कहानी
विल्लियनूर के कुलालर समुदाय के कुम्हार पीढ़ियों से टेराकोटा बनाते आए हैं, जिसमें बारीक हरी मिट्टी, रेत और 'तेन्नल' नाम की स्थानीय सामग्री लगती है। वे गाँव के देवस्थानों पर चढ़ाए जाने वाले बड़े अय्यनार घोड़ों और छोटी मूर्तियों व सजावटी सामान के लिए जाने जाते हैं। पास के तिरुक्कनूर के कारीगर पेपियर-माशे की गुड़िया और आकृतियाँ बनाते हैं। दोनों शिल्प पांडिचेरी क्राफ़्ट्स फ़ाउंडेशन की अर्ज़ी पर पुदुच्चेरी के पहले GI बने।
आँकड़ों में
विल्लियनूर टेराकोटा वर्क्स (आवेदन 201, प्रमाणपत्र 154) और तिरुक्कनूर पेपियर माशे क्राफ़्ट (आवेदन 202, प्रमाणपत्र 155) पंजीकृत GI हैं।
GI Registry — Villianur Terracotta Works, application 201
GI टैग
- Villianur Terracotta Worksआवेदन संख्या GI Application No. 201 (Certificate No. 154)GI Registry, Intellectual Property India — application 201
- Thirukannur Papier Mache Craftआवेदन संख्या GI Application No. 202 (Certificate No. 155)GI Registry, Intellectual Property India — application 202
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- होटलों और लैंडस्केपरों के लिए टेराकोटा बग़ीचा और घरेलू सजावट
- पर्यटकों और उपहार ख़रीदारों को GI टैग के साथ ऑनलाइन बिक्री
- पुदुच्चेरी आने वालों के लिए शिल्प-पर्यटन कार्यशालाएँ
- पर्यावरण-अनुकूल पेपियर-माशे त्योहार मूर्तियाँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- सस्ती प्लास्टिक और सीमेंट की सजावट
- मिट्टी की आपूर्ति और भट्ठी का ईंधन
- परिवहन में टूट-फूट
- कम युवा कारीगर
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
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