§1कितना बड़ा है
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन ₹1.9 लाख करोड़ (2014-15) से बढ़कर ₹11.3 लाख करोड़ (2024-25) हुआ; निर्यात ₹38,000 करोड़ से ₹3.27 लाख करोड़
PIB backgrounder: Electronics Components Manufacturing Scheme - Budget 2026-27 raises outlay to Rs 40,000 crore (3 Feb 2026)2024-25 में मोबाइल फ़ोन उत्पादन ₹5.45 लाख करोड़; भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फ़ोन निर्माता है
PIB backgrounder: Electronics Components Manufacturing Scheme - Budget 2026-27 raises outlay to Rs 40,000 crore (3 Feb 2026)इस क्षेत्र को लगभग 25 लाख नौकरियों का श्रेय दिया जाता है
PIB backgrounder: Electronics Components Manufacturing Scheme - Budget 2026-27 raises outlay to Rs 40,000 crore (3 Feb 2026)
§2शुरू करने के रास्ते
- SMT/PCB असेंबली जॉब-वर्क
- LED लाइटिंग असेंबली (BIS CRS)
- केबल और हार्नेस निर्माण
- BIS पंजीकरण के साथ मोबाइल एक्सेसरीज़ (चार्जर, पावर बैंक)
- ई-कचरा संग्रह और मरम्मत करके दोबारा बेचना (पंजीकृत)
§3हब और क्लस्टर
- नोएडा / ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश), श्रीपेरंबदूर-चेन्नई (तमिलनाडु), बेंगलुरु और होसुर, हैदराबाद - प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर (इस बार सरकारी सूची से जाँचे नहीं गए)
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक और IT सामान के लिए BIS Compulsory Registration (CRS) (जैसे एडैप्टर, LED उत्पाद, पावर बैंक, CCTV)
- CPCB पोर्टल पर ई-कचरा EPR पंजीकरण (उत्पादकों के लिए)
- वायरलेस उपकरणों के लिए WPC Equipment Type Approval (ETA); टेलीकॉम उपकरणों के लिए TEC MTCTE प्रमाणन
- SPCB सहमति (PCB बनाना/प्लेटिंग ऊँची श्रेणी; असेंबली आम तौर पर कम)
- Udyam Registration (MSME पंजीकरण) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + आधार से
- GST registration (तय टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री / ई-कॉमर्स बिक्री पर ज़रूरी)
- Shops & Establishment registration या Factory Licence (Factories Act / राज्य के नियम) - आकार और बिजली के उपयोग के हिसाब से
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से Consent to Establish और Consent to Operate - श्रेणी (Red/Orange/Green/White) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; White श्रेणी को सहमति (consent) की ज़रूरत नहीं
- IEC (Importer Exporter Code) DGFT से - अगर आप आयात या निर्यात करते हैं
§5नियामक
- MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय)
- BIS - अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए Compulsory Registration Scheme (CRS)
- TEC / WPC (टेलीकॉम और वायरलेस उपकरण)
- CPCB E-Waste Management Rules 2022 (EPR) - ई-कचरा प्रबंधन नियम
§6सरकारी मदद
- Electronics Components Manufacturing Scheme (ECMS) - बजट 2026-27 में राशि बढ़ाकर ₹40,000 करोड़
- Large Scale Electronics Manufacturing के लिए PLI (मोबाइल फ़ोन)
- IT Hardware 2.0 के लिए PLI
- White Goods के लिए PLI (AC और LED लाइटें)
- India Semiconductor Mission (ISM) - भारत सेमीकंडक्टर मिशन
- SPECS (नए आवेदन बंद - जाँचें)
- Electronics Manufacturing Clusters (EMC 2.0) - इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्लस्टर
- सभी क्षेत्रों पर लागू योजनाएँ (पूरा ब्योरा योजनाओं वाली फ़ाइल में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE कर्ज़ गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)
§7निर्यात के लिए
- ESC - Electronics and Computer Software Export Promotion Council (इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ़्टवेयर निर्यात संवर्धन परिषद)
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- सबसे तेज़ी से बढ़ा निर्माण क्षेत्र: एक दशक में उत्पादन लगभग छह गुना [PIB Feb 2026]
- ₹40,000 करोड़ वाली पुर्ज़ा योजना (ECMS) उसी सप्लाई चेन पर केंद्रित है जहाँ MSME फ़िट होते हैं [PIB Feb 2026]
नुकसान
- असेंबली में मार्जिन कम है; असली मूल्य पुर्ज़ों में है, जिनमें बड़ी पूँजी लगती है
- चिप और कई पुर्ज़ों के लिए आयात पर भारी निर्भरता
- हर मॉडल के लिए BIS CRS पंजीकरण से समय और जाँच का ख़र्च बढ़ता है
