
खंड 34
रतन नवल टाटा
1991 से 2012 तक टाटा समूह का नेतृत्व किया और टेटली, कोरस व जगुआर लैंड रोवर से उसे वैश्विक बनाया। (Tata Sons)
- जीवन
- 1937–2024
- दौर
- 1991 से 2010
- $2.3 बिलियन
- जगुआर लैंड रोवर के लिए चुकाई गई क़ीमत · 2008
- $13 बिलियन
- कोरस के लिए चुकाई गई क़ीमत (लगभग) · 2007
- $165 बिलियन
- टाटा समूह की आय, मार्च 2024 तक का वर्ष · 2024
कहानी
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ। उन्होंने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से वास्तुकला पढ़ी और आईबीएम की नौकरी का प्रस्ताव ठुकराकर 1962 में टाटा समूह से जुड़े।
1991 में वे जे आर डी टाटा के बाद टाटा संस के अध्यक्ष बने — उसी वर्ष भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था खोली। 1998 में टाटा इंडिका भारत में डिज़ाइन और निर्मित पहली यात्री कार बनी।
फिर उन्होंने विदेश में अधिग्रहण किए: 2000 में टाटा टी ने टेटली ख़रीदी, 2007 में टाटा स्टील ने लगभग 13 अरब डॉलर में कोरस ख़रीदी, और 2008 में टाटा मोटर्स ने फ़ोर्ड से 2.3 अरब डॉलर में जगुआर लैंड रोवर ख़रीदी। 1 लाख रुपये की नैनो 2008 में पेश हुई; 2018 में उसका उत्पादन बंद हुआ।
2012 में वे सेवानिवृत्त हुए और 2016 में कुछ महीनों के लिए अंतरिम अध्यक्ष बनकर लौटे। 9 अक्टूबर 2024 को 86 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ।
समय-रेखा
- 1962टाटा समूह से जुड़े।
- 1991टाटा संस के अध्यक्ष बने।
- 1998टाटा इंडिका बाज़ार में आई।
- 2000टाटा टी ने टेटली का अधिग्रहण किया।
- 2007टाटा स्टील ने कोरस का अधिग्रहण किया।
- 2008टाटा मोटर्स ने जगुआर लैंड रोवर ख़रीदी; नैनो पेश हुई।
- 2012अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए।