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खंड 34

जमशेदजी नुसरवानजी टाटा

टाटा समूह की नींव रखी और भारत में इस्पात, बिजली और विज्ञान संस्थानों की योजना बनाई। (Tata Group)

जीवन
1839–1904
दौर
आज़ादी से पहले
₹21,000
व्यापारिक कंपनी की शुरुआती पूँजी · 1868
₹30 लाख
भारतीय विज्ञान संस्थान के लिए निजी वचन · 1899

कहानी

जमशेदजी टाटा का जन्म 1839 में नवसारी में हुआ और उन्होंने बंबई के एल्फिंस्टन कॉलेज में पढ़ाई की। 1868 में, 29 वर्ष की उम्र में, उन्होंने 21,000 रुपये की पूँजी से एक व्यापारिक कंपनी शुरू की।

उन्होंने काम करते हुए सीखा। 1869 में उन्होंने बंबई की एक दिवालिया तेल मिल ख़रीदी, उसे कपड़ा मिल में बदला और दो साल बाद मुनाफ़े पर बेच दिया। 1874 में उन्होंने 1.5 लाख रुपये की शुरुआती पूँजी से एक कपड़ा कंपनी बनाई, जिसकी एम्प्रेस मिल्स ने नागपुर में 1 जनवरी 1877 को काम शुरू किया। उन्होंने बंबई के बजाय नागपुर चुना, क्योंकि वहाँ कपास, पानी और रेल पास थे।

उनके बड़े सपने थे — इस्पात, पनबिजली और एक विज्ञान संस्थान। 1899 में उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान के लिए अपनी निजी संपत्ति से 30 लाख रुपये देने का वचन दिया। उनकी बड़ी योजनाओं में से केवल बंबई का ताज महल होटल ही उनके जीवनकाल में, दिसंबर 1903 में, खुल सका।

1904 में उनका निधन हो गया। उनके बेटों ने योजनाएँ आगे बढ़ाईं: 1907 में टाटा स्टील बनी, 1910 में टाटा पावर, और 1911 में भारतीय विज्ञान संस्थान में पहले छात्र आए।

समय-रेखा

  1. 1868बंबई में 21,000 रुपये से व्यापारिक कंपनी शुरू की।
  2. 18771 जनवरी को नागपुर में एम्प्रेस मिल्स ने काम शुरू किया।
  3. 1892भारतीय छात्रों को विदेश में पढ़ने में मदद के लिए जे एन टाटा एंडाउमेंट बनाया।
  4. 1899भारतीय विज्ञान संस्थान के लिए 30 लाख रुपये का वचन दिया।
  5. 190316 दिसंबर को बंबई में ताज महल होटल खुला।
  6. 1907उनके निधन के तीन साल बाद टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी बनी।
स्रोत (2)
  1. Jamsetji Tata · 2024
  2. Our Timeline: The Early Years 1868-1917 · 2024

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