§1यह बिज़नेस क्या है
कच्चा पानी RO, UV और ओज़ोन से साफ़ होता है; चिया, तुलसी (सब्ज़ा) और अलसी के बीज, मोरिंगा, तुलसी, गिलोय, आँवला, बुरांश, लेमनग्रास, पुदीना और अश्वगंधा के अर्क बनाकर छाने और एक-से किए जाते हैं, पानी में मिलाए जाते हैं, कीटाणु जाँच होती है और 250 ml से 1 लीटर की बोतलों में भरे जाते हैं। उत्पाद बिना चीनी, कम कैलोरी वाले फ़ंक्शनल पानी के रूप में जिम, योग और वेलनेस केंद्रों, अस्पतालों, होटलों, दफ़्तरों, सुपरमार्केट और ऑनलाइन ग्राहकों को बिकता है। यह बड़ा प्लांट है — ₹2.80 करोड़ और 42 कर्मचारी।
क्षमता: साल में 25 लाख बोतलें; पहले साल 60%, पाँचवें साल तक 100%।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
तकनीकी स्टाफ़, वितरण नेटवर्क और बड़े कर्ज़ तक पहुँच वाला अनुभवी खाद्य या पेय उद्यमी।
किसके लिए नहीं
पहली बार का या छोटा उद्यमी — आकार, नियम और प्रचार का बोझ भारी है।
फ़ायदे
- बिना चीनी वाले सेहत के पेय तेज़ी से बढ़ता बाज़ार हैं
- हिमालयी जड़ी-बूटियाँ (बुरांश, तुलसी, गिलोय) अलग पहचान देती हैं
- एक ही लाइन से कई पैक साइज़ और क़िस्में
- होटल, जिम और अस्पताल जैसे संस्थागत ख़रीदार
नुकसान
- बहुत बड़ा निवेश — ₹2.80 करोड़
- ग्राहकों को समझाना पड़ेगा कि 'डाइट वॉटर' क्या है
- शोध और जाँच का भारी काम; सेहत के दावों पर कड़े नियम
- दुकानों की शेल्फ़ के लिए बड़े पेय ब्रांडों से होड़
कौन-से हुनर चाहिए
- जल शोधन और कीटाणु-रहित भराई
- जड़ी-बूटियों का अर्क निकालना और एक-सा करना
- सूक्ष्मजीव विज्ञान और गुणवत्ता प्रणाली (HACCP, ISO 22000)
- ब्रांड बनाना और बड़े स्टोरों तक वितरण
कठिनाई 5/5 क्यों: बड़ी पूँजी, कड़े खाद्य नियम, शोध और बेचने के लिए एक नई उत्पाद श्रेणी।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- जिम जाने वाले, खिलाड़ी और सेहत के प्रति सजग ग्राहक
- होटल, रिज़ॉर्ट और वेलनेस केंद्र
- अस्पताल, आयुर्वेदिक क्लिनिक और योग केंद्र
- कंपनियों के दफ़्तर, स्कूल और विश्वविद्यालय
कैसे बिकता है
- सुपरमार्केट और जैविक दुकानें
- Amazon, Flipkart, Blinkit, BigBasket और अपनी वेबसाइट
- हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और पर्यटन स्थल
- संस्थाओं के साथ आपूर्ति अनुबंध
जानने लायक
- आय पहले साल ₹500 लाख और पाँचवें साल ₹1,300 लाख अनुमानित है।
- प्रोफ़ाइल उत्तराखंड के बाहर दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चंडीगढ़, जयपुर और लखनऊ को लक्षित बाज़ार बताती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| RO जल संयंत्र | — | ₹15,00,000 |
| UV कीटाणुनाशक प्रणाली | — | ₹4,00,000 |
| ओज़ोन इकाई | — | ₹5,00,000 |
| जड़ी-बूटी अर्क संयंत्र | — | ₹12,00,000 |
| मिक्सिंग टैंक | — | ₹8,00,000 |
| भंडारण टैंक | — | ₹5,00,000 |
| छानने की प्रणाली | — | ₹4,00,000 |
| बोतल धोने की मशीन | — | ₹5,00,000 |
| भराई मशीन | — | ₹18,00,000 |
| ढक्कन लगाने की मशीन | — | ₹4,00,000 |
| लेबल लगाने की मशीन | — | ₹5,00,000 |
| श्रिंक रैपिंग मशीन | — | ₹4,00,000 |
| प्रयोगशाला उपकरण | — | ₹6,00,000 |
| डीज़ल जनरेटर सेट | — | ₹5,00,000 |
| अन्य उपकरण | — | ₹5,00,000 |
स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Herbal Diet Water (prepared by EDII Ahmedabad)
