
खंड 34
राहुल बजाज
बजाज स्कूटर को घर-घर का नाम बनाया और बजाज ऑटो का कारोबार 7.2 करोड़ से 12,000 करोड़ रुपये तक पहुँचाया। (Bajaj Auto)
- जीवन
- 1938–2022
- दौर
- 1947 से 1991
- ₹7.2 करोड़
- उनके नेतृत्व की शुरुआत में बजाज ऑटो का कारोबार · 1965
- ₹12,000 करोड़
- उनके नेतृत्व में बजाज ऑटो का कारोबार (बाद में) · 2022
कहानी
जमनालाल बजाज के पोते राहुल बजाज का जन्म 10 जून 1938 को हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र, मुंबई विश्वविद्यालय से क़ानून और हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से एमबीए किया।
1965 में उन्होंने बजाज समूह का कारोबार संभाला। बजाज चेतक स्कूटर मध्यम-वर्गीय परिवारों की आकांक्षा का प्रतीक बना और 'हमारा बजाज' विज्ञापन धुन मशहूर हुई।
जब जापानी मोटरसाइकिल कंपनियाँ आईं, तो उन्होंने नए उत्पादों से मुक़ाबला किया। उनके नेतृत्व में बजाज ऑटो का कारोबार 7.2 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये हुआ।
2001 में उन्हें पद्म भूषण मिला, वे राज्यसभा के सदस्य रहे, अप्रैल 2021 में अध्यक्ष पद छोड़ा, और 12 फ़रवरी 2022 को पुणे में उनका निधन हुआ।
समय-रेखा
- 1965बजाज समूह का कारोबार संभाला।
- 2001पद्म भूषण मिला।
- 2005रोज़ का कामकाज बेटों को सौंपना शुरू किया।
- 2021अप्रैल में बजाज ऑटो के अध्यक्ष पद से हटे; मानद अध्यक्ष बने।
- 202212 फ़रवरी को पुणे में निधन।