§1किसके लिए
- J&K में नई विनिर्माण और पात्र सेवा इकाइयाँ
- बड़ा विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयाँ
- GST में पंजीकृत मौजूदा इकाइयाँ (केवल कार्यशील पूँजी ब्याज छूट)
काम की है अगर
J&K IDS 2021 में पहले से पंजीकृत इकाइयाँ जो अपने दावों पर नज़र रख रही हैं; निवेशक जो देख रहे हैं कि पंजीकरण फिर खुलता है या नहीं।
समय न लगाएँ अगर
2026 में पंजीकरण की योजना बना रहे नए उद्यमी - पंजीकरण अवधि बंद हो चुकी है।
§2पात्रता
- CII: नई इकाइयाँ, या बड़ा विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयाँ, जिनका प्लांट और मशीनरी (विनिर्माण) या भवन और अन्य टिकाऊ भौतिक संपत्तियों (सेवा) में निवेश Rs 50 करोड़ से ज़्यादा न हो।
- इकाई तभी पात्र है जब वह बाज़ार भाव (arm's length) पर खरीदी गई नई प्लांट और मशीनरी लगाए (या सेवाओं के लिए नया भवन / नई टिकाऊ संपत्ति बनाए)।
- सेवा क्षेत्र की इकाई को नए भवन और अन्य टिकाऊ भौतिक संपत्तियों में कम से कम Rs 1 करोड़ लगाना होगा।
- मौजूदा इकाई योजना के दौरान बड़े विस्तार के लिए CII केवल एक बार ले सकती है; योजना में पंजीकृत नई इकाई बड़े विस्तार के लिए दोबारा दावा नहीं कर सकती।
- CII से पहले इकाई की मौके पर जाँच ज़रूरी है (UT की सिफ़ारिश पर Steering Committee इलेक्ट्रॉनिक तरीके की अनुमति दे सकती है)।
- CIS: नई इकाइयाँ और बड़ा विस्तार करने वाली मौजूदा इकाइयाँ; कर्ज़ अनुसूचित व्यावसायिक बैंकों या RBI में पंजीकृत वित्तीय संस्थाओं से हो।
- GSTLI: योजना में पंजीकृत नई इकाइयाँ जिनके पास GST पंजीकरण हो, निवेश कितना भी हो; नया GST नंबर लेना ज़रूरी - उसी आवेदक की किसी दूसरी इकाई का UT में मौजूदा GST नंबर इस्तेमाल नहीं हो सकता।
- WCIS: J&K की वे सभी मौजूदा इकाइयाँ जो योजना की अधिसूचना की तारीख से पहले GST में पंजीकृत थीं।
- निषेध सूची (सामान): तंबाकू और उसके विकल्प, पान मसाला, 20 माइक्रोन से पतले प्लास्टिक कैरी बैग, तय पेट्रोलियम उत्पाद, बागान, रिफ़ाइनरी और 10 MW से बड़ी बिजली इकाइयाँ, कोक और फ़्लाई ऐश, पर्यावरण मानक पूरे न करने वाली इकाइयाँ, कम मूल्य-वर्धन वाले काम, सोना और गोल्ड डोरे, शीरा (मोलासेस), संगमरमर/ट्रैवर्टीन/ग्रेनाइट, रिवॉल्वर और पिस्तौल, बाद में जोड़ी गई चीज़ें (Khaitan & Co के सार के अनुसार)।
- स्वीकृत सूची (सेवाएँ): पर्यटन और आतिथ्य (स्वास्थ्य और वेलनेस सहित), फ़िल्म पर्यटन (फ़िल्म सिटी/स्टूडियो), रोपवे और मनोरंजन पार्क, धरोहर की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवा, IT/ITeS, रखरखाव और मरम्मत, माल टर्मिनल, लॉजिस्टिक्स पार्क और गोदाम (कोल्ड स्टोर सहित), जाँच/R&D/विश्लेषण/प्रमाणन, शिक्षा और कौशल विकास (Khaitan & Co के सार के अनुसार)।
- दुरुपयोग रोक: उत्पादन शुरू होने के 5 साल के अंदर अगर इकाई हमेशा के लिए बंद हो, पूरी या आंशिक रूप से कहीं और चली जाए, या स्थायी पूँजी का बड़ा हिस्सा बेच दे, तो प्रोत्साहन लौटाना होगा (Khaitan & Co के सार के अनुसार)।
§3लाभ
- पूँजी निवेश प्रोत्साहन (CII): Zone A में निवेश का 30%, अधिकतम Rs 5 करोड़; Zone B में 50%, अधिकतम Rs 7.5 करोड़।
- पूँजी ब्याज छूट (CIS): लगातार 7 साल तक हर साल 6%, Rs 500 करोड़ तक के मूल कर्ज़ पर।
- GST से जुड़ा प्रोत्साहन (GSTLI): भरे गए ग्रॉस GST (नकद + ITC) का 100%, 10 साल तक, पात्र निवेश के 300% की सीमा।
- कार्यशील पूँजी ब्याज छूट (WCIS): 5 साल तक 5%, अधिकतम Rs 1 करोड़ (संकलन) - 2022 के Single Window ब्रोशर में 5.5% और अधिकतम Rs 5 करोड़ छपा है; मानक देखें।
