§1कितना बड़ा है
उद्योग का GDP में ~2%, विनिर्माण GVA में ~11% और निर्यात में 8.63% योगदान; अनुमानित आकार USD 179 बिलियन
PIB backgrounder: Union Budget 2026-27 - Strengthening India's Textile Value Chain (4 Feb 2026)कपड़ा और परिधान निर्यात (हस्तशिल्प सहित) FY25 में USD 37.75 बिलियन रहा, जो पहले USD 35.87 बिलियन था
PIB backgrounder: Union Budget 2026-27 - Strengthening India's Textile Value Chain (4 Feb 2026)खेती के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोज़गार देने वाला क्षेत्र; 45 मिलियन से ज़्यादा लोगों को सीधा रोज़गार; लगभग 80% क्षमता MSME क्लस्टरों में
PIB backgrounder (Ministry of Commerce): Threads of Progress - Make in India and textiles (Apr 2025)भारत कपड़ा और परिधान का दुनिया में 6वाँ सबसे बड़ा निर्यातक है, विश्व निर्यात में ~4% हिस्सा
PIB backgrounder: Union Budget 2026-27 - Strengthening India's Textile Value Chain (4 Feb 2026)
§2शुरू करने के रास्ते
- तिरुपुर/नोएडा/गुड़गाँव में निर्यातकों या ब्रांडों के लिए जॉब-वर्क सिलाई इकाई
- कढ़ाई / छपाई (स्क्रीन, डिजिटल) इकाई
- स्कूल यूनिफ़ॉर्म और कंपनी यूनिफ़ॉर्म बनाना
- घरेलू कपड़ा (चादरें, तौलिये) - व्यापार से शुरू कर निर्माण तक
- तकनीकी कपड़े का सामान (नॉन-वोवन थैले, मेडिकल कपड़ा)
- होज़री क्लस्टर में छोटी निटिंग इकाई
§3हब और क्लस्टर
- तिरुपुर, तमिलनाडु - होज़री (Town of Export Excellence)
- लुधियाना, पंजाब - ऊनी निटवियर (TEE)
- पानीपत, हरियाणा - ऊनी कंबल, कालीन, चादरें (TEE)
- भीलवाड़ा (राजस्थान), भिवंडी और कोल्हापुर (महाराष्ट्र), अहमदाबाद (गुजरात) - कपड़ा (TEE)
- गुड़गाँव (हरियाणा) और नोएडा (उत्तर प्रदेश) - परिधान (TEE)
- सूरत, गुजरात - मानव-निर्मित रेशे का कपड़ा (प्रसिद्ध; कपड़े की TEE सूची में नहीं)
- 7 राज्य सरकारें 7 PM MITRA पार्क बना रही हैं
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- जहाँ QCO लागू हो वहाँ BIS प्रमाणन (कपड़ा मंत्रालय ने मानव-निर्मित रेशे और तकनीकी कपड़े के कई QCO अधिसूचित किए हैं - BIS पर ताज़ा सूची देखें)
- SPCB से सहमति - रंगाई, ब्लीचिंग और प्रोसेसिंग इकाइयों को आम तौर पर Red/Orange सहमति और कई राज्यों में ZLD शर्तें; सिर्फ़ सिलाई वाली गारमेंट इकाइयाँ आम तौर पर कम श्रेणी में
- फ़ैक्टरी लाइसेंस और श्रम पंजीकरण (EPF, ESI) - गारमेंट इकाइयों में मज़दूर ज़्यादा होते हैं
- निर्यात लाभ के लिए AEPC (परिधान) या TEXPROCIL/SRTEPC आदि से RCMC
- Udyam Registration (MSME पंजीकरण) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + आधार से
- GST registration (तय टर्नओवर सीमा से ऊपर, या दूसरे राज्य में बिक्री / ई-कॉमर्स बिक्री पर ज़रूरी)
- Shops & Establishment registration या Factory Licence (Factories Act / राज्य के नियम) - आकार और बिजली के उपयोग के हिसाब से
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से Consent to Establish और Consent to Operate - श्रेणी (Red/Orange/Green/White) CPCB 2025 की एकीकृत सूची के अनुसार; White श्रेणी को सहमति (consent) की ज़रूरत नहीं
