशों की जगह लेते हैं और प्लेटफ़ॉर्म, ख़रीदारों और वित्तदाताओं के नियम तय करते हैं। अप्रैल 2026 में RBI ने TReDS से जुड़ने वाले MSME की जाँच-पड़ताल की शर्त हटाने का प्रस्ताव रखा था।
किस पर असर: TReDS इस्तेमाल करने वाले MSME विक्रेता, कंपनियाँ (ख़रीदार) और बैंक या NBFC।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗ - 1 जून 2026निर्यात और आयात
भारत–ओमान CEPA लागू
18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षरित भारत–ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता 1 जून 2026 से लागू हो गया। ओमान पहले दिन से अपनी 98.08% शुल्क श्रेणियों पर शुल्क-मुक्त प्रवेश देता है, जो भारत के 99.38% निर्यात मूल्य को कवर करती हैं।
किस पर असर: ओमान और खाड़ी क्षेत्र को बेचने वाले निर्यातक।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: News On AIR (Prasar Bharati) ↗
अप्रैल 2026
- 30 अप्रैल 2026योजना बंद
EPFO की कर्मचारी नामांकन योजना 2025 की खिड़की 30 अप्रैल 2026 को बंद
कर्मचारी नामांकन योजना 2025 में छूटे हुए कर्मचारियों को घोषित और नामांकित करने की छह महीने की खिड़की 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक खुली थी। जिन नियोक्ताओं ने इसका उपयोग नहीं किया, उन्हें अब ₹100 के एकमुश्त हर्जाने और कर्मचारी के हिस्से की माफ़ी का लाभ नहीं मिलेगा।
किस पर असर: वे नियोक्ता जिन्होंने पात्र कर्मचारियों को EPF में नामांकित नहीं किया था।
पहले कर्मचारियों की भर्ती →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 13 अप्रैल 2026नई योजना
₹10,000 करोड़ का स्टार्टअप इंडिया फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स 2.0 अधिसूचित
14 फ़रवरी 2026 को मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के बाद सरकार ने ₹10,000 करोड़ के कोष वाला स्टार्टअप इंडिया फ़ंड ऑफ़ फ़ंड्स 2.0 अधिसूचित किया। यह SEBI-पंजीकृत AIF के ज़रिए डीप-टेक, शुरुआती विकास वाले और नवाचारी विनिर्माण स्टार्टअप में निवेश करता है। अधिसूचना की तारीख से SIDBI इसकी क्रियान्वयन एजेंसी है।
किस पर असर: उद्यम पूँजी चाहने वाले DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और उनमें निवेश करने वाले फ़ंड।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 8 अप्रैल 2026RBI और बैंकिंग
RBI का प्रस्ताव: TReDS से जुड़ने वाले MSME की जाँच-पड़ताल की शर्त हटे
अप्रैल 2026 के नीति वक्तव्य में RBI ने प्रस्ताव रखा कि TReDS प्लेटफ़ॉर्म पर जुड़ते समय MSME की जाँच-पड़ताल (ड्यू डिलिजेंस) की शर्त हटाई जाए। मक़सद यह है कि छोटे सप्लायर आसानी से अपने बिल भुनाना शुरू कर सकें।
किस पर असर: TReDS पर अपने बिल भुनाना चाहने वाले MSME।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗ - 2 अप्रैल 2026कंपनी क़ानून
छोटे कारोबारी अपराधों को अपराध-मुक्त करने वाला जन विश्वास विधेयक 2026 पारित
राज्यसभा ने 2 अप्रैल 2026 को जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को मंज़ूरी दी; लोकसभा इसे एक दिन पहले पारित कर चुकी थी। यह कई केंद्रीय क़ानूनों में बदलाव करके छोटी और प्रक्रियागत चूकों पर जेल की जगह दीवानी जुर्माने का प्रावधान करता है।
