
खंड 34
एन आर नारायण मूर्ति
1981 में छह इंजीनियरों के साथ इन्फ़ोसिस की सह-स्थापना की और उसे वैश्विक आईटी सेवा कंपनी बनाया। (Infosys)
- जीवन
- जन्म 1946
- दौर
- 1947 से 1991
- 7
- संस्थापक इंजीनियर · 1981
- $250
- बताई गई शुरुआती पूँजी (लगभग) · 1981
कहानी
एन आर नारायण मूर्ति पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स में काम करते थे, जहाँ उनकी मुलाक़ात नंदन नीलेकणि से हुई। 1981 में उन्होंने छह अन्य इंजीनियरों के साथ पुणे में इन्फ़ोसिस की स्थापना की; शुरुआती पूँजी लगभग 250 अमेरिकी डॉलर बताई जाती है।
1983 में कंपनी बंगलौर आ गई। वह विदेशी ग्राहकों के लिए सॉफ़्टवेयर का काम करती थी, ऐसे समय में जब भारत में कंप्यूटर आयात करने के लिए लंबी मंज़ूरियाँ लगती थीं।
1993 में इन्फ़ोसिस भारत में सार्वजनिक कंपनी बनी। फ़रवरी 1999 में उसने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग में काग़ज़ दाख़िल किए और उसी वर्ष नैस्डैक पर सूचीबद्ध हुई — ऐसा करने वाली शुरुआती भारतीय कंपनियों में से एक।
अन्य सह-संस्थापक थे नंदन नीलेकणि, क्रिस गोपालकृष्णन, एस डी शिबुलाल, के दिनेश, एन एस राघवन और अशोक अरोड़ा।
समय-रेखा
- 1981छह अन्य इंजीनियरों के साथ पुणे में इन्फ़ोसिस की स्थापना।
- 1983इन्फ़ोसिस का मुख्यालय बंगलौर आया।
- 1993इन्फ़ोसिस भारत में सार्वजनिक कंपनी बनी।
- 1999अमेरिकी एसईसी में पंजीकरण और नैस्डैक पर सूचीबद्ध।
- 2002बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग इकाई प्रोजियॉन शुरू की (बाद में इन्फ़ोसिस बीपीएम)।
- 2011कंपनी का नाम इन्फ़ोसिस लिमिटेड हुआ।