§1किसके लिए

  • सावधि कर्ज़ वाली नई और विस्तार करने वाली इकाइयाँ; कार्यशील पूँजी कर्ज़ वाली GST-पंजीकृत इकाइयाँ

काम की है अगर

अरुणाचल में बैंक कर्ज़ से बनी नई इकाइयाँ।

समय न लगाएँ अगर

पूरी तरह अपने पैसे से बनी इकाइयाँ।

§2पात्रता

  1. नई इकाइयाँ या बड़ा विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयाँ; कर्ज़ अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक या RBI में पंजीकृत वित्तीय संस्था से
  2. सेवा इकाई को नए भवन/शेड और टिकाऊ संपत्ति में कम से कम ₹5 लाख लगाने होंगे
  3. संपत्ति बाज़ार की सामान्य कीमत (arm's length) पर खरीदी गई हो
  4. कार्यशील पूँजी सहायता: GST में पंजीकृत मौजूदा और नई पात्र इकाइयाँ

§3लाभ

  • सावधि कर्ज़: 5 साल तक 6% सालाना, अधिकतम ₹10 लाख (निवेश ₹5-25 लाख); 5 साल तक 5% सालाना, अधिकतम ₹20 लाख (₹25 लाख से ऊपर)
  • प्राथमिकता क्षेत्र: 8% (अधिकतम ₹15 लाख) / 6% (अधिकतम ₹25 लाख)
  • कार्यशील पूँजी: 5 साल तक 5% सालाना, कुल अधिकतम ₹50 लाख, निवेश के 100% से ज़्यादा नहीं

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. केवल बँटी हुई कर्ज़ राशि पर भुगतान

व्यावसायिक उत्पादन के बाद भुगतान

  1. इकाई को कम से कम 2% ब्याज (सावधि कर्ज़) / 1% (कार्यशील पूँजी) खुद देना होगा
  2. कार्यशील पूँजी की सहायता हर साल बैंक के ब्याज प्रमाणपत्र पर

§5दस्तावेज़

प्रकाशित नहीं

गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    नीति के तहत पंजीकरण करें; बैंक के ब्याज प्रमाणपत्र के साथ हर साल दावा करें

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • सावधि कर्ज़ के साथ कार्यशील पूँजी भी शामिल

नुकसान

  • 1-2% का न्यूनतम ब्याज इकाई को ही देना होता है
  • आधिकारिक पाठ ऑनलाइन उपलब्ध नहीं

→मिलती-जुलती योजनाएँ

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स्रोत

  1. ICAI - Arunachal Pradesh State MSME Policy, paras 3.3, 3.5

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.