§1यह बिज़नेस क्या है
आप पाउडर वाला कच्चा माल ख़रीदते हैं, जो पाउडर में न मिले उसे पीसते हैं, और तय नुस्ख़े के हिसाब से स्वचालित ट्विन-ड्रम सीज़निंग मशीन में मिलाते हैं। तैयार सीज़निंग खाद्य-ग्रेड HDPE या काग़ज़ के थैलों में भरी जाती है — रेस्टोरेंट के लिए 25–50 ग्राम के छोटे पैकेट और स्नैक फ़ैक्ट्रियों के लिए बड़े थैले। स्नैक कंपनियाँ हर साल नए ब्रांड की जगह नए स्वाद लाती हैं, इसलिए सीज़निंग की माँग बढ़ती रहती है। SIDBI की प्रोफ़ाइल में महीने में 25,000 किलो की योजना है।
क्षमता: महीने में 25,000 किलो प्रोसेसिंग; प्रोफ़ाइल में सालाना 280 टन की बिक्री।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
खाद्य प्रौद्योगिकी जानने वाला या खाद्य व्यापारी, जिसकी चिप्स, नमकीन और पॉपकॉर्न बनाने वालों से जान-पहचान हो।
किसके लिए नहीं
जिसके पास बड़ी कार्यशील पूँजी या स्नैक फ़ैक्ट्री के ख़रीदार न हों।
फ़ायदे
- स्नैक कंपनियाँ नए स्वाद जोड़ती रहती हैं, इसलिए एक ही प्लांट कई ख़रीदारों को माल देता है
- सिर्फ़ सूखा मिलाना और पैक करना — पकाना नहीं
- रेस्टोरेंट भी छोटे पैकेट ख़रीदते हैं
- प्रोफ़ाइल में ब्रेक-ईवन सिर्फ़ 25.62%
नुकसान
- बहुत बड़ी कार्यशील पूँजी — ₹111.57 लाख में से ₹75.75 लाख
- कच्चा माल बिक्री का लगभग 80% खा जाता है
- बड़ी स्नैक कंपनियाँ हर खेप में एक जैसा स्वाद माँगती हैं
- स्वाद विकसित करने के लिए खाद्य-प्रौद्योगिकी का हुनर चाहिए
कौन-से हुनर चाहिए
- स्वाद का नुस्ख़ा बनाना और उसे एक जैसा रखना
- खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग
- चीज़, टमाटर और मसाला पाउडर अच्छे दाम पर ख़रीदना
- स्नैक फ़ैक्ट्रियों और रेस्टोरेंट चेन को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया आसान है, पर बड़ी कार्यशील पूँजी और खाद्य-प्रौद्योगिकी का हुनर चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- आलू चिप्स, नमकीन और पॉपकॉर्न बनाने वाले
- रेस्टोरेंट और पिज़्ज़ा-पास्ता की दुकानें
- मेवे और मांस वाले स्नैक बनाने वाले
कैसे बिकता है
- स्नैक फ़ैक्ट्रियों को बड़े थैलों में सीधी सप्लाई
- रेस्टोरेंट को 25–50 ग्राम के छोटे पैकेट
- खाद्य सामग्री के वितरक
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल के अनुसार दुनिया भर में पैकेटबंद स्नैक बढ़ने से निर्यात की गुंजाइश है।
- सीज़निंग से एक ही स्नैक ब्रांड नए स्वादों के ज़रिए कई पसंदें पूरी करता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| स्वचालित ऑनलाइन ट्विन-ड्रम सीज़निंग मशीन | 1 | ₹8.00 lakh |
| पल्वराइज़र / पीसने की मशीन | 1 | ₹1.50 lakh |
| कच्चे और तैयार माल की भंडारण टंकियाँ | 10 | ₹0.12 lakh each |
| पैकिंग, भराई और सीलिंग मशीन | 2 | ₹2.00 lakh each |
| तौल काँटा | 2 | ₹0.20 lakh (total) |
| माल उठाने-ले जाने के उपकरण | एकमुश्त | ₹0.80 lakh |
| छोटे-मोटे औज़ार | एकमुश्त | ₹0.50 lakh |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Seasonings for Snacks (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- नमक और चीनीहर सीज़निंग का आधार
- माल्टोडेक्सट्रिन, डेक्सट्रोज़, मोनोसोडियम ग्लूटामेट और यीस्ट एक्सट्रैक्टवाहक और स्वाद बढ़ाने वाले
- प्याज़, लहसुन, टमाटर, सावर क्रीम और चीज़ पाउडर; मसालेस्वाद के नुस्ख़े के हिसाब से
- अम्ल और फ़्लेवर: साइट्रिक, लैक्टिक, सोडियम डाईएसीटेट, सिरका, इमली, प्राकृतिक और कृत्रिम फ़्लेवरखट्टे और चटपटे स्वाद के लिए
- खाद्य-ग्रेड HDPE और काग़ज़ के थैलेपैकिंग
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Seasonings for Snacks (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI निर्माण लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (खाद्य इकाइयाँ आमतौर पर हरी या नारंगी श्रेणी में)
- पैकेटबंद माल के लिए विधिक माप विज्ञान (Legal Metrology) पंजीकरण
- मज़दूरों की संख्या फ़ैक्ट्री अधिनियम की सीमा पार करे तो फ़ैक्ट्री लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMFME में सूक्ष्म खाद्य इकाई को ₹10 लाख तक 35% कर्ज़-आधारित सब्सिडी; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया (₹10 लाख–₹1 करोड़); बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE। लागत PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ज़्यादा है।
§7पैसा
निवेश का आधार: ज़मीन ₹10.00 लाख + इमारत ₹7.50 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹16.20 लाख + फ़र्नीचर ₹0.50 लाख + शुरुआती और संचालन से पहले के ख़र्च ₹1.62 लाख + कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹75.75 लाख = ₹111.57 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹75.75 लाख (स्टॉक ₹37.88 लाख, उधारी ₹18.94 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹18.94 लाख), कार्यशील पूँजी तालिका के अनुसार इसमें मार्जिन ₹33.14 लाख और बैंक ₹42.61 लाख। पैसा: मालिक ₹27.89 लाख, बैंक ₹83.68 लाख।
SIDBI स्टैंड-अप मित्र की प्रोफ़ाइल, 2018 में डाली गई (उस पर साल नहीं छपा) — आज दाम ज़्यादा होंगे; मौजूदा लागत पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- माल भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- चीज़ और मसाला पाउडर के दाम बढ़ना
- नमी से माल का जमना या ख़राब होना
- किसी बड़े स्नैक ख़रीदार का छूट जाना
- MSG जैसे योजकों पर खाद्य सुरक्षा में चूक
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: स्नैक सीज़निंग मिश्रण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI निर्माण लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
स्नैक सीज़निंग मिश्रण शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
