
खंड 36
करसनभाई पटेल
Nirma · अहमदाबाद, गुजरात
शुरुआतघर पर कपड़े धोने का पाउडर बनाया और घर-घर जाकर ₹3.50 किलो बेचा
आजनिरमा, एक समूह जिसका सालाना कारोबार ₹7,100 करोड़ से अधिक है और जिसमें 8,000 से ज़्यादा कर्मचारी हैं
- ₹3.50 प्रति किलो
- पहले निरमा पाउडर की कीमत · 1969
- ₹7,100 करोड़ से अधिक
- सालाना कारोबार · 2026
- 8,000+
- कर्मचारी · 2026
कहानी
1969 में रसायनशास्त्री करसनभाई पटेल ने अहमदाबाद के एक घर में फॉस्फेट-मुक्त कपड़े धोने के पाउडर की पहली खेप बनाई। वे इसे खुद घर-घर जाकर बेचते थे और हर पैकेट के साथ पैसे वापसी की गारंटी देते थे।
उनका बड़ा दाँव कीमत पर था। उन्होंने बनाने का खर्च इतना घटाया कि पाउडर ₹3.50 किलो में बिक सके, जबकि बाज़ार का सबसे सस्ता पाउडर भी लगभग दस रुपये महँगा था। उन्होंने इसका नाम अपनी बेटी निरुपमा के नाम पर निरमा रखा और मध्यम व कम आय वाले परिवारों को ध्यान में रखा।
1980 में निरमा लिमिटेड कंपनी बनी। आगे चलकर यह सोडा ऐश, नमक, रसायन और दूसरे उत्पादों में फैली और 2007 में अमेरिका की सर्ल्स वैली मिनरल्स को खरीदा। कंपनी के अनुसार उसका सालाना कारोबार ₹7,100 करोड़ से अधिक है।
समय-रेखा
- 1969अहमदाबाद के एक घर से पहला डिटर्जेंट पाउडर बनाकर बेचा।
- 198025 फ़रवरी को निरमा लिमिटेड बनी, कारखाना त्रिकमपुरा, गुजरात में।
- 1997गुजरात के कालातलाव में सोडा ऐश और नमक का काम शुरू किया।
- 2005पोरबंदर की सौराष्ट्र केमिकल्स को खरीदा।
- 2007अमेरिका की सर्ल्स वैली मिनरल्स को खरीदा।