§1यह बिज़नेस क्या है

तीन एक्सट्रूडर LLDPE और LDPE पिघलाकर एक घूमती डाई में भेजते हैं; परतें जुड़कर एक फ़िल्म बनती हैं, जिसे गुब्बारे की तरह फुलाकर हवा से ठंडा किया जाता है, रोलर से चपटा करके लपेटा जाता है। फ़िल्म पर कोरोना ट्रीटमेंट होता है, रोटोग्रेव्योर मशीन पर छपाई होती है और फिर काटी जाती है। रिपोर्ट की LLDPE/LDPE/LLDPE फ़िल्म भारी बोरियों के लिए है; दूसरी परत-जोड़ियाँ खाद्य तेल, मिठाई-बिस्कुट, सूखे मेवे और लुब्रिकेंट तेल की पैकिंग में काम आती हैं। माल IS 10141 या ख़रीदार के नाप पर बनता है।

क्षमता: साल में 630 टन, मूल्य ₹403.65 लाख; को-एक्सट्रूज़न लाइन 105 kg प्रति घंटा बनाती है; तीन पालियाँ, 300 दिन।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

प्लास्टिक प्रोसेसिंग करने वाला, जिसके पैकेजिंग ख़रीदार तय हों और बैंक से वित्त मिल सके।

किसके लिए नहीं

पैकेजिंग में जान-पहचान के बिना पहली बार का उद्यमी — तीन पाली चलाने के लिए लगातार ऑर्डर चाहिए।

फ़ायदे

  • लचीली पैकिंग काग़ज़, फ़ॉइल, टिन और काँच की जगह ले रही है, जैसा रिपोर्ट बताती है
  • छेद-रोधी और गर्मी से सील होने के कारण कई उत्पादों में उपयोगी
  • रिपोर्ट इसे प्रदूषण न करने वाली इकाई मानती है

नुकसान

  • बड़ा निवेश — ₹1.28 करोड़, जिसका दो-तिहाई कार्यशील पूँजी
  • पॉलिमर के दाम कच्चे तेल के साथ चलते हैं
  • प्लास्टिक पैकेजिंग के नियम (EPR, कैरी बैग की न्यूनतम मोटाई) मानने होंगे

कौन-से हुनर चाहिए

  • ब्लोन-फ़िल्म एक्सट्रूज़न और मोटाई पर नियंत्रण
  • ग्रेव्योर छपाई और कटाई
  • पैकेजिंग बिक्री और उधारी पर नियंत्रण

कठिनाई 4/5 क्यों: बड़ी पूँजी, तीन पालियाँ और प्लास्टिक नियमों का पालन।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • भारी बोरियाँ बनाने वाले
  • खाद्य तेल, मिठाई-बिस्कुट, सूखे मेवे और लुब्रिकेंट तेल पैक करने वाले

कैसे बिकता है

  • ख़रीदार के नाप पर सीधी सप्लाई
  • पैकेजिंग बनाने वाली इकाइयाँ

जानने लायक

  • रिपोर्ट में फ़िल्म ₹65 प्रति kg और कतरन ₹20 प्रति kg पर बिकती है।
  • रिपोर्ट के अनुसार माल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की ज़रूरत से बहु-परत फ़िल्म की माँग है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
तीन 47 मिमी सिंगल-स्क्रू एक्सट्रूडर वाला तीन-परत को-एक्सट्रूज़न ब्लोन फ़िल्म प्लांट1—
कोरोना सतह उपचार प्लांट1₹2,00,000
तीन/चार रंग की रोटोग्रेव्योर छपाई मशीन1₹5,00,000
स्लिटर-सह-रीग्राइंडर मशीन1₹1,00,000
जाँच उपकरणएकमुश्त₹50,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Co-Extruded Multilayer Film (2003)

  • LDPE / LLDPE दानेरिपोर्ट में 52,500 kg महीना, ₹50 प्रति kg
  • छपाई की स्याही₹50,000 महीना
  • पैकिंग सामग्री₹5,000 महीना

स्रोत: DC-MSME project profile — Co-Extruded Multilayer Film (2003)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. जहाँ राज्य माँगे, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति
  4. जहाँ लागू हो, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों (EPR) के तहत उत्पादक/ब्रांड-मालिक/आयातक पंजीकरण
  5. मज़दूरों की संख्या फ़ैक्ट्री अधिनियम की सीमा पार करे तो फ़ैक्ट्री लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹1.28 करोड़ का प्रोजेक्ट PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर है; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।

§7पैसा

निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹43.00 लाख (मशीनरी और उपकरण ₹42.35 लाख, बिजली फ़िटिंग ₹3.85 लाख सहित, दफ़्तर का सामान ₹50,000, शुरुआती ख़र्च ₹15,000) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹84.81 लाख = ₹1.28 करोड़। जगह किराए की (₹10,000 महीना)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹84.81 लाख — अकेला पॉलिमर ₹26.25 लाख महीना।

दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

3920.10प्लास्टिक की अन्य प्लेट, शीट, फ़िल्म, पन्नी और पट्टी, बिना छेद और बिना मज़बूती वाली: एथिलीन के पॉलिमर की

निर्यात परिषद / बोर्ड: PLEXCONCIL (The Plastics Export Promotion Council)

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • पॉलिमर के दामों में उछाल
  • प्लास्टिक पैकेजिंग नियमों में बदलाव
  • पैकेजिंग ख़रीदारों को बड़ी उधारी

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: तीन-परत को-एक्सट्रूडेड ब्लोन फ़िल्म की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Co-Extruded Multilayer Film (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।