
खंड 37
कैफ़े कॉफ़ी डे संकट संबंधित पक्षों को दिए पैसे के बारे में क्या दिखाता है
जब सूचीबद्ध कंपनी का पैसा प्रवर्तक से जुड़ी फ़र्म में जाए, तो क्या बिगड़ता है?
- केस
- नाकामी
- वर्ष
- 2019-2023
- ₹3,535 करोड़
- MACEL पर CDEL की सहायक कंपनियों का बकाया (जाँच रिपोर्ट) · 2020
- ₹26 करोड़
- CDEL पर SEBI का जुर्माना · 2023
- ₹110.75 करोड़
- जुलाई 2019 से MACEL द्वारा लौटाई गई राशि · 2023
- 01
हालात
जुलाई 2019 में संस्थापक वी. जी. सिद्धार्थ के निधन के बाद, कैफ़े कॉफ़ी डे चलाने वाली कंपनी कॉफ़ी डे एंटरप्राइज़ेज़ (CDEL) के बोर्ड ने पूर्व CBI DIG अशोक कुमार मल्होत्रा को कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों के खातों की जाँच के लिए नियुक्त किया।
- 02
फ़ैसला
24 जुलाई 2020 को कंपनी को और फिर शेयर बाज़ारों व SEBI को सौंपी गई जाँच रिपोर्ट में पाया गया कि मैसूर अमलगमेटेड कॉफ़ी एस्टेट्स लिमिटेड (MACEL) पर CDEL की सात सहायक कंपनियों के 3,535 करोड़ रुपये बकाया हैं। SEBI के आदेश में दर्ज है कि MACEL लगभग पूरी तरह वी. जी. सिद्धार्थ के परिवार की है, जिसके पास 91.75 प्रतिशत हिस्सा है।
- 03
नतीजा
24 जनवरी 2023 को SEBI ने CDEL पर 26 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया (SEBI अधिनियम की धारा 15HA के तहत 25 करोड़ और धारा 15HB के तहत 1 करोड़) और MACEL से बकाया वसूलने के लिए एक स्वतंत्र क़ानूनी फ़र्म नियुक्त करने का निर्देश दिया। मनीलाइफ़ के अनुसार जुलाई 2019 के बाद से MACEL ने केवल 110.75 करोड़ रुपये लौटाए थे।