- IEC (Importer Exporter Code) DGFT से - अगर आप आयात या निर्यात करते हैं
§5नियामक
- कपड़ा मंत्रालय (Textile Commissioner)
- BIS (कुछ रेशों पर QCO, जैसे MMF कच्चा माल)
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (रंगाई/प्रोसेसिंग इकाइयाँ ज़्यादा प्रदूषण वाली हैं)
§6सरकारी मदद
- PM MITRA - Mega Integrated Textile Region and Apparel पार्क (₹4,445 करोड़, 7 पार्क)
- कपड़े के लिए PLI योजना (MMF परिधान, MMF कपड़ा, तकनीकी कपड़ा; FY 2029-30 तक चालू)
- National Technical Textiles Mission (राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन)
- Samarth - कपड़ा क्षेत्र में क्षमता निर्माण की योजना (कौशल प्रशिक्षण)
- Amended Technology Upgradation Fund Scheme (ATUFS) - पहले से तय देनदारियाँ
- Textile Cluster Development Scheme (TCDS) - कपड़ा क्लस्टर विकास योजना
- परिधान और मेड-अप्स निर्यात के लिए RoSCTL (राज्य और केंद्रीय करों व शुल्कों की वापसी)
- Raw Material Supply Scheme (हथकरघा बुनकरों के लिए)
- बजट 2026-27: Textile Expansion and Employment Scheme (क्लस्टर आधुनिकीकरण) - ब्योरा आना बाक़ी
- सभी क्षेत्रों पर लागू योजनाएँ (पूरा ब्योरा योजनाओं वाली फ़ाइल में): Udyam के लाभ, PMEGP, PM Mudra Yojana, CGTMSE कर्ज़ गारंटी, Stand-Up India, MSE-CDP (क्लस्टर विकास), RAMP, MSME ZED और Lean प्रमाणन, MSME Champions, TReDS, Startup India (SISFS सीड फ़ंड, Fund of Funds, CGSS), RoDTEP, EPCG, Advance Authorisation, Districts as Export Hubs, ODOP (एक ज़िला एक उत्पाद)
§7निर्यात के लिए
- AEPC (परिधान)
- TEXPROCIL (सूती कपड़ा)
- SRTEPC (सिंथेटिक और रेयॉन)
- Wool & Woollen EPC (ऊन)
- Carpet EPC (कालीन)
- Powerloom Development & EPC (PDEXCIL) - पावरलूम
- HEPC (हथकरघा)
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- बहुत बड़ा, क्लस्टर पर टिका उद्योग - 80% क्षमता MSME क्लस्टरों में, इसलिए सप्लायर और कुशल कारीगर पास में मिलते हैं [PIB Apr 2025]
- PM MITRA, PLI और निर्यात छूट (RoSCTL) से मज़बूत सरकारी सहायता
- निर्यात बढ़ रहा है - FY25 में USD 35.87 bn से 37.75 bn [PIB Feb 2026]
नुकसान
- मज़दूरों पर टिका काम - श्रम संहिताएँ, EPF/ESI नियम और कामगारों को टिकाए रखना अहम
- रंगाई/प्रोसेसिंग में ज़्यादा प्रदूषण - सहमति और गंदे पानी के उपचार का ख़र्च भारी
- विदेशी ख़रीदार अनुपालन ऑडिट और लंबी भुगतान अवधि माँगते हैं
- परिधान के दाम पर दुनिया से मुक़ाबला (बांग्लादेश, वियतनाम)
¶स्रोत
- PIB backgrounder: Union Budget 2026-27 - Strengthening India's Textile Value Chain (4 Feb 2026)
- PIB backgrounder (Ministry of Commerce): Threads of Progress - Make in India and textiles (Apr 2025)
- DGFT Foreign Trade Policy Appendix 1B - List of Towns of Export Excellence
- Bureau of Indian Standards - Quality Control Orders
