
खंड 36
जयराम बनान
Sagar Ratna · कारकला, उडुपी के पास, कर्नाटक
- ₹3,250
- पहले रेस्तराँ का साप्ताहिक किराया · 1986
- लगभग ₹70 करोड़
- कारोबार · 2011
- 67
- आउटलेट · 2012
कहानी
जयराम बनान उडुपी से लगभग 30 किलोमीटर दूर कारकला गाँव में सात भाई-बहनों में से एक थे। 13 साल की उम्र में स्कूल की परीक्षा में फ़ेल होने के बाद उन्होंने पिता के कुछ पैसे लिए और मुंबई भाग आए।
उनकी पहली नौकरी हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स की कैंटीन में बर्तन धोने की थी। तीन महीने में ही उन्हें खाना परोसने का काम मिल गया। आठ साल बाद वे रात्रि मैनेजर के पद से नौकरी छोड़कर दिल्ली आए और ग़ाज़ियाबाद में सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स में अपनी कैंटीन शुरू की।
1986 में उन्होंने डिफ़ेंस कॉलोनी में ₹3,250 हफ़्ते के किराये पर 40 सीटों वाला दक्षिण भारतीय रेस्तराँ सागर खोला। 1991 में उन्होंने वुडलैंड्स भोजनालय लेकर उसका नाम सागर रत्ना रखा, और 1996 में फ्रेंचाइज़ी देना शुरू किया। 2011 तक चेन का कारोबार लगभग ₹70 करोड़ था। उसी साल उन्होंने बड़ी हिस्सेदारी एक प्राइवेट इक्विटी फ़ंड को बेची, और बाद में चेन को फिर से खड़ा करने के लिए उसे वापस खरीदा।
समय-रेखा
- 1986दिल्ली की डिफ़ेंस कॉलोनी में 40 सीटों वाला सागर रेस्तराँ खोला।
- 1991वुडलैंड्स को लेकर उसका नाम सागर रत्ना रखा।
- 1996फ्रेंचाइज़ी देना शुरू किया।
- 2011लगभग ₹70 करोड़ का कारोबार; बड़ी हिस्सेदारी प्राइवेट इक्विटी फ़ंड को बेची।
- 2018हिस्सेदारी वापस खरीद ली और चेन को फिर खड़ा करने की योजना।