§1यह बिज़नेस क्या है

जड़ी-बूटियाँ और पौधों के हिस्से — अखरोट का छिलका, हल्दी, बुराँश के फूल, बांज की गाँठ, हरड़, नील और छालें — धोए, सुखाए और पीसे जाते हैं, गर्म टैंकों में रंग निकाला जाता है, छाना जाता है, बबूल का गोंद जैसे प्राकृतिक बाइंडर और लौंग तेल जैसे परिरक्षक मिलाकर बोतल में भरा और लेबल किया जाता है। ख़रीदार स्कूल, कलाकार, सुलेखक, इको-स्टेशनरी ब्रांड, स्मृति-चिह्न दुकानें और विदेशी ख़रीदार हैं।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

रसायन या वनस्पति विज्ञान का प्रशिक्षण और कला, स्टेशनरी या शिल्प बाज़ार से जुड़ाव रखने वाला उद्यमी।

किसके लिए नहीं

जो बड़े पैमाने की बिक्री चाहता है — लिखने की स्याही अब छोटा बाज़ार है।

फ़ायदे

  • अनोखा उत्पाद, बनाने वाले कम
  • जड़ी-बूटियाँ उत्तराखंड में ही उगती हैं
  • पौधों का बचा हिस्सा खाद के रूप में बिकता है
  • इको-स्टेशनरी और हाथ के काग़ज़ वालों के साथ साझेदारी

नुकसान

  • छोटा, सीमित बाज़ार — ज़्यादातर कलाकार और उपहार ख़रीदार
  • आय के हिसाब से बड़ी टीम (24 लोग)
  • धीमा ब्रेक-ईवन (लगभग 3 साल)
  • टिकाऊपन और रंग पक्कापन की सावधान जाँच ज़रूरी

कौन-से हुनर चाहिए

  • रंग निकालना और फ़ॉर्मूला बनाना
  • गुणवत्ता जाँच
  • पैकिंग और ब्रांडिंग
  • कलाकारों, स्कूलों और ब्रांडों को बिक्री

कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया सरल, पर बाज़ार सीमित और ख़र्च ज़्यादा।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • स्कूल, कॉलेज और सांस्कृतिक केंद्र
  • कलाकार और सुलेख समूह
  • इको-स्टेशनरी ब्रांड और हाथ का काग़ज़ बनाने वाले
  • स्मृति-चिह्न दुकानें और जापान, जर्मनी व अमेरिका के ख़रीदार

कैसे बिकता है

  • स्थानीय खुदरा (प्रोफ़ाइल में बिक्री का 35%)
  • संस्थागत बिक्री (25%)
  • ऑनलाइन और निर्यात (20%)
  • कस्टम कला स्याही (15%) और मेले (5%)

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल के अनुसार पौधों का बचा हिस्सा जैविक किसानों को खाद के रूप में बेचा जा सकता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
हर्बल ड्रायर (बिजली/सोलर)2₹3,00,000
पल्वराइज़र / पीसने की मशीन1₹2,50,000
हीटर वाला अर्क टैंक2₹4,00,000
बहु-चरण छनाई इकाई1₹2,00,000
मिक्सिंग और होमोजेनाइज़र मशीन1₹2,50,000
बॉटलिंग और कैपिंग मशीन1₹3,00,000
लेबल छपाई और पैकिंग इकाई1₹2,00,000
जाँच और गुणवत्ता प्रयोगशाला उपकरण1 set₹2,00,000

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Natural Ink Making from Local Herbs

  • अखरोट छिलका, बांज की गाँठ, हरड़, हल्दी, नील, बुराँश के फूल, छालेंउत्तराखंड में मिलने वाले रंग स्रोत
  • बबूल का गोंद और पौधों की रालप्राकृतिक बाइंडर
  • लौंग का तेलप्राकृतिक परिरक्षक
  • बोतलें और लेबलपैकिंग

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Natural Ink Making from Local Herbs

कच्चे माल के डेटाबेस में

प्राकृतिक रंग →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. लागू हो तो राज्य बोर्ड की प्रदूषण सहमति
  4. स्थानीय निकाय का ट्रेड लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹58.30 लाख पर यह PMEGP की विनिर्माण सीमा से ऊपर है; स्टैंड-अप इंडिया (SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए ₹10 लाख–₹1 करोड़) और CGTMSE कवर लागू। प्रोफ़ाइल PMEGP, स्टार्टअप इंडिया और राज्य MSME सहायता का भी ज़िक्र करती है।

§7पैसा

निवेश का आधार: DUY प्रोफ़ाइल में लागत ₹58.30 लाख: ज़मीन और भवन ₹5.00 लाख, मशीनरी ₹15.00 लाख, कच्चा माल ₹4.00 लाख, पैकिंग और बॉटलिंग ₹3.00 लाख, ब्रांडिंग और मार्केटिंग ₹5.00 लाख, प्रशिक्षण ₹2.00 लाख, पहले साल का वेतन ₹12.00 लाख, बिजली-पानी ₹2.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.00 लाख, आकस्मिक ₹5.30 लाख। इसकी मशीन-सूची का जोड़ ₹21.00 लाख है।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): परियोजना लागत में ₹5.00 लाख कार्यशील पूँजी और पहले साल के वेतन के लिए ₹12.00 लाख।

DUY प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीन और सामग्री के आज के दाम ज़रूर जाँचें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

3215छपाई की स्याही, लिखने या चित्रकारी की स्याही और अन्य स्याहियाँ
  • निर्यात से पहले IEC लें; कला और स्कूल सामग्री पर ख़रीदार देश के नियम जाँचें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • लागत के मुक़ाबले कम माँग
  • स्याही का फीका पड़ना या ख़राब होना
  • जड़ी-बूटियों की असमान आपूर्ति
  • नक़ली 'प्राकृतिक' स्याही

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: स्थानीय जड़ी-बूटियों से प्राकृतिक स्याही की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

स्थानीय जड़ी-बूटियों से प्राकृतिक स्याही शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. Uttarakhand DUY project profile — Natural Ink Making from Local Herbs

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।