§1यह बिज़नेस क्या है
इल्कल लाल, हासन हरा और कनकपुरा बहुरंगी जैसे रंगों के 1–2 घन फ़ुट के ग्रेनाइट ब्लॉक खदान मालिकों से ख़रीदे जाते हैं, स्वचालित हीरा गोल आरी पर स्लैब में काटे जाते हैं, किनारों से नाप में काटे जाते हैं और शीशे जैसी चमक तक पॉलिश किए जाते हैं। टाइलें बिल्डरों, ठेकेदारों और टाइल डीलरों को जाती हैं। रिपोर्ट में साल में 75,000 टाइलें मानी गई हैं: 6×6 इंच की 50,000 ₹100 पर, 12×12 इंच की 20,000 ₹200 पर और 12×24 इंच की 5,000 ₹300 पर।
क्षमता: साल में 75,000 टाइलें, पूरी क्षमता पर ₹105 लाख की।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
ग्रेनाइट खदानों या पत्थर बाज़ार के पास रहने वाला, जिसके बिल्डरों और टाइल डीलरों से संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जो खदानों और ख़रीदारों दोनों से दूर हो — भारी पत्थर का भाड़ा मार्जिन खा जाता है।
फ़ायदे
- भारत में ग्रेनाइट के विशाल भंडार — रिपोर्ट के अनुसार 1 अप्रैल 2015 को 40,000 मिलियन घन मीटर
- घरों और व्यावसायिक इमारतों से स्थिर माँग
- ग्रेनाइट टाइलों के निर्यात की संभावना
- आसान प्रक्रिया: काटना, नाप में काटना, पॉलिश
नुकसान
- रिपोर्ट में पहले दो साल घाटा
- भारी, शोर और धूल भरा काम
- कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान के बड़े ग्रेनाइट प्रोसेसर दाम पर टक्कर देते हैं
- छोटी टाइलों को विट्रिफ़ाइड टाइलों से प्रतिस्पर्धा
कौन-से हुनर चाहिए
- अच्छे ब्लॉक और रंग चुनना
- आरी और पॉलिशिंग मशीन चलाना
- हीरा औज़ारों का रखरखाव
- बिल्डरों और डीलरों को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: सीधी प्रक्रिया, पर भारी काम, शुरुआती घाटा और दाम की प्रतिस्पर्धा।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- बिल्डर और सिविल ठेकेदार
- टाइल और पत्थर डीलर
- व्यावसायिक परिसर परियोजनाएँ
कैसे बिकता है
- पत्थर और टाइल बाज़ार
- बिल्डरों को सीधी आपूर्ति
- व्यापारी निर्यातकों के ज़रिए निर्यात
जानने लायक
- रिपोर्ट भारत को दक्षिण अफ़्रीका के बाद दूसरा सबसे बड़ा ग्रेनाइट उत्पादक बताती है, जिसका निर्यात बाज़ार जमा हुआ है।
- सजावटी सामान और ग्रेनाइट रेत की भी देश में माँग है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| स्वचालित गोल आरी मशीनें (कटाई गहराई 375 mm) | 3 | ₹10,50,000 |
| हीरा खंड वाली गोल आरी, 1,000 mm, 25 HP मुख्य मोटर | 1 | ₹4,50,000 |
| दो ब्लेड वाली किनारा कटिंग मशीन | 1 | ₹1,50,000 |
| भारी ड्यूटी पॉलिशिंग मशीन (हाथ से) | 1 | ₹2,00,000 |
| पॉलिशिंग हेड, सामान और जाँच उपकरण | 1 lot | ₹1,60,000 |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Granite Tiles (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- 1–2 घन फ़ुट के ग्रेनाइट ब्लॉककर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और राजस्थान के खदान मालिकों से
- हीरा आरी खंड और पॉलिशिंग अपघर्षकखपत का सामान
- पानीकटाई और पॉलिश के लिए
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Granite Tiles (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
Building Business Bazaar में सप्लायर
Afam Stonemachin · Bengaluru →Bhukanvala Diamond Tools Pvt. Ltd · Mumbai →Hensel (India) Pvt. Ltd · Bengaluru →Jodhpur Machine Tools · Jodhpur →M. L. Shah and Co Machinery) Pvt. Ltd. · Mumbai →M. R. Industries · Ahmedabad →Mysore Minerals Ltd · Bengaluru →Neel Enterprises · Ahmedabad →Rajasthan Industries · Jodhpur →Rajasthan Tools Pvt. Ltd · Jodhpur →Rajasthan Udyog · Jodhpur →Winter Misra Diamond Tools Ltd · Delhi →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (पत्थर कटाई और घोल)
- फ़ैक्टरी लाइसेंस
- घूमती मशीनों और धूल के लिए फ़ैक्टरी अधिनियम के सुरक्षा नियम
§6योजनाएँ और सब्सिडी
₹42.75 लाख का बैंक कर्ज़ SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India (₹10 लाख–₹1 करोड़) में आता है; CGTMSE उसकी गारंटी दे सकता है। ₹57 लाख पर परियोजना PMEGP की ₹50 लाख सीमा से थोड़ी ऊपर है।
§7पैसा
निवेश का आधार: 1,000 वर्ग मीटर ज़मीन ₹4.00 लाख, 500 वर्ग मीटर भवन ₹5.00 लाख, प्लांट और मशीनरी ₹20.10 लाख, फ़र्नीचर और बिजली ₹2.00 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.90 लाख, कार्यशील पूँजी ₹25.00 लाख = ₹57.00 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹25.00 लाख; मार्जिन ₹13.50 लाख, बैंक ₹16.50 लाख।
दाम 2018 के हैं — मशीनों और निर्माण की लागत अब ज़्यादा होगी।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ब्लॉक की गुणवत्ता और रंग में अंतर
- स्लैब टूटना और बर्बादी
- धूल, घोल और शोर की शिकायतें
- दाम की प्रतिस्पर्धा
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ग्रेनाइट टाइल कटिंग और पॉलिशिंग इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ग्रेनाइट टाइल कटिंग और पॉलिशिंग इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
