§1किसके लिए
- केरल में नए और विस्तार कर रहे विनिर्माण MSME
काम की है अगर
केरल के छोटे निर्माता, ख़ासकर इडुक्की, वायनाड, कासरगोड या पत्तनमतिट्टा के युवा, महिला, SC/ST या NRK (प्रवासी केरलवासी) संस्थापक।
समय न लगाएँ अगर
सेवा व्यवसाय, व्यापारी, और नकारात्मक सूची की इकाइयाँ जैसे क्रशर या आरा मिल।
§2पात्रता
- Udyam रजिस्ट्रेशन वाला सूक्ष्म, लघु या मध्यम विनिर्माण उद्यम (2012 के दिशानिर्देशों में EM Part I/II कहा गया था)
- अलग कानूनी इकाई होनी चाहिए; तय फ़ॉर्म में आवेदन करें और समझौते पर हस्ताक्षर करें
- निवेश सहायता: बैंक कर्ज़ ज़रूरी नहीं; शुरुआती (स्टार्ट-अप) सहायता सिर्फ़ टर्म लोन लेने वाली इकाइयों को
- विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण में अतिरिक्त निवेश पर भी लाभ मिलता है
- सेवा उद्यम और नकारात्मक सूची की इकाइयाँ बाहर: शराब कारख़ाने/आसवनी, आरा मिल, एस्बेस्टस प्रसंस्करण, ग्रेनाइट/मेटल क्रशर, स्टील री-रोलिंग और इनगॉट इकाइयाँ, सीमेंट (फ़्लाई-ऐश आधारित को छोड़कर), काजू इकाइयाँ, ज़्यादा बिजली खाने वाली इकाइयाँ, फ़ोटो स्टूडियो, सिलाई (रेडीमेड कपड़ों को छोड़कर), साबुन-ग्रेड सोडियम सिलिकेट, कैल्शियम कार्बाइड, पोटैशियम क्लोरेट
- युवा उद्यमी = उस साल 1 अप्रैल को सभी प्रमोटर 18-45 साल के हों; महिला/SC-ST उद्यम = कम से कम 50% प्रमोटर उस वर्ग से हों
- व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद इकाई को 5 साल लगातार चलना होगा
§3लाभ
- सामान्य: स्थायी पूँजी निवेश का 15%, अधिकतम Rs 30 लाख
- युवा (18-45), महिला, SC/ST, NRK उद्यमी: 25%, अधिकतम Rs 40 लाख
- प्राथमिक क्षेत्र: +10%, अधिकतम Rs 10 लाख
- इडुक्की, वायनाड, कासरगोड, पत्तनमतिट्टा: +10%, अधिकतम Rs 10 लाख
- मान्यता प्राप्त अनुसंधान संस्थानों की नई तकनीक: +10%, अधिकतम Rs 10 लाख
- हर उद्यम के लिए कुल सीमा Rs 40 लाख
§4नियम — सहायता का तरीका
- तीन चरण: शुरुआती सहायता (पात्र सहायता का 50%, अधिकतम Rs 3 लाख, कर्ज़ मंज़ूरी पर); निवेश सहायता (व्यावसायिक उत्पादन के 1 साल के भीतर आवेदन); तकनीक सहायता (6 महीने के भीतर आवेदन)
- सहायता का 30% सूक्ष्म उद्यमों के लिए आरक्षित है
- पात्र FCI: ज़मीन (लागत या उचित मूल्य में जो कम हो; लीज़ की ज़मीन उचित मूल्य के 20% पर, अगर लीज़ कम से कम 10 साल की हो), ज़मीन का विकास (ज़मीन के मूल्य का अधिकतम 25%), उत्पादन भवन, नई मशीनरी, जाँच और प्रदूषण-नियंत्रण उपकरण, बिजली फ़िटिंग, जनरेटर, पानी रीसाइक्लिंग/वर्षा जल संचयन; ज़मीन+भवन+दफ़्तर उपकरण FCI के 50% तक सीमित (2012 के दिशानिर्देश)
- बाहर: कार्यशील पूँजी, वाहन, पुरानी मशीनरी, उपभोग्य सामान
- ज़िला स्तरीय समिति मंज़ूरी देती है; राज्य स्तरीय समिति (उद्योग निदेशक) अपील सुनती है
- अगर इकाई शुरू न हो या 5 साल के भीतर बंद हो जाए तो 14% ब्याज के साथ पैसा लौटाना होगा; Kerala Revenue Recovery Act 1968 के तहत वसूली हो सकती है (2012 के दिशानिर्देश)
- आवेदन शुल्क प्रति इकाई Rs 1,100 (मौजूदा पेज); 2012 के दिशानिर्देशों में Rs 1,000 (SC/ST के लिए Rs 500) था
§5दस्तावेज़
जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।
शुल्क की रसीद
जाति प्रमाणपत्र (SC/ST)
§6आवेदन कैसे करें
- 1
जाँच-सूची के दस्तावेज़ों के साथ ess.industry.kerala.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें
- 2
तालुक उद्योग कार्यालय / DIC जाँच करता है; ज़िला स्तरीय समिति मंज़ूरी देती है
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- निवेश सहायता के लिए बैंक कर्ज़ ज़रूरी नहीं (ESS पेज)
- पिछड़े ज़िले, प्राथमिक क्षेत्र और नई तकनीक के अतिरिक्त लाभ जुड़कर Rs 40 लाख तक पहुँचते हैं (ESS पेज)
नुकसान
- सिर्फ़ विनिर्माण - सभी सेवा उद्यम नकारात्मक सूची में हैं (ESS दिशानिर्देश Annexure II)
- पैसा बाद में मिलता है: मुख्य सहायता उत्पादन के बाद आती है और 5 साल चलाना ज़रूरी है, नहीं तो 14% ब्याज के साथ लौटाना पड़ेगा (दिशानिर्देश पैरा 69)
→मिलती-जुलती योजनाएँ
ESS Kerala में मदद चाहिए?
पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।
हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
- Directorate of Industries & Commerce, Kerala - Entrepreneur Support Scheme page
- Entrepreneur Support Scheme Guidelines (2012, Directorate of Industries & Commerce)
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
