§1यह बिज़नेस क्या है

पॉलीप्रोपिलीन और दूसरे इंजीनियरिंग प्लास्टिक रंग और मिलावटी पदार्थों के साथ हॉपर से डाले जाते हैं, स्क्रू से पिघलकर ठंडे साँचे में भरते हैं, जहाँ पुर्ज़ा जमकर बाहर निकलता है। प्लास्टिक पुर्ज़े हल्के होते हैं, जटिल आकार में सस्ते बनते हैं, कम आवाज़ करते हैं और घिसते कम हैं, इसलिए उपकरण बनाने वाले धातु के पुर्ज़े प्लास्टिक में बदल रहे हैं। बचा हुआ प्लास्टिक पीसकर फिर काम आता है।

क्षमता: नग या टन में नहीं छपी; पहले साल ₹110.70 लाख की बिक्री, हर साल 10% बढ़कर पाँचवें साल ₹184.50 लाख।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

स्नातक, जिसके पंप, खेती मशीन या ऑटो पुर्ज़े बनाने वालों से संपर्क हों।

किसके लिए नहीं

जिसके पास पहले से इंजीनियरिंग ख़रीदार तय न हों — यह ऑर्डर पर बनने वाला काम है।

फ़ायदे

  • धातु से प्लास्टिक में बदलाव बढ़ता चलन है
  • कच्चा माल बिक्री का लगभग आधा — अच्छा सकल मार्जिन
  • 7–9 लोगों की छोटी टीम
  • एक मशीन पर कई साँचे चल सकते हैं

नुकसान

  • हर नए पुर्ज़े के लिए महँगा साँचा चाहिए (मशीन और साँचों के लिए ₹45 लाख)
  • पहले साल घाटा
  • ख़रीदारों को जाँची हुई, एक जैसी गुणवत्ता चाहिए
  • बिक्री के मुक़ाबले बड़ी कार्यशील पूँजी

कौन-से हुनर चाहिए

  • इंजेक्शन मोल्डिंग की सेटिंग
  • इंजीनियरिंग प्लास्टिक चुनना
  • साँचों का रख-रखाव
  • उपकरण बनाने वालों को बिक्री

कठिनाई 3/5 क्यों: सामान्य मोल्डिंग, पर सफलता इंजीनियरिंग ख़रीदार जीतने पर टिकी है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • पंप और फ़्लूइड-पावर उपकरण बनाने वाले
  • खेती और निर्माण उपकरण बनाने वाले
  • ट्रक, पावर-स्पोर्ट और ऑटो पुर्ज़े बनाने वाले
  • औद्योगिक मशीनें बनाने वाले

कैसे बिकता है

  • ख़रीदार की ड्रॉइंग पर सीधी सप्लाई
  • OEM में वेंडर पंजीकरण

जानने लायक

  • रिपोर्ट धातु से प्लास्टिक बदलाव के बाज़ार में निर्माण उपकरण, औद्योगिक पंप, फ़्लूइड पावर, खेती उपकरण और ट्रक गिनाती है।
  • ओवर-मोल्डिंग या इंसर्ट मोल्डिंग से प्लास्टिक पुर्ज़ों में कई सामग्री जोड़ी जा सकती हैं।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
साँचों के साथ इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन1₹45 lakh
सूखा रंग मिक्सर1₹2.50 lakh
स्क्रैप पीसने की मशीन1₹5 lakh
एयर कंप्रेसर1₹7.50 lakh
चिलिंग प्लांट / ठंडक1 लॉट₹5.35 lakh

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Plastic Parts for Engineering Equipments (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • पॉलीप्रोपिलीन (PP) और दूसरे इंजीनियरिंग प्लास्टिकमुख्य कच्चा माल, स्थानीय रूप से मिलता है
  • प्लास्टिसाइज़र, रंग, बाइंडिंग रसायनथोड़ी मात्रा में
  • पैकिंग सामग्रीभेजने के लिए

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Plastic Parts for Engineering Equipments (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

कच्चे माल के डेटाबेस में

ABS रेज़िन →नायलॉन 6 / नायलॉन 66 चिप्स →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. जहाँ लागू हो, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
  4. फ़ैक्टरी लाइसेंस और फ़ायर NOC

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP के लिए बहुत बड़ी; CGTMSE बिना गिरवी बैंक लोन की गारंटी दे सकता है और Stand-Up India SC/ST व महिला उद्यमियों को पैसा देता है।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन 2,000 वर्ग मीटर ₹20 लाख + भवन ₹12 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹65.35 लाख + फ़र्नीचर और बिजली फ़िटिंग ₹6.54 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹7.84 लाख + कार्यशील पूँजी ₹46.13 लाख = ₹157.85 लाख। पैसा: प्रमोटर ₹39.46 लाख, बैंक ₹118.39 लाख (स्थायी संपत्ति का 85%)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹46.13 लाख: माल ₹15.38 लाख, वसूली ₹15.38 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹15.38 लाख; बैंक ₹23.06 लाख, अपना हिस्सा ₹23.06 लाख।

Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल 2018 में अपलोड हुई; प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है। मशीनों और कच्चे माल के दाम अब ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet

  • अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • पॉलिमर के दाम में उतार-चढ़ाव
  • कुछ ख़रीदारों पर निर्भरता
  • साँचा ख़राब होने से सप्लाई रुकना
  • इस्तेमाल में गुणवत्ता फ़ेल होना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: इंजीनियरिंग प्लास्टिक पुर्ज़े (इंजेक्शन मोल्डिंग) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Plastic Parts for Engineering Equipments (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।