§1यह बिज़नेस क्या है

सब्ज़ियाँ और दालें धोकर, छीलकर और काटकर भाप-जैकेट वाले बर्तनों में पकाई जाती हैं और टमाटर, प्याज़, लहसुन और मक्खन की तरी में मिलाई जाती हैं। सब्ज़ी को कीटाणु-रहित डिब्बों में भरकर हवा निकाली जाती है, सील किया जाता है, रिटॉर्ट में पकाया जाता है, ठंडा करके लेबल लगाया जाता है। उत्पाद — पंजाबी छोले, राजमा, पालक पनीर, मटर पनीर, दम आलू — ऑर्डर के हिसाब से बदलते हैं। रिपोर्ट के अनुसार माल मुख्य रूप से विदेश में बसे भारतीयों के लिए है, और देश में होटल, रेस्तराँ और सुपरमार्केट में बिकता है।

क्षमता: साल में 600 टन डिब्बाबंद सब्ज़ी, मूल्य ₹300 लाख (औसत ₹50 प्रति kg); एक पाली।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

फ़ूड टेक्नोलॉजिस्ट या निर्यातक, जिसके विदेश में भारतीय किराना ख़रीदार हों।

किसके लिए नहीं

जिसके पास निर्यात संपर्क या खाद्य-सुरक्षा व्यवस्था न हो।

फ़ायदे

  • विदेश में भारतीयों और शाकाहारी ख़रीदारों में बढ़ती माँग, जैसा रिपोर्ट बताती है
  • सालभर मिलने वाली आम सब्ज़ियों और दालों का उपयोग
  • उत्पादों का मेल ऑर्डर के साथ बदल सकता है

नुकसान

  • निर्यात ख़रीदार ISO और कड़ी साफ़-सफ़ाई माँगते हैं, जैसा रिपोर्ट कहती है
  • ₹94.68 लाख का बड़ा निवेश
  • रिटॉर्ट में गड़बड़ी से डिब्बे असुरक्षित हो सकते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • नुस्ख़े को एक जैसा रखना और बड़े पैमाने पर पकाना
  • ताप प्रोसेसिंग (रिटॉर्ट) और डिब्बे की सिलाई
  • निर्यात काग़ज़ात और ख़रीदार ऑडिट

कठिनाई 4/5 क्यों: निर्यात खाद्य सुरक्षा, डिब्बाबंदी का अनुशासन और बड़ा निवेश।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • UK, USA और मध्य-पूर्व के भारतीय किराना आयातक
  • भारत के होटल, रेस्तराँ और सुपरमार्केट

कैसे बिकता है

  • आयातकों और वितरकों के ज़रिए निर्यात
  • देश के खाद्य वितरक

जानने लायक

  • रिपोर्ट बताती है कि विदेशी भी शाकाहारी और भारतीय सब्ज़ियाँ ज़्यादा पसंद करने लगे हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय बाज़ारों के लिए ISO 9000/14000 प्रमाणपत्र ज़रूरी होंगे।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
एल्युमिनियम ऊपरी सतह वाली तैयारी और भराई की मेज़ें12₹1,32,000
चपटे डिब्बे सीधे करने की इकाई (रीफ़ॉर्मर और हैंड फ़्लैंजर)1₹41,000
A-2½ के लिए स्वचालित टेबल-मॉडल डिब्बा सीलर2₹88,000
कैनिंग रिटॉर्ट 810 × 915 मिमी3₹1,50,000
रिटॉर्ट के क्रेट8₹56,000
ब्लांचर1₹60,000
सुरंग वाला एग्ज़ॉस्ट बॉक्स, 2 HP2₹1,50,000
स्टेनलेस स्टील भाप-जैकेट केतली, 50 गैलन4₹1,28,000
अर्ध-स्वचालित डिब्बा सीमर1₹80,000
फ़ीड पंप सहित भाप जनरेटर1₹1,50,000
रोटरी रॉड वॉशर1₹60,000
पल्पर, 1.5–2 टन प्रति घंटा1₹44,000
आलू छीलने की मशीन1₹30,000
मिनी पल्वराइज़र, 5 HP1₹35,000
स्टेनलेस स्टील भंडारण टैंक4₹80,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Ready to Serve Curried Vegetables (2003)

  • सब्ज़ियाँ और दालें (बीन्स, मटर, आलू, फूलगोभी, पालक, राजमा, सफ़ेद छोले) के साथ पनीर, मक्खन, क्रीम, दही, मसाले और तेलरिपोर्ट में ₹5,50,000 महीना (एकमुश्त)
  • A-2½ डिब्बे59,000 महीना, ₹14 प्रति डिब्बा
  • लेबल और पैकिंग पेटियाँ4,900 पेटियाँ, ₹20 प्रति पेटी
  • भाप के लिए कोयला50 टन महीना

स्रोत: DC-MSME project profile — Ready to Serve Curried Vegetables (2003)

Building Business Bazaar में सप्लायर

B.S. Berry and Co · Delhi →Gardners Corporation · Delhi →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. FSSAI लाइसेंस (टर्नओवर के हिसाब से राज्य या केंद्रीय)
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाणपत्र, जैसा रिपोर्ट सलाह देती है
  5. पैक माल के लिए विधिक माप-विज्ञान पंजीकरण
  6. बॉयलर अधिनियम के तहत बॉयलर पंजीकरण
  7. निर्यात के लिए APEDA पंजीकरण (RCMC)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMFME (छोटे खाद्य प्रसंस्करण के लिए कर्ज़ से जुड़ी सब्सिडी) लागू; ₹94.68 लाख का प्रोजेक्ट PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।

§7पैसा

निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹54.87 लाख (ज़मीन और भवन ₹33.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹20.37 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹1.50 लाख) + 2 महीने की कार्यशील पूँजी ₹39.81 लाख = ₹94.68 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 2 महीने की कार्यशील पूँजी ₹39.81 लाख; सब्ज़ियाँ और सामग्री ₹5.50 लाख महीना, साथ में डिब्बे।

दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

2005सिरके या एसिटिक अम्ल के बिना तैयार या सुरक्षित की गई अन्य सब्ज़ियाँ, जमाई हुई नहीं

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority)

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पनीर या क्रीम वाली सब्ज़ियों को आयात करने वाले देश में दुग्ध उत्पाद की मंज़ूरी चाहिए हो सकती है।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • निर्यात माल का अस्वीकार होना
  • सब्ज़ियों के दामों में उतार-चढ़ाव
  • डिब्बे और टिनप्लेट की लागत बढ़ना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: डिब्बाबंद तैयार सब्ज़ियाँ (छोले, राजमा, पालक पनीर) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

डिब्बाबंद तैयार सब्ज़ियाँ (छोले, राजमा, पालक पनीर) शुरू करना है?

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स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Ready to Serve Curried Vegetables (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।