
खंड 37
ज़ोमैटो लिस्टिंग से पहले मुनाफ़े तक कैसे पहुँचा
घाटे में चल रही तेज़ी से बढ़ती कंपनी यह कैसे साबित करे कि वह कमा सकती है?
- केस
- वापसी
- वर्ष
- 2021-2023
- ₹76 प्रति शेयर
- IPO निर्गम मूल्य · 2021
- लगभग ₹2 करोड़ (एक साल पहले ₹186 करोड़ का घाटा)
- शुद्ध मुनाफ़ा, अप्रैल-जून 2023 तिमाही · 2023
- ₹2,416 करोड़
- परिचालन आमदनी, अप्रैल-जून 2023 तिमाही · 2023
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हालात
ज़ोमैटो 23 जुलाई 2021 को शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध हुआ। 76 रुपये प्रति शेयर वाले उसके IPO को लगभग 38 गुना आवेदन मिले, और पहले दिन BSE पर शेयर निर्गम मूल्य से लगभग 66 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। लेकिन कंपनी तब भी घाटे में थी।
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फ़ैसला
अगले दो वर्षों में कंपनी ने अपने मुख्य कारोबारों में मार्जिन सुधारते हुए आमदनी बढ़ाने पर ध्यान दिया। अप्रैल-जून 2023 तिमाही के शेयरधारक पत्र में CEO दीपिंदर गोयल ने कहा कि कंपनी अपने कारोबार को सरल बना रही थी।
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नतीजा
अप्रैल-जून 2023 तिमाही में ज़ोमैटो ने अपना पहला समेकित शुद्ध मुनाफ़ा लगभग 2 करोड़ रुपये दर्ज किया, जबकि एक साल पहले 186 करोड़ रुपये का घाटा था; आमदनी 2,416 करोड़ रुपये रही। Inc42 ने बताया कि इसमें लगभग 17 करोड़ रुपये के आस्थगित कर (डेफ़र्ड टैक्स) का योगदान था, क्योंकि कर से पहले का नतीजा अब भी थोड़ा घाटा था।