§1यह बिज़नेस क्या है
पके आम धोकर काटे जाते हैं, दो चरण वाली पल्पर मशीन में गूदा निकाला जाता है, चीनी और साइट्रिक एसिड मिलाकर स्वाद बराबर किया जाता है, पाश्चराइज़ करके डिब्बों में भरा जाता है, डिब्बे सील करके रिटॉर्ट में जीवाणु-रहित किए जाते हैं। आम का मौसम न हो तो यही प्लांट सब्ज़ियाँ और दालें तरी या नमक-पानी में पकाकर डिब्बाबंद करता है, और अचार, सॉस, चटनी बोतलों में भरता है। डिब्बाबंद खाना एक से पाँच साल तक चलता है।
क्षमता: हर घंटे 2 टन आम से 1 टन गूदा। साल में 3,780 टन उत्पाद: तरी वाली डिब्बाबंद सब्ज़ी 900, अचार 720, आम का गूदा 720, सॉस और चटनी 720, नमक-पानी वाली सब्ज़ी 720।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
खाद्य तकनीक जानने वाला व्यक्ति या खाद्य व्यापार का अनुभवी परिवार, जिसके पास पूँजी, ख़रीदारों का नेटवर्क और आम उगाने वाले इलाक़ों तक पहुँच हो।
किसके लिए नहीं
कम बचत वाला पहली बार का उद्यमी — यह कारख़ाने के आकार की परियोजना है।
फ़ायदे
- मौसम में आम का गूदा और पूरे साल डिब्बाबंद सब्ज़ी — प्लांट ख़ाली नहीं रहता
- डिब्बाबंद खाना बिना कोल्ड चेन के एक से पाँच साल चलता है
- उसी लाइन पर अचार, सॉस और चटनी भी बनती हैं
- रिपोर्ट लागत में ₹50 लाख का MFPI अनुदान गिनती है
नुकसान
- कार्यशील पूँजी से पहले ही लगभग ₹3 करोड़ — बहुत बड़ी परियोजना
- पैकिंग का ख़र्च फल से भी ज़्यादा (पहले साल ₹841.71 लाख बनाम ₹322.42 लाख)
- 124 कर्मचारियों को सँभालना
- पतला मार्जिन: पहले साल लगभग 4.4% शुद्ध
कौन-से हुनर चाहिए
- रिटॉर्ट में जीवाणु-रहित करना और डिब्बे सील करना
- कड़े मुक़ाबले वाले बाज़ार में लागत का हिसाब
- छोटे मौसम में फल ख़रीदना
- खाद्य सुरक्षा और लैब जाँच
कठिनाई 5/5 क्यों: ₹3 करोड़ का प्लांट, 124 कर्मचारी और डिब्बाबंदी में कड़ी साफ़-सफ़ाई।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- दुकानें और सुपरमार्केट
- पेय, जैम और फ्रूट-बार बनाने वाले (प्राकृतिक आम का गूदा)
- होटल, कैटरर और संस्थाएँ
- आयातक (रिपोर्ट के अनुसार यूरोप डिब्बाबंद फल-सब्ज़ी का सबसे बड़ा ख़रीदार है)
कैसे बिकता है
- वितरक और थोक व्यापारी
- खाद्य और पेय कारख़ानों को सीधी सप्लाई
- IEC के ज़रिए निर्यात
जानने लायक
- रिपोर्ट आगे चलकर जैविक उपज की डिब्बाबंदी या IQF जमे फल-सब्ज़ी जोड़ने का सुझाव देती है।
- प्रशिक्षण IIFPT तंजावुर और CFTRI मैसूरु में मिलता है (रिपोर्ट में नाम है)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| फल-सब्ज़ी धोने की मशीन, ब्लोअर और कन्वेयर के साथ (2 TPH) | 1 | — |
| जड़ वाली सब्ज़ियाँ छीलने की मशीन (500 kg/घंटा) | 1 | — |
| फल आधा काटने की मशीन (2 TPH) | 1 | — |
| दो चरण वाली पल्पिंग मशीन (2 TPH) | 1 | — |
| टमाटर के लिए हॉट ब्रेक सिस्टम (1,000 LPH) | 1 | — |
| नींबू रस निकालने की मशीन (2 TPH), क्लैरिफ़ायर और प्लेट हीट एक्सचेंजर के साथ | हर एक 1 | — |
| वैक्यूम पैन, SS 316, पंप के साथ (500 LPH) | 1 | — |
| भाप बॉयलर पाइपलाइन के साथ (2 TPH) | 1 लॉट | — |
| गंदा-पानी शोधन संयंत्र (रोज़ 20 KL) | 1 लॉट | — |
| RO प्लांट (हर घंटे 10,000 लीटर) | 1 लॉट | — |
| डिब्बाबंदी के उपकरण | 1 लॉट | — |