किस पर असर: केंद्रीय लाइसेंस, फ़ाइलिंग और निरीक्षण से जुड़े कारोबारी।
सरकारी सूचना: News On AIR (Prasar Bharati) ↗ - 1 अप्रैल 2026आयकर
नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू
1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 ने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह ले ली। कर वर्ष 2026-27 नए क़ानून के तहत पहला वर्ष है; कई धाराओं और फ़ॉर्मों के नंबर बदल गए हैं, लेकिन फ़ाइलिंग की तारीखें और अग्रिम कर की ₹10,000 की सीमा वही हैं।
किस पर असर: हर करदाता, जिसमें प्रोपराइटर, फ़र्म, LLP और कंपनियाँ शामिल हैं।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: Central Board of Direct Taxes, Income Tax Department ↗
मार्च 2026
- 31 मार्च 2026योजना में बदलाव
परिधान और मेड-अप निर्यातकों के लिए RoSCTL 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा
वस्त्र मंत्रालय ने 31 मार्च 2026 को अधिसूचित किया कि RoSCTL योजना 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। परिधान और मेड-अप निर्यातकों को निर्यात पर छिपे राज्य और केंद्रीय करों की वापसी मिलती रहेगी।
किस पर असर: परिधान और कपड़े के मेड-अप उत्पादों के निर्यातक।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: The Cotton Textiles Export Promotion Council (TEXPROCIL) ↗ - 31 मार्च 2026निर्यात और आयात
1 अप्रैल 2026 से कूरियर निर्यात पर ₹10 लाख प्रति खेप की सीमा ख़त्म
बजट 2026-27 की घोषणा के अनुसार CBIC ने कूरियर नियमों (अधिसूचना 33 और 34/2026-सीमा शुल्क (गैर-टैरिफ़)) में बदलाव करके कूरियर से भेजी जाने वाली व्यावसायिक निर्यात खेप पर ₹10 लाख की मूल्य सीमा हटा दी। लौटाए गए और अस्वीकार हुए पार्सलों के लिए भी आसान प्रक्रिया बनाई गई।
किस पर असर: कूरियर से विदेश माल भेजने वाले ई-कॉमर्स निर्यातक, कारीगर और छोटे कारोबार।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: The Tribune (ANI) ↗ - 31 मार्च 2026योजना बंद
निर्यातकों की क्रेडिट गारंटी योजना अपनी तय अंतिम तारीख पर पहुँची
वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार निर्यातकों की क्रेडिट गारंटी योजना 31 मार्च 2026 तक या ₹20,000 करोड़ की गारंटी जारी होने तक, जो पहले हो, वैध थी। हमें इसके बढ़ने की कोई सूचना नहीं मिली; निर्यातक अपने बैंक से पूछें कि गारंटी अब भी मिल रही है या नहीं।
किस पर असर: CGSE के तहत क़र्ज़ लेने की योजना बनाने वाले निर्यातक।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 30 मार्च 2026आयकर
वित्त अधिनियम 2026: बिना ऑडिट वाले कारोबार का ITR 31 अगस्त तक; संशोधित रिटर्न 12 महीने तक
वित्त अधिनियम, 2026 ने बिना ऑडिट वाली व्यापार और पेशे की आय के रिटर्न की तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी। संशोधित रिटर्न भरने का समय भी कर वर्ष ख़त्म होने के बाद 9 से बढ़ाकर 12 महीने किया गया; 9 महीने के बाद संशोधन पर शुल्क लगेगा।
किस पर असर: बिना टैक्स ऑडिट के ITR-3 या ITR-4 भरने वाले प्रोपराइटर और साझेदार; रिटर्न संशोधित करने वाला हर व्यक्ति।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: Ministry of Law and Justice, Gazette of India ↗ - 21 मार्च 2026योजना में बदलाव