- RO से साफ़ पानीसाल में 18 लाख लीटर
- चिया, सब्ज़ा और अलसी के बीजसाल में 6 टन, 5 टन और 5 टन
- मोरिंगा की पत्तियाँ, तुलसी की पत्तियाँ और गिलोय का तनासाल में 4 टन, 3 टन और 4 टन
- आँवला अर्क और बुरांश अर्कसाल में 2 टन और 1 टन
- प्राकृतिक स्वादसाल में 1.5 टन
- बोतलें और लेबलहर एक साल में 25 लाख; श्रिंक फ़िल्म 20 टन; नालीदार डिब्बे 2 लाख
स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Herbal Diet Water (prepared by EDII Ahmedabad)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI विनिर्माण लाइसेंस — पहले उत्पाद की श्रेणी (पेय या न्यूट्रास्यूटिकल) पक्की करें
- अगर उत्पाद पैकेज्ड पीने का पानी माना जाए तो BIS प्रमाणन अनिवार्य है
- उद्यम और GST पंजीकरण
- फ़ैक्ट्री लाइसेंस
- फ़ायर NOC
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- ट्रेड लाइसेंस
- ISO 22000, GMP और HACCP प्रमाणन (प्रोफ़ाइल में लिखा है)
- ट्रेडमार्क पंजीकरण
- CPCB में प्लास्टिक पैकेजिंग का EPR पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
CGTMSE ₹10 करोड़ तक के बिना गिरवी कर्ज़ की गारंटी देता है और स्टैंड-अप इंडिया SC/ST और महिला उद्यमियों को ₹10 लाख–₹1 करोड़ देता है। प्रोफ़ाइल बिना योजना का नाम लिए 10% (₹28 लाख) सब्सिडी मानती है; PMEGP की ₹50 लाख की सीमा इस प्रोजेक्ट से बहुत कम है।
§7पैसा
निवेश का आधार: ज़मीन का विकास और इमारत ₹45 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹105 लाख + बिजली फ़िटिंग ₹12 लाख + फ़र्नीचर ₹6 लाख + प्रयोगशाला ₹10 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹8 लाख + उत्पाद विकास और जाँच ₹15 लाख + ब्रांडिंग ₹15 लाख + कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹55 लाख + आकस्मिक ₹9 लाख = ₹280 लाख। प्रवर्तक ₹70 लाख (25%), बैंक ₹182 लाख (65%), सब्सिडी ₹28 लाख (10%)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹280 लाख के प्रोजेक्ट में कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹55 लाख।
प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — आज के दाम पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- प्रोफ़ाइल UAE, कनाडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ब्रिटेन और अमेरिका को संभावित निर्यात बाज़ार बताती है पर HS कोड नहीं छापती — DGFT से ITC(HS) लाइन पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- FSSAI द्वारा उत्पाद को योजना से अलग श्रेणी में रखना
- कम टिकाऊपन या कीटाणु से ख़राबी
- ग्राहकों का धीरे अपनाना
- जड़ी-बूटियों की आपूर्ति और दाम में उतार-चढ़ाव
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: हर्बल डाइट वॉटर (जड़ी-बूटी वाला पीने का पानी) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI विनिर्माण लाइसेंस — पहले उत्पाद की श्रेणी (पेय या न्यूट्रास्यूटिकल) पक्की करें, अगर उत्पाद पैकेज्ड पीने का पानी माना जाए तो BIS प्रमाणन अनिवार्य है), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
हर्बल डाइट वॉटर (जड़ी-बूटी वाला पीने का पानी) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
