§1कितना बड़ा है
10 प्लास्टिक पार्क मंज़ूर: मध्य प्रदेश (दो), ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, असम, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक
Department of Chemicals & Petrochemicals, Annual Report 2025-26
§2शुरू करने के रास्ते
- स्थानीय निर्माताओं के लिए कोरुगेटेड बॉक्स इकाई
- लचीले पाउच की छपाई और लैमिनेशन
- इंजेक्शन मोल्डिंग जॉब-वर्क
- प्लास्टिक रीसाइक्लिंग / दाना (ग्रेन्यूल) इकाई (पंजीकृत PWP)
- काग़ज़ के थैले और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग
§3हब और क्लस्टर
- मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, तमिलनाडु, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, असम, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक में प्लास्टिक पार्क (Dept of Chemicals)
- दमन-सिलवासा और गुजरात का प्लास्टिक क्षेत्र (प्रसिद्ध; सरकारी सूची से जाँचा नहीं गया)
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- Plastic Waste Management Rules के तहत CPCB के केंद्रीय EPR पोर्टल पर Producer / Importer / Brand Owner / Plastic Waste Processor के रूप में पंजीकरण
- SPCB सहमति (श्रेणी प्रक्रिया पर निर्भर)
- सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध (अधिसूचित सामान 1 Jul 2022 से प्रतिबंधित) और कैरी बैग की न्यूनतम मोटाई के नियमों का पालन
- जहाँ पॉलिमर/उत्पाद पर QCO लागू हो वहाँ BIS प्रमाणन
- खाद्य पैकेजिंग के लिए FSSAI नियमों के अनुसार खाने के संपर्क वाली सामग्री
- Udyam Registration (MSME पंजीकरण) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + आधार से
- GST registration (तय टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री / ई-कॉमर्स बिक्री पर ज़रूरी)
- Shops & Establishment registration या Factory Licence (Factories Act / राज्य के नियम) - आकार और बिजली के उपयोग के हिसाब से
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से Consent to Establish और Consent to Operate - श्रेणी (Red/Orange/Green/White) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; White श्रेणी को सहमति (consent) की ज़रूरत नहीं
- IEC (Importer Exporter Code) DGFT से - अगर आप आयात या निर्यात करते हैं
§5नियामक
- रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग
- CPCB / SPCB - Plastic Waste Management Rules 2016 (EPR) - प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम
- BIS (कुछ पॉलिमर पर QCO)
- FSSAI (खाने के संपर्क में आने वाली पैकेजिंग)
- Legal Metrology (पहले से पैक सामान)
§6सरकारी मदद
- प्लास्टिक पार्क लगाने की योजना
- CIPET (प्रशिक्षण, जाँच)
- सभी क्षेत्रों पर लागू योजनाएँ (पूरा ब्योरा योजनाओं वाली फ़ाइल में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE कर्ज़ गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)
§7निर्यात के लिए
- PLEXCONCIL - Plastics Export Promotion Council (प्लास्टिक निर्यात संवर्धन परिषद)
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- हर निर्माण और खाद्य व्यवसाय को पैकेजिंग चाहिए - माँग स्थानीय और स्थिर है
- प्लास्टिक पार्कों में तुरंत काम शुरू करने लायक़ प्लॉट
नुकसान
- मार्जिन पॉलिमर के दाम के साथ बदलता है (आयात/पेट्रोरसायन से जुड़ा)
- EPR और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक नियमों से अनुपालन का बोझ बढ़ता है
- बहुत सारे खिलाड़ी; दाम पर कड़ा मुक़ाबला
