§1किसके लिए

  • पुदुचेरी UT (पुदुचेरी, कराईकल, माहे, यानम) की सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ

काम की है अगर

पुदुचेरी में नई या बढ़ रही फ़ैक्टरियाँ जो ज़्यादातर स्थानीय लोगों को काम देती हैं।

समय न लगाएँ अगर

पुरानी मशीनरी या पहले से इस्तेमाल हुआ भवन खरीदने वाली इकाइयाँ।

§2पात्रता

  1. निवेश 1 Apr 2017 या उसके बाद किया गया हो (पहले के निवेश पर 2012 का GO लागू)
  2. कुल रोज़गार का कम से कम 60% पुदुचेरी UT के लोगों को मिले, और हलफ़नामे की अवधि तक बना रहे
  3. महिला/SC/ST दर: इकाई पूरी तरह उसी वर्ग की हो; साझेदारी और प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सभी साझेदार/शेयरधारक/निदेशक उसी वर्ग के हों
  4. पहले से इस्तेमाल हो चुके और बाद में खरीदे गए भवन पात्र नहीं
  5. पुरानी (सेकंड-हैंड) आयातित या देसी मशीनरी पात्र नहीं
  6. जिस इकाई ने इसी निवेश पर केंद्र/राज्य सरकार या किसी एजेंसी से निवेश सब्सिडी ली हो, वह पात्र नहीं
  7. आवेदन/भुगतान, जो बाद में हो, उससे 5 साल तक स्थायी संपत्ति न बेचें न हस्तांतरित करें

§3लाभ

  • सूक्ष्म और लघु: ज़मीन, भवन, प्लांट और मशीनरी में निवेश का 40%, अधिकतम ₹40 लाख
  • मध्यम और बड़ी: 35%, अधिकतम ₹35 लाख
  • महिला/SC/ST उद्यमी: 45%, अधिकतम ₹75 लाख

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. ज़मीन की कीमत बिक्री डीड की कीमत या गाइडलाइन कीमत, जो कम हो; भवन की कीमत PWD/PIPDIC के आकलन से
  2. प्लांट और मशीनरी में बिजली फ़िटिंग, जाँच उपकरण, औज़ार, जिग और साँचे शामिल
  3. पात्र नहीं: वर्किंग कैपिटल, कमीशनिंग फ़ीस, गुडविल, रॉयल्टी, शुरुआती और उत्पादन से पहले के खर्च, पूँजीकृत ब्याज, ढुलाई और लगाने का खर्च, माल ढोने वाले वाहन, दफ़्तर का सामान, फ़र्नीचर, क्रेट, पैलेट, उपभोग की चीज़ें
  4. कर्ज़ लिया हो तो भुगतान कर्ज़ देने वाले बैंक/PIPDIC के ज़रिए कर्ज़ खाते में; अपने पैसे से लगी इकाई को सीधे
  5. पैसे की उपलब्धता के हिसाब से एक या कई किस्तों में भुगतान
  6. 5 साल के भीतर साझेदार/निदेशक बदलकर दूसरे वर्ग का व्यक्ति आए: 14% साधारण ब्याज के साथ पूरी रकम वापस
  7. पाने के 5 साल के भीतर इकाई बंद हो, या गलत जानकारी से सब्सिडी ली हो: 14% ब्याज के साथ वापसी, भू-राजस्व बकाया की तरह वसूली
  8. पहले दावे के बाद किया गया अतिरिक्त निवेश भी सीमा तक पात्र

§5दस्तावेज़

जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।

ज़मीन का पंजीकृत दस्तावेज़

नोटरी हलफ़नामा

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    नियमित व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के एक साल के भीतर तय फ़ॉर्म में (ऑफ़लाइन) उद्योग और वाणिज्य निदेशालय को दावा दें; देरी को राज्य स्तरीय समिति माफ़ कर सकती है

  2. 2

    निदेशालय जाँच करता है; राज्य स्तरीय समिति (अध्यक्ष: सचिव, उद्योग और वाणिज्य) सिफ़ारिश करती है; निदेशक मंज़ूरी देते हैं

  3. 3

    भुगतान से पहले अधिकारी इकाई का निरीक्षण करते हैं

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • ज़्यादातर राज्यों की पूँजी सब्सिडी के उलट, निवेश में ज़मीन भी गिनी जाती है (GO 2/2017 para 3.1)
  • बड़ी इकाइयों और मौजूदा इकाइयों के अतिरिक्त निवेश के लिए भी खुली
  • योजना सच में भुगतान कर रही है: Jan 2025 में ₹75 लाख और ₹40 लाख की मंज़ूरियाँ (G.O.Rt. 14, 15 of 2025)

नुकसान

  • भुगतान पैसे की उपलब्धता पर निर्भर; किस्तों में आ सकता है (GO 2/2017 para 5.6)
  • 60% स्थानीय रोज़गार का नियम हलफ़नामे की अवधि तक निभाना होगा
  • समिति बैठक (25 Oct 2024) और मंज़ूरी आदेश (9 Jan 2025) के बीच का फ़ासला कई महीनों का इंतज़ार दिखाता है

→मिलती-जुलती योजनाएँ

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स्रोत

  1. G.O. Ms. No. 2/Ind.&Com./A6/2017 (Gazette of Puducherry, 6 Jun 2017)
  2. myScheme - Capital Investment Subsidy (MESIFA-CII), Puducherry (documents list)
  3. G.O.Rt. No. 15/DI&C dated 9 Jan 2025 - capital investment subsidy sanction, Karaikal

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.