§1यह बिज़नेस क्या है
जैकेट वाले रिएक्टर में डाइनाइट्रोक्लोरोबेंज़ीन को कास्टिक घोल के साथ गर्म करके डाइनाइट्रोफ़िनॉल बनाया जाता है। कास्टिक घोल और गंधक से अलग बनाया सोडियम पॉलीसल्फ़ाइड इसमें मिलाकर, हवा गुज़ारते हुए लगभग 24 घंटे गर्म किया जाता है। डाई को छानकर, धोकर, घोलकर भाप की प्लेटों पर दानों के रूप में सुखाया जाता है। बचे पानी को उबालकर और क्रिस्टल बनाकर सोडियम थायोसल्फ़ेट निकाला जाता है। डाई ग्राहक के नाप पर सूती कपड़ा रँगने वालों और कपड़ा प्रोसेस करने वालों को बिकती है।
क्षमता: साल में 120 टन सल्फ़र ब्लैक (₹82,500 प्रति टन पर ₹99.00 लाख) और 120 टन सोडियम थायोसल्फ़ेट (₹31.20 लाख); महीने में 10 टन, तीन पालियाँ।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
डाई उद्योग का केमिस्ट, जिसे रसायन क्षेत्र में प्लॉट और कपड़ा ख़रीदार मिल सकें।
किसके लिए नहीं
जो घरों या खेतों के पास जगह सोच रहा हो — गंदा पानी और बदबू समस्या बनेगी।
फ़ायदे
- सूती कपड़े के लिए सबसे सस्ता काला रंग — रँगाई में बड़ी और स्थिर खपत
- उप-उत्पाद सोडियम थायोसल्फ़ेट से अतिरिक्त आय
- रिपोर्ट विकसित और विकासशील देशों में निर्यात की संभावना बताती है
नुकसान
- डाई बनाना भारी प्रदूषण वाला काम है — अपशिष्ट जल के सख़्त नियम
- भंडारण में डाई ख़राब होती है और तेज़ाब बनाती है; हवा-बंद, ठंडी जगह चाहिए
- क्लोरीन से रंग उतरने के कारण कुछ उपयोग सीमित
कौन-से हुनर चाहिए
- अभिक्रिया और तापमान पर नियंत्रण
- अपशिष्ट जल उपचार
- रंग की जाँच और मिलान
कठिनाई 5/5 क्यों: ज़हरीला कच्चा माल, भारी अपशिष्ट जल और तीन पाली का रसायन काम।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- सूती धागा और कपड़ा रँगने वाले
- कपड़ा प्रोसेसिंग इकाइयाँ
कैसे बिकता है
- रँगाई इकाइयों को सीधी बिक्री
- कपड़ा क्लस्टरों के डाई और रसायन व्यापारी
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार 2000–01 में देश की माँग 6,950 टन थी और बढ़ने की उम्मीद है।
- रिपोर्ट छोटे क्षेत्र का उत्पादन ₹148 लाख सालाना बताती है (दूसरी अखिल भारतीय गणना)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मथनी वाला MS जैकेट रिएक्टर, 5 HP | 1 | ₹2,00,000 |
| हीटिंग कॉइल वाला MS जैकेट रिएक्टर | 1 | ₹2,25,000 |
| हीटिंग कॉइल और मथनी वाला MS घोलने का बर्तन, 5 KL | 1 | ₹1,75,000 |
| सोडियम सल्फ़ाइड घोलने का टैंक, 3 KL | 1 | ₹1,50,000 |
| वैक्यूम पंप वाला वैक्यूम फ़िल्टर | 1 | ₹1,60,000 |
| भाप से सुखाने की प्लेटें | 4 | ₹1,50,000 |
| 3 HP मोटर वाला क्रिस्टलाइज़र | 2 | ₹1,00,000 |
| फ़िल्टर प्रेस | 1 | ₹1,00,000 |
| बेबी बॉयलर और सामान | 1 | ₹2,50,000 |
| सोडियम थायोसल्फ़ेट घोल भंडारण टैंक | 1 | ₹75,000 |
| प्रयोगशाला उपकरण | एकमुश्त | ₹75,000 |
| प्रदूषण नियंत्रण उपकरण | एकमुश्त | ₹2,30,000 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Sulphur Black Dye (2003)
- डाइनाइट्रोक्लोरोबेंज़ीनरिपोर्ट में 5.5 टन महीना (₹2,20,000)
- कास्टिक सोडा घोल16 टन महीना
- गंधक7 टन महीना; रिपोर्ट के अनुसार MMTC से मिल सकता है
- सोडियम सल्फ़ाइड3 टन महीना
- भाप के लिए कोयला35 टन महीना
स्रोत: DC-MSME project profile — Sulphur Black Dye (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
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§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति (ज़्यादातर राज्यों में डाई लाल श्रेणी का उद्योग है)
- बॉयलर अधिनियम के तहत बॉयलर पंजीकरण
- ख़तरनाक रसायन और ख़तरनाक कचरा नियमों का पालन
- मज़दूरों की संख्या फ़ैक्ट्री अधिनियम की सीमा पार करे तो फ़ैक्ट्री लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
₹58.25 लाख का प्रोजेक्ट PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर है; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।
§7पैसा
निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹33.50 लाख (ज़मीन और भवन ₹11.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹22.50 लाख, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण उपकरण ₹2.30 लाख) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹24.75 लाख = ₹58.25 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹24.75 लाख; कच्चा माल ₹7.38 लाख महीना।
दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: CHEMEXCIL (Basic Chemicals, Cosmetics and Dyes Export Promotion Council)
- माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- अपशिष्ट जल के उल्लंघन पर बंदी का आदेश
- डाइनाइट्रोक्लोरोबेंज़ीन संभालना ज़हरीला है
- बड़ी डाई कंपनियों से दाम का दबाव
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: सल्फ़र ब्लैक डाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
सल्फ़र ब्लैक डाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
