§1यह बिज़नेस क्या है

हरे, पूरे बढ़े पपीतों पर सुबह जल्दी लंबे चीरे लगाकर दूधिया रस (लेटेक्स) स्टील की ट्रे में इकट्ठा किया जाता है; एक फल पर 16 दिन में लगभग 6 बार चीरा लगता है। रस को छानकर पोटैशियम मेटाबाइसल्फ़ाइट मिलाया जाता है और वैक्यूम शेल्फ़ ड्रायर में लगभग 55 °C पर 4–5 घंटे सुखाया जाता है। सूखे टुकड़े प्लास्टिक के डिब्बों में रखे जाते हैं; BPC ग्रेड पपेन के लिए इन्हें पीसकर लैक्टोज़ मिलाया जाता है। ख़रीदार हैं शराब (बीयर) कारख़ाने, मांस नरम करने वाले पाउडर बनाने वाले, दवा, चमड़ा और डिटर्जेंट इकाइयाँ, और निर्यातक।

क्षमता: प्रोफ़ाइल 1: साल में 430–450 MT (जैसा छपा है)। प्रोफ़ाइल 2: साल में 90 MT BPC ग्रेड पपेन। 100 किलो अच्छे रस से 25–30 किलो BPC ग्रेड पपेन बनता है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

पपीता उगाने वाला किसान या किसान समूह जिसके पास बाग़ हों और कच्चे या BPC पपेन का ख़रीदार तय हो।

किसके लिए नहीं

जो पपीते के बाग़ों से दूर है — रस उसी दिन सुखाना पड़ता है।

फ़ायदे

  • पपीता किसानों के लिए आगे का क़दम — हरे फल से ज़्यादा कमाई
  • कई ख़रीदार उद्योग: बीयर, मांस, दवा, चमड़ा, डिटर्जेंट
  • भारत अपना लगभग 90% शुद्ध पपेन निर्यात करता है (प्रोफ़ाइल 1)
  • सीधी प्रक्रिया: चीरा, छानना, सुखाना, पैक करना

नुकसान

  • 20 °C से ऊपर पपेन की ताक़त घटती है — ठंडा भंडारण और ढुलाई चाहिए
  • शेल्फ़ लाइफ़ सिर्फ़ 5–6 महीने
  • रस पास के बाग़ों से ही आना चाहिए
  • प्रोफ़ाइल 2 में बिक्री के 75% पर जाकर ब्रेक-ईवन

कौन-से हुनर चाहिए

  • फल ख़राब किए बिना हरे पपीते पर चीरा लगाना
  • वैक्यूम सुखाई और नमी नियंत्रण
  • एंज़ाइम की ताक़त की जाँच
  • निर्यात के काग़ज़ात

कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया आसान, पर उत्पाद गर्मी से ख़राब होता है और कार्यशील पूँजी बड़ी है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • बीयर कारख़ाने (बीयर को साफ़ रखने के लिए)
  • मांस नरम करने वाला पाउडर और खाद्य बनाने वाले
  • दवा कंपनियाँ
  • चमड़ा, रेशम, डिटर्जेंट और मछली प्रोसेसिंग इकाइयाँ

कैसे बिकता है

  • उद्योगों को सीधी आपूर्ति
  • निर्यातक

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल 1: भारत साल में लगभग 150 टन पपेन बनाता है; लगभग 35% BPC ग्रेड।
  • प्रोफ़ाइल 1: शुद्ध पपेन का 90% और BPC ग्रेड का 45% निर्यात होता है।
  • ढुलाई में पपेन 20 °C से नीचे रखें; शेल्फ़ लाइफ़ 5–6 महीने।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
वैक्यूम शेल्फ़ ड्रायर1₹2.80 lakh
डीह्यूमिडिफ़ायर1₹1.05 lakh
हैमर मिल1₹1.40 lakh
ब्लेंडर1₹1.25 lakh
पैकिंग मशीन1₹0.80 lakh
भंडारण टंकियाँ5₹1.35 lakh
माल ढोने के उपकरणलॉट₹0.55 lakh
अन्य औज़ारलॉट₹0.65 lakh
होज़ पाइप के साथ 5 HP पंप सेट2—
एल्युमिनियम और SS ट्रे, तराज़ू, चाकू, छलनीलॉट—

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Papain from Papaya (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें · SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Papaya Proteinase Enzyme (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • हरे, पूरे बढ़े पपीते का दूधिया रसहर फल पर 16 दिन में लगभग 6 चीरे; 100 किलो रस से 25–30 किलो BPC पपेन
  • पोटैशियम मेटाबाइसल्फ़ाइटसुखाने से पहले मिलाया जाने वाला परिरक्षक
  • लैक्टोज़ पाउडरसूखे पपेन को BPC ग्रेड तक पतला करने के लिए
  • प्लास्टिक के डिब्बेधातु के डिब्बे एंज़ाइम की ताक़त घटाते हैं

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Papain from Papaya (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम पंजीकरण
  2. GST
  3. FSSAI लाइसेंस (प्रोफ़ाइलें पुराने FPO लाइसेंस का ज़िक्र करती हैं)
  4. खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मंज़ूरी (प्रोफ़ाइल 2)
  5. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
  6. निर्यात के लिए IEC

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

स्टैंड-अप इंडिया अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए (कर्ज़ ₹10 लाख–₹1 करोड़); बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE। दोनों प्रोफ़ाइल PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर हैं।

§7पैसा

निवेश का आधार: प्रोफ़ाइल 1 (पपीते से पपेन): ज़मीन ₹10 लाख + भवन ₹8.50 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹9.85 लाख + फ़र्नीचर और प्रयोगशाला ₹0.95 लाख + प्रारंभिक ख़र्च ₹0.99 लाख + कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹56.83 लाख = ₹87.12 लाख। प्रोफ़ाइल 2 (पपीता प्रोटीनेज़ एंज़ाइम): ज़मीन और भवन ₹99 लाख (2,200 वर्ग मीटर ज़मीन ₹5.50 लाख, ज़मीन विकास ₹11 लाख, 1,500 वर्ग मीटर भवन ₹75 लाख, आकस्मिक ₹7.50 लाख) + प्लांट और मशीनरी ₹120 लाख (20% आकस्मिक सहित) + अन्य संपत्ति ₹30 लाख + प्रारंभिक ख़र्च ₹29.10 लाख = ₹278.10 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): प्रोफ़ाइल 1: ₹56.83 लाख — स्टॉक ₹28.42 लाख, उधारी ₹14.21 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹14.21 लाख; बैंक का हिस्सा ₹31.97 लाख। प्रोफ़ाइल 2: पहले साल ₹69.46 लाख (स्टॉक ₹15.46 लाख, उधारी ₹54 लाख), मार्जिन ₹17.36 लाख।

2018 की स्टैंड-अप मित्र प्रोफ़ाइल — मशीनों और कच्चे माल के दाम अब ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

3507.90एंज़ाइम; अन्यत्र न दर्शाए गए तैयार एंज़ाइम — अन्य

निर्यात परिषद / बोर्ड: Ask DGFT which export promotion council registers enzyme exporters

  • भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • गर्मी या धातु के डिब्बों में एंज़ाइम की ताक़त घटना
  • पपीते की बीमारी या फ़सल ख़राब होना
  • ताक़त कम होने पर ख़रीदार द्वारा माल लौटाना
  • पैसा ख़रीदारों के पास अटकना (प्रोफ़ाइल 2 में उधारी ₹54 लाख)

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: पपेन (पपीते का एंज़ाइम) बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Papain from Papaya (2018)
  2. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Papaya Proteinase Enzyme (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।