§1यह बिज़नेस क्या है
ग्रेड किए पैटर्न से ऊपरी और अस्तर के हिस्से क्लिक (काटे) किए जाते हैं, किनारे पतले करके मोड़े और सिले जाते हैं, आईलेट लगते हैं और ऊपरी हिस्सा मशीन या हाथ से लास्ट पर चढ़ाया जाता है। रबर का तला लगाकर बूट को कंबाइंड फ़िनिशिंग मशीन पर फ़िनिश, ठप्पा और पैक किया जाता है। प्रोफ़ाइल में आयातित फ़ोरपार्ट और साइड-एंड-सीट लास्टिंग मशीनें और भारतीय क्लिकिंग, स्काइविंग व सिलाई मशीनें हैं, और कहा गया है कि निर्यात ऑर्डर ख़रीदार के अपने विनिर्देश के साथ आते हैं। क्रोम ऊपरी चमड़ा, अस्तर चमड़ा और वनस्पति-टैन्ड तला चमड़ा प्रोफ़ाइल में दिए BIS मानकों के अनुसार होते हैं।
क्षमता: साल में 30,000 जोड़ी (एक पाली, महीने में 25 दिन)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
जूता तकनीशियन या आगरा, कानपुर, चेन्नई जैसे जूता क्लस्टर का व्यक्ति जिसके निर्यात संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जिसके पास जूता बनाने का प्रशिक्षण या बूट का ख़रीदार न हो।
फ़ायदे
- जूते भारत की निर्यात कमाई का बड़ा स्रोत
- चमड़ा और कारीगर स्थानीय रूप से मिलते हैं
- वेल्टेड बूट की प्रति जोड़ी क़ीमत ज़्यादा
- किराए की जगह से स्थायी लागत कम
नुकसान
- लास्टिंग मशीनें आयातित और महँगी
- कुशल सिलाई और लास्टिंग कारीगर चाहिए
- निर्यात ख़रीदार अपने विनिर्देश तय करते हैं
- चमड़े के स्टॉक में बड़ी कार्यशील पूँजी
कौन-से हुनर चाहिए
- पैटर्न काटना और ग्रेडिंग
- सिलाई (क्लोज़िंग) और लास्टिंग
- वेल्टिंग और तला लगाना
- निर्यात ऑर्डर संभालना
कठिनाई 3/5 क्यों: कुशल कारीगर और आयातित मशीनें, पर क्लस्टर का जाना-पहचाना धंधा।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- विदेशी जूता आयातक
- भारत के जूता थोक और खुदरा व्यापारी
- जॉब ऑर्डर देने वाले निर्यात घराने
कैसे बिकता है
- बाइंग एजेंटों के ज़रिए निर्यात ऑर्डर
- देश के थोक व्यापारी
- खुदरा चेन
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल जूते और चमड़े के सामान को विदेशी मुद्रा का बड़ा स्रोत बताती है और कहती है कि बूट का निर्यात हर साल बढ़ रहा है।
- इसके अनुसार इस बूट का कोई भारतीय मानक नहीं; निर्यात ऑर्डर ख़रीदार के विनिर्देश के साथ आते हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| फ़ोरपार्ट लास्टिंग मशीन (आयातित) | 1 | ₹7,00,000 |
| साइड और सीट लास्टिंग मशीन (आयातित) | 1 | ₹8,00,000 |
| क्लिकिंग प्रेस | 1 | ₹1,00,000 |
| स्काइविंग मशीन | 1 | ₹60,000 |
| कंबाइंड फ़िनिशिंग मशीन | 1 | ₹55,000 |
| फ़्लैट-बेड औद्योगिक सिलाई मशीनें | 4 | ₹36,000 |
| लकड़ी के लास्ट | 200 pairs | ₹40,000 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Gents Leather Long Boot (Welted) (2003)
- ऊपरी चमड़ा87,500 वर्ग डेसीमीटर महीना, ₹4 प्रति वर्ग डेसीमीटर
- मुलायम अस्तर चमड़ा50,000 वर्ग डेसीमीटर महीना, ₹2.50 प्रति वर्ग डेसीमीटर
- इनसोल, टो-पफ़ और स्टिफ़नर के लिए वनस्पति-टैन्ड तला चमड़ा875 किग्रा महीना, ₹100 प्रति किग्रा
- रबर तले500 शीट महीना, ₹350 प्रति शीट
स्रोत: DC-MSME project profile — Gents Leather Long Boot (Welted) (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Abdul Khander and Co · Chennai →Allied Resin Chemicals Ltd · Kolkata →Bharani Agencies · Chennai →Farida Prime Tannery · Chennai →Golden Chemicals (P) Ltd · Mumbai →Harman Sales Union · Mumbai →Indogil Chemicals Industries · Mumbai →Modi Threads · Meerut →Pidilite Industries Ltd · Chennai →Shafeeq Shameed and Co · Chennai →Swastic Chemicals Industries (P) Ltd · Mumbai →Synfhokem Industries · Chennai →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- जहाँ जूता गुणवत्ता नियंत्रण आदेश आपके उत्पाद पर लागू हो वहाँ BIS प्रमाणन
- ट्रेड लाइसेंस
- निर्यात के लिए आयातक-निर्यातक कोड (IEC)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
₹52 लाख की परियोजना PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ज़रा ऊपर है; CGTMSE (बिना गिरवी गारंटी) और स्टैंड-अप इंडिया (SC/ST और महिलाओं के लिए ₹10 लाख–₹1 करोड़) लागू।
§7पैसा
निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: मशीनरी और उपकरण ₹21.88 लाख (आयातित फ़ोरपार्ट लास्टिंग ₹7.00 लाख और साइड-एंड-सीट लास्टिंग ₹8.00 लाख) + शुरुआती ख़र्च ₹0.12 लाख = स्थायी पूँजी ₹22.00 लाख; 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹30.32 लाख; कुल ₹52.32 लाख। जगह ₹10,000 महीना किराए पर।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने के लिए ₹30.32 लाख; कच्चा माल ₹8.20 लाख महीना (ऊपरी चमड़ा ₹3.50 लाख, रबर तले ₹1.75 लाख)।
दाम 2003 के हैं — मशीनरी, ज़मीन और कच्चे माल की लागत अब काफ़ी ज़्यादा होगी।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Council for Leather Exports (CLE)
- विदेशी ख़रीदार अक्सर सामाजिक और रासायनिक अनुपालन ऑडिट माँगते हैं।
- माल भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- चमड़े के दाम में उतार-चढ़ाव
- निर्यात खेप की अस्वीकृति
- कुछ ख़रीदारों पर निर्भरता
- फ़ैशन का लंबे बूट से हटना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: पुरुषों के चमड़े के लंबे बूट (वेल्टेड) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
पुरुषों के चमड़े के लंबे बूट (वेल्टेड) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
