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खंड 34

शिव नाडार

1976 में दिल्ली की एक बरसाती से एचसीएल शुरू की और भारत की बड़ी आईटी कंपनियों में से एक बनाई। (HCL)

जीवन
जन्म 1945
दौर
1947 से 1991
$13.4 बिलियन
एचसीएलटेक का आकार · 2026
2,19,000
एचसीएलटेक कर्मचारी (लगभग) · 2026
$1.5 बिलियन
शिव नाडार फ़ाउंडेशन के ज़रिए निवेश · 2024

कहानी

शिव नाडार ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पढ़ी और दिल्ली में डीसीएम में प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में करियर शुरू किया। वहीं उनकी मुलाक़ात उन साथियों से हुई जिनके साथ उन्होंने आगे एचसीएल शुरू की।

1976 में उन्होंने दिल्ली की एक बरसाती (छत के कमरे) से काम शुरू किया, जिसे उनका विश्वविद्यालय 'गैराज स्टार्टअप जैसा' बताता है। पैसे जुटाने के लिए उन्होंने पहले कैलकुलेटर बेचे, फिर भारत के शुरुआती स्वदेशी कंप्यूटर बनाए।

बाद में एचसीएल हार्डवेयर से सॉफ़्टवेयर और आईटी सेवाओं में गई। एचसीएलटेक आज 13.4 अरब डॉलर की कंपनी है जिसमें लगभग 2,19,000 लोग काम करते हैं। जुलाई 2020 में उन्होंने एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ का अध्यक्ष पद अपनी बेटी रोशनी नाडार मल्होत्रा को सौंपा।

1994 में उन्होंने शिव नाडार फ़ाउंडेशन बनाया, जो स्कूल और शिव नाडार विश्वविद्यालय (2011) चलाता है। जून 2024 तक वे इसके ज़रिए 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर लगा चुके थे। 2008 में उन्हें पद्म भूषण मिला।

समय-रेखा

  1. 1976दिल्ली में डीसीएम के पूर्व साथियों के साथ एचसीएल शुरू की।
  2. 1994शिव नाडार फ़ाउंडेशन की स्थापना।
  3. 2008पद्म भूषण मिला।
  4. 2011शिव नाडार विश्वविद्यालय की स्थापना।
  5. 2020एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ का अध्यक्ष पद रोशनी नाडार मल्होत्रा को सौंपा।
स्रोत (2)
  1. Shiv Nadar: Founder, HCL Group and Shiv Nadar Foundation · 2026
  2. Shiv Nadar · 2024

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