§1यह बिज़नेस क्या है

स्टील बिलेट काटकर, इंडक्शन से गर्म करके गियर ब्लैंक में फ़ोर्ज किए जाते हैं, CNC लेथ पर मशीन होते हैं, गियर-होबिंग मशीनों पर दाँते काटे जाते हैं, इंडक्शन से सख़्त, ग्राइंड और लैप किए जाते हैं, फिर गियर-प्रोफ़ाइल जाँच मशीन पर परखे जाते हैं। तैयार गियर से माल ढुलाई, खाद्य और पेय संयंत्रों, वाहन क्षेत्र और सामान्य मशीनों के लिए गियर बॉक्स (गति घटाने वाले) बनते हैं। रिपोर्ट में छोटी इकाई ₹1,200 और बड़े गियर बॉक्स ₹1,00,000 या ज़्यादा माने गए हैं।

क्षमता: अलग-अलग नाप और क्षमता के साल में 10,000 गियर और गियर बॉक्स।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

गियर या ट्रांसमिशन का अनुभवी इंजीनियर, जिसके पास मज़बूत पूँजी और औद्योगिक बिक्री संपर्क हों।

किसके लिए नहीं

पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाला या फ़ोर्जिंग और गियर कटिंग के अनुभव के बिना कोई भी।

फ़ायदे

  • हर कन्वेयर, मिक्सर, क्रेन और मशीन को गियर बॉक्स चाहिए
  • 7.5–75 kW की गियर मोटरें बढ़ता हुआ हिस्सा हैं
  • अपनी फ़ोर्जिंग से ब्लैंक की गुणवत्ता और लागत पर नियंत्रण
  • कई उद्योगों में ख़रीदार

नुकसान

  • बहुत बड़ा निवेश — ₹3 करोड़ से ज़्यादा
  • गियर होबिंग और ग्राइंडिंग मशीनें महँगी
  • बड़े टर्नओवर पर पतला मार्जिन
  • OEM अनुबंध जमे हुए ब्रांडों के पास

कौन-से हुनर चाहिए

  • गियर डिज़ाइन और धातु विज्ञान
  • फ़ोर्जिंग, होबिंग, ताप उपचार और ग्राइंडिंग
  • गियर प्रोफ़ाइल जाँच
  • औद्योगिक बिक्री और बिक्री के बाद सेवा

कठिनाई 5/5 क्यों: ₹3 करोड़ से ज़्यादा निवेश, भारी मशीनें और गहरा तकनीकी हुनर।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • माल ढुलाई और कन्वेयर निर्माता
  • खाद्य और पेय संयंत्र निर्माता
  • वाहन और वाहन-पुर्ज़ा निर्माता
  • सामान्य मशीन निर्माता और रखरखाव विभाग

कैसे बिकता है

  • OEM को सीधी आपूर्ति
  • पावर-ट्रांसमिशन डीलर
  • कारख़ानों को बदलाव बिक्री

जानने लायक

  • रिपोर्ट कहती है कि 7.5–75 kW की गियर मोटरें नया चलन हैं, जिनमें 7.5–15 kW सबसे बड़ा हिस्सा है।
  • रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के लगभग 80% गियर लगभग अंतिम आकार के ढलवाँ या फ़ोर्ज किए ब्लैंक से बनते हैं।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
ब्लैंक/बिलेट कटिंग मशीनें2₹3,00,000
ब्लैंक के लिए इंडक्शन हीटर2₹5,00,000
न्यूमैटिक फ़ोर्जिंग हथौड़े2₹14,00,000
मैकेनिकल फ़ोर्जिंग हथौड़े2₹5,00,000
गियर होबिंग मशीनें2₹40,00,000
गियर ग्राइंडिंग मशीनें2₹36,00,000
भारी ड्यूटी मिलिंग मशीनें2₹11,00,000
इंडक्शन ताप उपचार इकाइयाँ2₹3,60,000
शॉट ब्लास्टिंग मशीनें2₹2,40,000
CNC लेथ2₹13,00,000
सिलिंड्रिकल ग्राइंडर1₹7,00,000
लैपिंग मशीन1₹8,00,000
लेथ मशीनें2₹4,00,000
वर्टिकल लेथ1₹4,50,000
रेडियल और पिलर ड्रिलिंग मशीनें2₹4,00,000
गियर प्रोफ़ाइल जाँच और परीक्षण मशीनें3₹3,00,000
5-अक्ष CNC मापने की मशीन1₹6,50,000
डाई टूल, गेज और अन्य औज़ार1 lot₹7,00,000

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Gear Boxes (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • सटीक ढलवाँ स्टील गियर ब्लैंकरिपोर्ट में ₹60–350 प्रति kg
  • फ़ोर्ज किए गियर ब्लैंक या मिश्र धातु स्टील बिलेट₹120–300 प्रति kg
  • गियर बॉक्स के लिए बेयरिंग, हाउसिंग, सील और स्नेहकबाहर से ख़रीद

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Gear Boxes (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. फ़ैक्टरी लाइसेंस और नक़्शा मंज़ूरी
  4. अग्निशमन NOC
  5. फ़ोर्जिंग और ताप उपचार के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
  6. ESI और PF
  7. कंपनी के रूप में बनाएँ तो कंपनी पंजीकरण
  8. निर्यात करें तो IEC कोड

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹191.14 लाख का कर्ज़ Stand-Up India की ₹1 करोड़ सीमा और PMEGP की सीमा से ऊपर है; CGTMSE ₹5 करोड़ तक के कर्ज़ की गारंटी दे सकता है।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन ₹25.00 लाख, भवन ₹45.00 लाख, प्लांट और मशीनरी ₹177.00 लाख (मशीनें ₹170 लाख + औज़ार ₹7 लाख), फ़िक्सचर और बिजली ₹4.85 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹3.00 लाख, कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹64.38 लाख = ₹319.23 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कुल कार्यशील पूँजी ₹141.49 लाख; मार्जिन ₹64.38 लाख, बैंक ₹77.12 लाख।

दाम 2018 के हैं — मशीनों और निर्माण की लागत अब ज़्यादा होगी।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet

  • अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • स्टील के दाम का उतार-चढ़ाव पतले मार्जिन को खा जाए
  • ताप उपचार की ख़राबी
  • बड़े कर्ज़ के सामने धीमी शुरुआत
  • जमे हुए ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: गियर और गियर बॉक्स निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Gear Boxes (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।