
खंड 37
पारले-जी ने अपना कम दाम कैसे बचाए रखा
लागत बढ़े तो सस्ता ब्रांड दाम बढ़ाए या पैकेट बदले?
- केस
- सफलता
- वर्ष
- 2020-2023
- 35%
- मार्च 2020 के बाद उत्पादन लागत में बढ़ोतरी · 2022
- ₹5 (बिना बदलाव)
- पारले-जी के छोटे पैकेट का दाम · 2023
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हालात
पारले-जी बहुत ही दाम-संवेदनशील ख़रीदारों को बिकता है, और 5 रुपये जैसे तय कम दाम वाले छोटे पैकेट खुले पैसों से ख़रीदे जाते हैं। बिज़नेस टुडे ने अगस्त 2022 में बताया कि जिंसों के दाम बढ़ने से पारले प्रोडक्ट्स की उत्पादन लागत मार्च 2020 के बाद से 35 प्रतिशत बढ़ गई थी।
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फ़ैसला
जाने-पहचाने कम दाम को तोड़ने के बजाय पारले ने 5 रुपये वाले पैकेट का दाम वही रखा और पैकेट में बिस्कुट की मात्रा बदली, जैसा योरस्टोरी ने बताया। 2022 में जिंसों के दाम नरम पड़ने पर कंपनी के वरिष्ठ श्रेणी प्रमुख मयंक शाह ने बिज़नेस टुडे से कहा कि आगे दाम बढ़ाने के बजाय कंपनी दाम घटाकर, मात्रा बढ़ाकर या '10-20 प्रतिशत ज़्यादा' जैसे ऑफ़र देकर लाभ ग्राहकों तक पहुँचाएगी।
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नतीजा
पारले-जी के 5 रुपये वाले पैकेट का दाम नहीं बदला, ताकि ग्राहक उसी सिक्के से ख़रीदते रहें। शाह ने 2022 में बिज़नेस टुडे से कहा, 'you will not see further price hikes' (आगे और दाम नहीं बढ़ेंगे)।