§1कितना बड़ा है
ऑटोमोबाइल क्षेत्र का राष्ट्रीय GDP में लगभग 6% योगदान; ऑटो उद्योग का टर्नओवर लगभग USD 240 बिलियन
PIB backgrounder (Ministry of Commerce): Revolutionizing Mobility - The Make in India Auto Story (25 Mar 2025)ऑटो पुर्ज़ा क्षेत्र: GDP का 2.3%, 1.5 मिलियन सीधे रोज़गार, FY24 में टर्नओवर ₹6.14 लाख करोड़ (USD 74.1 बिलियन); FY24 में निर्यात USD 21.2 बिलियन
PIB backgrounder (Ministry of Commerce): Revolutionizing Mobility - The Make in India Auto Story (25 Mar 2025)4.4 मिलियन EV पंजीकृत, बाज़ार में 6.6% हिस्सेदारी (Mar 2025 के PIB नोट के अनुसार)
PIB backgrounder (Ministry of Commerce): Revolutionizing Mobility - The Make in India Auto Story (25 Mar 2025)
§2शुरू करने के रास्ते
- किसी tier-1 सप्लायर के लिए Tier-2/3 मशीनिंग या शीट मेटल
- वायरिंग हार्नेस असेंबली
- EV चार्जर की असेंबली और फ़िटिंग
- ई-रिक्शा / L5 तिपहिया असेंबली (टाइप अप्रूवल ज़रूरी)
- रिप्लेसमेंट पुर्ज़े और बैटरी बदलने (स्वैपिंग) की सेवा
§3हब और क्लस्टर
- चेन्नई, पुणे, NCR (गुड़गाँव-मानेसर), साणंद (गुजरात) - प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल क्षेत्र (इस बार सरकारी सूची से जाँचे नहीं गए)
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- CMVR के तहत ARAI, ICAT या दूसरी जाँच एजेंसियों से टाइप अप्रूवल / होमोलोगेशन (वाहनों और सुरक्षा से जुड़े पुर्ज़ों के लिए)
- QCO के तहत अधिसूचित ऑटो सामान के लिए BIS प्रमाणन
- IATF 16949 गुणवत्ता प्रमाणन (OEM इसकी उम्मीद करते हैं)
- EV बैटरी: AIS-156 / AIS-038 सुरक्षा मानक; Battery Waste Management Rules 2022 के तहत EPR पंजीकरण
- Udyam Registration (MSME पंजीकरण) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + आधार से
- GST registration (तय टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री / ई-कॉमर्स बिक्री पर ज़रूरी)
- Shops & Establishment registration या Factory Licence (Factories Act / राज्य के नियम) - आकार और बिजली के उपयोग के हिसाब से
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से Consent to Establish और Consent to Operate - श्रेणी (Red/Orange/Green/White) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; White श्रेणी को सहमति (consent) की ज़रूरत नहीं
- IEC (Importer Exporter Code) DGFT से - अगर आप आयात या निर्यात करते हैं
§5नियामक
- भारी उद्योग मंत्रालय
- MoRTH (Central Motor Vehicles Rules, ARAI/ICAT से टाइप अप्रूवल)
- BIS (कुछ पुर्ज़ों पर QCO, जैसे टायर, हेलमेट, सेफ़्टी ग्लास)
§6सरकारी मदद
- ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्ज़ों के लिए PLI योजना (PLI-Auto, 23 Sep 2021 को अधिसूचित)
- Advanced Chemistry Cell (ACC) बैटरी भंडारण के लिए PLI योजना (12 May 2021 को अधिसूचित)
- PM E-DRIVE (EV की माँग पर प्रोत्साहन और चार्जिंग)
- PM e-Bus Sewa
- भारत में इलेक्ट्रिक यात्री कारों के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना (SPMEPCI)
- सभी क्षेत्रों पर लागू योजनाएँ (पूरा ब्योरा योजनाओं वाली फ़ाइल में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE कर्ज़ गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)
§7निर्यात के लिए
- EEPC India
- ACMA (उद्योग संघ, EPC नहीं)
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- बड़ा, निर्यात से जुड़ा सप्लायर आधार - पुर्ज़ों के टर्नओवर का 18% निर्यात [PIB Mar 2025]
- EV की ओर बदलाव से नए तरह के पुर्ज़े बनते हैं (मोटर, कंट्रोलर, चार्जर)
- सरकार ने स्थानीय उत्पादन के लिए China Plus One रुझान का ज़िक्र किया है [PIB Mar 2025]
नुकसान
- OEM हर साल दाम घटवाते हैं; गुणवत्ता ऑडिट (IATF, PPAP) महँगे हैं
- EV नीति और सब्सिडी में बदलाव से माँग पर असर
- बैटरी सेल और इलेक्ट्रॉनिक्स अब भी आयात पर निर्भर
