§1यह बिज़नेस क्या है

एक दिन के चूज़े लाकर शेड में 35–42 दिन दाना-पानी देकर ब्रॉयलर मुर्गा तैयार किया जाता है। बिक्री व्यापारी, मीट की दुकान और इंटीग्रेटर कंपनी को होती है। कई लोग इंटीग्रेटर (कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग) के साथ जुड़ते हैं।

क्षमता: UP रिपोर्ट: ~5,644 चूज़े/बैच, पहले साल 6 बैच, फिर 7।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

गाँव में अपनी ज़मीन वाला व्यक्ति जो रोज़ फ़ार्म पर रहे और जैव-सुरक्षा (बायोसिक्योरिटी) के नियम माने।

किसके लिए नहीं

जो रोज़ फ़ार्म पर न रह सके, या जिसकी जगह शहर की आबादी के बीच हो।

फ़ायदे

  • पैसा 40 दिन में घूम जाता है
  • कम ज़मीन में हो जाता है
  • इंटीग्रेटर से जुड़ने पर चूज़े, दाने और बिक्री की चिंता कम
  • मुर्गे की मांग साल भर

नुकसान

  • बर्ड फ़्लू या बीमारी से पूरा बैच खत्म
  • मुर्गे का भाव बहुत ऊपर-नीचे होता है
  • दाने का दाम बढ़ा तो घाटा
  • गर्मी में मौतें बढ़ती हैं; बदबू से पड़ोसी शिकायत करते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • ब्रूडिंग और टीकाकरण
  • दाना प्रबंधन
  • जैव-सुरक्षा
  • व्यापारी/इंटीग्रेटर से मोलभाव

कठिनाई 3/5 क्यों: बीमारी और भाव का जोखिम ज़्यादा; रोज़ देखभाल ज़रूरी।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • अनुबंध खेती कराने वाली इंटीग्रेटर कंपनियाँ
  • ज़िंदा मुर्गे के व्यापारी और मीट की दुकानें
  • होटल और कैटरर

कैसे बिकता है

  • अनुबंध खेती: इंटीग्रेटर चूज़े और दाना देता है और बड़े पक्षी वापस लेता है
  • ज़िंदा पक्षी सीधे व्यापारियों को बेचना

जानने लायक

  • तैयार ब्रॉयलर के बाज़ार में इंटीग्रेटर हावी हैं; NABARD बैंकों से अकेले फ़ार्म को कर्ज़ देने में ख़ास सावधानी को कहता है।
  • अनुबंध खेती में NABARD देखता है कि इंटीग्रेटर साल में कम से कम 5 बैच दे।
  • ब्रॉयलर बैच 5–6 हफ़्ते में तैयार होता है; मुर्गी की बीट खाद के रूप में बिक सकती है (UP MSME रिपोर्ट)।
  • NABARD बिहार की इकाई लागत: 1,000 पक्षियों के लिए ₹5.88 लाख, 5,000 पक्षियों के लिए ₹26.70 लाख (एक साथ लाना, एक साथ बेचना)।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
एस्बेस्टस छत वाला ब्रॉयलर शेडझुंड के आकार के अनुसार₹190–210 प्रति वर्ग फ़ुट
छप्पर की छत वाला शेड (अनुबंध खेती)झुंड के आकार के अनुसार₹250 प्रति वर्ग फ़ुट
मुर्गीपालन उपकरणप्रति पक्षी₹18–20 प्रति पक्षी

स्रोत: NABARD Andhra Pradesh RO – Comprehensive Guide of Unit Costs 2025-26 (2025)

  • एक दिन के चूज़े₹35–47 प्रति चूज़ा
  • ब्रॉयलर दाना₹40–50 प्रति किलो
  • दवाइयाँ, टीके और अन्य खर्च₹20 प्रति पक्षी
  • कुल चालू खर्च₹400–450 प्रति पक्षी

स्रोत: NABARD Andhra Pradesh RO – Comprehensive Guide of Unit Costs 2025-26 (2025)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. ग्राम पंचायत NOC
  2. UPPCB सहमति (5,000+ पक्षियों पर, CPCB दिशानिर्देशों के अनुसार)
  3. Udyam
  4. पशुपालन विभाग में पंजीकरण (योजना के लिए)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

MUDRA कृषि से जुड़े काम (पोल्ट्री) को कवर करता है; Stand-Up India 2019 से कृषि से जुड़े कामों के लिए भी है; MSE कर्ज़ पर CGTMSE। PMEGP में पशुपालन के नियम बदलते रहे हैं — DIC/KVIC से पक्का करें। UP पोल्ट्री नीति 2022 में अलग प्रोत्साहन हैं।

§7पैसा

निवेश का आधार: NABARD बिहार 2025-26 यूनिट लागत: ब्रॉयलर यूनिट (एक साथ डालना, एक साथ निकालना) 1,000 पक्षी ₹5.88 लाख; 2,000 पक्षी ₹12.06 लाख; 5,000 पक्षी ₹26.70 लाख। UP रिपोर्ट: ~5,644 पक्षियों के शेड की कुल परियोजना लागत ₹15.01 लाख (पूंजी ₹5.56 लाख + कार्यशील पूंजी ₹9.45 लाख)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): UP रिपोर्ट: चूज़ा ₹15/पक्षी, दाना ~3 किलो/पक्षी; पहले साल ₹23.6 लाख कार्यशील पूंजी की ज़रूरत, जिसका 40% (₹9.45 लाख) परियोजना में लिया गया।

NABARD 2025-26 (सबसे ताज़ा); UP रिपोर्ट 2024।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

0207 11 00मुर्गे का मांस, बिना टुकड़े किए, ताज़ा या ठंडा0207 12 00मुर्गे का मांस, बिना टुकड़े किए, जमा हुआ

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • मुर्गे का मांस APEDA के पशु उत्पाद समूह में आता है।
  • फ़ार्म सीधे निर्यात नहीं करते; निर्यात प्रसंस्करण प्लांट के ज़रिए होता है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • बीमारी का प्रकोप (बर्ड फ़्लू)
  • भाव में उतार-चढ़ाव
  • दाने की लागत
  • गर्मी से मौतें

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: ब्रॉयलर पोल्ट्री फार्म की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (ग्राम पंचायत NOC, UPPCB सहमति (5,000+ पक्षियों पर, CPCB दिशानिर्देशों के अनुसार)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. NABARD Bihar RO – Unit Cost for Investment Activities in Agriculture & Allied Sectors 2025-26 (2025)
  2. UP MSME 1-Connect (Govt of UP, RAMP) – Project Report: Broiler Farming (2024)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।