§1कितना बड़ा है
जुलाई 2026 में UPI से ₹29.88 लाख करोड़ के 2,365.8 करोड़ लेन-देन हुए, 741 बैंक जुड़े थे
PIB backgrounder: 7th Global Fintech Fest 2026 - Potential to Impact (8 Sep 2026)भारत का वित्तीय समावेशन सूचकांक 43.4 (मार्च 2017) से बढ़कर 70.0 (मार्च 2026) हुआ
PIB backgrounder: 7th Global Fintech Fest 2026 - Potential to Impact (8 Sep 2026)26 अगस्त 2026 तक 59.15 करोड़ Jan Dhan खाते खुल चुके थे; मार्च 2026 तक Aadhaar नामांकन 144 करोड़ पार
PIB backgrounder: 7th Global Fintech Fest 2026 - Potential to Impact (8 Sep 2026)अगस्त 2025 में UPI से ₹24.85 लाख करोड़ से ज़्यादा के 20 अरब से ज़्यादा लेन-देन हुए
PIB feature: UPI - India's Digital Revolution Goes Global (17 Sep 2025)
§2शुरू करने के रास्ते
- म्यूचुअल फ़ंड / बीमा वितरण (ARN या POSP)
- बैंक बिज़नेस करेस्पॉन्डेंट या CSP केंद्र
- बैंकों और NBFC के लिए लोन DSA (डायरेक्ट सेलिंग एजेंट)
- MSME के हिसाब-किताब, GST और भुगतान के लिए SaaS सॉफ़्टवेयर
- माइक्रोफ़ाइनेंस या गोल्ड-लोन NBFC (काफ़ी पूँजी चाहिए)
§3हब और क्लस्टर
- मुंबई, बेंगलुरु, NCR (गुरुग्राम), GIFT City (गांधीनगर) - जाने-माने केंद्र; Global Fintech Fest मुंबई में होता है
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- NBFC के लिए RBI का Certificate of Registration (न्यूनतम नेट ओन्ड फ़ंड लागू)
- Payment Aggregator / PPI जारीकर्ता के रूप में RBI की अनुमति
- म्यूचुअल फ़ंड वितरण के लिए AMFI पंजीकरण (ARN); सलाह के लिए SEBI RIA लाइसेंस
- बीमा ब्रोकर, कॉरपोरेट एजेंट या POSP के रूप में IRDAI लाइसेंस
- किसी बैंक के साथ बिज़नेस करेस्पॉन्डेंट अनुबंध
- ग्राहकों के डेटा के लिए DPDP Act 2023 का पालन
- Udyam पंजीकरण (MSME) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + Aadhaar के आधार पर
- GST पंजीकरण (टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री या ई-कॉमर्स पर बिक्री करने पर ज़रूरी)
- आकार और बिजली की खपत के अनुसार Shops & Establishment पंजीकरण या फ़ैक्टरी लाइसेंस (Factories Act / राज्य नियम)
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना की सहमति (Consent to Establish) और संचालन की सहमति (Consent to Operate) - श्रेणी (लाल/नारंगी/हरी/सफ़ेद) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; सफ़ेद श्रेणी को सहमति से छूट है
- आयात या निर्यात करने पर DGFT से IEC (Importer Exporter Code)
§5नियामक
- RBI (बैंक, NBFC, भुगतान प्रणाली, पेमेंट एग्रीगेटर)
- SEBI (प्रतिभूतियाँ, म्यूचुअल फ़ंड वितरक, निवेश सलाहकार)
- IRDAI (बीमा बिचौलिये)
- PFRDA (पेंशन); IFSCA (GIFT City)
- NPCI (UPI, RuPay के संचालन नियम)
§6सरकारी मदद
- डिजिटल सार्वजनिक ढाँचा (DPI): UPI, Aadhaar e-KYC, DigiLocker, Account Aggregator [PIB Sep 2026]
- RBI रेगुलेटरी सैंडबॉक्स और IFSCA फ़िनटेक प्रोत्साहन - मौजूदा शर्तें नहीं जाँची गईं
- दूसरी योजनाएँ जो यहाँ भी लागू होती हैं (पूरा ब्योरा योजनाओं वाले खंड में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE ऋण गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- विशाल DPI ढाँचा (UPI, Aadhaar, Jan Dhan) ग्राहकों तक पहुँचने की लागत घटाता है [PIB Sep 2026]
- वितरण वाले मॉडल में कम पूँजी लगती है
नुकसान
- RBI/SEBI/IRDAI के भारी और बदलते नियम
- कर्ज़ डूबने और धोखाधड़ी का जोखिम
- कर्ज़ देने वाले लाइसेंस के लिए पूँजी की शर्तें
