
खंड 37
एशियन पेंट्स ने डीलरों का स्टॉक भरने में पूर्वानुमान का उपयोग कैसे किया
देश भर में हज़ारों रंग स्टॉक में रखते हुए माल के बोझ से कैसे बचें?
- केस
- सफलता
- वर्ष
- 2001
- लगभग आधे से लगभग तीन-चौथाई तक
- पूर्वानुमान की सटीकता · 2001
- 10 दिन से घटकर 3 दिन
- मासिक योजना चक्र · 2001
- लगभग 8,000
- रोज़ाना बिक्री बिल · 2001
- 01
हालात
पेंट की माँग रंग, इलाक़े और मौसम के हिसाब से बदलती है, और सही रंग न होने पर डीलर बिक्री खो देता है। 2001 में बिज़नेस टुडे ने एशियन पेंट्स को भारत की सबसे पुरानी पेंट कंपनी बताया, जो हर साल लगभग चार नए उत्पाद लाती थी और हर उत्पाद 100 रंगों में होता था। उसकी 72 शाखाएँ आपूर्ति की योजना अलग-अलग बनाती थीं, और महीने की योजना बनाने में 10 दिन लगते थे।
- 02
फ़ैसला
कंपनी ने अपनी शाखाओं को एक केंद्रीय सर्वर से जोड़ा और सांख्यिकीय पूर्वानुमान इंजन वाली साझा माँग-योजना प्रणाली अपनाई। रोज़ के लगभग 8,000 बिक्री बिल दो मिनट के भीतर केंद्र में दर्ज होते थे, जिससे योजनाकारों को असली माँग जल्दी दिखती थी।
- 03
नतीजा
बिज़नेस टुडे के अनुसार पूर्वानुमान की सटीकता हाथ से किए अनुमानों में लगभग आधी थी, जो बढ़कर लगभग तीन-चौथाई हो गई और लक्ष्य 90 प्रतिशत रखा गया; महीने की योजना का समय 10 दिन से घटकर तीन दिन रह गया।