§1किसके लिए
- 31.3.2016 के बाद HP में लगे स्टार्टअप/नए सूक्ष्म और लघु उद्योग; नवाचार परियोजनाएँ; इनक्यूबेटर और होस्ट संस्थान
काम की है अगर
HP के इनक्यूबेटरों में छात्र और शुरुआती चरण के नवाचारी।
समय न लगाएँ अगर
पारंपरिक व्यापार या सेवा व्यवसाय।
§2पात्रता
- स्टार्टअप/नया उद्योग: 31.3.2016 के बाद HP में फ़ोकस-क्षेत्र की सेवाओं या विनिर्माण में सूक्ष्म या लघु उद्यम लगाने वाला मालिक, कंपनी, पंजीकृत साझेदारी या LLP।
- एक ही हिस्से पर राज्य और केंद्र दोनों योजनाओं से एक जैसा लाभ नहीं लिया जा सकता।
- नवाचार परियोजनाओं की सिफ़ारिश Host Institution करे और Empowered Committee मंज़ूर करे।
§3लाभ
- नवाचार परियोजनाएँ: एक साल तक Rs 25,000 प्रति माह गुज़ारा भत्ता।
- मार्केटिंग/बाज़ार में उतारने के लिए Rs 10 lakh तक सहायता।
- पेटेंट: हर भारतीय पेटेंट पर Rs 2 lakh तक और हर विदेशी पेटेंट पर Rs 10 lakh तक (फ़ाइल करने पर 75%, मिलने पर 25%)।
- इनक्यूबेटर: 3 साल तक हर साल Rs 30 lakh और हर साल Rs 10 lakh तक आवर्ती खर्च; निजी इनक्यूबेटरों को Rs 50 lakh तक 20% निवेश सब्सिडी।
- व्यवहार्यता अध्ययन / परियोजना रिपोर्ट: 75%, अधिकतम Rs 1,00,000।
§4नियम — सहायता का तरीका
- पेटेंट सहायता इनक्यूबेटर के ज़रिए मिलती है।
- इनक्यूबेटरों को किराए की वापसी: Rs 5/वर्ग फ़ुट/माह या किराए का 25%, जो कम हो, 3 साल तक।
§5दस्तावेज़
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
किसी मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर / HP स्टार्टअप पोर्टल (Emerging Himachal) के ज़रिए आवेदन करें।
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- होस्ट संस्थानों के ज़रिए नवाचारियों को एक साल तक Rs 25,000 प्रति माह।
नुकसान
- 2016 का पाठ अब भी VAT/CST छूट की बात करता है - कुछ हिस्से पुराने हो चुके हैं।
- सहायता किसी मान्य इनक्यूबेटर में जगह मिलने पर निर्भर है।
→मिलती-जुलती योजनाएँ
HP मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना में मदद चाहिए?
पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।
हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
