
खंड 37
2015 के प्रतिबंध के बाद मैगी की वापसी कैसे हुई
जब नियामक किसी खाद्य कंपनी के सबसे बड़े उत्पाद पर रोक लगा दे, तो उसे क्या करना चाहिए?
- केस
- वापसी
- वर्ष
- 2015-2016
- लगभग 38,000 टन
- नष्ट किए गए नूडल्स · 2015
- ₹420 करोड़
- वापस लिए गए माल का मूल्य (कंपनी का आकलन) · 2015
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हालात
जून 2015 में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने राज्यों की जाँच के बाद सीसे (लेड) की मात्रा तय सीमा से अधिक होने का आरोप लगाकर मैगी इंस्टेंट नूडल्स पर रोक लगा दी। उत्पाद देश भर की दुकानों से हटा लिया गया।
- 02
फ़ैसला
नेस्ले इंडिया ने माल वापस लिया और लगभग 38,000 टन नूडल्स नष्ट किए; बिज़नेस टुडे के अनुसार कंपनी ने वापस लिए गए माल का मूल्य 420 करोड़ रुपये बताया। साथ ही उसने प्रतिबंध को अदालत में चुनौती दी। 13 अगस्त 2015 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने देशव्यापी प्रतिबंध रद्द किया और तीन प्रयोगशालाओं में नई जाँच का आदेश दिया।
- 03
नतीजा
नेस्ले इंडिया के अनुसार अदालत के आदेश पर हुई प्रयोगशाला जाँचों में सीसा तय सीमा के भीतर पाया गया, और उसने 9 नवंबर 2015 को मैगी फिर से बाज़ार में उतारी। इसके बाद FSSAI ने नए नमूने चुनने के तरीक़े पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की।