कहानी
बुलंदशहर ज़िले का खुर्जा उत्तर भारत के प्रमुख पॉटरी नगरों में से एक है, और स्थानीय विवरण इस शिल्प को फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ के समय से जोड़ते हैं। पहले यहाँ की नीली चमक वाली सजावटी पॉटरी मशहूर हुई, बाद में भट्टियों में बनने वाली क्रॉकरी, बिजली के इंसुलेटर और सैनिटरी सामान भी जुड़ गए। ज़्यादातर इकाइयाँ छोटी और मध्यम हैं, जो दूसरे राज्यों से मिट्टी और ग्लेज़ सामग्री मँगाती हैं और पूरे उत्तर भारत में बेचती हैं।
आँकड़ों में
बुलंदशहर ज़िले में पॉटरी उद्योग की लगभग 350 इकाइयाँ हैं; खुर्जा पॉटरी क्लस्टर में लगभग 300 इकाइयाँ स्टोनवेयर और बोन चाइना क्रॉकरी, HT और LT इंसुलेटर, सैनिटरी सामान, सजावटी सामान और केमिकल पोर्सिलेन बनाती हैं।
ODOP Uttar Pradesh project report: Ceramic Crockery Set Manufacturing (Bulandshahr)
GI टैग
- Khurja Potteryआवेदन संख्या GI Application No. 178; Registration No. 219GI Registry, IP India - Application 178: Khurja Pottery
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- जॉब-वर्क पर भट्टी और ग्लेज़िंग सेवा
- होटलों और कैफ़े के लिए हाथ से रंगी और कस्टम प्रिंट क्रॉकरी
- गमले, मग और सजावटी पॉटरी की ऑनलाइन बिक्री
- सिरेमिक रंग, साँचे और पैकिंग सामग्री की सप्लाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- भट्टियों के लिए ईंधन और गैस का ऊँचा ख़र्च
- चीनी क्रॉकरी और बड़े फ़ैक्टरी ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा
- पुरानी भट्टियाँ और असमान गुणवत्ता
- प्रशिक्षित डिज़ाइनरों और सजावट कारीगरों की कमी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
सिरेमिक टेबलवेयर (स्टोनवेयर और मिट्टी के बर्तन) →सिरेमिक कलात्मक सामान →पोर्सिलेन बिजली इंसुलेटर बनाना →सिरेमिक वॉशबेसिन (सैनिटरीवेयर) →सिरेमिक रंग (स्टेन और फ्रिट) →मिट्टी की क्रॉकरी और ओवनवेयर →
