
खंड 37
HUL महिला विक्रेताओं के ज़रिये छोटे गाँवों तक कैसे पहुँचा
उन गाँवों में कैसे बेचें जो नियमित वितरक के आने लायक़ बड़े नहीं हैं?
- केस
- सफलता
- वर्ष
- 2001-2023
- 18 राज्यों में 1.9 लाख से अधिक
- शक्ति उद्यमी · 2022-23
- 01
हालात
भारत के बहुत से छोटे गाँवों में बड़ी उपभोक्ता-सामान कंपनियों का कोई नियमित विक्रेता नहीं पहुँचता था, क्योंकि एक गाँव की बिक्री इतनी कम थी कि उससे विक्रेता और गाड़ी का ख़र्च नहीं निकलता था।
- 02
फ़ैसला
2001 में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 'प्रोजेक्ट शक्ति' शुरू किया। इसमें गाँवों की महिलाओं को चुनकर बिक्री और बुनियादी हिसाब-किताब का प्रशिक्षण दिया जाता है, और वे ग्रामीण वितरक से माल लेकर घरों और गाँव की दुकानों में बेचती हैं। 'शक्ति अम्मा' या 'शक्ति उद्यमी' कहलाने वाली ये महिलाएँ अपनी बिक्री पर मार्जिन कमाती हैं।
- 03
नतीजा
HUL की 2013-14 की वार्षिक रिपोर्ट में उसके उत्पाद बेचने वाली शक्ति अम्माओं की संख्या एक मुख्य पैमाने के रूप में दर्ज है। 2022-23 के प्रभाव आकलन के अनुसार 18 राज्यों में 1.9 लाख से अधिक शक्ति उद्यमी हैं।