| कुल प्लांट और मशीनरी | — | ₹149.97 lakh |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Canning Unit: Canned Fruit & Vegetable Products, Mango (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- आमसाल में 1,440 टन
- दूसरे फलसाल में 200 टन
- सब्ज़ियाँसाल में 810 टन
- चीनीसाल में 72 टन
- साइट्रिक एसिड और एसिटिक एसिडसाल में 5 और 2 टन
- मसाले, नमक और परिरक्षकसाल में 10, 5 और 0.5 टन
- डिब्बे और पैकिंग सामग्रीपहले साल ₹841.71 लाख — सबसे बड़ा ख़र्च
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Canning Unit: Canned Fruit & Vegetable Products, Mango (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
Building Business Bazaar में सप्लायर
NIFTEM Kundli (National Institute of Food Technology Entrepreneurship and Management) · Kundli →NIFTEM Thanjavur (National Institute of Food Technology, Entrepreneurship and Management) · Thanjavur →CSIR-Central Food Technological Research Institute (CFTRI), Mysuru · Mysuru →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- निर्यात के लिए IEC कोड
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (प्लांट में रोज़ 20 KL का गंदा-पानी शोधन संयंत्र है)
- फ़ायर NOC और फ़ैक्टरी लाइसेंस
- ESI और PF पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
रिपोर्ट ख़ुद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MFPI) का ₹50 लाख अनुदान गिनती है। SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India; बिना गिरवी बैंक लोन की गारंटी के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: ज़मीन 1,500 वर्ग मीटर ₹15 लाख + भवन 1,500 वर्ग मीटर ₹135 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹149.97 लाख = ₹299.97 लाख। कार्यशील पूँजी अलग से निकाली गई है (₹391.64 लाख का माल और उधारी; प्रमोटर का हिस्सा ₹204.85 लाख, बैंक ₹186.79 लाख) और इस जोड़ में शामिल नहीं है। पैसा: प्रमोटर ₹74.99 लाख, टर्म लोन ₹174.98 लाख, MFPI सब्सिडी ₹50 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹391.64 लाख का माल और उधारी: कच्चा माल 15 दिन, पैकिंग सामग्री 30 दिन, तैयार माल 15 दिन, ख़रीदारों से वसूली 15 दिन। प्रमोटर का हिस्सा ₹204.85 लाख, बैंक ₹186.79 लाख। डिब्बे और पैकिंग सबसे बड़ा ख़र्च हैं।
Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल 2018 में अपलोड हुई; प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है। मशीनों और कच्चे माल के दाम अब ज़्यादा होंगे।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- आम की कमज़ोर फ़सल या फल के दाम में उछाल
- डिब्बों और पैकिंग के दाम बढ़ना
- ख़राब सीलिंग या कम पकाने से डिब्बे फूलना या माल ख़राब होना
- बड़े ख़रीदारों को लंबी उधारी
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: फल और सब्ज़ी कैनिंग इकाई (आम का गूदा, तरी वाली सब्ज़ियाँ) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
फल और सब्ज़ी कैनिंग इकाई (आम का गूदा, तरी वाली सब्ज़ियाँ) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
- SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Canning Unit: Canned Fruit & Vegetable Products, Mango (2018)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