§4नियम — सहायता का तरीका
- CII Zone A: P&M (विनिर्माण) या भवन और अन्य टिकाऊ भौतिक संपत्तियों (सेवा) में निवेश का 30%, अधिकतम Rs 5.00 करोड़।
- CII Zone B: 50%, अधिकतम Rs 7.50 करोड़।
- ज़ोन UT सरकार द्वारा घोषित 'Zone A श्रेणी के ब्लॉक' और 'Zone B श्रेणी के ब्लॉक' हैं (districtZones देखें)।
- CIS: भुगतान व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद ही; अगर बैंक की दर 8% से नीचे जाए तो भी इकाई कम से कम 2% खुद भरेगी (जैसे 7% पर छूट 5% होगी); छूट बाँटी गई राशि पर है, मंज़ूर राशि पर नहीं; Rs 500 करोड़ से ऊपर के मूलधन का ब्याज पात्र नहीं।
- GSTLI: Zone A और Zone B में एक जैसा; निर्यात पर GST नहीं गिना जाता; एक साल में कुल पात्र प्रोत्साहन के दसवें हिस्से से ज़्यादा नहीं मिलेगा; बचा हुआ दावा आगे ले जा सकते हैं, पर 10 साल या योजना की अवधि से आगे नहीं।
- WCIS: अगर बैंक की दर 6% से नीचे जाए तो इकाई कम से कम 1% खुद भरेगी; इकाई बड़ा विस्तार करे तब भी लाभ 5 साल चलता रहेगा।
- टकराव: WCIS को 5%, 5 साल में अधिकतम Rs 1 करोड़ छापा गया है (J&K MSME Compendium Nov 2022, Khaitan & Co), पर J&K Single Window ब्रोशर (2022) में 5.5%, 5 साल में अधिकतम Rs 5 करोड़। संशोधित अधिसूचना पढ़े जाने तक दोनों दिखाएँ।
- बजट 2037 तक Rs 28,400 करोड़ (रिपोर्ट के अनुसार; PIB विज्ञप्ति इस बार नहीं पढ़ी गई)।
- अनुमानित देनदारी मंज़ूर राशि के 115% तक पहुँचने पर पंजीकरण रोका जा सकता है (Khaitan & Co के सार के अनुसार)।
- भुगतान की नोडल एजेंसी: J&K Development Finance Corporation Ltd (Khaitan & Co के सार के अनुसार)।
§5दस्तावेज़
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
पंजीकरण 1 Apr 2021 - 30 Sep 2024 के दौरान UT/DPIIT पोर्टल से होता था; पंजीकृत इकाइयाँ DPIIT दिशानिर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन का दावा करती हैं।
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- Zone B में पूँजी प्रोत्साहन निवेश का 50%, Rs 7.5 करोड़ तक है - भारत में सबसे ऊँची पूँजी सहायता दरों में से एक (संकलन)।
- GST से जुड़ा प्रोत्साहन 10 साल तक ग्रॉस GST का 100% लौटाता है, निवेश के 300% की सीमा तक (संकलन)।
नुकसान
- पंजीकरण अवधि 1 Apr 2021 से 30 Sep 2024 थी; Oct 2026 में नया उद्यमी तब तक पंजीकरण नहीं कर सकता जब तक अवधि फिर न खुले।
- GSTLI के लिए नई इकाई का नया GST नंबर चाहिए; हर साल वापसी कुल हक़ के दसवें हिस्से तक सीमित है।
- उत्पादन के 5 साल के अंदर इकाई बंद हो, जगह बदले या संपत्ति का बड़ा हिस्सा बेचे तो प्रोत्साहन लौटाना होगा।
→मिलती-जुलती योजनाएँ
J&K IDS 2021 / NCSS में मदद चाहिए?
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हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
- Compendium of Schemes for MSMEs - UT of J&K (Industries & Commerce Dept with SIDBI PMU, Nov 2022), hosted on J&K Single Window
- J&K Single Window - 'Jammu and Kashmir: Policies and Schemes' brochure (2022)
- Khaitan & Co - Industrial Development of Jammu and Kashmir (summary of DPIIT notification, 2021)
- DPIIT - New Central Sector Scheme for Industrial Development of J&K (scheme page; returned 403 to our fetch on 18 Oct 2026)
- J&K Single Window - Acts & Policies list (policy names, GO numbers, dates)
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
