§1यह बिज़नेस क्या है
भाप की जैकेट वाली टंकी में चीनी घोलकर सिरप बनाया जाता है, छाना जाता है, फिर RO पानी, फल, फ़्लेवर एसेंस, खाद्य रंग, साइट्रिक एसिड और परिरक्षक के साथ मिलाया जाता है। तैयार शरबत PP बोतलों में भरकर, ढक्कन लगाकर, लेबल लगाकर डिब्बों में पैक होता है। घर-परिवार इसे मेहमानों और त्योहारों के लिए ख़रीदते हैं; होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, विमान सेवाएँ और रेलवे भी इसे परोसते हैं। SIDBI की प्रोफ़ाइल में साल में 450–500 किलोलीटर की योजना है।
क्षमता: साल में 450–500 किलोलीटर सिरप; पहले साल 60%।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
FMCG वितरण का अनुभव रखने वाला, जिसके पास बड़ी कार्यशील पूँजी हो।
किसके लिए नहीं
जिसके पास वितरण नेटवर्क न हो — माल बनाना आसान है, दुकानों तक पहुँचाना कठिन।
फ़ायदे
- सस्ती मशीनें — पूरी लाइन ₹5.10 लाख की
- भारत की लंबी गर्मी से माँग ऊँची रहती है
- मिलाने और बोतल भरने की आसान प्रक्रिया
- घरों के साथ होटल, रेलवे और विमान सेवाओं को भी बिकता है
नुकसान
- बहुत बड़ी कार्यशील पूँजी — ₹110.31 लाख में से ₹93.75 लाख
- बिक्री मौसमी है, गर्मी और त्योहारों में सबसे ज़्यादा
- पुराने बड़े ब्रांड दुकानों पर छाए हुए हैं
- ज़्यादा चीनी से सेहत की चिंता माँग धीमी कर सकती है
कौन-से हुनर चाहिए
- नुस्ख़ा और स्वाद एक जैसा रखना
- खाद्य सुरक्षा और परिरक्षक की सीमाएँ
- वितरक और दुकानदारों का नेटवर्क
- गर्मी के मौसम के लिए स्टॉक की योजना
कठिनाई 3/5 क्यों: बनाना आसान है, पर भारी कार्यशील पूँजी और मज़बूत वितरण नेटवर्क चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर-परिवार
- होटल, रेस्टोरेंट और क्लब
- विमान सेवाएँ और रेलवे
कैसे बिकता है
- वितरक और किराना दुकानें
- सुपरमार्केट
- संस्थाओं को सप्लाई
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल के अनुसार स्क्वैश और सिरप समेत प्रोसेस्ड खाने का निर्यात बढ़ रहा है।
- माँग गर्मी और त्योहारों में सबसे ज़्यादा होती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| चीनी सिरप बनाने की टंकी | 1 | ₹0.53 lakh |
| चीनी छानने का फ़िल्टर प्रेस | 1 | ₹0.68 lakh |
| मिलाने की टंकी | 1 | ₹0.47 lakh |
| चीनी सिरप की भंडारण टंकी | 1 | ₹0.35 lakh |
| RO पानी प्लांट | 1 | ₹0.75 lakh |
| धोने, भरने, सील और ढक्कन लगाने की मशीन | 1 | ₹0.63 lakh |
| सिरप टंकी के लिए बॉयलर | 1 | ₹0.35 lakh |
| लपेटने और लेबल लगाने की मशीन | 1 | ₹0.32 lakh |
| माल उठाने-ले जाने के उपकरण और औज़ार | एकमुश्त | ₹1.02 lakh |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Sherbets (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- चीनीमुख्य सामग्री
- तरह-तरह के फलस्वाद और पोषण के लिए
- साइट्रिक एसिड, खाद्य रंग, एसेंस और परिरक्षकFSSAI की सीमा के भीतर
- PP बोतलें, ढक्कन और गत्ते के डिब्बेपैकिंग
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Sherbets (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI निर्माण लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- पैकेटबंद माल के लिए विधिक माप विज्ञान (Legal Metrology) पंजीकरण
- मज़दूरों की संख्या फ़ैक्ट्री अधिनियम की सीमा पार करे तो फ़ैक्ट्री लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMFME में सूक्ष्म खाद्य इकाई को ₹10 लाख तक 35% कर्ज़-आधारित सब्सिडी; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया (₹10 लाख–₹1 करोड़); बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE। लागत PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ज़्यादा है।
§7पैसा
निवेश का आधार: ज़मीन ₹5.60 लाख + इमारत ₹4.50 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹5.10 लाख + फ़र्नीचर ₹0.85 लाख + शुरुआती और संचालन से पहले के ख़र्च ₹0.51 लाख + कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹93.75 लाख = ₹110.31 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹93.75 लाख (स्टॉक ₹46.88 लाख, उधारी ₹23.44 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹23.44 लाख); मार्जिन ₹41.02 लाख, बैंक ₹52.73 लाख। पैसा: मालिक ₹27.58 लाख, बैंक ₹82.73 लाख।
SIDBI स्टैंड-अप मित्र की प्रोफ़ाइल, 2018 में डाली गई (उस पर साल नहीं छपा) — आज दाम ज़्यादा होंगे; मौजूदा लागत पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- माल भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- चीनी के दाम बढ़ना
- छोटी या बरसाती गर्मी के बाद माल का न बिकना
- साफ़-सफ़ाई में कमी से ख़मीर उठना या माल ख़राब होना
- बड़े ब्रांडों से दाम की लड़ाई
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: शरबत (स्वाद वाला सिरप) इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI निर्माण लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
शरबत (स्वाद वाला सिरप) इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