मशीनरी क़र्ज़ गारंटी योजना (MCGS-MSME) में सेवा क्षेत्र और निर्यातक भी शामिल
MSME के लिए म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना, जो मशीनरी के लिए ₹100 करोड़ तक के क़र्ज़ पर 60% गारंटी देती है, में बदलाव हुआ। अब सेवा क्षेत्र के MSME भी पात्र हैं, परियोजना लागत में मशीनरी का न्यूनतम हिस्सा 75% से घटाकर 60% किया गया, और 5% अग्रिम अंशदान चौथे साल से लौटाया जाएगा। निर्यातकों को 2% अग्रिम अंशदान समेत ख़ास शर्तें मिलती हैं।
किस पर असर: क़र्ज़ लेकर प्लांट और मशीनरी ख़रीदने वाले MSME, सेवा कंपनियाँ और निर्यातक भी।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 20 मार्च 2026आयकर
आयकर नियमावली, 2026 अधिसूचित; TDS फ़ॉर्मों के नंबर बदले
CBDT ने नए अधिनियम के तहत आयकर नियमावली, 2026 (G.S.R. 198(E)) अधिसूचित की, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू है। TDS फ़ॉर्मों के नंबर बदले: फ़ॉर्म 24Q अब फ़ॉर्म 138, फ़ॉर्म 26Q अब फ़ॉर्म 140, फ़ॉर्म 16 अब फ़ॉर्म 130 और फ़ॉर्म 16A अब फ़ॉर्म 131 है। जनवरी–मार्च 2026 तक की तिमाहियाँ पुराने फ़ॉर्म पर ही भरी जाती हैं।
किस पर असर: वेतन, किराया, ठेके या पेशेवर फ़ीस पर TDS काटने वाला हर कारोबार।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: Income Tax Department ↗ - 8 मार्च 2026नई योजना
पंजाब ने औद्योगिक और व्यापार विकास नीति 2026 अधिसूचित की
पंजाब ने 8 मार्च 2026 को IBDP 2026 अधिसूचित की, जो नए आवेदनों के लिए IBDP 2022 की जगह लेती है। इसमें स्थायी पूँजी निवेश के 20% तक पूँजी सब्सिडी (अधिकतम ₹10 करोड़), शुद्ध SGST की 75% वापसी, स्टांप शुल्क और बिजली शुल्क में पूरी छूट, और सूक्ष्म-लघु उद्यमों के लिए CGTMSE शुल्क की 100% वापसी (हर साल अधिकतम ₹3 लाख) मिलती है।
किस पर असर: पंजाब में नई और विस्तार करने वाली औद्योगिक इकाइयाँ, MSME समेत।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Government of Punjab (via Invest India) ↗
फ़रवरी 2026
- 28 फ़रवरी 2026आयकर
महाराष्ट्र ने नियोक्ताओं के लिए व्यवसाय कर पंजीकरण और रिटर्न के नियम आसान किए
महाराष्ट्र सरकार की 28 फ़रवरी 2026 की अधिसूचना, जिसे MahaGST व्यापार परिपत्र 01T/2026 में समझाया गया है, ने व्यवसाय कर क़ानून में पंजीकरण और रिटर्न भरने के नियम आसान किए। सालाना रिटर्न वाले और मार्च का रिटर्न अब उसी वित्त वर्ष की 15 मार्च तक देय है।
किस पर असर: महाराष्ट्र में व्यवसाय कर (PTRC) में पंजीकृत नियोक्ता।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: Department of Goods and Services Tax, Government of Maharashtra ↗ - 9 फ़रवरी 2026RBI और बैंकिंग
सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए बिना गिरवी बैंक क़र्ज़ की सीमा दोगुनी, ₹20 लाख
RBI ने 9 फ़रवरी 2026 को MSME क़र्ज़ से जुड़े अपने मास्टर निर्देश में बदलाव किया। अब सूक्ष्म और लघु उद्यमों को ₹20 लाख तक के क़र्ज़ पर बैंक गिरवी नहीं ले सकते (पहले सीमा ₹10 लाख थी), और अच्छे रिकॉर्ड वाली इकाइयों के लिए यह ₹25 लाख तक जा सकती है। PMEGP क़र्ज़ पर भी ₹20 लाख की यही सीमा लागू है।
