
खंड 36
अशोक खाडे
DAS Offshore Engineering · पेड, सांगली ज़िला, महाराष्ट्र
- ₹1.82 करोड़
- माज़गाँव डॉक से पहला ठेका · 1995
- ₹130-140 करोड़
- कारोबार · 2010-11
- लगभग 4,500
- कर्मचारी · 2011
कहानी
अशोक खाडे महाराष्ट्र के सांगली ज़िले के पेड गाँव में पले-बढ़े। उनके पिता मुंबई में मोची का काम करते थे और माँ खेतों में मज़दूरी करती थीं। उनके और उनके पाँच भाई-बहनों के लिए भूख रोज़ की बात थी। घर में बिजली न होने पर भी वे होशियार छात्र थे।
हाई स्कूल के बाद वे चाचा के पास रहने मुंबई आए। वे डॉक्टरी पढ़ना चाहते थे, पर पैसे कम थे, इसलिए माज़गाँव डॉक में नौकरी कर ली। वहाँ उन्होंने 1975 से 1992 तक काम किया और नौकरी के साथ अंशकालिक मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा पूरा किया।
1995 में उन्होंने भाइयों दत्ता और सुरेश के साथ, बिना बाहरी पूँजी के, अपने नामों के पहले अक्षरों पर दास ऑफ़शोर शुरू की। पहला ₹1.82 करोड़ का काम माज़गाँव डॉक से ही मिला, और सामान उन्होंने पुराने साथियों से उधार पर लिया। कंपनी ओएनजीसी जैसे ग्राहकों के लिए समुद्री प्लेटफ़ॉर्म बनाती है। 2026 में उन्हें व्यापार और उद्योग के लिए पद्म श्री मिला।
समय-रेखा
- 1975मुंबई में माज़गाँव डॉक में नौकरी शुरू की।
- 1984पनडुब्बी गुणवत्ता जाँच के काम से पश्चिम जर्मनी भेजे गए।
- 1995भाइयों के साथ दास ऑफ़शोर शुरू की; पहला ₹1.82 करोड़ का ठेका माज़गाँव डॉक से।
- 20112010-11 में ₹130-140 करोड़ का कारोबार और लगभग 4,500 कर्मचारी।
- 2026व्यापार और उद्योग के लिए पद्म श्री मिला।