§1यह बिज़नेस क्या है
ग्राहक आपकी वेबसाइट या मोबाइल ऐप से दवाएँ, जेनेरिक दवाएँ, सर्जिकल सामान और स्वास्थ्य या सौंदर्य उत्पाद मँगाते हैं और अपना पर्चा (प्रिस्क्रिप्शन) अपलोड करते हैं। भेजने से पहले पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट पर्चा जाँचता है, और आपके डिलीवरी कर्मचारी ऑर्डर घर तक पहुँचाते हैं; ज़रूरी मामलों के लिए जल्दी डिलीवरी का विकल्प भी होता है। ग्राहक ऑनलाइन या डिलीवरी पर नक़द पैसा देते हैं। आपको लाइसेंस वाली खुदरा या थोक फ़ार्मेसी के ज़रिए, या उसके साथ साझेदारी में काम करना होगा, और माल के लिए दवा कंपनियों से जुड़ना होगा।
क्षमता: प्रोफ़ाइल में पूरी क्षमता पर साल की आमदनी ₹40.44 लाख (दवाओं और उत्पादों पर मार्जिन, विज्ञापन और जल्दी डिलीवरी शुल्क मिलाकर)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
फ़ार्मासिस्ट या दवा दुकान का मालिक जो होम डिलीवरी और ऐप जोड़ना चाहता हो।
किसके लिए नहीं
जिसके पास फ़ार्मेसी लाइसेंस या फ़ार्मासिस्ट साझेदार न हो।
फ़ायदे
- बहुत से परिवारों को हर महीने दवा चाहिए
- मुश्किल से मिलने वाली दवाएँ मँगाकर पहुँचाई जा सकती हैं
- स्थायी निवेश कम — ज़्यादातर ऐप, वाहन और रैक
- जेनेरिक दवाओं पर बेहतर मार्जिन मिल सकता है
नुकसान
- दवा के सख़्त नियम — फ़ार्मासिस्ट और ड्रग लाइसेंस अनिवार्य
- बड़ी राष्ट्रीय ई-फ़ार्मेसी छूट से मुक़ाबला करती हैं
- छोटे शहरों में हर ऑर्डर का डिलीवरी ख़र्च ज़्यादा
- प्रोफ़ाइल में पहला साल घाटे में
कौन-से हुनर चाहिए
- दवा क़ानून और पर्चे की जाँच
- ऐप और ऑर्डर सँभालना
- डिलीवरी रास्तों की योजना
- दवा वितरकों से जुड़ाव
कठिनाई 3/5 क्यों: तकनीक आसान है, पर दवा क़ानून का पालन और बड़ी ई-फ़ार्मेसी से मुक़ाबला कठिन है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- नियमित दवा लेने वाले परिवार
- बुज़ुर्ग और बीमार जो दुकान नहीं जा सकते
- स्थानीय दुकानों में न मिलने वाली दवा ढूँढने वाले
कैसे बिकता है
- अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप
- ज़रूरी ऑर्डर के लिए जल्दी डिलीवरी
- पोर्टल पर बिकने वाली विज्ञापन जगह
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल विज्ञापन से आमदनी (महीने में ₹500 के 25 विज्ञापन) और जल्दी डिलीवरी शुल्क (महीने में ₹55 के 100 ऑर्डर) जोड़ती है।
- प्रोफ़ाइल में पूरी क्षमता पर साल की आमदनी ₹40.44 लाख है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| वेबसाइट और मोबाइल ऐप (बनवाना) | 1 | ₹1,85,000 |
| Windows और MS Office वाले कंप्यूटर | 3 | ₹81,000 |
| डिलीवरी वाहन | 4 | ₹1,60,000 |
| नेटवर्क लगाना | 1 | ₹5,000 |
| भंडारण रैक और अन्य फ़र्नीचर | 1 लॉट | ₹90,000 |
| क़ानूनी सलाह शुल्क | 1 | ₹15,000 |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Online Medical Delivery Services (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- दवाएँ, जेनेरिक दवाएँ, सर्जिकल सामान और सौंदर्य उत्पाददवा कंपनियों और वितरकों से जुड़कर ख़रीद
- पोर्टल और भुगतान सेवाएँमहीने में पोर्टल AMC ₹18,500, पेमेंट-गेटवे AMC ₹1,300, ऐप-स्टोर शुल्क ₹2,500 और इंटरनेट ₹700
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Online Medical Delivery Services (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट के साथ राज्य औषधि नियंत्रक से खुदरा (और ज़रूरत हो तो थोक) ड्रग लाइसेंस
- GST पंजीकरण
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- दुकान और प्रतिष्ठान (Shops & Establishment) पंजीकरण
- ऑनलाइन दवा बिक्री के मौजूदा नियम राज्य औषधि नियंत्रक से पता करें
§6योजनाएँ और सब्सिडी
₹8.07 लाख का बैंक कर्ज़ MUDRA की सीमा में है; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: पोर्टल और मोबाइल ऐप ₹1,85,000 + कंप्यूटर, 4 डिलीवरी वाहन, नेटवर्क, रैक, फ़र्नीचर और क़ानूनी सलाह ₹3,51,000 + तीन महीने की कार्यशील पूँजी ₹5,39,400 = ₹10,75,400। ज़मीन या भवन नहीं (किराए पर)। बैंक ₹8,06,550, अपना हिस्सा ₹2,68,850।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): महीने का चलाने का ख़र्च ₹1,79,800 (वेतन ₹1,28,000, पोर्टल AMC और ऑनलाइन शुल्क ₹23,000, बिजली-पानी ₹9,300, किराया ₹15,000, अन्य ₹4,500); तीन महीने का पैसा मार्जिन में।
दाम 2018 के हैं — मशीनों और चलाने का ख़र्च अब ज़्यादा होगा।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not applicable
- स्थानीय सेवा; माल का निर्यात नहीं होता।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- बिना सही पर्चे के बेचने पर लाइसेंस पर कार्रवाई
- ऑनलाइन दवा बिक्री के नियमों में बदलाव
- बड़े प्लेटफ़ॉर्म से छूट की होड़
- एक्सपायर या ख़राब माल
- भारत में ई-फ़ार्मेसी के नियम अभी मसौदे में हैं (ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट संशोधन 2018 में मसौदे के रूप में जारी); ऑनलाइन दवा बिक्री की क़ानूनी स्थिति साफ़ नहीं — केवल लाइसेंसशुदा रिटेल फ़ार्मेसी से, वैध पर्ची पर ही बेचें और राज्य ड्रग्स कंट्रोलर से पूछ लें
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ऑनलाइन दवा डिलीवरी सेवा की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (पंजीकृत फ़ार्मासिस्ट के साथ राज्य औषधि नियंत्रक से खुदरा (और ज़रूरत हो तो थोक) ड्रग लाइसेंस, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ऑनलाइन दवा डिलीवरी सेवा शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
