
खंड 36
आर जी चंद्रमोगन
Hatsun Agro Product (Arun Ice Creams) · तमिलनाडु
- ₹65
- लकड़ी डिपो में प्रशिक्षु का मासिक वेतन
- ₹13,000
- शुरुआती पूँजी · 1970
- लगभग ₹8,700 करोड़
- सालाना आय · 2024-25
कहानी
आर जी चंद्रमोगन का जन्म तमिलनाडु के एक गाँव में साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के पास किराने की दुकान चलाते थे, पर 1968 में वह डूब गई और परिवार खाली हाथ गाँव लौट आया। प्री-यूनिवर्सिटी में वे गणित में फ़ेल हुए और कॉलेज पूरा नहीं किया।
पिता ने उन्हें विलुप्पुरम के एक लकड़ी डिपो में प्रशिक्षु का काम दिलाया, जहाँ उन्होंने एक साल ₹65 महीने पर ऑर्डर लिए और मेहनत का काम किया। इसी अनुभव ने उनमें अपना कारोबार करने की चाह जगाई। पिता द्वारा जुटाए ₹13,000 से 1970 में उन्होंने चेन्नई के रोयापुरम में 250 वर्ग फ़ुट जगह किराये पर ली, बर्फ़ बनाने की एक साधारण मशीन खरीदी, चार लोग रखे और अरुण नाम से आइसक्रीम बनाना शुरू किया। शुरुआती वर्षों में वे खुद सड़कों पर ठेला धकेलते थे।
1980 के दशक में वे दूध के कारोबार में आए, और बाद में मक्खन, घी और दही में। उन्होंने तेज़ी से बढ़ने के बजाय किसानों और दुकानदारों से रिश्ते मज़बूत करने पर ध्यान दिया। हटसन एग्रो प्रोडक्ट भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की डेयरी कंपनी बनी। 2025 में कंपनी ने पिछले वर्ष की आय लगभग ₹8,700 करोड़ बताई।
समय-रेखा
- 1968चेन्नई की पारिवारिक किराना दुकान डूबी; परिवार गाँव लौटा।
- 1970₹13,000 से रोयापुरम की 250 वर्ग फ़ुट किराये की जगह में अरुण आइसक्रीम बनाना शुरू किया।
- 1980sआइसक्रीम से दूध प्रसंस्करण में विस्तार।
- 2025कंपनी ने 2024-25 की आय लगभग ₹8,700 करोड़ बताई।