
खंड 34
लाला श्री राम
डीसीएम को बड़ा औद्योगिक समूह बनाया और एसआरसीसी, एलएसआर व श्रीराम संस्थान की स्थापना की। (Delhi Cloth & General Mills (DCM))
- जीवन
- 1884–1963
- दौर
- आज़ादी से पहले
- 25
- डीसीएम से जुड़ते समय उम्र · 1909
- 46
- फ़िक्की अध्यक्ष चुने जाते समय उम्र · 1930
कहानी
लाला श्री राम का जन्म 27 अप्रैल 1884 को दिल्ली में हुआ और उन्होंने नगरपालिका के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई की। 1909 में, 25 वर्ष की उम्र में, वे दिल्ली क्लॉथ एंड जनरल मिल्स (डीसीएम) से जुड़े, जिससे उनका परिवार जुड़ा था।
पहले विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने और उनके पिता मदन मोहन लाल ने डीसीएम का सरकारी कारोबार बढ़ाया, जिससे कंपनी संभली। आगे उन्होंने डीसीएम को कपड़े से निकालकर चीनी और रसायन जैसे उद्योगों तक फैलाया।
वे रोज़गार से जुड़ी शिक्षा में विश्वास रखते थे। 1920 में उन्होंने कमर्शियल एजुकेशन ट्रस्ट बनाया, जिसका कॉलेज आगे चलकर श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स बना। 1947 में उन्होंने श्रीराम औद्योगिक अनुसंधान संस्थान और 1956 में अपनी पत्नी फूलन देवी की स्मृति में लेडी श्री राम कॉलेज स्थापित किया।
1930 में वे फ़िक्की के अध्यक्ष बने और 1941 में उन्हें 'सर' की उपाधि मिली। 11 जनवरी 1963 को उनका निधन हुआ।
समय-रेखा
- 1909दिल्ली क्लॉथ एंड जनरल मिल्स से जुड़े।
- 1920कमर्शियल एजुकेशन ट्रस्ट की स्थापना (आगे एसआरसीसी)।
- 1930फ़िक्की के अध्यक्ष चुने गए।
- 1941'सर' की उपाधि मिली।
- 1947श्रीराम औद्योगिक अनुसंधान संस्थान की स्थापना।
- 1956लेडी श्री राम कॉलेज फ़ॉर विमेन की स्थापना।