किस पर असर: बैंक से क़र्ज़ लेने वाले सूक्ष्म और लघु उद्यम, PMEGP वाले भी।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗ - 6 फ़रवरी 2026निर्यात और आयात
भारत–अमेरिका व्यापार ढाँचा: भारतीय माल पर अमेरिकी शुल्क 18%
भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढाँचे की घोषणा की। अमेरिका भारत में बने माल पर 18% पारस्परिक शुल्क लगाएगा, और 25% का अतिरिक्त शुल्क 7 फ़रवरी 2026 से हटा दिया गया। पूरा अंतरिम समझौता अभी अंतिम रूप ले रहा है।
किस पर असर: अमेरिका को निर्यात करने वाले, ख़ासकर कपड़ा, चमड़ा, रसायन और इंजीनियरिंग सामान।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: The White House ↗ - 5 फ़रवरी 2026योजना में बदलाव
स्टार्टअप मान्यता: टर्नओवर सीमा ₹200 करोड़, डीप-टेक की नई श्रेणी
DPIIT ने स्टार्टअप मान्यता के नियम बदले। टर्नओवर सीमा ₹100 करोड़ से बढ़कर ₹200 करोड़ हुई, नई 'डीप टेक स्टार्टअप' श्रेणी में 20 साल तक की उम्र और ₹300 करोड़ तक टर्नओवर की छूट है, और सहकारी समितियाँ भी अब मान्यता ले सकती हैं।
किस पर असर: DPIIT मान्यता चाहने वाले स्टार्टअप, डीप-टेक उद्यम और सहकारी समितियाँ।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 1 फ़रवरी 2026बजट
बजट 2026-27: केंद्रीय उपक्रमों की ख़रीद का भुगतान TReDS से, CGTMSE गारंटी के साथ
बजट में प्रस्ताव रखा गया कि केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की MSME से हर ख़रीद का भुगतान TReDS से हो, TReDS पर बिल भुनाने के लिए CGTMSE गारंटी मिले, GeM को TReDS से जोड़ा जाए और TReDS प्राप्यों को परिसंपत्ति-समर्थित प्रतिभूति माना जाए। केंद्रीय उपक्रमों वाला नियम 30 जून 2026 को अधिसूचित हुआ।
किस पर असर: सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी ख़रीदारों और बड़ी कंपनियों को बेचने वाले MSME।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 1 फ़रवरी 2026बजट
बजट 2026-27: ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फ़ंड, SRI फ़ंड में ₹2,000 करोड़ और
केंद्रीय बजट 2026-27 में होनहार MSME को इक्विटी सहायता देने के लिए ₹10,000 करोड़ के अलग SME ग्रोथ फ़ंड की घोषणा हुई। सूक्ष्म उद्यमों के लिए 2021 में बने आत्मनिर्भर भारत (SRI) फ़ंड में ₹2,000 करोड़ और जोड़े गए। नए फ़ंड की पात्रता के नियम अभी प्रकाशित होने हैं।
किस पर असर: बढ़ते हुए MSME जिन्हें क़र्ज़ की जगह इक्विटी पूँजी चाहिए।
बैंकिंग और लोन →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 1 फ़रवरी 2026बजट
बजट 2026-27: कम खर्च में MSME का अनुपालन कराने के लिए 'कॉर्पोरेट मित्र'
बजट ने ICAI, ICSI और ICMAI से कहा कि वे छोटे मॉड्यूलर कोर्स बनाएँ, ताकि ख़ासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में 'कॉर्पोरेट मित्र' नाम के मान्यता प्राप्त सहायक-पेशेवर तैयार हों। इनका काम MSME को कम खर्च में अनुपालन पूरा करने में मदद करना है।
किस पर असर: छोटे शहरों के वे छोटे कारोबार जिन्हें फ़ाइलिंग और अनुपालन में दिक़्क़त होती है।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗
जनवरी 2026
- 27 जनवरी 2026निर्यात और आयात
भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत पूरी
