§1यह बिज़नेस क्या है
माल्ट किया जौ पीसकर गर्म पानी में मिलाया जाता है, लॉटर टन में छाना जाता है, हॉप्स के साथ उबालकर ठंडा किया जाता है, ख़मीर से किण्वन, कंडीशनिंग और छनाई के बाद बोतल में भरा जाता है। माइक्रोब्रुअरी कम मात्रा में अलग-अलग स्वाद बनाती है। सबसे पहले राज्य का आबकारी लाइसेंस चाहिए।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
ऐसे राज्य का व्यक्ति जहाँ माइक्रोब्रुअरी लाइसेंस मिलता हो और जिसके बार-रेस्टोरेंट से संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
शराबबंदी वाले राज्य का व्यक्ति, या जिसमें आबकारी काग़ज़ी काम का धैर्य न हो।
फ़ायदे
- शहरों में क्राफ़्ट बीयर का बढ़ता शौक़
- अपनी रेसिपी और ब्रांड से अलग पहचान
- बचा हुआ अनाज पशु-आहार में बिकता है (रिपोर्ट)
नुकसान
- कई राज्यों में आबकारी लाइसेंस मिलना कठिन और महँगा
- बीयर सिर्फ़ लाइसेंसी दुकानों से बिक सकती है
- कड़ी साफ़-सफ़ाई और ठंडा भंडारण ज़रूरी
कौन-से हुनर चाहिए
- ब्रूइंग विज्ञान और रेसिपी पर नियंत्रण
- साफ़-सफ़ाई और गुणवत्ता जाँच
- आबकारी नियमों का पालन
कठिनाई 5/5 क्यों: सबसे कठिन लाइसेंस है, और ब्रूइंग में असली हुनर चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- बार, पब और रेस्टोरेंट
- शहरों के बीयर पीने वाले
कैसे बिकता है
- लाइसेंसी बार और ब्रूपब
- राज्य नियमों के अनुसार लाइसेंसी शराब दुकानें
जानने लायक
- लॉटरिंग से बचा अनाज अक्सर पशु-आहार में जाता है (रिपोर्ट)।
- बीयर कहाँ और कैसे बिकेगी, यह हर राज्य के आबकारी नियम तय करते हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| माल्ट मिल | 1 | ₹2,80,000 |
| मैश टन | 1 | ₹1,50,000 |
| छनाई प्रणाली | 1 | ₹1,00,000 |
| हीट एक्सचेंजर | 1 | ₹2,74,000 |
| बीयर किण्वन टंकी | 1 | ₹85,000 |
| किल्न (सुखाने की भट्ठी) | 1 | ₹3,20,000 |
| लॉटर टन | 1 | ₹2,50,000 |
| बीयर भरने की मशीन | 1 | ₹2,80,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Craft Beer (prepared by Udyami/Samadhan)
- माल्ट (जौ)
- पानी
- हॉप्स
- ख़मीर (यीस्ट)
स्रोत: PMEGP sample project report — Craft Beer (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- ब्रुअरी या माइक्रोब्रुअरी का राज्य आबकारी लाइसेंस (रिपोर्ट में शराब लाइसेंस)
- FSSAI लाइसेंस
- फ़ायर NOC
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
शोध जारी है। हम अंदाज़े से आँकड़े नहीं लिखते — स्रोत मिलते ही यह हिस्सा भरा जाएगा।
PMEGP पोर्टल पर यह नमूना रिपोर्ट है, पर PMEGP की नकारात्मक सूची में नशीली चीज़ें बनाना या बेचना शामिल नहीं — आवेदन से पहले KVIC या ज़िला उद्योग केंद्र से पात्रता पूछें। किसी भी बैंक कर्ज़ के लिए पहले आबकारी लाइसेंस चाहिए।
§7पैसा
निवेश का आधार: मशीनरी ₹17.39 लाख (GST और ढुलाई अलग), अन्य परिसंपत्तियाँ ₹1.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.61 लाख = ₹24.00 लाख। जगह किराए की (₹30,000 मासिक माना)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹5.61 लाख, जिसमें बैंक से ₹5.05 लाख।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- शराब वाले पेय के निर्यात में राज्य आबकारी की मंज़ूरी भी लगती है।
- 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- लाइसेंस न मिलना या नीति बदलना
- बैच ख़राब होना
- आबकारी शुल्क और दाम पर नियंत्रण
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: क्राफ़्ट बीयर (माइक्रोब्रुअरी) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (ब्रुअरी या माइक्रोब्रुअरी का राज्य आबकारी लाइसेंस (रिपोर्ट में शराब लाइसेंस), FSSAI लाइसेंस), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
क्राफ़्ट बीयर (माइक्रोब्रुअरी) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
