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खंड 34

मुकेश अंबानी

रिलायंस को जामनगर के विशाल शोधन कारख़ाने तक ले गए और जियो शुरू की, जिसने भारत में मोबाइल डेटा बदल दिया। (Reliance Industries)

जीवन
जन्म 1957
दौर
1991 से 2010
36
जामनगर रिफ़ाइनरी बनने में लगे महीने · 2000
$200 बिलियन
बाज़ार मूल्य का पड़ाव · 2020
₹5 लाख करोड़
बाज़ार मूल्य का पड़ाव · 2017

कहानी

मुकेश अंबानी धीरूभाई अंबानी के बड़े बेटे हैं, जिन्होंने 1957 में मुंबई में धागे का व्यापार शुरू किया था। रिलायंस धागे से पॉलिएस्टर और पेट्रोरसायन की ओर बढ़ी, और 1980-82 में पातालगंगा में अपना पहला ऐसा संयंत्र लगाया।

2000 में रिलायंस ने जामनगर रिफ़ाइनरी शुरू की, जिसे कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी नई (ग्रासरूट) रिफ़ाइनरी बताती है और जो 36 महीनों में बनी। 2004 में, जब मुकेश अंबानी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक थे, रिलायंस फ़ॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में आने वाली पहली निजी भारतीय कंपनी बनी।

2016 में रिलायंस ने जियो की व्यावसायिक सेवाएँ शुरू कीं — शून्य से बना एक नया 4जी मोबाइल नेटवर्क। जुलाई 2017 में रिलायंस का बाज़ार मूल्य 5 लाख करोड़ रुपये पार कर गया, और 2020 में वह 200 अरब अमेरिकी डॉलर का बाज़ार मूल्य पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी।

समय-रेखा

  1. 1982रिलायंस ने पातालगंगा में अपना पहला पेट्रोरसायन और पॉलिएस्टर धागा संयंत्र पूरा किया।
  2. 2000जामनगर रिफ़ाइनरी शुरू हुई।
  3. 2004रिलायंस फ़ॉर्च्यून ग्लोबल 500 सूची में आई।
  4. 2016जियो की व्यावसायिक सेवाएँ शुरू।
  5. 2017बाज़ार मूल्य 5 लाख करोड़ रुपये पार।
  6. 2020200 अरब डॉलर बाज़ार मूल्य पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी।
स्रोत (2)
  1. Our History · 2024
  2. Payback time for Reliance: Market capitalisation touches Rs 5 lakh crore · 2017

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