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत पूरी की। लागू होने पर EU की 70.4% शुल्क श्रेणियों पर, जो भारत के 90.7% निर्यात को कवर करती हैं, शुल्क तुरंत ख़त्म होगा; इनमें कपड़ा, चमड़ा, जूते, चाय, मसाले और आभूषण शामिल हैं। लागू होने से पहले इस पर हस्ताक्षर और अनुसमर्थन बाक़ी है।
किस पर असर: यूरोपीय संघ के देशों को बेचने वाले या बेचने की योजना बनाने वाले निर्यातक।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 13 जनवरी 2026RBI और बैंकिंग
RBI ने निर्यात-आयात के नए विदेशी मुद्रा नियम जारी किए, 1 अक्टूबर 2026 से लागू
RBI ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (माल और सेवाओं का निर्यात और आयात) नियम, 2026 अधिसूचित किए, जो 1 अक्टूबर 2026 से 2016 के निर्यात नियमों की जगह लेते हैं। इनमें निर्यात घोषणा, भुगतान वसूली की अवधि और प्रविष्टियाँ बंद करने के नियम हैं; ₹10 लाख तक की निर्यात या आयात प्रविष्टि बैंक व्यापारी की घोषणा पर बंद कर सकते हैं।
किस पर असर: माल और सेवाओं के निर्यातक, आयातक और उनके बैंक।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗
दिसंबर 2025
- 31 दिसंबर 2025GST
1 फ़रवरी 2026 से तंबाकू और पान मसाले पर GST क्षतिपूर्ति उपकर की जगह नए कर
सरकार ने 1 फ़रवरी 2026 को वह तारीख अधिसूचित की, जिससे तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाले पर नया उपकर लगेगा। ये कर GST के ऊपर हैं और इन वस्तुओं पर GST क्षतिपूर्ति उपकर की जगह लेते हैं।
किस पर असर: तंबाकू उत्पादों और पान मसाले के निर्माता, वितरक और खुदरा विक्रेता।
सरकारी सूचना: News On AIR (Prasar Bharati) ↗ - 31 दिसंबर 2025कंपनी क़ानून
निदेशक KYC अब हर साल नहीं, तीन साल में एक बार
MCA ने 31 दिसंबर 2025 को कंपनी (निदेशकों की नियुक्ति और योग्यता) संशोधन नियम, 2025 अधिसूचित किए, जो 31 मार्च 2026 से लागू हैं। DIR-3 KYC अब हर 30 सितंबर की जगह हर तीन वित्त वर्ष में एक बार 30 जून तक भरना है; जिनका KYC अद्यतन था, उनकी अगली तारीख 30 जून 2028 है। मोबाइल, ईमेल या पते में बदलाव अब भी 30 दिन के भीतर बताना होगा।
किस पर असर: DIN रखने वाले कंपनियों के निदेशक और LLP के नामित साझेदार।
Building Business Compliance →सरकारी सूचना: The Institute of Chartered Accountants of India ↗ - 31 दिसंबर 2025नई योजना
चंडीगढ़ ने स्टार्टअप नीति के दिशानिर्देश जारी किए: ₹7 लाख तक का सीड अनुदान
चंडीगढ़ ने 31 दिसंबर 2025 को अपनी स्टार्टअप नीति 2025 के परिचालन दिशानिर्देश अधिसूचित किए। अब स्टार्टअप ₹7 लाख तक के सीड अनुदान और ₹12 लाख तक के शुरुआती विकास अनुदान (दोनों में हर साल 20 स्टार्टअप) के लिए आवेदन कर सकते हैं; महिलाओं या ट्रांसजेंडर द्वारा चलाए स्टार्टअप को ₹2 लाख अतिरिक्त मिलते हैं।
किस पर असर: चंडीगढ़ में स्थित शुरुआती दौर के स्टार्टअप।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Chandigarh Administration ↗ - 5 दिसंबर 2025RBI और बैंकिंग
RBI ने रेपो दर 0.25% घटाकर 5.25% की
RBI की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत रेपो दर 5.50% से घटाकर 5.25% की और तटस्थ रुख़ बनाए रखा। इसके बाद फ़रवरी, अप्रैल, जून और अगस्त 2026 की समीक्षाओं में दर 5.25% पर ही रही। बैंकों के कटौती आगे बढ़ाने पर रेपो दर से जुड़े कारोबारी क़र्ज़ सस्ते हो सकते थे।
