
खंड 36
कैलाश काटकर
Quick Heal Technologies · पुणे, महाराष्ट्र
- ₹350
- पहली नौकरी का मासिक वेतन · 1986
- लगभग ₹1,300 करोड़
- बाज़ार मूल्य · 2017
- 1,200
- कर्मचारी · 2017
कहानी
कैलाश काटकर का परिवार पुणे की एक झुग्गी बस्ती के छोटे से घर में रहता था। सातवीं तक पढ़े उनके पिता फ़िलिप्स में मशीन सेटर थे और घर चलाने के लिए ओवरटाइम करते थे। मुश्किल होने पर भी उन्होंने बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल में पढ़ाया। कैलाश अंग्रेज़ी में कमज़ोर रहे, नौवीं में फ़ेल हुए और स्कूल छोड़ दिया।
पिता से वे रेडियो ठीक करना और स्क्रीन प्रिंटिंग सीख चुके थे और ₹1,200-1,300 महीना कमा रहे थे। 1986 में उन्होंने डेटा स्टार नाम की कंपनी में सिर्फ़ ₹350 महीने पर कैलकुलेटर तकनीशियन की नौकरी की, क्योंकि वे डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स सीखना चाहते थे। वहाँ उन्होंने हिसाब-किताब भी सीखा। 1990 में जब कंपनी ने पुणे की वर्कशॉप बंद की, तो उन्होंने उसे ले लिया और पूँजी न होने के कारण कीमत अपनी कमाई से चुकाई।
उन्होंने कंप्यूटर मरम्मत जोड़ी और पुणे के टाइम्स ऑफ़ इंडिया दफ़्तर से शुरू करके रखरखाव के ठेके जीते। उनके छोटे भाई संजय ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग पढ़ी, और दोनों ने मिलकर क्विक हील एंटीवायरस बनाया। ओपन पत्रिका ने 2017 में बताया कि क्विक हील का बाज़ार मूल्य लगभग ₹1,300 करोड़ था और उसमें 1,200 कर्मचारी थे।
समय-रेखा
- 1986₹350 महीने पर डेटा स्टार में कैलकुलेटर तकनीशियन बने।
- 1990पहले कारोबार के रूप में पुणे की वर्कशॉप ली।
- 1992भाई संजय को कंप्यूटर इंजीनियरिंग पढ़ने के लिए राज़ी किया।
- 2017क्विक हील का मूल्य लगभग ₹1,300 करोड़, 1,200 कर्मचारी।