किस पर असर: बदलती ब्याज दर वाले बैंक क़र्ज़ वाले कारोबार।
बैंकिंग और लोन →सरकारी सूचना: Reserve Bank of India ↗ - 1 दिसंबर 2025कंपनी क़ानून
छोटी कंपनी की सीमा बढ़ी: ₹10 करोड़ पूँजी और ₹100 करोड़ टर्नओवर
MCA ने कंपनी (परिभाषा विवरण) नियमों में बदलाव किया। अब ₹10 करोड़ तक की चुकता पूँजी और ₹100 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनी 'छोटी कंपनी' मानी जाएगी; पहले यह सीमा ₹4 करोड़ और ₹40 करोड़ थी। छोटी कंपनियों पर फ़ाइलिंग और ऑडिट से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ हल्की होती हैं।
किस पर असर: वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनियाँ जो किसी की होल्डिंग या सहायक कंपनी नहीं हैं।
सरकारी सूचना: The Tribune ↗
नवंबर 2025
- 21 नवंबर 2025श्रम
चार श्रम संहिताएँ लागू, 29 श्रम क़ानूनों की जगह
वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता 21 नवंबर 2025 से लागू हो गईं। इनमें नियुक्ति पत्र, सबके लिए न्यूनतम वेतन और गिग, प्लेटफ़ॉर्म व प्रवासी मज़दूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा ज़रूरी है। केंद्र और राज्यों के विस्तृत नियम चरणों में अधिसूचित हो रहे हैं।
किस पर असर: हर नियोक्ता, छोटी दुकान और वर्कशॉप से लेकर फ़ैक्टरी तक।
पहले कर्मचारियों की भर्ती →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 12 नवंबर 2025MSME
झारखंड MSME (विशेष रियायत) अधिनियम 2025 अधिसूचित
झारखंड ने 12 नवंबर 2025 को अपने राजपत्र में MSME (विशेष रियायत) अधिनियम, 2025 प्रकाशित किया। इससे MSME कुछ राज्य मंज़ूरियों के बिना काम शुरू कर सकते हैं। छूट की सूची हिंदी राजपत्र में है; भरोसा करने से पहले ज़िला उद्योग केंद्र से पुष्टि करें।
किस पर असर: झारखंड के नए और मौजूदा MSME।
राज्य और ज़िले →सरकारी सूचना: Government of Jharkhand ↗ - 12 नवंबर 2025नई योजना
मंत्रिमंडल ने ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन को मंज़ूरी दी
मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए ₹25,060 करोड़ के निर्यात संवर्धन मिशन को मंज़ूरी दी। 'निर्यात प्रोत्साहन' में ब्याज सहायता, निर्यात फ़ैक्टरिंग और गिरवी सहायता जैसी व्यापार वित्त मदद है; 'निर्यात दिशा' में गुणवत्ता, ब्रांडिंग, व्यापार मेले और लॉजिस्टिक्स की मदद है। DGFT इसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म से चलाता है।
किस पर असर: MSME निर्यातक, पहली बार निर्यात करने वाले और श्रम-प्रधान क्षेत्र।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 12 नवंबर 2025नई योजना
निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना: ₹20,000 करोड़ तक बिना गिरवी क़र्ज़
मंत्रिमंडल ने एक योजना मंज़ूर की, जिसमें NCGTC क़र्ज़दाताओं को निर्यातकों (MSME समेत) को ₹20,000 करोड़ तक अतिरिक्त बिना गिरवी क़र्ज़ पर 100% गारंटी देता है। यह 1 दिसंबर 2025 से बिना गारंटी शुल्क के शुरू हुई और 31 मार्च 2026 तक या ₹20,000 करोड़ ख़त्म होने तक वैध थी।
किस पर असर: अतिरिक्त कार्यशील पूँजी चाहने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष निर्यातक।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 4 नवंबर 2025योजना में बदलाव
स्पेशलिटी स्टील प्रोत्साहन योजना का तीसरा दौर (PLI 1.2) शुरू
इस्पात मंत्रालय ने स्पेशलिटी स्टील की PLI योजना का तीसरा दौर शुरू किया, जिसमें 22 उत्पाद उप-श्रेणियाँ हैं। वित्त वर्ष 2025-26 से पाँच साल तक 4% से 15% प्रोत्साहन मिलेगा और आधार वर्ष 2024-25 कर दिया गया। 9 फ़रवरी 2026 को 85 परियोजनाओं के समझौता-पत्रों पर हस्ताक्षर हुए।
किस पर असर: मिश्र धातु, कोटेड और अन्य ख़ास ग्रेड में निवेश करने वाले इस्पात निर्माता।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 1 नवंबर 2025श्रम
EPFO ने छूटे कर्मचारियों को ₹100 जुर्माने पर जोड़ने की छह महीने की खिड़की खोली
कर्मचारी नामांकन योजना 2025 1 नवंबर 2025 से छह महीने के लिए खुली। नियोक्ता उन कर्मचारियों को घोषित कर सकते थे जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच जुड़े पर कभी EPF में नामांकित नहीं हुए; अगर कर्मचारी का हिस्सा काटा नहीं गया था तो वह माफ़ है, और हर्जाना केवल ₹100 है।
किस पर असर: वे नियोक्ता जिनके कर्मचारी अभी EPF में नहीं हैं।
पहले कर्मचारियों की भर्ती →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗
अक्टूबर 2025
- 31 अक्टूबर 2025GST
छोटे कारोबारों को 3 कार्य दिवस में GST पंजीकरण (नियम 14A)
1 नवंबर 2025 से जिन आवेदकों का B2B बिक्री पर आउटपुट कर हर महीने ₹2.5 लाख से ज़्यादा नहीं होगा, वे नए नियम 14A के तहत पंजीकरण चुन सकते हैं, जो आधार सत्यापन के बाद तीन कार्य दिवस में इलेक्ट्रॉनिक रूप से मिलता है। नया नियम 9A भी पोर्टल द्वारा पहचाने गए कम जोखिम वाले आवेदकों को तीन कार्य दिवस में पंजीकरण देता है।
किस पर असर: GST के लिए आवेदन करने वाले नए कारोबार, ख़ासकर छोटे B2B और B2C विक्रेता।
छोटे व्यापार के लिए GST की बुनियादी बातें →सरकारी सूचना: Directorate of Commercial Taxes, Government of West Bengal ↗ - 9 अक्टूबर 2025योजना में बदलाव
कपड़ा PLI आसान: न्यूनतम निवेश आधा, और उत्पाद जोड़े गए
वस्त्र मंत्रालय ने MMF परिधान, MMF कपड़े और तकनीकी वस्त्रों की PLI योजना में बदलाव किया। नए आवेदकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹300 करोड़ से घटकर ₹150 करोड़ (भाग-1) और ₹100 करोड़ से ₹50 करोड़ (भाग-2) हुआ, बढ़े हुए टर्नओवर की शर्त 25% से घटकर 10% हुई, और 17 नए HSN कोड जोड़े गए। आवेदन पोर्टल बाद में 31 मार्च 2026 तक खुला रखा गया।
किस पर असर: MMF या तकनीकी वस्त्रों में बड़ा निवेश करने वाले कपड़ा निर्माता।
संबंधित पेज →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗ - 1 अक्टूबर 2025निर्यात और आयात
भारत–EFTA व्यापार समझौता (TEPA) लागू
स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन के साथ 10 मार्च 2024 को हस्ताक्षरित व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ। EFTA अपनी 92.2% शुल्क श्रेणियों पर रियायत देता है, जो वहाँ भारत के 99.6% निर्यात को कवर करती हैं, जिनमें सभी ग़ैर-कृषि उत्पाद शामिल हैं।
किस पर असर: स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन को बेचने वाले निर्यातक।
आयात-निर्यात →सरकारी सूचना: Press Information Bureau, Government of India ↗